महिला आरक्षण बिल को लेकर मायावती ने वंचित समाज को किया अलर्ट! SC-ST-OBC मुद्दे पर कांग्रेस और सपा की खोली पोल
2023 का महिला आरक्षण कानून लागू, आधी रात नोटिफिकेशन जारी: इसमें बदलाव के लिए सरकार 3 नए बिल लाई; विपक्ष बोला- कानून नहीं तो संशोधन कैसा
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नई दिल्ली7 घंटे पहले
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PM ने गुरुवार और राहुल ने आज लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी।
केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को 16 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया है। संसद में गुरुवार से ही इसके संशोधन पर 3 दिनों के लिए बहस शुरू हुई। इस बीच, आधी रात को मूल कानून लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया।
इसका मतलब यह है कि महिला आरक्षण के जिस कानून में संशोधन की बात की जा रही है, वह लागू ही नहीं हुआ था। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, कानून में बदलाव तभी हो सकता है जब वह लागू हो चुका हो। अचानक सरकारी नोटिफिकेशन की यही वजह है।
हालांकि, कानून लागू होने के बावजूद संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण तुरंत नहीं मिलेगा। 2023 के कानून के मुताबिक, यह 2027 की जनगणना और उसके आधार पर होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू किया जा सकेगा।
इस बीच विपक्ष ने शुक्रवार को संसद में सवाल उठाया कि जब 2023 का कानून लागू ही नहीं था, तो उसमें संशोधन का बिल कैसे लाया गया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह नोटिफिकेशन रात करीब 10 बजे जारी हुआ, जबकि उससे पहले ही संशोधन बिल पेश कर उस पर चर्चा शुरू हो चुकी थी।

कानून मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गए हैं।
2023 में कानून बना लेकिन लागू नहीं हुआ था
महिला आरक्षण बिल को 2023 में लोकसभा और राज्यसभा में पास किया गया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी लेकिन इसके बावजूद यह कानून संविधान का हिस्सा नहीं बना था। क्योंकि कोई कानून तब तक लागू नहीं माना जाता जब तक सरकार राजपत्र (गजट) में उसको लागू करने की तारीख अधिसूचित न कर दे।
अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कानून तो लागू हो गया है लेकिन इसे मौजूदा लोकसभा में लागू नहीं किया जा सकता। कानून के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, अगली जनगणना और उसके आधार पर परिसीमन (सीटों का पुनर्गठन) होगा। इसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के कारण आरक्षण 2034 तक लागू होने की संभावना जताई गई थी।
2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण लागू करना चाहती है सरकार
हालांकि, सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण को 2029 के चुनाव से लागू करना चाहती है। इसके लिए सरकार ने संसद में तीन नए बिल पेश किए हैं: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक, 2026।
इन तीन बिलों को पास कराने के लिए सरकार ने 16 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। दरअसल, परिसीमन संशोधन बिल के तहत सरकार लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने की योजना बना रही है।
इस नए ढांचे में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। विपक्ष इसके खिलाफ है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार नए संशोधन बिल के जरिए परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा।

क्या सरकार लोकसभा में तीनों बिल पास करा पाएगी
संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है।
कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। अगर सभी सांसद मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई) को इसके पक्ष में वोट देना होगा।
वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं।
परिसीमन से सभी राज्य में लोकसभा सीटें 50% बढ़ेगी

रिजिजू बोले- महिला आरक्षण बिल को कानून बनाया, ताकि संशोधन हो सके
केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू बोले- ‘सरकार ने महिला आरक्षण कानून में बदलाव (संशोधन) करने की तैयारी कर रही है। जो पुराना कानून है, वह अभी तक लागू नहीं हुआ था। अब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है, ताकि उस कानून को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। फिर उसका संशोधन हो पाए।’
कल्याण बनर्जी बोले- कानून लाए नहीं, संशोधन शुरू कर दिया था
कल्याण बनर्जी ने कहा- केंद्र सरकार महिला आरक्षण में संशोधन से जुड़ा बिल लेकर आई है। लेकिन जब कानून लागू नहीं हुआ तो उसमें कैसा संशोधन। इसीलिए देर रात में इन्होंने 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया।

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अगर आप बिना गोवा जाए बीच जैसा मजा लेना चाहते हैं, तो सहारनपुर का यह ‘मिनी गोवा’ आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है. यमुना नदी के किनारे बसे इस खूबसूरत स्थान पर प्रकृति, पहाड़ और ठंडक का ऐसा संगम है, जो हर किसी को अपनी ओर खींच रहा है.
सहारनपुर जनपद में घूमने के लिए कई जगहें मौजूद हैं, जहां गर्मियों में लोग पिकनिक मनाने के लिए भी पहुंचते हैं. लेकिन अगर आप पिकनिक का प्लान बना रहे हैं और गोवा जैसे बीच का एहसास लेना चाहते हैं, तो सहारनपुर का बादशाह बाग क्षेत्र का ‘मिनी गोवा’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यहां पहाड़ों की खूबसूरती के साथ यमुना नदी का शांत ठहराव और ठंडक का सुकून भी महसूस किया जा सकता है.

सहारनपुर जनपद उत्तर प्रदेश के पश्चिम का अंतिम जिला है, जो तीन राज्यों की सीमाओं से लगा हुआ है. यहां का वातावरण बेहद खूबसूरत और सुहावना है. सहारनपुर का कुछ हिस्सा शिवालिक पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जहां गर्मी के बीच भी ठंडक का एहसास बना रहता है.

