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Kota Mahant Devanand Maharaj Murder case : कोटा के चंद्रेशल मठ में महंत देवानंद महाराज की हत्या की गुत्थी सुलझी नहीं, पुलिस ट्रस्ट गठन, संपत्ति विवाद और संतों के पुराने मतभेदों समेत हर एंगल खंगाल रही है. पुलिस जांच में सामने आया है कि महंत देवानंद महाराज चंद्रेशल मठ के लिए एक नया ट्रस्ट बनाने की तैयारी कर रहे थे. इसके लिए 21 सदस्यीय समिति का प्रस्ताव भी तैयार किया गया था. बताया जा रहा है कि 10 जून को इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होना था. लेकिन उससे पहले ही महंत की हत्या हो गई.
कोटा की महंत हत्या गुत्थी में नया मोड़
कोटा. कोटा के चंद्रेशल मठ में महंत देवानंद महाराज की हत्या का मामला हर दिन नए सवाल खड़े कर रहा है. घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है. इस बीच जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. अब पुलिस सिर्फ हत्या की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि मठ की संपत्ति, नए ट्रस्ट के गठन और संतों के बीच चल रहे पुराने विवादों को भी खंगाल रही है.
महंत देवानंद महाराज की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. शुरुआत में मामला एक सामान्य हत्या के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे पहलू सामने आने लगे जिन्होंने पुलिस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अब जांच टीम हर संभावित एंगल पर काम कर रही है.
नए ट्रस्ट की तैयारी और फिर हो गई हत्या
पुलिस जांच में सामने आया है कि महंत देवानंद महाराज चंद्रेशल मठ के लिए एक नया ट्रस्ट बनाने की तैयारी कर रहे थे. इसके लिए 21 सदस्यीय समिति का प्रस्ताव भी तैयार किया गया था. बताया जा रहा है कि 10 जून को इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होना था. लेकिन उससे पहले ही महंत की हत्या हो गई. यही वजह है कि पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही है. जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया और हत्या के बीच कोई संबंध तो नहीं है.
संतों के बीच पुराने विवाद भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि मठ में दो संतों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. पुलिस इस विवाद की पूरी पृष्ठभूमि को समझने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि पुराने मतभेदों और हाल की घटनाओं को जोड़कर देखने की जरूरत है. पुलिस संत नंदनवन महाराज सहित 10 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है. हालांकि अब तक किसी भी व्यक्ति को क्लीन चिट नहीं दी गई है. जांच टीम हर बयान और हर जानकारी का मिलान कर रही है.
मठ की आय और संपत्ति को लेकर भी उठ रहे सवाल
चंद्रेशल मठ की आर्थिक स्थिति भी अब जांच का हिस्सा बन गई है. जानकारी के अनुसार मठ की सालाना आय करीब 40 से 50 लाख रुपये बताई जा रही है. ऐसे में संपत्ति और उसके प्रबंधन को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मठ की व्यवस्था, आय और भविष्य के प्रबंधन को लेकर किसी तरह का विवाद तो नहीं था. जांच अधिकारी संबंधित दस्तावेजों और अन्य जानकारियों को भी खंगाल रहे हैं.
हर एंगल पर काम कर रही पुलिस
फिलहाल पुलिस संपत्ति विवाद, ट्रस्ट गठन, संतों के आपसी मतभेद और व्यक्तिगत रंजिश समेत सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है. आश्रम में मौजूद लोगों, ग्रामीणों और पुराने संतों से लगातार पूछताछ की जा रही है. चार दिन बाद भी हत्या की गुत्थी पूरी तरह नहीं सुलझी है, लेकिन जांच का दायरा जितना बढ़ रहा है, उतने ही नए सवाल सामने आ रहे हैं. अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर महंत देवानंद महाराज की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इस रहस्य से पर्दा कब उठेगा.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



