Last Updated:
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के अप्पाजीपेटा गांव में रात के समय घरों की छतों पर रहस्यमय तरीके से पत्थर गिरने से भारी दहशत फैल गई है. पुलिस और स्थानीय युवाओं द्वारा लगातार पहरा देने के बावजूद इस मिस्ट्री को सुलझाया नहीं जा सका है. एस्बेस्टस की छतें टूटने और कुछ लोगों के घायल होने से डरे ग्रामीण अब इसे अलौकिक गतिविधि मान रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में खौफ का माहौल है.
पुलिस मामले की जांच कर रही है. (File Photo)
अंधेरे की चादर ओढ़ते ही जब पूरा गांव गहरी नींद में डूब जाता है, तब आसमान से अचानक बरसने लगते हैं दहशत के भारी-भरकम पत्थर. आपके घर पर अगर पत्थर फेंके, छतें टूटने लगें, आप लाठी-डंडे लेकर बाहर दौड़ें, पुलिस के हथियारबंद सिपाही भी आपके साथ पहरा दे रहे हों, लेकिन इसके बावजूद पत्थर फेंकने वाला कोई शख्स नजर न आए. आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के अप्पाजीपेटा गांव में आजकल कुछ ऐसा ही खौफनाक खेल चल रहा है. रात के ठीक 10 बजते ही शुरू होने वाली इस रहस्यमय पत्थरबाजी ने खाकी वर्दी से लेकर गांव के तेज-तर्रार जवानों तक को परेशान कर दिया है. कोई इसे शैतानी हरकत मान रहा है तो कोई गहरी साजिश, लेकिन सच यह है कि इस खौफ ने पूरे गांव की रातों की नींद और चैन छीनकर रख दिया है!
पुलिस और युवाओं का कड़ा पहरा भी हुआ फेल
मामला अनंतपुर के पिमडी मंडल के अप्पाजीपेटा गांव का है, जहां पिछले एक हफ्ते से हर रात ठीक 10 बजे के बाद छतों पर रहस्यमय तरीके से पत्थर बरसने शुरू हो जाते हैं. हालात इतने भयानक हो चुके हैं कि लोग सूर्यास्त होते ही अपने घरों के दरवाजे बंद करके कैद होने को मजबूर हैं. आतंक इस कदर बढ़ गया है कि ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए चार कॉन्स्टेबल्स को तैनात कर दिया. इतना ही नहीं, गांव के 20 ताकतवर युवा भी पुलिस के साथ रातभर हाथों में टॉर्च और डंडे लेकर पास की पहाड़ी और गलियों में पहरा देते रहे. लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस और पहरेदारों की इस फौज के नाक के नीचे से पत्थर आकर छतों पर गिरते रहे और किसी को परछाई तक नहीं दिखी.
एस्बेस्टस की छतें टूटीं, लोगों को सता रहा भूत-प्रेत का डर
गांव के अधिकांश घरों की छतें एस्बेस्टस की बनी हैं, जिस वजह से इन पत्थरों की मार से छतें टूट रही हैं और कुछ ग्रामीणों को मामूली चोटें भी आई हैं. लगातार जागने और खौफ के साये में जीने की वजह से लोगों की रातों की नींद उड़ चुकी है. अब कुछ ग्रामीणों का यह तक मानना है कि इसके पीछे कोई सामान्य इंसान नहीं, बल्कि कोई अलौकिक शक्ति या भूतिया साया है. हालांकि, ऐसी रहस्यमय घटनाएं पहले भी तमिलनाडु के तिरुप्पुर और कुछ अन्य इलाकों में आतंक मचा चुकी हैं, लेकिन पुलिस आज तक इस मिस्ट्री को पूरी तरह सुलझा नहीं पाई है. क्या यह किसी की सोची-समझी शरारत है या सच में कोई अदृश्य ताकत गांव को डरा रही है? यह सवाल आज भी एक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है.
About the Author
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
और पढ़ें