Last Updated:
दिल्ली पुलिस की कॉन्स्टेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती के फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट यानी पीईएमटी में बड़े फर्जीवाड़े की कोशिश का मामला सामने आया है. दरअसल, डीएपी वजीराबाद में एक कैंडिडेट की जगह दूसरे युवक के फिजिकल टेस्ट देने का मामला पकड़ा गया. 19 साल के अक्षित पर शक तब हुआ, जब 1600 मीटर रेस, लॉन्ग जंप और हाई जंप के बाद उसके शरीर पर न पसीना था और न धूल थी. पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसके भाई ने फिजिकल टेस्ट देने के लिए दूसरे व्यक्ति का इंतजाम किया था.
दिल्ली पुलिस की भर्ती में खेल की कोशिश का पर्दाफाश हुआ है. (एआई इमेज)
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल एग्जीक्यूटिव पद पर भर्ती के लिए चल रहे फिजिकल टेस्ट में बड़े खेल की कोशिश नाकाम हो गई है. वजीराबाद स्थिति दिल्ली पुलिस अकादमी में चल रहे फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट (PEMT) के दौरान एक कैंडिडेट की जगह दूसरा युवक फिजिकल टेस्ट देने की कोशिश कर रहा था. मामला तब सामने आया, हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला 19 साल का कैंडिडेट अक्षित फिजिकल टेस्ट पूरा करने के बाद हाइट और चेस्ट मेजरमेंट के लिए पहुंचा था. वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने जब उसकी हालत देखी तो उनको कुछ शक हुआ.
1600 मीटर रेस के बाद शरीर पर न पसीना, न धूल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट के दौरान कैंडिडेट्स को पहले 1600 मीटर रेस, लॉन्ग जंप और हाई जंप जैसी फिजिकल एक्टिविटीज से गुजरना होता है. इसके बाद हाइट और चेस्ट मेजरमेंट किया जाता है. अक्षित जब मेजरमेंट के लिए पहुंचा तो उसकी हालत बिल्कुल सामान्य दिखाई दे रही थी. उसके शरीर पर न तो पसीना था और न ही धूल-मिट्टी के निशान. इस पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को शक हुआ. कुछ साथी कैंडिडेट्स ने भी पुलिस को बताया कि अक्षित वह व्यक्ति नहीं है, जिसने कुछ देर पहले फिजिकल एक्टिविटीज में हिस्सा लिया था.
पूछताछ में खुला पूरा खेल
शक होने के बाद अक्षित से लगातार पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने बताया कि उसके भाई ने उसकी जगह फिजिकल एंड्योरेंस टेस्ट देने के लिए एक दूसरे व्यक्ति का इंतजाम किया था. वह फेक कैंडिडेट दूसरे टैम्पर्ड एडमिट कार्ड का इस्तेमाल करके फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट सेंटर के अंदर पहुंचा था. उसने अक्षित की जगह 1600 मीटर रेस, लॉन्ग जंप और हाई जंप सहित फिजिकल टेस्ट पूरा किया और इसके बाद वहां से निकल गया. बताया जा रहा है कि जाते समय नकली कैंडिडेट ने अक्षित को चेस्ट नंबर दे दिया, ताकि आगे होने वाले बायोमेट्रिक और हाइट-चेस्ट मेजरमेंट के दौरान वह खुद को असली कैंडिडेट के तौर पर पेश कर सके.
सोनिया विहार पुलिस को सौंपा गया कैंडिडेट
दिल्ली पुलिस ने अक्षित को आगे की कार्रवाई के लिए सोनिया विहार थाना पुलिस को सौंप दिया है. पुलिस की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि फर्जी कैंडिडेट कौन था, उसने किस तरीके से दूसरे कैंडिडेट के एडमिट कार्ड का इस्तेमाल किया और भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने के लिए किन लोगों ने मदद की.
About the Author

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
और पढ़ें



