केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए गठित आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के औपचारिक गठन को एक वर्ष पूरा हो गया है। 3 नवंबर 2025 को गठित इस आयोग के पास अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने की समय-सीमा तय की गई है। इस बीच सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्ट्स में कर्मचारियों के वेतन और पेंशनभोगियों की पेंशन में भारी बढ़ोतरी को लेकर कई दावे और आंकड़े वायरल हो रहे हैं। आम आदमी, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में उठ रहे 12 प्रमुख सवालों के माध्यम से जानिए कि 8वें वेतन आयोग में अब तक क्या-क्या हुआ है और असल सच्चाई क्या है।
1. आठवें वेतन आयोग का औपचारिक गठन कब हुआ था और इसमें कौन-कौन शामिल हैं?
केंद्रीय कैबिनेट ने 28 अक्तूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी थी, जिसके बाद वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 3 नवंबर 2025 को इसका औपचारिक गठन किया। सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित इस तीन सदस्यीय आयोग में प्रोफेसर पुलक घोष (अंशकालिक सदस्य) और पंकज जैन (सदस्य-सचिव) शामिल हैं।
2. आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए कितना समय दिया गया है?
आयोग को अपने गठन की तारीख से सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस समयावधि के अनुसार आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट मई 2027 (लगभग 3 मई 2027) तक सरकार को सौंपनी होगी।