HomeराजनीतिKhamenei Death: खामेनेई की तरह मारे जाते मुजतबा, मिसाइल गिरने से 2...

Khamenei Death: खामेनेई की तरह मारे जाते मुजतबा, मिसाइल गिरने से 2 मिनट पहले हुआ ‘चमत्कार’, बची जान


International

oi-Sumit Jha

Khamenei Death: तेहरान से आ रही विनाशकारी खबरों के बीच एक सनसनीखेज ऑडियो लीक ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। दावा किया जा रहा है कि 28 फरवरी के उस भीषण अमेरिकी-इजराइल हमले में ईरान के नए संभावित उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई मौत के मुंह से बाल-बाल बच गए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस ‘अभेद्य’ परिसर को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत निशाना बनाया गया, वहां अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरान के शीर्ष सैन्य सिपहसालार मौजूद थे, जिनका इस हमले में अंत हो गया। मुजतबा की जान महज कुछ मिनटों के फासले से बची, लेकिन इस प्रहार ने खामेनेई वंश और ईरानी सत्ता के रसूख को मलबे में तब्दील कर दिया है। यह लीक ऑडियो अब क्षेत्र के बदलते भूगोल और सत्ता के नए संघर्ष की गवाही दे रहा है।

Khamenei Death

Ali Khamenei Death Reason: किस्मत ने कैसे बचाया?

लीक हुए उस खौफनाक ऑडियो से सुबह 9:32 बजे की वो दहला देने वाली दास्तां सामने आई है, जिसने ईरान के भविष्य को एक मामूली से फैसले पर टिका दिया। मुजतबा खामेनेई उस वक्त मौत के केंद्र यानी अपने पिता के मुख्य परिसर में ही मौजूद थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

हमले से महज कुछ पल पहले, मुजतबा एक सामान्य से ‘मॉर्निंग वॉक’ के लिए बगीचे की ओर निकले थे। जैसे ही मिसाइलें अभेद्य दीवारों को चीरती हुई भीतर गिरीं, पूरा इलाका मलबे और आग के गोले में तब्दील हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी भीषण थी कि बाहर होने के बावजूद मुजतबा मलबे की चपेट में आ गए, जिससे उनके पैर में चोट आई है। ऑडियो के अनुसार, अगर वे बगीचे की ओर कदम न बढ़ाते, तो ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के उस नरसंहार में उनका बचना नामुमकिन था।

ये भी पढे़ं: Khamenei Death: मौत सामने थी, फिर भी बंकर में क्यों नहीं गए खामेनेई? दिल्ली में ईरानी दूत ने खोला वो गहरा राज

Mujtaba Khamenei Attacked: परिवार और करीबियों का नुकसान

लीक हुए उस ऑडियो की रूह कंपा देने वाली आवाज़ें एक ऐसी तबाही की तस्दीक करती हैं, जिसने खामेनेई राजवंश की जड़ें हिला दी हैं। 28 फरवरी की उस सुबह, अमेरिकी-इजरायली मिसाइलों ने केवल सत्ता के केंद्र को ही नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार को मलबे में दफन कर दिया।

दावा किया जा रहा है कि मुजतबा खामेनेई की पत्नी और बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके साले की भी इस भीषण प्रहार में मौत हो गई। यह हमला कितना सटीक था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ईरान की अभेद्य सुरक्षा दीवार माने जाने वाले IRGC प्रमुख मोहम्मद पाकपुर और रक्षा मंत्री अजीज नासिरज़ादेह भी इस ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की भेंट चढ़ गए। जिस परिसर से कभी पूरे मध्य पूर्व की बिसात बिछाई जाती थी, वह अब एक खामोश खंडहर बन चुका है, जहाँ सत्ता के उत्तराधिकारी के पास अब केवल अपनों की लाशें और जख्मी पैर बचा

Iran Israel war Update: हमले का सटीक निशाना

खुफिया जानकारी के मुताबिक, इस हमले के लिए ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। हमला इतना सटीक था कि एक साथ परिसर की कई इमारतों को निशाना बनाया गया। प्रोटोकॉल प्रमुख मजाहिर हुसैनी की रिकॉर्डिंग बताती है कि हमलावरों का मकसद सिर्फ अली खामेनेई नहीं, बल्कि उनके पूरे उत्तराधिकार और परिवार को खत्म करना था। तेहरान के जिस सुरक्षित इलाके में यह घर था, वहां इतनी बड़ी चूक ने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ये भी पढे़ं: Khamenei Death: खामेनेई की मौत के 16 दिन बाद भी क्यों नहीं हुआ अंतिम संस्कार? सामने आई चौंकाने वाली वजह

मुजतबा खामेनेई अब कहां हैं?

28 फरवरी के बाद से मुजतबा खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। कुछ खबरें कह रही हैं कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी गुप्त बंकर से देश चला रहे हैं। वहीं, कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि गंभीर चोटों के इलाज के लिए उन्हें सीक्रेट तरीके से रूस ले जाया गया है। डोनाल्ड ट्रंप के ‘कोमा’ वाले दावे ने भी अफवाहों के बाजार को गर्म कर रखा है।

ये भी पढे़ं: US Iran War: जंग के बीच Khamenei की फौज ने पहली बार दिखाया हथियारों का जखीरा, Trump की हालत पतली!- Video

Iran leaked audio: क्षेत्र में युद्ध के हालात

इस हमले के बाद ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच सीधी जंग छिड़ चुकी है। पिछले तीन हफ्तों से लगातार मिसाइल और हवाई हमले जारी हैं। मुजतबा खामेनेई ने भले ही अपने पिता की जगह ले ली हो, लेकिन उनके सामने अब देश को बिखरने से बचाने और अपने परिवार की मौत का बदला लेने की दोहरी चुनौती है। दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि यह तनाव किसी भी वक्त बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments