Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: थर्ड सैटरडे को दिल्ली में क्या-क्या है बंद? मेट्रो से लेकर बाजार तक का अपडेट
भास्कर अपडेट्स: पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना के विमान के साथ हादसा, रनवे बंद हुआ
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6 घंटे पहले
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पुणे एयरपोर्ट का रनवे शुक्रवार रात भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विमान हादसे के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। वायुसेना ने जानकारी दी कि विमान की हार्ड लैंडिंग के कारण यह स्थिति बनी है।
IAF के मुताबिक, इस घटना में एयरक्रू पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी नागरिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है। रनवे को जल्द से जल्द फिर से चालू करने के प्रयास जारी हैं।
पुणे एयरपोर्ट ड्यूल-यूज मॉडल पर काम करता है, जहां नागरिक उड़ानों के साथ-साथ वायुसेना का संचालन भी होता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सामान्य संचालन बहाल होने में करीब 5 घंटे का समय लग सकता है।
आज की अन्य बड़ी खबरें…
भारत वियना में वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में शामिल हुआ

शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय बताया कि भारत ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में 14 से 16 अप्रैल तक आयोजित वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी कार्यप्रणालियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।
वियना गए प्रतिनिधिमंडल ने समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए अपनाए गए भारत के प्रभावी उपायों और रणनीतियों को साझा किया। इसमें मजबूत और लचीले समुद्री शासन तंत्र के निर्माण पर देश के विशेष फोकस को भी रेखांकित किया गया।
चारधाम यात्राः पहले दिन 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया

चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई, जिसमें पहले ही दिन 2713 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। अधिकारियों ने बताया कि यह मैनुअल रजिस्ट्रेशन यात्रा शुरू होने से पहले शुरू किया गया है, जिसकी शुरुआत रविवार से हो रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पहले दिन यमुनोत्री के लिए 683, गंगोत्री के लिए 690, केदारनाथ के लिए 667 और बद्रीनाथ के लिए 673 श्रद्धालुओं ने ऑफलाइन पंजीकरण कराया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न ट्रांजिट पॉइंट्स पर भी टीमें भेजी जा रही हैं, ताकि मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराया जा सके।
वहीं, 6 मार्च से शुरू हुई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी जारी है। अब तक करीब 18.23 लाख श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण कर चुके हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों को मिलाकर कुल पंजीकरण संख्या अब 18.25 लाख तक पहुंच गई है।
उदयपुर में पेंट की दुकान में भीषण आग

राजस्थान के उदयपुर में आरके सर्कल में एक पेंट की दुकान में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। फायर अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया।
दमकल कर्मियों की तेजी से आग पर काबू पा लिया गया। इस हादसे में अब तक किसी के जान नहीं गई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और मामले में आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
दक्षिण दिल्ली के चितरंजन पार्क में पिता-पुत्र की चाकू से हत्या, पैसे के विवाद में वारदात

दिल्ली के दक्षिणी इलाके में चितरंजन पार्क के पास एक पिता और उनके बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पैसे के विवाद को लेकर हुई। मृतकों की पहचान राकेश सूद और उनके बेटे करण सूद के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, घटना शाम के समय एफ ब्लॉक के एक अपार्टमेंट में हुई।
पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तो टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां दोनों को घर के बाहर खून से लथपथ हालत में थे। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हमले में दो से ज्यादा लोगों के शामिल होने की आशंका है
हिमाचल में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति पर विवाद: विप्लव बोलीं- जल्दबाजी में शिमला बैठकर फैसला, 71 प्रेसिडेंट में एक भी महिला नहीं – Shimla News
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दरअसल, कांग्रेस ने 71 ब्लॉक में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इनमें में एक भी महिला को जगह नहीं मिली, जबकि राज्य में महिलाओं की आबादी लगभग 50 प्रतिशत है। वहीं अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की आबादी करीब 25-27 प्रतिशत है, इस वर्ग से 17 ब्लॉक अध्यक्ष (लगभग 24%) तैनात किए गए, जबकि 5-6 प्रतिशत आबादी वाले अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग से 8 अध्यक्ष (लगभग 11%) लगाए गए। ऐसे में बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या कांग्रेस संगठन में एक भी महिला ऐसी नहीं थी, जिसे नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जा सके, या फिर यह सीधी अनदेखी का मामला है। विधायकों की सिफारिश पर नियुक्तियां: विप्लव ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने कहा कि अध्यक्ष बनाने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया और इनकी तैनाती से पहले संगठन को मजबूत करने के पहलुओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि ये नियुक्तियां विधायकों और बड़े नेताओं की सिफारिश पर की गई हैं, जिससे जमीनी स्तर का संतुलन प्रभावित हुआ है। प्रदेश प्रभारी की कार्यशैली पर उठाए सवाल विप्लव ठाकुर ने प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभारी केवल शिमला में बैठक कर लौट जाती हैं, जबकि प्रदेश के 11 अन्य जिलों में जाकर जमीनी फीडबैक लेना चाहिए। उनका कहना है कि शिमला में केवल पहुंच वाले लोग ही अपनी बात रख पाते हैं, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पाती। विप्लव ठाकुर की तरह अन्य महिला नेत्रियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर सवाल उठाए और कहा कि यह सूची प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की मंजूरी से जारी की गई है। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए था। आशा कुमारी बोलीं- महिला कांग्रेस में मिलेगा स्थान वहीं, पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने कहा कि भले ही महिलाओं को ब्लॉक अध्यक्ष नहीं बनाया गया, लेकिन उन्हें महिला कांग्रेस कमेटी में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। 33% आरक्षण की चर्चा के बीच बढ़ी बहस कांग्रेस संगठन में इसे लेकर असंतोष है। प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह नियुक्तियां ऐसे समय में हुई हैं, जब राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर चर्चा हो रही है। पंचायतों में 52 फीसदी से ज्यादा महिलाएं जीतकर आती है हिमाचल की पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। इस वजह से पंचयातों में लगभग 52 फीसदी से अधिक महिलाएं चुनाव जीतकर आती है क्योंकि कुछ महिलाएं एससी, कुछ एसटी, कुछ ओबीसी कोटे तो कई ओपन सीट से भी चुनाव जीतकर आती है। इसी तरह, मौजूदा विधानसभा में भी कांग्रेस की दो महिला विधायक है।
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भारत बना दुनिया का भरोसेमंद निवेश ठिकाना: सेबी प्रमुख का दावा- वैश्विक अनिश्चितताओं में भी पूंजी बाजार मजबूत
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के पूंजी बाजार को स्थिर तथा भरोसेमंद निवेश के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक स्थिर पूंजी केंद्र के रूप में उभर रहा है।
स्मार्टफोन निर्यात में गिरावट: 2026 की शुरुआत में शिपमेंट 3% घटा, छह साल का सबसे कमजोर प्रदर्शन; क्या है कारण?
