एक समय भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में कंप्यूटर इंजीनियर की नौकरी करने वाला एक शख्स आज गंगोत्री की पहाड़ियों में संन्यासी का जीवन जी रहा है। बीटेक और एमटेक करने के बाद उन्होंने अच्छी नौकरी और करियर छोड़कर पहाड़ों का रास्ता चुना। उनका यह फैसला सुनकर पुरा
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नौकरी छोड़ने के बाद जब उनके पुराने बॉस ने फोन किया तो उन्होंने बताया कि अब वे पहाड़ों में साधुओं के साथ रहते हैं। इस पर बॉस ने हैरानी से पूछा- क्या तुम पागल हो गए हो? आज उनका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और लोग उनकी कहानी सुनकर हैरान हैं।
संन्यासी ने बताया कि जिंदगी सिर्फ पैसा, नौकरी और बड़ी पोस्ट हासिल करने का नाम नहीं है। जन्म और मृत्यु तय हैं, लेकिन इनके बीच जो समय मिलता है, वही सबसे कीमती है। उनका कहना है कि इंसान को इस समय को समझना चाहिए और जिंदगी को सही तरीके से जीना चाहिए।
संन्यास लेने से पहले वे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), मुंबई से जुड़े रहे थे।
2002 में किया कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक गंगोत्री की पहाड़ियों में रह रहे एक संन्यासी की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। संन्यास लेने से पहले वे भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), मुंबई से जुड़े रहे थे। उन्होंने साल 2002 में कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। इसके बाद BARC में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी की और एमटेक की डिग्री हासिल की।
नौकरी और करियर छोड़कर चुना संन्यास तकनीकी शिक्षा हासिल करने और प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़ने के बाद उनके सामने करियर बनाने के कई मौके थे। जहां युवा अच्छी नौकरी और बड़े पैकेज के लिए मेहनत करते हैं। वहीं उन्होंने नौकरी और भौतिक सुविधाओं से दूरी बनाने का फैसला लिया। इसके बाद वे पहाड़ों में रहने लगे और साधुओं के साथ संन्यासी जीवन अपना लिया।
पुराने बॉस ने फोन कर पूछा- पागल हो गए हो? संन्यास लेने के बाद जब वे पहाड़ों में रहने लगे तो BARC में उनके पूर्व बॉस ने उनसे संपर्क किया। फोन पर जब उन्हें पता चला कि वे अब पहाड़ों में साधुओं के साथ रह रहे हैं, तो वे हैरान रह गए। उन्होंने उनसे पूछा, “क्या तुम पागल हो गए हो?” संन्यासी ने अपने फैसले के बारे में बताया तो यह बात उनके पुराने बॉस के लिए भी हैरान करने वाली थी।
बोले- पैसा और बड़ी पोस्ट ही जिंदगी नहीं वीडियो में जब उनसे नौकरी छोड़कर संन्यास लेने की वजह पूछी गई तो उन्होंने जिंदगी को लेकर अपना नजरिया बताया। उनका कहना है कि आज लोग बड़ी पोस्ट और ज्यादा पैसा कमाने की दौड़ में लगे हैं, लेकिन जिंदगी का मूल्य इन चीजों से कहीं ज्यादा है। इंसान को यह समझना चाहिए कि उसे मिला समय कितना कीमती है।
जन्म और मृत्यु के बीच का समय ही असली जिंदगी उन्होंने कहा, “जन्म और मृत्यु तो पहले से ही तय हैं। इनके बीच का जो बेहद छोटा सा वक्त हमें मिलता है, वही हमारी असली जिंदगी है।” उनके मुताबिक, इस समय को पहचानना और उसका सही इस्तेमाल करना सबसे जरूरी है। गंगोत्री की पहाड़ियों में रह रहे इस संन्यासी का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। लोग उनके फैसले और जीवन को देखने के नजरिए पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।