Homeव्यवसायAir Defence: क्या हैं पांचवीं पीढ़ी के एएमसीए? ₹15000 करोड़ खर्च कर...

Air Defence: क्या हैं पांचवीं पीढ़ी के एएमसीए? ₹15000 करोड़ खर्च कर इन्हें बनाने की हो रही तैयारी, जानें सबकुछ


बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक

Updated Thu, 28 May 2026 04:31 PM IST

भारत सरकार ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान तैयार करने से जुड़ी एएमसीए परियोजना के लिए 15,000 करोड़ रुपये का टेंडर निजी कंपनियों को जारी किया है। जानिए एचएएल को छोड़कर टाटा, एलएंडटी व भारत फोर्ज पर भरोसा जताने की पूरी कहानी।



तेजस फाइटर जेट
– फोटो : IANS



विस्तार

भारत के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रक्षा मंत्रालय ने देश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी स्वदेशी एयरोस्पेस प्रोग्राम यानी ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (एएमसीए) को रफ्तार देने के लिए प्राइवेट सेक्टर की ओर रुख किया है। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को किनारे करते हुए देश की दिग्गज प्राइवेट कंपनियों को आमंत्रित किया गया है।


आइए आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं इस पूरे मेगा-प्रोजेक्ट की हर अहम बात:

सवाल: एएमसीए प्रोजेक्ट क्या है और यह वायुसेना के लिए इतना अहम क्यों है?

जवाब: एएमसीए (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट) भारत का अपना पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ (रडार की पकड़ में न आने वाला) फाइटर जेट तैयार करने से जुड़ी परियोजना है। यह एक दो इंजन वाला मल्टी-रोल लड़ाकू विमान होगा, जिसे गहरे हवाई हमलों और वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। इन विमानों को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य भविष्य के युद्धों में भारत को हवाई श्रेष्ठता दिलाना और चीन के J-20 जैसे अन्य पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का मुकाबला करना है।



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments