{“_id”:”6ad6d7263819adc802047ba0″,”slug”:”business-updates-sitharaman-trade-deal-canada-idbi-strike-rbi-forex-sebi-gold-silver-crude-rate-oil-price-news-2026-10-20″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”बिजनेस डायरी: सीतारमण बोलीं, कई देशों के साथ आगे बढ़ा रहे व्यापार समझौते; हड़ताल करेंगे आईडीबीआई कर्मी”,”category”:{“title”:”Business Diary”,”title_hn”:”बिज़नेस डायरी”,”slug”:”business-diary”}}
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– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भारत बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को मजबूत करना चाहता है, लेकिन इसके लिए दूसरे देशों का इंतजार नहीं कर रहा। भारत कई देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर भी तेजी से काम कर रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को यह बात कही। बैंकॉक में 2026 की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की सालाना बैठकों के दौरान अटलांटिक काउंसिल के जियोइकॉनॉमिक्स सेंटर के कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा कि मौजूदा वैश्विक माहौल में भारत के लिए दुनिया के ज्यादा से ज्यादा देशों के साथ व्यापारिक रिश्ते मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा, हम बहुपक्षीय व्यवस्था में विश्वास करते हैं। हम चाहते हैं कि यह मजबूत हो। लेकिन आज के माहौल में हम द्विपक्षीय समझौतों के जरिए भी अपनी व्यापारिक ताकत बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
लंबे समय से अटकी बातचीत को तेजी से पूरा करने पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत उन देशों के साथ बातचीत तेजी से आगे बढ़ाना चाहता है, जिनके साथ व्यापार समझौतों पर लंबे समय से चर्चा चल रही है। इसके लिए दोनों पक्षों में राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत और उसके व्यापारिक साझेदारों ने महसूस किया है कि द्विपक्षीय समझौतों को जल्द पूरा करने से दोनों पक्षों के लोगों को फायदा मिलेगा। मौजूदा मुश्किल वैश्विक परिस्थितियों में ऐसे समझौते व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने में मदद कर सकते हैं। सीतारमण के मुताबिक, कई वर्षों से चल रही व्यापार वार्ताएं अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उन्हें जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
आईडीबीआई बैंक के कर्मी हड़ताल पर जाएंगे
कनाडा फेयरफेक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में बैंक कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई फिसर्स एंड एप्लॉइज के बैनर तले बैंक कर्मियों ने इस रणनीतिक विनिवेश के खिलाफ आगामी 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी भूख हड़ताल पर जाने का एलान किया है। यूनियन का कहना है कि यह निजीकरण बैंक की सार्वजनिक क्षेत्र की पहचान को समाप्त कर देगा।