जनवरी से मार्च 2026 तक भारत के स्मार्टफोन निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले तीन महीनों के दौरान भारत के स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर 3 फीसदी की गिरावट आई। ये पिछले छह वर्षों में सबसे कमजोर प्रदर्शन है। आपूर्ति लागत में बढ़ोतरी, कंपनियों द्वारा कीमतें बढ़ाना और कमजोर उपभोक्ता मांग इन तीनों कारकों ने बाजार पर दबाव डाला। बढ़ते दामों के कारण खुदरा बिक्री पर असर पड़ा, जबकि लॉन्च गतिविधियां अधिक होने के बावजूद बिक्री में अपेक्षित तेजी नहीं आई।
Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 18 अप्रैल 2026, शनिवार
कुल्लू में गाड़ी पर गिरीं बड़ी-बड़ी चट्टानें: ड्राइवर ने भागकर बचाई जान, बारिश से लैंडस्लाइड, आज-कल 5 जिलों में तूफान का येलो अलर्ट – Shimla News
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला के मणिकर्ण में आज सुबह लैंडस्लाइड हो गया। इसका मलबा और चट्टानें सड़क से गुजर रही गाड़ी पर गिरीं, जिससे गाड़ी चकनाचूर हो गई। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। लैंडस्लाइड की यह घटना बरशैणी घट्टीगढ़ पॉइंट की है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी से पहले थोड़ा मलबा गिरा। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी से बाहर भागा। देखते ही देखते बड़ी-बड़ी चट्टानें भी गाड़ी पर गिर गईं। बता दें कि, प्रदेश में अप्रैल में सामान्य से 52 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इससे कई जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। बीती रात में भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। सलापड़ में सबसे ज्यादा 21.0 मिमी, सलूणी 18.3 मिमी, कुकुमसैरी 14.4, सांगला 7.8, कल्पा 5.2, सराहन 3.0, भरमौर 2.0, सियोबाग 1.8 और जोगेंद्रनगर में 1.0 मिलीमीटर बारिश हुई।
आज और कल पांच जिलों में येलो अलर्ट मौसम विभाग (IMD) की माने तो राज्य के कई भागों में शनिवार और रविवार भी बारिश जारी रहने के आसार है। IMD ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात हो सकता है, जबकि निचले और मध्यम क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान और ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है।
भुंतर का पारा 8.2 डिग्री गिरा प्रदेश के कई हिस्सों में बीते 24 घंटों में भी मौसम खराब रहा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुल्लू के भुंतर का अधिकतम तापमान 8.2 डिग्री गिरने के बाद 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली का पारा भी 6.4 डिग्री कम होने के बाद 18.0 डिग्री रह गया है। इसी तरह सुंदरनगर में 4.6 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 28.2 डिग्री और मंडी में 5.3 डिग्री की गिरावट के बाद 27.7 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी तापमान में गिरावट देखी गई है, जिससे ठंड का असर फिर महसूस होने लगा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस 20 अप्रैल तक रहेगा एक्टिव मौसम विभाग ने 20 अप्रैल को भी अधिक ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। हालांकि, 21 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप खिलने की उम्मीद है। वहीं, 23 अप्रैल से एक बार फिर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
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राजस्थान-यूपी में हीटवेव के बीच बारिश: दिल्ली में भी राहत, तापमान 10°C तक गिरा; ओडिशा में पारा 44°C पार, MP में स्कूलों की टाइमिंग बदली
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ55 मिनट पहले
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देश के लगभग सभी राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है। इस बीच राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में शुक्रवार को बारिश ने थोड़ी राहत दी है। फिर भी इन राज्यों में पारा 40°C के ऊपर रहा। राजस्थान के बाड़मेर में दिन का तापमान 42.9°C और जैसलमेर में 42.8°C दर्ज हुआ।
यूपी के गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर में भी बारिश हुई। करीब 16 जिलों में अधिकतम तापमान 40°C या इसके पार रहा, जिससे हीटवेव की स्थिति रही। प्रयागराज, वाराणसी समेत 50 शहरों में भीषण गर्मी पड़ी। मौसम विभाग ने कहा है कि राज्य में अगले तीन दिनों तक तापमान 2-3°C और बढ़ेगा।
इधर दिल्ली में भी 41°C पारा के साथ कल का दिन इस साल का सबसे गर्म रहा। हालांकि, शाम में हल्की बारिश से तापमान 7 से 10°C तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में फिर तापमान बढ़ सकता है और हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है।
देशभर से गर्मी की 6 तस्वीरें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भीषण गर्मी के बीच लोग पानी के टैंकर के नीचे छांव में बैठे दिखे।

