आशीष अपनी नई कार से दफ्तर के लिए निकले थे। रास्ते में तेज बारिश आई और अंडरपास के नीचे पानी भर गया। आशीष ने सोचा बड़ी गाड़ी है, निकल जाएगी। पानी के बीच में जाकर कार बंद हो गई। सर्विस सेंटर पहुंचने पर पता चला इंजन में पानी चला गया है। मरम्मत का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब इंश्योरेंस कंपनी ने क्लेम इसलिए खारिज कर दिया कि यह साधारण कार पॉलिसी में कवर नहीं है!
अगर आप भी सोचते हैं कि आपकी साधारण कॉम्प्रिहेंसिव कार इंश्योरेंस पॉलिसी बारिश से होने वाले नुकसान की भरपाई कर देगी, तो आप गलत हैं। मानसून के जोखिमों से निपटने के लिए आपको अपनी पॉलिसी में कुछ खास अतिरिक्त कवर जोड़ने होंगे।
मानसून के चार सुरक्षा कवच, जो बचाएंगे बड़ा खर्च
- इंजन प्रोटेक्शन कवर: बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी भरना आम बात है। अधिक जलभराव के कारण इंजन का खराब होना एक आम समस्या है। यदि पानी इंजन में चला जाए, तो इंजन पूरी तरह ठप (हाइड्रोस्टेटिक लॉक) हो सकता है। साधारण इंश्योरेंस में क्लेम खारिज कर दिया जाता है। इंजन सुरक्षा ऐड-ऑन लेने पर इंजन की मरम्मत और पार्ट्स बदलने का भारी-भरकम खर्च बीमा कंपनी उठाती है।
- जीरो डेप्रिसिएशन कवर: जब गाड़ी की मरम्मत के लिए क्लेम किया जाता है, तो कंपनी पार्ट्स की उम्र के हिसाब से डेप्रिसिएशन काट लेती है। खासकर प्लास्टिक, नायलॉन और रबर के पार्ट्स पर 50 फीसदी तक कटौती होती है। यह ऐड-ऑन लेने पर आपको गाड़ी के सभी कलपुर्जों (ट्यूब, बैटरी और टायर को छोड़कर) पर 100 फीसदी क्लेम मिलता है और जेब से पैसा नहीं देना पड़ता।
- रोड साइड असिस्टेंस कवर: तेज बारिश के बीच सड़क पर गाड़ी बंद हो जाना बेहद मानसिक तनाव देता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए आप 24×7 रोड साइड असिस्टेंस ऐड-ऑन कवर का विकल्प चुन सकते हैं। यह कवर आपातकालीन स्थिति में टोइंग, मौके पर छोटी-मोटी मरम्मत, ईंधन की व्यवस्था और वैकल्पिक वाहन जैसी अमूल्य सहायता समय पर उपलब्ध कराता है। यह एड-ऑन सुनिश्चित करता है कि आपको समय पर सहायता प्राप्त हो।
- कंज्यूमेबल्स कवर: गाड़ी की मरम्मत के दौरान इस्तेमाल होने वाले इंजन ऑयल, नट-बोल्ट, मड फ्लैप, ग्रीस और ब्रेक ऑयल जैसी चीजों का खर्च साधारण पॉलिसी में शामिल नहीं होता। यह छोटा-मोटा दिखने वाला खर्च कुल मिलाकर बड़ा बन जाता है। कंज्यूमेबल्स ऐड-ऑन सुनिश्चित करता है कि आप अतिरिक्त लागतों से सुरक्षित रहें।
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बदल रहा है बीमा का बाजार
अब तकनीक और नियमों के बदलने से कार इंश्योरेंस का तरीका भी काफी आधुनिक हो चुका है, जिसका फायदा हर निवेशक और वाहन मालिक को उठाना चाहिए।
- पे एज यू ड्राइव: मोटर इंश्योरेंस में सबसे बड़े बदलावों में से एक यूसेज-बेस्ड इंश्योरेंस का बढ़ता चलन है। यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है, जो गाड़ी कम चलाते हैं। पे एज यू ड्राइव का विकल्प चुनकर आप अपनी कार की खातिर पूरे साल के लिए प्रीमियम चुकाने के बजाय कार के उपयोग के आधार पर उसका प्रीमियम चुका सकते हंै। मतलब है कि जितनी किलोमीटर आप अपनी गाड़ी चलाएंगे उसी आधार पर आपको अपने प्रीमियम का भुगतान करना होगा। यह उपयोग आधारित इंश्योरेंस है।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल इंश्योरेंस: इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से विकसित हो रहा है। जैसे-जैसे ईवी को अपनाया जा रहा है, वैसे-वैसे इसे समर्थन देने वाले ईकोसिस्टम की गहरी समझ की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इस ईकोसिस्टम के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है इंश्योरेंस। मानसून की शुरुआत के साथ, ईवी मालिकों के लिए यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तकनीक पारंपरिक पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से बिल्कुल अलग होती है। इसमें सबसे कीमती हिस्सा इसकी बैटरी और सर्किट होता है। पानी के कारण ईवी में शॉर्ट-सर्किट या बैटरी डैमेज का रिस्क होता है, इसलिए इनके लिए विशेष रूप से तैयार की गई कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी लेना जरूरी होता है।
- मल्टी-ईयर इंश्योरेंस: अब आप कार के लिए फिक्स्ड प्रीमियम पर मल्टी-ईयर मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदकर प्रीमियम तीन साल के लिए लॉक कर सकते हैं। इससे हर साल पॉलिसी रिन्यू करने का झंझट नहीं रहता। पॉलिसी लैप्स होने और नो क्लेम बोनस खोने का रिस्क भी नहीं रहता है।



