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दिल्ली के नजफगढ़ और बाहरी इलाकों में कभी खौफ का पर्याय रहे मंजीत महल गैंग के गुर्गे नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ जेल नंबर 8 में मौत हो गई है. शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है, हालांकि असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी. घुम्मनहेड़ा निवासी नफे सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे 12 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. स्पेशल सेल ने उसे फरवरी 2017 में ख्याला से गिरफ्तार किया था.
तिहाड़ जेल में मंजीत महल गैंग के गुर्गे नफे सिंह की मौत का मामला सामने आया है.
Delhi Crime News: दिल्ली के नजफगढ़ और बाहरी दिल्ली में कभी गैंगवार के दौरान चर्चा में रहने वाला एक नाम अब हमेशा के लिए खत्म हो गया है. मंजीत महल गैंग से जुड़े नफे सिंह उर्फ मंत्री की तिहाड़ जेल में मौत हो गई. फिलहाल उसकी मौत की वजह हार्टअटैक बताई जा रही है. लेकिन, उसके मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद सामने आ सकेगी. सूत्रों के अनुसार, नफे सिंह तिहाड़ की जेल नंबर 8 में बंद था. दिल्ली और हरियाणा में उसके नाम पर दर्ज अपराधों की लंबी फेहरिस्त है. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत 12 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे. इनमें हत्या के तीन मामले भी शामिल थे.
पुलिस के अनुसार, नफे सिंह उर्फ मंत्री मूल रूप से दिल्ली के घुम्मनहेड़ा इलाके का रहने वाला था. 1998 में पहली बार उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड में आया था. वह दिल्ली के नजरफगढ़ और बाहरी दिल्ली इलाके में सक्रिय मंजीत महल गैंग का एक्टिव गुर्गा था. 2015 और 2016 के दौरान दिल्ली में कई ऐसी गैंगवार की घटनाएं सामने आई थीं, जिनको अंजाम देने का आरोप नफे सिंह के ऊपर लगा था. इसके अलावा, आपसी रंजिश का बदला लेने और विरोधी गिरोहों का वर्चस्व खत्म करने की कोशिश में नफे सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था.
ख्याला में स्पेशल सेल ने किया था गिरफ्तार
फरवरी 2017 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ख्याला इलाके में कार्रवाई कर नफे सिंह को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से .32 बोर का पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए थे. उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट से जुड़े आरोप शामिल थे. कुल 12 संगीन मामलों में तीन हत्या के मामले भी दर्ज बताए गए थे. गिरफ्तारी के बाद से वह तिहाड़ की जेल नंबर आठ में बंद था.