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Nag Tibba Tourist Spot Near Mussoorie: मसूरी से करीब 3 घंटे की दूरी पर बसा नाग टिब्बा उन लोगों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है, जो भीड़भाड़ से दूर पहाड़ों की शांति और रोमांच को महसूस करना चाहते हैं. ठंडी हवाएं, घने देवदार के जंगल और चारों ओर फैली हिमालय की चोटियां इस जगह को बेहद खास बनाती हैं. नाग टिब्बा की चोटी से मिलने वाला नजारा इतना खूबसूरत है कि यहां पहुंचने की सारी थकान पलभर में गायब हो जाती है. खास बात यह है कि यह ट्रेकिंग के लिए बहुत मुश्किल जगह भी नहीं है, इसलिए शुरुआती ट्रेकर्स भी यहां का सफर कर सकते हैं.
हसीन वादियों और ठंडी हवाओं से घिरा नाग टिब्बा, मसूरी से मात्र 3 घंटे की दूरी पर बसा एक बेहद खूबसूरत और शांत पहाड़ी इलाका है. अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति की गोद में कुछ हसीन पल बिताना चाहते हैं तो यह जगह छुट्टियों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित होती है. यहां की ताज़ा हवा और शांत माहौल मन को गहराई से सुकून देता है.
नाग टिब्बा गढ़वाल हिमालय की ‘नाग टिब्बा रेंज’ की सबसे ऊंची चोटी है जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 9,910 फीट है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान ‘नाग देवता’ का निवास स्थान माना जाता है, जहां गांव वाले पूजा-अर्चना करने आते हैं. इसी धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण इस स्थान का नाम नाग टिब्बा पड़ा है.
इस स्थान की सबसे बड़ी खासियत यहां से दिखने वाले हिमालय के विहंगम और मनमोहक नज़ारे हैं. नाग टिब्बा की चोटी से बंदरपूछ, केदारनाथ, गंगोत्री और श्रीकंठ जैसी कई प्रसिद्ध बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों का साफ 360-डिग्री व्यू दिखाई देता है. यहां से सूर्यास्त और सूर्योदय का नज़ारा देखना किसी जादुई अनुभव से कम नहीं है.
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एडवेंचर और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए नाग टिब्बा एक बेस्ट प्लेस है. इसे उत्तराखंड के सबसे आसान और बेहतरीन वीकेंड ट्रेक्स में गिना जाता है, जिसे नौसिखिए और अनुभवी ट्रेकर्स दोनों आसानी से पूरा कर सकते हैं. घने ओक और देवदार के जंगलों से होकर गुजरने वाला इसका ट्रेक रूट हर कदम पर प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ है.
अगर आप दिल्ली, देहरादून या मसूरी से आ रहे हैं, तो यहां पहुंचना बेहद आसान है. इसके लिए मसूरी से आपको नैनबाग होते हुए ‘पंतवाड़ी’ गांव पहुंचना होता है, जिसमें लगभग 3 घंटे की ड्राइव लगती है. पंतवाड़ी गांव में ही नाग टिब्बा ट्रेक का मुख्य बेस कैंप है जहां से आप अपनी आगे की पैदल चढ़ाई शुरू करते हैं.
पंतवाड़ी गांव से नाग टिब्बा टॉप की कुल पैदल दूरी लगभग 8 से 10 किलोमीटर है. इस ट्रेक को आमतौर पर दो दिनों में पूरा किया जाता है. पहले दिन ट्रेकर्स पंतवाड़ी से चढ़ाई शुरू करके नाग टिब्बा बेस कैंप पहुंचते हैं जहां रात में कैंपिंग की जाती है. अगले दिन तड़के चोटी पर पहुंचकर खूबसूरत नज़ारों का आनंद लिया जाता है.
नाग टिब्बा में बिताया गया समय आपको सीधे प्रकृति से जोड़ता है. बेस कैंप पर रात के समय खुले आसमान के नीचे स्टारगेज़िंग और बोनफायर के पास बैठकर बातें करना एक यादगार अनुभव बन जाता है. यहां का शांत वातावरण आपको रोज़मर्रा के तनाव से पूरी तरह मुक्त कर देता है.
वैसे तो यहां साल में किसी भी समय जाया जा सकता है लेकिन अक्टूबर से मार्च के बीच का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है. सर्दियों के महीनों में यहां भारी बर्फबारी होती है, जिससे पूरा रास्ता सफेद चादर से ढक जाता है. अगर आप भी कम समय में हिमालय की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं तो नाग टिब्बा आपकी अगली छुट्टी का सबसे शानदार ठिकाना हो सकता है.



