क्या 2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लग सकता है? संसद से एक संशोधन विधेयक पारित होने के बाद यही चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। विपक्ष का दावा है कि सरकार मुफ्त यूपीआई की कानूनी गारंटी खत्म कर रही है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि अभी यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है। दरअसल, कानून में ऐसा बदलाव किया गया है, जिससे भविष्य में सरकार जरूरत पड़ने पर डिजिटल भुगतान माध्यमों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का फैसला ले सकती है।
ऐसे में आइए जानते हैं कि संसद से कौन सा बिल पास हुआ है? आखिर पहले कानून क्या कहता था? अब कानून में क्या बदला गया है? यूपीआई पर क्या चार्ज लगेगा? आरबीआई का इस पर क्या कहना है? सरकार का पक्ष क्या है? विपक्ष क्या आरोप लगा रहा है? इसका आम उपभोक्ताओं पर कैसे असर होगा?



