अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने भारत से आयात होने वाले सोलर सेल और पैनल पर 123.04 फीसदी प्रारंभिक एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह कार्रवाई अमेरिका की सोलर सेल व पैनल का उत्पादन और व्यापार करने वाली कंपनियों के संगठन की शिकायत पर की गई है।
भारतीय कंपनियों पर आरोप लगाया गया है कि वे अपने उत्पादों को अमेरिकी बाजार में उनकी वास्तविक लागत से काफी कम कीमत पर बेच रही हैं। विभाग ने चार भारतीय कंपनियों के नामों का जिक्र किया है, जिनमें मुंद्रा सोलर पीवी, मुंद्रा सोलर एनर्जी, कोवा कंपनी व प्रीमियर एनर्जी फोटोवोल्टाइक शामिल हैं। अमेरिका ने इन कंपनियों की औसत डंपिंग मार्जिन की गणना 123.07 फीसदी की है। उनके अनुमानित भारित औसत डंपिंग मार्जिन की गणना 123.07 प्रतिशत की गई है।
अब अमेरिकी आयातकों को इन सौर उत्पादों के आयात के समय निर्धारित शुल्क के बराबर नकदी जमा करनी होगी। विभाग ने कहा कि वह अपने शुरुआती निर्णय की तारीख से 75 दिन में अंतिम निर्णय जारी करेगा। भारत के अलावा लाओस और इंडोनेशिया के खिलाफ भी सौर सेल और पैनल की डंपिंग को लेकर इसी तरह की जांच की जा रही है।



