गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सख्त मौद्रिक नीति रुख और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की भावना को प्रभावित किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 357.67 अंक गिरकर 72,281.03 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 108.80 अंक की गिरावट के साथ 22,494.25 पर आ गया। इससे पहले बुधवार को निफ्टी 0.8 फीसदी गिरकर 22,603 पर बंद हुआ था। वहीं, इंडिया वीआईएक्स 2.1 फीसदी बढ़ गया।
विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक के ब्याज दर सख्त करने के चक्र की ओर बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार में सतर्कता बनी रहेगी। रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब कमजोर हुआ।
बाजार क्यों गिरा?
भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो दर में 25 आधार अंक की वृद्धि की। रेपो दर बढ़कर 5.50 फीसदी हो गई है। आरबीआई ने अपनी नीतिगत रुख को तटस्थ से कैलिब्रेटेड सख्ती में बदल दिया है।
निफ्टी के लिए क्या है चुनौती?
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,800 का स्तर एक प्रमुख बाधा बना हुआ है। सुधार को मजबूत करने और 23,000 की ओर बढ़ने के लिए इस स्तर से ऊपर लगातार बने रहना आवश्यक है। निवेशकों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वैश्विक बाजारों का क्या हाल रहा?
टोक्यो समय के अनुसार बुधवार को सुबह 11:56 बजे तक एसएंडपी 500 वायदा में मामूली बदलाव देखा गया। जापान का टॉपिक्स 1.5 फीसदी गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी 0.6 फीसदी नीचे आया। हांगकांग का हैंग सेंग 0.3 फीसदी गिरा, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में भी मामूली बदलाव रहा।