प्रयागराज में झुलसा देने वाली गर्मी में कॉलेज छात्राएं कपड़ों से सिर और चेहरा ढक रही हैं।

हैदराबाद के चारमीनार में बढ़ते तापमान से रेहड़ी-पटरी वाले और दिहाड़ी मजदूर परेशान हैं।


महाराष्ट्र के कराड में भीषण गर्मी से बचने के लिए युवतियां स्कार्फ का सहारा ले रही हैं।

दिल्ली में शुक्रवार को दिन भर तेज धूप के बाद शाम में अचानक बारिश हो गई।
मैप में देखिए देश में गर्मी और लू के हालात

अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम
19 अप्रैल:
- छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर लू का अलर्ट है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा
- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में आंधी और बिजली की आशंका है।
20 अप्रैल:
- झारखंड और ओडिशा में हीटवेव की स्थिति बन सकती है, जबकि तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी रहेगी। ओडिशा में कुछ जगहों पर गर्म रात रहने की संभावना है।
- अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तेलंगाना में आंधी की आशंका है।

चारधाम यात्रा आज से, 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया: 19 अप्रैल को यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट खुलेंगे; ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी शुरू
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21 घंटे पहले
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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शनिवार से शुरू हो जाएगी। ऋषिकेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 10 बसों को यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के लिए रवाना करेंगे। ये यात्री 19 अप्रैल को यमुनोत्री-गंगोत्री के कपाट खुलने के वक्त मौजूद रहेंगे। चारधाम के लिए अब तक 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। पिछले साल 23 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था।
गुरुवार से ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी शुरू हो गए हैं। सबसे पहले मध्य प्रदेश (शहडोल) के 100 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया। ये सभी यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन करेंगे।

चार धाम से जुड़े पांच नियम
- बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन धर्म के लोग दर्शन कर पाएंगे। हालांकि अन्य धर्म के लोगों को कैसे रोका जाएगा, इसे लेकर मंदिर समिति ने स्पष्ट निर्देश नहीं जारी किए हैं।
- केदारनाथ के गर्भगृह में श्रद्धालु गंगाजल, फूल नहीं चढ़ा सकेंगे। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया, विशेष पूजा दोपहर में नहीं होगी। रात 11 से सुबह 4 के बीच कराई जाएगी।
- यात्रा मार्ग पर वाहन सुबह 4 से रात 10 बजे तक चल सकेंगे। इसके बाद चेकपोस्ट पर रोका जाएगा। यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन में बांटकर 54 हजार गाड़ियों के लिए 118 पार्किंग बनाए।
- केदारनाथ में पैदल यात्रा से पहले बुजुर्ग व बीपी मरीज गौरीकुंड में जांच करवा सकेंगे।
- 48 हाल्टिंग पॉइंट बनाए। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यहां 1.18 लाख लोग रुक सकते हैं। भूस्खलन की आशंका वाले 80 पॉइंट चिह्नित। यहां इमरजेंसी टीमें तैनात हैं।

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अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से, 57 दिन चलेगी:28 अगस्त को खत्म होगी; 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे

अमरनाथ यात्रा की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को बताया कि इस साल यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
लोकसभा सीटें बढ़ाने का बिल 54 वोट से गिरा: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली17 घंटे पहले
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लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था।
लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े।
बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया।

12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब महिला आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।
सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है।
तीन बिल, जिनके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया

NDA के पास 298 सांसद, चाहिए 352 थे
बिल पर 528 सांसदों ने वोट किया। इसका दो तिहाई 352 होता है, लेकिन बिल के समर्थन में 298 वोट ही मिले। NDA के पास 293 सांसद हैं। भाजपा सिर्फ 5 अन्य सांसदों को कन्वेंस कर पाई। बाकी विपक्ष को विश्वास में लेने में सफल नहीं हुई, इसलिए बिल पास नहीं करा पाई।
24 साल बाद कोई सरकारी बिल गिरा
- 2002 के आतंकवाद निवारण बिल (पोटा) के बाद संसद में पराजित होने वाला पहला सरकारी विधेयक है।
- 1990 के संविधान (64वां संशोधन) बिल के बाद लोकसभा में गिरने वाला पहला संविधान संशोधन विधेयक है।
महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन
सरकार ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए थे। इसमें संविधान (131वां) संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 शामिल थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। हालांकि यह अब 2034 तक लागू होगा।
इसके लिए परिसीमन की जरूरत है। परिसीमन का मतलब है कि देश की आबादी के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटों की सीमाएं और संख्या तय करना। यह काम एक परिसीमन आयोग करता है। पहले तय होगा कि किस राज्य में कितनी सीटें होंगी। किन इलाकों की सीमाएं क्या होंगी। उसके बाद ही आरक्षण तय हो पाएगा।

