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Jhalawar News: नौकरी का झांसा, लाखों की वसूली और फर्जीवाड़ा, 150 युवाओं को ठगने वाला गिरोह बेनकाब


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Jhalawar Government Job Fraud Case: झालावाड़ में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों अब्दुल रऊफ और सद्दाम को गिरफ्तार किया है. आरोपी गांव-गांव घूमकर युवाओं को सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पक्की या संविदा नौकरी दिलाने का भरोसा देते थे. इसके बदले प्रत्येक युवक से 30 हजार से 50 हजार रुपये तक एडवांस वसूला जाता था. पुलिस की शुरुआती जांच में गिरोह की ओर से करीब 100 से 150 युवाओं को ठगी का शिकार बनाने की बात सामने आई है. पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

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नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, 150 युवाओं को फंसाने वाला गिरोह बेनकाबZoom

सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाला गिरोह बेनकाब

झालावाड़. सरकारी नौकरी का सपना देख रहे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का झालावाड़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है. कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों अब्दुल रऊफ और सद्दाम को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी गांव-गांव घूमकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पक्की या संविदा नौकरी लगवाने का झांसा देते थे. नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से पहले एडवांस रकम वसूली जाती थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रत्येक युवक से करीब 30 हजार से 50 हजार रुपये तक लिए जाते थे. प्रारंभिक जांच के मुताबिक गिरोह अब तक करीब 100 से 150 युवाओं को अपना शिकार बना चुका है.

गिरोह के सदस्य खास तौर पर ऐसे युवाओं को तलाशते थे, जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और किसी तरह नौकरी हासिल करना चाहते हैं. आरोपी उन्हें सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में नौकरी लगवाने का भरोसा देते थे. युवाओं को विश्वास में लेने के बाद उनसे नौकरी की प्रक्रिया शुरू करने, दस्तावेज तैयार कराने या नियुक्ति दिलाने के नाम पर हजारों रुपये एडवांस में लिए जाते थे. आरोपियों की ओर से युवाओं को यह भरोसा दिलाया जाता था कि रकम देने के बाद उनकी नौकरी पक्की हो जाएगी या उन्हें संविदा के आधार पर नियुक्ति दिला दी जाएगी. इसी झांसे में आकर कई युवाओं ने आरोपियों को बड़ी रकम दे दी.

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

एसपी अमित कुमार ने बताया कि कोतवाली पुलिस को झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों में एक गिरोह के सक्रिय होने की शिकायत मिली थी. शिकायत में बताया गया था कि गिरोह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर उनसे पैसे ऐंठ रहा है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी. पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों और उनके संपर्क में आने वाले लोगों की जानकारी जुटाई. जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के ठिकानों पर दूर-दराज के क्षेत्रों से बेरोजगार युवाओं की लगातार आवाजाही दिखाई दी.

डिजिटल साक्ष्यों से खुला ठगी का नेटवर्क

पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की. इस दौरान शैक्षणिक कागजात और फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम सबूत मिले. इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ और जांच के बाद अब्दुल रऊफ और सद्दाम को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और फरार आरोपियों तक पहुंचने पर है. साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने युवाओं से कितनी रकम वसूली गई और ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया.

100 से 150 युवाओं को बनाया निशाना

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अब तक करीब 100 से 150 युवाओं को ठगी का शिकार बना चुके हैं. प्रत्येक युवक से 30 हजार से 50 हजार रुपये तक लिए जाने की बात सामने आई है. ऐसे में ठगी की कुल रकम लाखों रुपये में होने का अनुमान है. एसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अब तक की गई वारदातों के बारे में और खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

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दीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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