सोशल मीडिया पर होने वाली बेतहाशा ट्रोलिंग और डिजिटल बुलिंग कितनी जानलेवा साबित हो सकती है, इसका एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला गोवा से सामने आया है. उत्तरी गोवा के मपुसा कस्बे के पास रहने वाले एक 23 वर्षीय कॉलेज छात्र ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर अपनी जान ले ली. इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह सिर्फ इतनी थी कि सड़क किनारे कचरा फेंकने का उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. वीडियो वायरल होने के बाद नेटिजन्स ने उसे इस कदर ट्रोल करना शुरू किया कि वह गहरे डिप्रेशन में चला गया. बात सिर्फ ट्रोलिंग तक ही सीमित नहीं रही बल्कि इस मामले में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई थी, जिससे परेशान होकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया. मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए पुलिस को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं.
बाथरूम में खुद को मारी गोली
मृतक छात्र की पहचान 23 वर्षीय सैमुअल गार्विन डी ब्रगांका के रूप में हुई है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना गुरुवार रात की है जब सैमुअल ने अपने घर के बाथरूम में खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर घबराए परिजनों ने आनन-फानन में उसे मपुसा के एक अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए सैमुअल के परिवार ने रोते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर लगातार मिल रहे तानों और गालियों के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था.
सोशल मीडिया पर डिजिटल लिंचिंग
पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सैमुअल सड़क किनारे कचरे का बैग फेंक रहा था. उसी दौरान वहां मौजूद एक शख्स ने उसका वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया. वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और लोगों ने उसे बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया. इसके बाद मपुसा पुलिस स्टेशन में सैमुअल के खिलाफ एक शिकायत भी दर्ज कराई गई थी.
पुलिस ने सैमुअल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 271 (जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की संभावित लापरवाही) और गोवा बायोडिग्रेडेबल गारबेज कंट्रोल एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की थी. पुलिस ने उसे थाने बुलाकर कानून के मुताबिक नोटिस भी थमाया था. कानूनी कार्रवाई और समाज में हुई बदनामी के इस दोहरे दबाव को युवा छात्र बर्दाश्त नहीं कर सका.
सीएम सावंत ने दिए जांच के आदेश
इस दुखद घटना के बाद सैमुअल के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों ने अब पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाते हुए उस व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है, जिसने सैमुअल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था और उसे इस हद तक प्रताड़ित होने के लिए मजबूर किया. शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैंने पुलिस प्रशासन को इस पूरे मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष और गहन जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं.”
सवाल-जवाब
गोवा के 23 वर्षीय छात्र ने सुसाइड क्यों किया?
सड़क किनारे कचरा फेंकने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्र को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. इस डिजिटल बुलिंग और कानूनी कार्रवाई के डर से वह डिप्रेशन में आ गया और उसने आत्महत्या कर ली.
मृतक छात्र के खिलाफ पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया था?
मपुसा पुलिस ने मृतक सैमुअल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 271 (बीमारी फैलाने की लापरवाही) और गोवा बायोडिग्रेडेबल गारबेज कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर नोटिस जारी किया था.
इस दुखद घटना पर गोवा सरकार का क्या रुख है?
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और पुलिस विभाग को मामले की इन-डेप्थ (गहन) जांच करने का आदेश दिया है.
छात्र की मौत के बाद परिजनों की क्या मांग है?
मृतक छात्र के परिवार ने पुलिस से मांग की है कि उस व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जाए जिसने सैमुअल का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसके कारण वह डिप्रेशन में गया.