संसद का घटनाक्रम, उसका असर और आगे के एक्शन को 5 सवाल-जवाब से समझिए…
1. अब महिला आरक्षण का क्या होगा
2023 में बना और 16 अप्रैल 2026 को नोटिफाई किया गया महिला आरक्षण कानून लागू रहेगा। लेकिन महिलाओं को इसका फायदा 2034 के लोकसभा चुनाव से मिलेगा। इसके लिए 2027 में पूरी होने वाली जनगणना के मुताबिक परिसीमन जरूरी होगा। पढ़ें पूरी खबर…
भाजपा आगामी चुनावों में विपक्षी पार्टियों के महिला विरोधी होने का मुद्दा उठाएगी। तमिलनाडु में स्टालिन और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को बिल के खिलाफ वोटिंग करने के लिए घेरा जा सकता है।
2. अगर बिल पास हो जाता तो क्या होता?
सरकार ने कहा कि सभी राज्यों की लोकसभा सीटें 50% बढ़ जातीं। बढ़ी सीटों के हिसाब से महिलाओं को 33% आरक्षण मिलता। जैसे– यूपी में अभी 80 लोकसभा सीटें हैं। बिल पास होने के बाद यह 120 हो जातीं, जिनमें से 40 महिलाओं के लिए आरक्षित होतीं।
3. अब सरकार के सामने क्या विकल्प हैं?
सरकार बिल में कुछ बदलाव कर सकती है। जैसे- दक्षिणी राज्यों की सीटें बढ़ाने का प्रावधान।
परिसीमन के लिए 2011 की बजाय 2027 की जनगणना का आधार बनाएगी।
नए सिरे से बिल पेश कर सकती है, जिस पर विपक्ष के सुझाव लेकर सहमति बना सकती है।
4. विपक्ष के विरोध की असली वजह क्या है?
विपक्ष ने महिला आरक्षण संशोधन बिल का विरोध नहीं किया लेकिन इससे जुड़े दोनों बिल के खिलाफ ही। विपक्ष ने परिसीमन बिल के विरोध के दो कारण बताए। पहला– इससे दक्षिणी राज्यों की संसद में ताकत कम हो जाएगी। दूसरा– यह ओबीसी और एसटी–एससी तबके के खिलाफ है।
5. परिसीमन विवाद: दक्षिण vs उत्तर का मुद्दा क्यों बना?
चर्चा के दौरान विपक्ष आरोप लगा रहा था कि परिसीमन से उत्तरी राज्यों को फायदा होगा, जबकि दशकों से जनसंख्या वृद्धि में अंतर की वजह से दक्षिणी राज्य पीछे रह जाएंगे। हालांकि अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि, इस पर भ्रम फैलाया जा रहा है।
शाह ने कहा कि दक्षिण के पांच राज्यों की कुल लोकसभा सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। उनका प्रतिशत 23.76 से बढ़कर 23.87 हो जाएगा। इस तरह प्रस्तावित 50% सीट वृद्धि से दक्षिण भारत के हर राज्य को अधिक सीटें मिलेंगी।
संसद में बिल पर चर्चा के दौरान किसने क्या कहा
पीएम मोदी बोले- हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।

प्रियंका गांधी ने कहा, जिस तरह असम में उन्होंने मनचाही सीटों को काटा, नई सीमाएं बनाएं उसी तरह यह देश में करेंगे। मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है।

राहुल गांधी ने कहा– चुनावी नक्शा बदलने के लिए महिला आरक्षण का सहारा लिया। सच यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट, नोटबंदी और सिंदूर का जादूगर पकड़ा गया है। बिल गिरने के बाद उन्होंने कहा, ‘संशोधन बोल गिर गया। उन्होंने संविधान तोड़ने के लिए महिलाओं के नाम पर असंवैधानिक चाल चली। भारत ने इसे देख लिया। इंडिया (गठबंधन) ने इसे रोक दिया। संविधान की जय हो।’

अमित शाह ने बिल गिरने के बाद कहा- महिला आरक्षण बिल खारिज करना, उस पर जश्न मनाना, जीत के नारे लगाना वास्तव में निंदनीय व कल्पना से परे है।
अखिलेश यादव ने कहा- ये लोग पिछड़े वर्ग की 33 प्रतिशत महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहते हैं। जब परिसीमन की बारी आई तो इन लोगों ने पूरी रणनीति बनाई, कि कैसे क्षेत्र बनाए जाएं कि इसका फायदा इन लोगों को ही मिले।
विपक्ष ने कहा- हमने संविधान पर हमले को हरा दिया
राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की 2 तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा; मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।
शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

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