उत्तराखंड के समग्र विकास को गति देने के लिए देहरादून के होटल गेटवे (सरोवर प्रीमियर) में 24 जून को ‘अमर उजाला संवाद’ का अहम आयोजन किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय मंच पर जहां एक ओर निवेश और रोजगार की चर्चा होगी, वहीं दूसरी ओर भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और ग्रीन इकॉनमी पर एक महत्वपूर्ण बिजनेस सत्र भी आयोजित किया जाएगा।
क्या ग्रीन इकॉनमी से तय होगी उत्तराखंड के विकास की दिशा?
पर्यावरण और आर्थिकी के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए ‘सतत विकास की नई राह’ विषय पर एक विशेष पैनल डिस्कशन शाम 12:20 बजे से 12:50 बजे तक आयोजित किया जाएगा। उत्तराखंड के भविष्य और विकास मॉडल को लेकर यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। पहाड़ों पर तेजी से बदलते बुनियादी ढांचे के बीच ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की तलाश राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।
ऊर्जा क्षेत्र के कौन से दिग्गज करेंगे इस सत्र को संबोधित?
इस सत्र में नीति निर्माताओं और ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि एक मंच पर आकर अपने अनुभव साझा करेंगे:
- आर. मीनाक्षी सुंदरम (प्रमुख सचिव- ऊर्जा, उत्तराखंड सरकार): राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का रुख स्पष्ट करेंगे।
- कार्तिकेय एन शर्मा (सह-संस्थापक, सनश्योर एनर्जी): रिन्यूएबल एनर्जी और सतत विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।
- डॉ. अंकित अग्रवाल (उप महाप्रबंधक, सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया – एसईसीआई): सौर ऊर्जा से जुड़ी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संभावनाओं का तकनीकी व व्यावसायिक विश्लेषण करेंगे।
भविष्य के ऊर्जा मॉडल का कैसा होगा खाका?
इस सत्र में उठने वाले सवाल और समाधान आने वाले वर्षों में देवभूमि की ऊर्जा और सतत विकास की नीतियां तय करेंगे। विशेषज्ञों के बीच होने वाला यह मंथन न केवल राज्य की ग्रीन इकॉनमी के लिए एक रोडमैप तैयार करेगा, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में नए संस्थागत निवेश के अवसरों को भी सामने लाएगा।



