कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में ईंधन और एलपीजी सप्लाई को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत में फिलहाल किसी तरह का फ्यूल संकट नहीं है और सरकार ने एहतियात के तौर पर एलपीजी उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की है।
एलपीजी उत्पादन कितना बढ़ाया गया?
दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 में बोलते हुए पुरी ने कहा कि देश के पास इस समय 69 दिनों का कच्चे तेल और एलएनजी का भंडार मौजूद है, जबकि 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए एलपीजी उत्पादन को 35-36 हजार टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54 हजार टन प्रतिदिन कर दिया गया है।
पीएम की अपील पर क्या बोले?
पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को भी गंभीरता से लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अपील नहीं बल्कि देश के लिए वेक-अप कॉल है, ताकि भारत पश्चिम एशिया संकट से पैदा होने वाले आर्थिक दबाव को कम करने के उपायों पर काम कर सके।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की थी। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, मेट्रो रेल का अधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और रेलवे के जरिए पार्सल भेजने जैसे सुझाव दिए थे। साथ ही उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोने की खरीदारी और विदेश यात्राएं टालने की भी सलाह दी थी।
सरकारी तेल कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर क्या बोले?
इसी बीच, पेट्रोलियम मंत्री ने सरकारी तेल कंपनियों की आर्थिक स्थिति को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का पूरा वित्त वर्ष 2025-26 का मुनाफा खत्म हो सकता है।



