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आगरा में ट्रेन के जनरल कोच से मिले लाल ट्रॉली बैग ने एक सनसनीखेज हत्या का राज खोल दिया. बैग के अंदर 38 साल की हयातुन निशा की टुकड़ों में कटी लाश मिली थी. पुलिस ने जांच शुरू की तो 350 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए. कैमरों ने लाल बैग के साथ एक युवक और महिला की तस्वीरें दिखाईं. सुराग चेन्नई के गुडुवनचेरी स्थित एक किराए के घर तक पहुंचा, जहां शरीर के और अवशेष मिले. पुलिस ने माणिक उद्दीन लश्कर और उसकी पत्नी भगवती माझी को करीब 2,000 किलोमीटर दूर मणिपुर से गिरफ्तार किया. अब जांच का बड़ा सवाल है कि पत्नी ने पति का साथ क्यों दिया.
आगरा ट्रेन में लाल सूटकेस से महिला की लाश मिलने के बाद पुलिस ने 350 से ज्यादा CCTV खंगाले. (फोटो सोशल मीडिया)
आगरा रेलवे स्टेशन पर एक लाल रंग का ट्रॉली बैग पड़ा था. ट्रेन के जनरल कोच में किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया. फिर अचानक उससे तेज बदबू आने लगी. यात्रियों को शक हुआ तो रेलवे पुलिस को खबर दी गई. बैग खुला तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी सन्न रह गई. एक महिला की लाश थी. वह भी पूरी नहीं थी. सिर गायब था और शरीर के टुकड़े किए गए थे. सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर यह महिला कौन है? उसे किसने मारा? और इतनी दूर जा रही ट्रेन में यह बैग किसने रखा? यहीं से शुरू हुई एक ऐसी जांच, जिसमें पुलिस को सुराग के लिए एक नहीं, बल्कि 350 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालने पड़े. कैमरे दर कैमरे पुलिस उस लाल सूटकेस का पीछा करती गई. रास्ता चेन्नई तक पहुंचा और फिर करीब 2,000 किलोमीटर दूर मणिपुर में जाकर रुका.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार मामला सिर्फ एक लाश और एक सूटकेस का नहीं था. पुलिस जैसे-जैसे पीछे जाती गई, कहानी की परतें खुलती चली गईं. आगरा से शुरू हुई जांच चेन्नई सेंट्रल पहुंची. वहां कैमरों में एक युवक और महिला उसी लाल ट्रॉली बैग को लेकर दिखाई दिए. लेकिन दोनों ट्रेन में बैठकर सफर नहीं कर रहे थे. उन्होंने कथित तौर पर बैग ट्रेन में छोड़ा और खुद स्टेशन से निकल गए. इसके बाद CCTV ने उनकी राह दिखाई. पार्क स्टेशन, सबअर्बन ट्रेन, गुडुवनचेरी और फिर एक ऑटो. पुलिस आखिर उस किराए के मकान तक पहुंच गई, जहां से उसे महिला के शरीर के और हिस्से मिले. इसके बाद शक की सुई 22 साल के माणिक उद्दीन लश्कर और उसकी पत्नी भगवती माझी पर गई. दोनों फरार थे. पुलिस ने फोन रिकॉर्ड और दूसरे सुरागों से पीछा जारी रखा और आखिरकार मणिपुर के जिरीबाम जिले में दोनों को पकड़ लिया.
5 अगस्त को तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा पहुंची थी. जनरल कोच में यात्रियों ने एक लावारिस लाल सूटकेस से बदबू महसूस की. सूचना मिलने पर GRP ने बैग खोला. अंदर महिला के शरीर के टुकड़े मिले. सिर गायब था. महिला की पहचान बाद में 38 वर्षीय हयातुन निशा के तौर पर हुई. वह ओडिशा की रहने वाली थी और चेन्नई के गुडुवनचेरी इलाके में रहकर एक निजी कंपनी में काम करती थी. जांच में पुलिस को तुरंत कोई ऐसा सुराग नहीं मिला, जिससे सीधे हत्यारे तक पहुंचा जा सके. ऐसे में पुलिस ने लाश से ज्यादा उस सूटकेस की यात्रा को पकड़ने की कोशिश की. यही फैसला आगे जाकर केस का सबसे बड़ा सुराग बना.
चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले गए. पुलिस ने 350 से ज्यादा रिकॉर्डिंग की जांच की. कई घंटों की फुटेज के बीच एक युवक और महिला दिखाई दिए. उनके हाथ में वही लाल ट्रॉली बैग था. पुलिस के मुताबिक दोनों ने बैग को ट्रेन में रखा और खुद वहां से निकल गए. इसके बाद कैमरों ने पुलिस को पार्क स्टेशन तक पहुंचाया. दोनों वहां से सबअर्बन EMU ट्रेन में सवार हुए और गुडुवनचेरी उतरे. फिर एक ऑटो लेकर आगे बढ़े. जांच टीम ने गुडुवनचेरी और आसपास लगे 200 से ज्यादा कैमरों की फुटेज भी खंगाली. इस लंबी कवायद के बाद पुलिस एक किराए के मकान तक पहुंची.
मकान पर ताला लगा था. पुलिस ने ताला तोड़कर तलाशी ली तो एक बड़े खाना पकाने वाले बर्तन में मानव अवशेष मिले. पुलिस को शक था कि ये निशा के ही शरीर के बाकी हिस्से हैं. जांच के दौरान पता चला कि उस घर में एक पुरुष और दो महिलाएं रह रहे थे. अब मामला पूरी तरह बदल चुका था. आगरा में मिला लावारिस सूटकेस पुलिस को सीधे उस घर तक ले आया था, जहां कथित तौर पर हत्या हुई थी. मुख्य संदिग्ध के तौर पर माणिक उद्दीन लश्कर और उसकी पत्नी भगवती माझी के नाम सामने आए. लेकिन दोनों गायब थे.
पुलिस ने दोनों की तलाश के लिए कई टीमें लगाईं. अलग-अलग राज्यों में Call Data Records यानी CDR की मदद ली गई. पुलिस को लगातार उनकी लोकेशन और संपर्क से जुड़े सुराग मिलते रहे. आखिरकार 29 अगस्त को टीम मणिपुर के जिरीबाम जिले के काशीमपुर पहुंची. स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद दोनों को पूछताछ के लिए तांबरम लाया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में लश्कर ने निशा के साथ करीब छह महीने से रिश्ते में होने की बात बताई. आरोप है कि निशा उस पर शादी का दबाव बना रही थी. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ. पुलिस को शक है कि ऐसी ही एक बहस के दौरान हत्या हुई.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…
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