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35 मोबाइल फोन, विदेशी फंडिंग और लोकल शूटर, जानिए कैसे अमेरिका से दिल्ली को दहला रहा गैंगस्टर हिमांशु भाऊ


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35 मोबाइल, विदेशी फंडिंग और लोकल शूटर, कैसे US से दिल्ली दहला रहा हिमांशु भाऊ

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दिल्ली के आया नगर में हुए हत्याकांड के बाद अमेरिका में मौजूद गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के नाम से सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है. पोस्ट में उसने आया नगर हत्या की जिम्मेदारी ली है. खास बात यह है कि एक महीने के भीतर दिल्ली में यह दूसरा हत्याकांड है, जिसमें हिमांशु भाऊ गैंग का नाम सामने आया है. इससे पहले नरेला में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के बाद भी भाऊ ने वारदात की जिम्मेदारी ली थी.

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अमेरिका में बैठे गैंगस्‍टर हिमांशु भाऊ ने महीने में दो बार हत्‍याकांड को अंजाम देकर दिल्‍ली को फिर दहला दिया है.

Delhi Gangwar: दिल्ली में एक बार फिर विदेश में बैठे गैंगस्टर के इशारे पर हत्याकांड को अंजाम देने का मामला सामने आया है. दक्षिण दिल्ली के आया नगर इलाके में सोमवार को एक व्यक्ति की हत्या के बाद अमेरिका में मौजूद कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने सोशल मीडिया के जरिए इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है. खास बात यह है कि करीब एक महीने के भीतर दिल्ली में यह दूसरा ऐसा मामला है, जिसमें हिमांशु भाऊ गैंग का नाम सामने आया है.

इससे पहले नरेला इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या हुई थी. उस मामले में भी हिमांशु भाऊ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वारदात की जिम्मेदारी ली थी. आया नगर की वारदात के बाद सामने आई इस पोस्ट ने दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर बल बढ़ा दिए हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अमेरिका में बैठा गैंगस्टर किस तरह भारत में मौजूद अपने गुर्गों और शूटर्स के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहा है.

आया नगर हत्याकांड के बाद फिर सामने आया भाऊ का नाम
आया नगर में हुई हत्या के बाद सोशल मीडिया पर हिमांशु भाऊ के नाम से एक पोस्ट सामने आई है. इस पोस्ट में हिमांशु भाई ने आया नगर हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है. पुलिस अब इस पोस्ट की सत्यता और इसके पीछे मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. जांच का सबसे अहम हिस्सा यह है कि वारदात को अंजाम देने वाले शूटर कौन हैं और उन्हें निर्देश कहां से मिले.

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि विदेश में बैठे गैंग के लोग भारत में मौजूद शूटर्स को टारगेट, हथियार और पैसे उपलब्ध कराने के लिए अलग-अलग चैनलों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे पहले नरेला में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में भी हिमांशु भाऊ का नाम सामने आया था. उस वारदात की जिम्मेदारी लेने के बाद अब आया नगर की घटना ने एक बार फिर उसके नेटवर्क को जांच के केंद्र में ला दिया है.

