अगर आप रोजमर्रा की भागदौड़ से ब्रेक लेकर पहाड़ों के बीच कुछ समय बिताना चाहते हैं, लेकिन लंबी छुट्टी नहीं ले सकते, तो नाग टिब्बा वीकेंड ट्रेक एक अच्छा विकल्प हो सकता है. उत्तराखंड में मौजूद यह ट्रेक कम दिनों में पहाड़ों पर ट्रेकिंग का अनुभव लेने का मौका देता है. इस ट्रिप में देहरादून से पंतवाड़ी गांव तक सड़क के रास्ते पहुंचना और फिर पैदल कैंप तक जाना शामिल है. आगे का सफर नाग टिब्बा की चोटी तक पहुंचने और वापस लौटने का है.
दो दिन में पूरा होगा ट्रेक
इस ट्रेक की शुरुआत देहरादून से होती है. पहले दिन देहरादून से पंतवाड़ी गांव तक करीब 90 किलोमीटर की ड्राइव करनी होती है. सड़क से यह दूरी तय करने में लगभग 4 से 5 घंटे लग सकते हैं. पंतवाड़ी गांव समुद्र तल से करीब 1,450 मीटर यानी 4,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां पहुंचने के बाद ट्रेक शुरू होता है.
पहले दिन करीब 4 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी होती है, जिसमें लगभग 3 घंटे लगते हैं. इस रास्ते से होते हुए ट्रेकर्स कैंप 1 पहुंचते हैं. कैंप की ऊंचाई करीब 2,300 मीटर यानी 7,700 फीट है. यहां बेसकैंप पंतवाड़ी में क्लोकरूम की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है. अगर आप ट्रेक के साथ परिवहन की सुविधा लेना चाहते हैं, तो ट्रेक बुक करते समय TTH के ऐड-ऑन विकल्प में इसे चुन सकते हैं.
दूसरे दिन नाग टिब्बा की चोटी तक पहुंचने का रोमांच
दूसरे दिन का सफर ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है. इस दिन कैंप 1 से नाग टिब्बा की चोटी तक पहुंचना होता है. नाग टिब्बा टॉप की ऊंचाई करीब 3,000 मीटर यानी 9,900 फीट है. चोटी तक पहुंचने और वापस पंतवाड़ी गांव लौटने के लिए लगभग 12 किलोमीटर की ट्रेकिंग करनी होती है. इस पूरे सफर में करीब 10 से 11 घंटे लग सकते हैं.
चोटी पर पहुंचना इस ट्रेक का सबसे खास हिस्सा है. यहां तक का रास्ता तय करने के लिए अच्छी शारीरिक क्षमता और पर्याप्त समय की जरूरत होती है. इसलिए ट्रेक शुरू करने से पहले अपनी फिटनेस का ध्यान रखना जरूरी है.
ट्रेक पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नाग टिब्बा ट्रेक भले ही वीकेंड में पूरा किया जा सकता है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. आरामदायक ट्रेकिंग शूज, गर्म कपड़े, पानी की बोतल और जरूरी दवाइयां अपने साथ रखें. मौसम के अनुसार कपड़ों और सामान की तैयारी करें. चढ़ाई के दौरान अपनी गति बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर आराम करें.
अगर आप कम समय में ट्रेकिंग का अनुभव लेना चाहते हैं, तो नाग टिब्बा एक अच्छा वीकेंड प्लान बन सकता है. हालांकि, चोटी तक पहुंचने और उसी दिन वापस लौटने के लिए लंबी पैदल यात्रा करनी पड़ती है, इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार ही इस ट्रेक का चुनाव करें.
नाग टिब्बा ट्रेक पर जाने से इन चीजों को रखें
नाग टिब्बा ट्रेक पर जाने से पहले अपने बैग में रेन कवर वाला बैकपैक और डे-पैक, वॉकिंग स्टिक, पानी की बोतल या हाइड्रेशन पैक, छोटा टिफिन, स्नैक्स और हेड टॉर्च जरूर रखें. कपड़ों में सिंथेटिक क्विक-ड्राई टी-शर्ट, फ्लीस टी-शर्ट, फ्लीस जैकेट, विंडप्रूफ और डाउन जैकेट, थर्मल इनर, ट्रेक पैंट, फ्लीस पैंट और वाटरप्रूफ ग्लव्स रखें. इसके अलावा ऊनी टोपी, सन कैप, बालाक्लावा, नेक गेटर, ट्रेकिंग शूज, फ्लोटर्स, कॉटन और ऊनी मोजे, गेटर्स, सनग्लासेस, सनस्क्रीन, मॉइश्चराइजर, लिप बाम, टूथब्रश, टूथपेस्ट, टॉयलेट पेपर, वाइप्स, साबुन, हैंड सैनिटाइजर, तौलिया और पर्सनल मेडिकल किट भी साथ रखें. बारिश या बर्फबारी की स्थिति के लिए पोंचो या वाटरप्रूफ जैकेट-पैंट और जरूरत के मुताबिक माइक्रोस्पाइक्स भी पैक करें.