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DU Professor Murder: दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल की हत्या का मामला रहस्यमयी बना हुआ है. मृतका का फ्लैट बाहर से बंद पाया गया, जिससे पुलिस भी चकरा गई है. अंदेशा है कि देवोस्मिता का हत्यारा शायद उनको पहले से जानता होगा. दिलचस्प है कि देवोस्मिता अपने पति से अलग रह रही थीं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल की हत्या की गुत्थी पूरी तरह से उलझ गई है.
पुलिस के अनुसार, डॉ. देवोस्मिता पॉल शिवाजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग में सहायक प्रोफेसर थीं और वसुंधरा एन्क्लेव स्थित अपने फ्लैट में अकेली रहती थीं. उनके पति बेंगलुरु में रहते हैं और दोनों अलग-अलग रह रहे थे. घटना का खुलासा तब हुआ जब उनकी बहन देवरती पॉल ने सुबह से कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. चिंता होने पर वह बहन के घर पहुंचीं. वहां फ्लैट बाहर से बंद मिला. अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां डॉ. पॉल का शव पड़ा हुआ मिला. इसके बाद तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) को सूचना दी गई.
क्या परिचित ने किया कांड?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मृतका के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के गहरे निशान मिले हैं. इसके अलावा हाथ की नस भी कटी हुई पाई गई है. शुरुआती जांच में यह हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है. हालांकि मौत के सही कारण और समय का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया गया है. जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी मिला कि घर में रखे आभूषण और नकदी अपनी जगह सुरक्षित थे. इससे लूटपाट या चोरी की मंशा से हत्या किए जाने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है. ऐसे में पुलिस व्यक्तिगत रंजिश, परिचितों की भूमिका और अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
फ्लैट को बाहर से किसने बंद किया?
घटना की सूचना मिलने के बाद पूर्वी जिले की पुलिस, क्राइम टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे. फ्लैट की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई तथा विभिन्न नमूने एकत्र किए गए हैं. पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या के बाद फ्लैट को बाहर से किसने और कैसे बंद किया. यह पहलू जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है. पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजीव कुमार ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. कई विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं, जो मृतका की कॉल डिटेल, हालिया गतिविधियों, व्यक्तिगत और पेशेवर संपर्कों के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं.
कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस
इस बीच कुंडली से विधायक कुलदीप कुमार मोनू ने घटना को लेकर दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजधानी में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं और अपराधियों में पुलिस का खौफ नजर नहीं आता. उनका कहना है कि जिस इलाके में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगे हों, वहां इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. अकेले रह रही प्रोफेसर की हत्या और फ्लैट का बाहर से बंद मिलना इस मामले को और अधिक रहस्यमय बना रहा है. जांच एजेंसियां अब उन सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं, जो इस सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझा सकें.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



