जयपुर. राजधानी जयपुर के करधणी इलाके में एक ही परिवार की चार मौतों के मामले में पुलिस की जांच अब उस अहम कड़ी पर पहुंचती नजर आ रही है, जो वारदात के दौरान पति-पत्नी के बीच हुए संघर्ष की ओर इशारा कर रही है. घटनास्थल से सामने आई जानकारी के मुताबिक, राहुल का वारदात के दौरान उसकी पत्नी गीता से संघर्ष हुआ था. संघर्ष के दौरान गीता के हाथ में कुछ बाल मिले हैं, जिन्हें प्रथमदृष्टया राहुल के बाल होने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि बाल किसके हैं और वे किस परिस्थिति में गीता के हाथ में आए, यह फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. इसी सुराग को अब मामले की जांच में अहम माना जा रहा है.
घटनास्थल से जुड़े इस सुराग ने जांच को नया एंगल दिया है. बताया जा रहा है कि राहुल और उसकी पत्नी गीता के बीच वारदात के दौरान संघर्ष हुआ था. संघर्ष में गीता के हाथ में बाल आ गए. प्रारंभिक तौर पर इन बालों को राहुल के बाल माना जा रहा है. अब पुलिस और फोरेंसिक टीम इन बालों की जांच कर सकती है. डीएनए या अन्य फोरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये बाल वास्तव में राहुल के हैं या नहीं. पुलिस यह भी खंगाल रही है कि राहुल ने परिवार पर हमला करने के दौरान किस तरह की एक्टिविटभ् की और पत्नी ने खुद को बचाने के लिए उसका मुकाबला किया था या नहीं.
ऊपर पत्नी का तो नीचे तीन बच्चियों के शव मिला
घटनास्थल की स्थिति भी इस हत्याकांड को और गंभीर बना रही है. जानकारी के अनुसार मकान के ऊपर वाले फ्लोर पर एक कमरे में राहुल की पत्नी गीता का शव मिला. वहीं ग्राउंड फ्लोर पर दो कमरे बने हुए हैं. इनमें से एक कमरे में बेड पर सबसे छोटी बेटी का शव मिला, जबकि दूसरे कमरे में नंदिनी और राधिका के शव मिले. इस तरह एक ही मकान में अलग-अलग कमरों में चार शव मिलने से पुलिस के सामने वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है. जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि राहुल ने किस क्रम में परिवार के सदस्यों पर हमला किया और घटना के दौरान घर में क्या-क्या हुआ.
पत्नी से संघर्ष के बाद क्या हुआ?
जांच का एक बड़ा सवाल यह भी है कि गीता और राहुल के बीच संघर्ष कब और किस वजह से हुआ. अगर गीता ने खुद को बचाने के लिए राहुल का विरोध किया था तो संघर्ष के निशान और उसके हाथ में मिले बाल इस मामले की अहम कड़ी साबित हो सकते हैं. पुलिस अब घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के साथ इस पहलू को जोड़कर देख रही है. घटना के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं. घर के अलग-अलग कमरों में शव मिलने की स्थिति, सामान की स्थिति और संघर्ष से जुड़े संभावित निशानों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है. फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट के बाद यह तस्वीर और साफ हो सकती है कि वारदात के दौरान घर में किस तरह का संघर्ष हुआ था.
3 दिन गुजरात में रहा राहुल, फिर सामने आया हत्याकांड
राहुल की तलाश के लिए कमिश्नर सचिन मित्तल ने एसीपी शिव भारद्वाज और एसएचओ सवाई सिंह के नेतृत्व में कई टीमें टीम बनाई है, जो घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमराें के फुटेज खंगालने के साथ-साथ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. हालांकि राहुल का अभी तक सुराग नहीं मिल सका है. पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.



