Last Updated:
Dausa News:दौसा में राजस्थान पुलिस ने ऑपरेशन एंटी वेनम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 293.5 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है. पुलिस ने कोटा के छह आरोपियों को गिरफ्तार कर तस्करी में इस्तेमाल स्कॉर्पियो जब्त की है. जांच में जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का खुलासा हुआ है.
दौसा. राजस्थान पुलिस ने नशे के अंतरराज्यीय कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दौसा जिले में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की स्मैक बरामद की है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भांडारेज के पास पुलिस ने 293.5 ग्राम स्मैक के साथ कोटा के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. तस्करी में इस्तेमाल की जा रही काले रंग की स्कॉर्पियो कार भी जब्त की गई है, यह कार्रवाई आईजी जयपुर रेंज राहुल प्रकाश के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन एंटी वेनम के तहत की गई.
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोटा के कुछ तस्कर स्मैक की खेप लेकर दौसा के सिकंदरा क्षेत्र में सप्लाई करने आ रहे हैं. सूचना के आधार पर जयपुर रेंज की स्पेशल साइबर टीम, दौसा डीएसटी और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. पुलिस ने घेराबंदी कर छह आरोपियों को पकड़ लिया, पूरी कार्रवाई एसपी दौसा कुंदन कंवरिया के मार्गदर्शन में की गई. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहसान, शोएब अली, शाहनवाज खान, मुकीम, शाहरुख और मोहम्मद शोयल उर्फ बल्लू के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी कोटा के रहने वाले हैं और कथित तौर पर स्मैक तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे.
पत्नी संभालती थी स्मैक की डील और लेनदेन
पुलिस कार्रवाई के दौरान दौसा के सिकंदरा क्षेत्र के लक्ष्मण सैनी, केदार सैनी और दिनेश सैनी मौके से फरार हो गए. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है. जांच में सामने आया है कि ये तीनों कथित तौर पर कोटा के मुख्य आरोपी अहसान के संपर्क में थे और दौसा सहित आसपास के क्षेत्रों में स्मैक की सप्लाई करने की तैयारी में थे. इस मामले में पुलिस जांच के दौरान एक और अहम खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अहसान की पत्नी शिवानी कंवर तकनीकी साधनों के जरिए स्मैक की डील तय करने और लेनदेन संभालने का काम करती थी. डील तय होने के बाद अहसान और शोएब को डिलीवरी के लिए भेजा जाता था.
कई जिलों तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर सहित दूसरे राज्यों तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, स्मैक की सप्लाई के स्रोत और लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है. मामले में दौसा सदर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. जांच बसवा थानाधिकारी नरेश शर्मा को सौंपी गई है. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के साथ ही अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
About the Author
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…