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चेन्नई7 घंटे पहले
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DMK सांसद ए राजा ने शनिवार को चेन्नई में मीडिया से बात की।
DMK सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा ने SIR को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डीएमके शुरुआत से SIR का विरोध कर रही है। कांग्रेस को DMK की आलोचना करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
राजा DMK संसदीय दल की बैठक के बाद चेन्नई में मीडिया से बात रह रहे थे। बैटक में पार्टी ने चार प्रस्ताव पास किए।
तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके बीच 22 साल (2004 से मई 2026 तक) से गठबंधन था। मई में विधानसभा चुनाव के बाद टूट गया। कांग्रेस ने विजय की पार्टी TVK को समर्थन दिया और मिलकर सरकार चला रहे हैं।
राजा बोले- DMK ने शुरुआत से विरोध किया
राजा ने कहा कि DMK ने SIR लागू होने के समय से ही इसका विरोध किया है। पार्टी ने संसद के अंदर और बाहर कई कदम उठाए हैं। DMK का यह रुख अभी भी कायम है। DMK संसदीय दल का प्रस्ताव तमिलनाडु की जनता और देशभर के राजनीतिक पर्यवेक्षकों के सामने पार्टी के विरोध का क्रम रखने के लिए तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि SIR के जरिए वैध वोटर्स को वोटिंग के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। स्टालिन ने जुलाई 2025 में SIR का विरोध शुरू किया था। उस समय बिहार में बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम हटाए गए थे।
DMK ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर SIR का विरोध कर रही है, लेकिन केरलम और तमिलनाडु में वह इसी तरह की आलोचना से बच रही है। प्रस्ताव में TVK प्रमुख विजय की चुप्पी पर भी सवाल उठाया गया। इसमें SIR और CEC को हटाने की मांग पर उनके रुख का जिक्र किया गया।
DMK ने कहा कि लोकतांत्रिक ताकतों ने हाल में TVK के साथ मिलकर SIR के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।
विधानसभा चुनाव के बाद टूट गया था गठबंधन
- मई 2026 में गठबंधन टूटा: विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़कर विजय की TVK सरकार का समर्थन किया। इसके बाद DMK ने INDIA ब्लॉक भी छोड़ दिया।
- अक्टूबर में कांग्रेस ने DMK पर निशाना साधा: तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने कहा कि INDIA गठबंधन छोड़ने वालों को पछताना पड़ेगा।
- 6 अक्टूबर को राहुल गांधी पर सवाल: DMK प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने पूछा कि राहुल गांधी तमिलनाडु में SIR के जरिए वोटरों के नाम हटाए जाने पर चुप क्यों हैं।
- 7 अक्टूबर को साथ प्रदर्शन करने से इनकार: DMK नेता आरएस भारती ने स्पष्ट किया कि पार्टी कांग्रेस के साथ किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी।
- 12 अक्टूबर को विवाद और बढ़ा: कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से DMK की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए। जवाब में DMK ने कहा कि कांग्रेस को उसकी आलोचना करने का अधिकार नहीं है।
- 17 अक्टूबर को ए राजा का बयान: DMK संसदीय दल की बैठक में कांग्रेस और TVK पर SIR को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया। ए राजा ने कहा कि कांग्रेस को DMK से सवाल करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
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