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दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में OLX पर फर्नीचर बेचने का विज्ञापन एक युवक के लिए मुसीबत बन गया. पुलिस के मुताबिक ‘लीसा शर्मा’ नाम की लड़की ने पवनदीप जोशी से संपर्क किया और साकेत में मुलाकात के बाद उसे नेब सराय स्थित घर बुलाया. यहां पहले से मौजूद बदमाशों ने उसे बंधक बना लिया और कई दिनों तक टॉर्चर किया. आरोपियों ने कार्ड के पिन लेकर पैसे निकाले और परिवार से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी. फिर आगे क्या हुआ, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर…
ओएलएक्स में फंसाकर युवक से 70 लाख की फिरौती मांगने वाले मिया बीबी अरेस्ट.
दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में किडनैपिंग और एक्सटॉर्शन के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. OLX पर फर्नीचर बेचने का विज्ञापन डालने वाले 30 साल के पवनदीप जोशी से लीसा शर्मा नाम की एक लड़की ने संपर्क किया. साकेत में मुलाकात के बाद लड़की ने पवनदीप को अपने घर बुलाया, जहां पहले से मौजूद बदमाशों ने उसे बंधक बना लिया. करीब तीन-चार दिन तक उसके साथ मारपीट और टॉर्चर किया गया. इसके बाद परिवार से 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव उर्फ जीतू समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के अनुसार 22 अगस्त को पवनदीप जोशी के भाई मयंक दीप जोशी ने मैदान गढ़ी थाने में शिकायत दी कि उनका भाई पवनदीप कई दिनों से लापता है. पवनदीप फोन पर सिर्फ इतना बता रहा था कि वह ठीक है, लेकिन घर वापस नहीं आ रहा था. पुलिस ने तुरंत अबडक्शन का केस दर्ज कर टेक्निकल सर्विलांस शुरू किया. फोन की लोकेशन लगातार बदल रही थी. पवनदीप के फोन की पहली लोकेशन फरीदाबाद में मिली. इसके बाद, वह पलवल, हथीन, आगरा और कोसी होते हुए मथुरा तक पहुंच गई. पुलिस टीम ने 23 अगस्त को मथुरा से पवनदीप को बरामद कर लिया.
क्या है पवनदीप के अपहरण की पूरी कहानी?
- पुलिस के मुताबिक पूरी कहानी की शुरुआत OLX से हुई. पवनदीप ने फर्नीचर बेचने के लिए OLX पर फोटो डाली थी. इसी दौरान एक लड़की ने खुद को ‘लीसा शर्मा’ बताकर उससे संपर्क किया. दोनों के बीच बातचीत हुई और 20 अगस्त को साकेत के सेलेक्ट सिटीवॉक में मिलने की बात तय हुई.
- पुलिस का कहना है कि आरोपी लड़की के साथ मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव भी मौजूद था और दोनों ने पवनदीप की आर्थिक स्थिति को लेकर प्रोफाइलिंग की. इसके बाद उसे नेब सराय स्थित एक घर पर बुलाया गया. घर के अंदर पहुंचते ही पवनदीप को चार-पांच लोगों ने घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी.
- आरोपियों ने उसके डेबिट और क्रेडिट कार्ड के पिन पूछकर पैसे निकाले. इसके बाद परिवार को फोन करवाकर प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर पैसे मंगवाए गए. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने करीब 70 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की. पवनदीप के नाम पर करीब 25 लाख रुपये का इंस्टेंट लोन भी मंजूर करवाया गया, लेकिन रकम ट्रांसफर होने से पहले पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया.
- पुलिस के मुताबिक मथुरा के एक होटल में मौका मिलने पर पवनदीप आरोपियों के चंगुल से भाग निकला. वह एक गाड़ी के नीचे छिपा और फिर एक घर के कंपाउंड में जाकर त्रिपाल के नीचे पूरी रात छिपा रहा. अगले दिन वह पास के मंदिर पहुंचा और पुजारी का फोन लेकर परिवार को कॉल किया.
- सूचना मिलते ही करीब 5 से 7 मिनट में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे रेस्क्यू किया. पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से टॉर्चर के फोटो और वीडियो भी मिले हैं.
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, उसकी पत्नी इंदु उर्फ रियू उर्फ लीसा शर्मा समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक जितेंद्र पलवल का रहने वाला है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं. आरोपियों के पास से सफेद रंग की हैरियर कार, क्रेडिट कार्ड, सोने की चेन और पेंडेंट, जूते, चाकू और टॉय पिस्टल समेत अन्य सामान बरामद किया गया है. पुलिस के अनुसार जितेंद्र और उसकी पत्नी इस पूरी साजिश के मुख्य आरोपी हैं और मामले में आगे की जांच जारी है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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