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Alwar Triple Murder Case: अलवर के मोती नगर के पास तीन दोस्तों की मौत के मामले में पुलिस ने जांच का रुख सड़क हादसे से हत्या की ओर मोड़ दिया है. पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, परिजनों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में तीनों युवकों और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश सामने आई. मामले में अब तक छह बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है. इसी बीच आरोपियों से जुड़ा वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों आरोपी अस्पताल से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं. अरावली विहार थाना प्रभारी सुनील टांक भी पुलिस जाब्ते के साथ आरोपियों को अस्पताल लेकर जाते और वापस लाते नजर आ रहे हैं. पुलिस अब वारदात की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है
अलवर के मोती नगर के पास तीन दोस्तों की मौत के मामले में पुलिस ने जांच का रुख सड़क हादसे से हत्या की ओर मोड़ दिया है
अलवर. राजस्थान के अलवर शहर स्थित मोती नगर के पास तीन दोस्तों की मौत के मामले में पुलिस की जांच अब हत्या की साजिश और पुरानी रंजिश के एंगल पर आगे बढ़ रही है. इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में दोनों आरोपी अस्पताल से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं. वहीं अरावली विहार थाना प्रभारी सुनील टांक पुलिस जाब्ते के साथ आरोपियों को अस्पताल लेकर जाते और वापस लाते नजर आ रहे हैं. तीनों युवकों की मौत के मामले में अब तक छह बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है.
दरअसल, कुछ दिन पहले मोती नगर के पास तेज रफ्तार कार की टक्कर से जितेंद्र उर्फ छोटू राजपूत, युवराज उर्फ युवी सैनी और हिमांशु शर्मा की मौत हो गई थी. शुरुआती तौर पर यह मामला सड़क हादसा माना गया था. बताया गया था कि कार ने बाइक को पीछे से टक्कर मारी, जिसके बाद करीब पांच फीट ऊंची नाले की दीवार टूट गई और एक युवक नाले में जा गिरा. हादसे में कार के दोनों एयरबैग खुल गए थे. कार में सवार 4-5 युवक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गए थे.
मृतक के परिजनों ने हादसा मानने से कर दिया था इनकार
मृतकों के परिजनों ने शुरुआत से ही इसे महज हादसा मानने से इनकार किया था. उन्होंने पुरानी रंजिश के चलते तीनों की साजिशन हत्या किए जाने का आरोप लगाया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच में हादसे के साथ हत्या के एंगल को भी शामिल किया. पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार, CCTV फुटेज, परिजनों के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस को मामला सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं लगा. जांच में सामने आया कि मृतकों और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश थी और इसी रंजिश के चलते वारदात किए जाने की बात सामने आई.
पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है
एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि एसीपी ग्रामीण और मुख्यालय की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक नाबालिग को निरुद्ध किया. इसके बाद जांच आगे बढ़ी और अब तक गिरफ्तार किए गए बालिग आरोपियों की संख्या छह हो गई है. इनमें दो आरोपी नामजद बताए जा रहे हैं, जबकि नाबालिग का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं था. मृतकों में जितेंद्र उर्फ छोटू राजपूत चोर डूंगरी क्षेत्र का रहने वाला था, जबकि युवराज उर्फ युवी सैनी तहसीलदार कॉलोनी, चोर डूंगरी और हिमांशु शर्मा काला कुआं क्षेत्र से था. तीनों आपस में बचपन के गहरे दोस्त बताए गए थे. घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी.
पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा वीडियो आया सामने
इस पूरे मामले में सामने आया वीडियो पुलिस की कार्रवाई से जुड़ा है. वीडियो में आरोपी अस्पताल से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं. वहीं अरावली विहार थाना प्रभारी सुनील टांक पुलिस जाब्ते के साथ आरोपियों को अस्पताल लेकर जाते और वापस लाते नजर आ रहे हैं. आरोपियों की मेडिकल प्रक्रिया और पुलिस सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई के दौरान यह वीडियो सामने आया है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि वारदात की पूरी साजिश कैसे रची गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और तीनों युवकों को निशाना बनाने के पीछे पुरानी रंजिश की असल वजह क्या थी. पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, CCTV फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रही है.
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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