  1. धमकी, रंगदारी और फायरिंग के कई मामले: जांच एजेंसियों के मुताबिक, 2025 और 2026 के दौरान दिल्ली और हरियाणा में धमकी, रंगदारी और फायरिंग की कई घटनाओं की जांच में हिमांशु भाऊ गैंग का नाम सामने आया है. आरोप है कि गैंग का मुख्य नेटवर्क विदेश से संचालित किया जा रहा है. विदेश में बैठे गैंग के मास्टरमाइंड भारत में मौजूद अपने गुर्गों को अलग-अलग टास्क देते हैं. इसके बाद स्थानीय स्तर पर शूटर्स और दूसरे सहयोगियों के जरिए वारदातों को अंजाम दिया जाता है. इस तरह के नेटवर्क में सीधे गैंगस्टर का घटनास्थल पर मौजूद होना जरूरी नहीं होता. वह विदेश में बैठकर मोबाइल फोन और दूसरे माध्यमों के जरिए अपने लोगों के संपर्क में रहता है.
  2. क्राइम ब्रांच ने मकोका के तहत की कार्रवाई: हिमांशु भाऊ और उसके नेटवर्क के खिलाफ दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने मकोका यानी महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून के तहत भी कार्रवाई की है. क्राइम ब्रांच की जांच में हिमांशु भाऊ के अलावा उसके नेटवर्क से जुड़े कई शूटर्स, गुर्गों और सहयोगियों के नाम सामने आए थे. करीब दर्जनभर आरोपियों को जांच के दायरे में लाया गया था. एजेंसियों का मानना है कि यह कोई अकेले गैंगस्टर का नेटवर्क नहीं है. इसके पीछे कई आपराधिक गिरोहों के बीच संपर्क और सहयोग की भी जांच की जा रही है.
  3. अलग नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश: हिमांशु भाऊ को लेकर जांच एजेंसियों की नजर उसके गैंग एलायंस पर भी है. एजेंसियों के मुताबिक, उसके साथ नीरज फरीदपुर, साहिल, नीरज बवानिया, टिल्लू ताजपुरिया, कौशल चौधरी, बंबीहा और योगेश कादयान से जुड़े नेटवर्क का नाम सामने आता रहा है. इन गिरोहों के बीच किस स्तर पर संपर्क है और कौन किस तरह एक-दूसरे की मदद करता है, इसकी जांच की जा रही है. यही वजह है कि हिमांशु भाऊ को कई बार लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ खड़े एक अलग आपराधिक नेटवर्क के तौर पर भी देखा गया है. हालांकि, अलग-अलग गैंग के बीच वास्तविक गठजोड़ और उसकी सीमा जांच का विषय है.
  4. वारदातों के लिए इस्‍तेमाल हो रहे 35 मोबाइल: क्राइम ब्रांच की जांच में विदेश से मोबाइल फोन के जरिए भारत में गैंग को ऑपरेट करने का एंगल भी सामने आया था. जांच के मुताबिक, गैंग से जुड़े एक आरोपी के अमेरिका में करीब 35 मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी. आरोप है कि इन फोन के जरिए भारत में मौजूद गैंग के सदस्यों को अलग-अलग निर्देश दिए जाते थे. एजेंसियां हवाला के जरिए पैसों की आवाजाही और हथियारों की सप्लाई के एंगल की भी जांच करती रही हैं.
  5. महज 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम: हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने महज 17 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा था. साल 2020 में उसके बाल सुधार गृह से फरार होने की बात भी सामने आई थी. इसके बाद उसके खिलाफ हरियाणा में दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आती रही है. उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, हथियार और अन्य गंभीर अपराधों के तहत मामले दर्ज हैं. धीरे-धीरे उसका नाम स्थानीय अपराध से निकलकर बड़े गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ता चला गया.
  6. एनआईए से लेकर इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस तक: आपको बता दें कि हिमांशु भाऊ के विदेशी कनेक्शन और आपराधिक नेटवर्क की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी कर चुकी है. एनआईए ने उसके घर और उससे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है. इस गैंगस्‍टर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश की जा रही है. भारत की एजेंसियां लगातार कोशिश कर रही हैं कि विदेश में मौजूद ऐसे गैंगस्टरों को भारत लाया जाए और उनके नेटवर्क को तोड़ा जाए.
  7. योगेश कादयान भी जांच एजेंसियों के रडार पर: हिमांशु भाऊ के करीबी बताए जाने वाले नामों में योगेश कादयान का नाम भी शामिल है. हरियाणा के झज्जर का रहने वाला कादयान कम उम्र में ही आपराधिक गतिविधियों के आरोपों के कारण जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया था. आरोप है कि वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिका पहुंचा. इंटरपोल की ओर से उसके खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है. फिलहाल उसके अमेरिका में हिरासत में होने की बात कही जा रही है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हिमांशु भाऊ और उसके करीबी सहयोगियों के बीच विदेश से किस तरह संपर्क और समन्वय किया जाता था.
  8. खालिस्तानी आतंकियों से कनेक्शन की भी जांच: हिमांशु भाऊ नेटवर्क की जांच के दौरान विदेश में मौजूद गैंगस्टरों और खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क के बीच संपर्क के एंगल की भी जांच की गई है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विदेश में मौजूद अलग-अलग आपराधिक और आतंकी नेटवर्क आपस में किस तरह संपर्क करते हैं और भारत में मौजूद अपने लोगों तक पैसा, हथियार और निर्देश कैसे पहुंचाते हैं. यही वजह है कि हिमांशु भाऊ से जुड़े मामलों को सिर्फ गैंगवार तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है.

2025 से अब तक कई शूटर्स मारे गए, 15 से ज्यादा गिरफ्तार
हिमांशु भाऊ गैंग के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले कुछ समय में लगातार कार्रवाई की है. सूत्रों की मानें तो 2025 से अब तक हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट की अलग-अलग कार्रवाइयों में हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े 8 से ज्यादा प्रोफेशनल शूटर्स के एनकाउंटर में मारे जाने जा चुके हैं. वहीं, 15 से ज्यादा शूटर्स और गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके बावजूद दिल्ली में लगातार सामने आ रही वारदातें यह बताने के लिए काफी हैं कि इन कार्रवाईयों के बावजूद गैंग का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

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अनूप कुमार मिश्रAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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