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Ajmer Jagan Gurjar Murder Case: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या का मामला लगातार नए खुलासों के साथ उलझता जा रहा है. ताजा जांच में सामने आया है कि वारदात के दौरान जेल की बैरकों में तेज आवाज में रेडियो बज रहे थे, जिससे संघर्ष या मदद के लिए लगाई गई संभावित चीखें बाहर तक नहीं पहुंच सकीं. इसी बीच पुलिस ने आरोपी विष्णु उर्फ बौना को प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए बाहर लाकर कई अहम सवाल किए. आरोपी ने हत्या के पीछे अपना दबदबा कायम करने की बात कही है, लेकिन पुलिस फिलहाल केवल उसके बयान पर भरोसा नहीं कर रही. जांच टीम मेडिकल रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी सबूतों का इंतजार कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या पूर्व नियोजित थी या नहीं, क्या जगन को पहले कोई नशीला पदार्थ दिया गया था और क्या इस साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था.
जगन गुर्जर हत्याकांड: रेडियो की आवाज में दबी चीखें.
अजमेर. अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल में 29 जून को डकैत जगन गुर्जर की हुई हत्या की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. हर दिन सामने आ रहे तथ्य इस पूरे मामले को और गंभीर बना रहे हैं. अब जांच में एक अहम बात सामने आई है कि जिस समय बैरक के अंदर संघर्ष चल रहा था, उस समय ब्लॉक की दोनों तरफ मौजूद बैरकों में रेडियो बज रहे थे. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि अगर जगन गुर्जर ने खुद को बचाने के लिए चीखने या मदद के लिए आवाज लगाने की कोशिश भी की होगी, तो वह रेडियो की तेज आवाज में दब गई और किसी कैदी या ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरियों तक नहीं पहुंच सकी.
पुलिस इस मामले में सिर्फ हत्या कैसे हुई, इसी सवाल का जवाब नहीं तलाश रही है. जांच इस बात पर भी चल रही है कि क्या वारदात पहले से तय थी, क्या हत्या से पहले जगन को कोई नशीला या जहरीला पदार्थ दिया गया था और क्या इस पूरी साजिश में किसी दूसरे कैदी या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी. हर पहलू की अलग-अलग जांच की जा रही है ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए.
प्रोडक्शन वारंट पर बाहर लाकर हुई पूछताछ
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने शुक्रवार को हत्या के आरोपी विष्णु उर्फ बौना को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से बाहर निकाला. हथियारबंद जवानों की सुरक्षा में उसे जेएलएन अस्पताल ले जाकर मेडिकल मुआयना कराया गया. इसके बाद पुलिस ने उससे विस्तार से पूछताछ शुरू की. भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार पूछताछ के दौरान विष्णु ने दावा किया कि उसने अपराध की दुनिया में अपना दबदबा कायम करने के लिए जगन गुर्जर की हत्या की. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि केवल आरोपी के बयान के आधार पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जाएगा. उसके हर दावे का मिलान सबूतों और जांच से किया जा रहा है.
हर एंगल से हो रही जांच
पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि हत्या के दौरान जगन ने कितना संघर्ष किया था. साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि कहीं वारदात से पहले उसे कोई नशीला या विषाक्त पदार्थ तो नहीं दिया गया था. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई और क्या इस पूरी घटना में किसी और की भी भूमिका थी. जांच अधिकारी मान रहे हैं कि मेडिकल रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य सबूत आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी. इसलिए किसी भी संभावना को अभी खारिज नहीं किया जा रहा है.
प्रहरियों के बयान भी बने जांच का हिस्सा
पुलिस ने उस ब्लॉक में ड्यूटी पर तैनात दोनों जेल प्रहरियों के बयान भी दर्ज किए हैं. इनमें से एक प्रहरी करीब एक महीने पहले ही हाईसिक्योरिटी जेल में तैनात हुआ था. दोनों प्रहरियों ने पुलिस को बताया कि वारदात के समय ब्लॉक की दोनों तरफ मौजूद बैरकों में रेडियो चल रहे थे. इसी वजह से उन्हें किसी तरह की चीख, शोर या संघर्ष की आवाज सुनाई नहीं दी. शुरुआती जांच में यही बात सामने आई है कि रेडियो की आवाज के कारण बैरक के अंदर की हलचल बाहर तक नहीं पहुंच सकी. फिलहाल सिविल लाइंस थाना पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, आरोपी से पूछताछ और बाकी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