अगर घूमने की बात करें तो सहारनपुर में कई ऐसे स्थान हैं, जहां आपको पहाड़ों जैसी फीलिंग, प्रकृति से जुड़ने का मौका और हरियाली के बीच पिकनिक मनाने का बेहतरीन अनुभव मिलता है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे नए पिकनिक स्पॉट के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में आपने शायद पहले न सुना होगा और न ही देखा होगा और खास बात यह है कि यह जगह सहारनपुर में ही मौजूद है.
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सहारनपुर से करीब 75 किलोमीटर दूर, मिर्जापुर क्षेत्र के पास स्थित बादशाही बाग घूमने के लिए किसी खूबसूरत हिल स्टेशन से कम नहीं है. इन दिनों यहां यमुना नदी के किनारे का इलाका काफी फेमस हो रहा है. दूर-दूर से लोग यहां घूमने के लिए पहुंच रहे हैं और उन्हें यहां बिल्कुल गोवा बीच जैसा माहौल महसूस हो रहा है.

शिवालिक पहाड़ियों के बीच से निकलकर धरातल पर शांत बहती यमुना नदी बादशाही बाग क्षेत्र को बेहद खूबसूरत बना देती है. यहां यमुना किनारे का यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, जहां पहाड़ियों के बीच बहती नदी का नजारा पूरे इलाके को मनमोहक दृश्यों में बदल देता है.

पहाड़ों से निकलकर जब यमुना की धारा बादशाही बाग पहुंचती है, तो वह बेहद शांत और सौम्य रूप में नजर आती है. यहां नदी का फैलाव भी काफी बड़ा है, जिसके साथ पेड़ों की हरियाली, ऊंची-ऊंची पहाड़ियां और पानी की ठंडी लहरें मिलकर ऐसा नजारा बनाती हैं, जो लोगों को अपनी ओर खींच लाता है.

यही वजह है कि इन दिनों बादशाही बाग के यमुना किनारे लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है. यहां आने वाले लोग खुद को गोवा बीच जैसी फीलिंग में पाते हैं, इसलिए अब इस जगह को ‘मिनी गोवा’ के नाम से भी जाना जाने लगा है. धीरे-धीरे यहां पर्यटकों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है.

अगर आप यहां अपने बच्चों और परिवार के साथ पिकनिक मनाने की सोच रहे हैं, तो यह जगह जितनी खूबसूरत है, उतनी ही सावधानी बरतने वाली भी है. माना जाता है कि इस क्षेत्र में जंगली जानवर भी पानी पीने के लिए आते हैं, इसलिए यहां अकेले आने से बचना चाहिए. बेहतर होगा कि दिन के समय ही यहां घूमने आएं, जब आसपास लोगों की आवाजाही बनी रहती है.
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हिमाचल CM पश्चिम बंगाल में करेंगे चुनाव प्रचार: जयराम बोले-सुक्खू का जाना अच्छी खबर, बिहार भी गए थे; वहां बोलेरो में फिट हुई कांग्रेस – Shimla News
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दोपहर बाद शिमला से दिल्ली रवाना हुए। वह, कल दिल्ली से कोलकाता जाएंगे। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को स्टार प्रचारक बना रखा है। सीएम सुक्खू शनिवार को कल सुबह दिल्ली से कोलकाता रवाना होंगे। वहीं सीएम सुक्खू के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि सीएम सुक्खू बिहार भी गए थे और वहां कांग्रेस विधायक दल बोलेरो गाड़ी में फिट हो गया। राजस्थान भी गए थे। वहां भी कांग्रेस की करारी हार हुई। दरअसल, बिहार में कांग्रेस कुल 6 सीटें जीत पाई थी। इस वजह से नेता प्रतिपक्ष ने सीएम सुक्खू पर यह तंज कसा। असम चुनाव में भी सुक्खू ने झूठ बोला: जयराम जयराम ने कहा कि कुछ दिन पहले सीएम सुक्खू असम भी गए थे। वहां पर भी सुक्खू ने 10 की 10 गारंटी पूरी करने का बहुत बड़ा झूठ बोला। कहा कि सभी महिलाओं को 1500-1500 रुपए, पांच लाख युवाओं को नौकरी जैसी सभी गारंटी पूरी कर दी है। सुक्खू का पश्चिम बंगाल जाना बीजेपी के लिए अच्छी खबर: नेता प्रतिपक्ष जयराम ने तंज भरे लहजे में कहा कि सीएम सुक्खू का पश्चिम बंगाल जाना बीजेपी के लिए अच्छी खबर है और वहां बीजेपी की सरकार बननी तय है। कल शाम कोलकाता रुकेंगे सीएम वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू कल कोलकाता पहुंचकर कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। सीएम के वहां विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए जनसभाओं को संबोधित करने की संभावना है। शाम को सीएम कोलकाता में ही रुकेंगे। उनकी वापसी का कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।
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राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश: उन पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- CBI जांच करे – Lucknow News
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने कहा, FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। CBI इसकी जांच करेगी। कोर्ट ने यह आदेश कर्नाटक भाजपा के कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता लेने का आरोप लगाया था। 28 जनवरी, 2026 को MP-MLA कोर्ट ने विग्नेश शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था- ‘मामले में हाईकोर्ट- सुप्रीम कोर्ट से अब तक कोई आदेश पारित नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता की ओर से नागरिकता (सिटीजनशिप) के संबंध में कोई नया या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।’ हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट को लगाए गए आरोपों की सत्यता पर टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं थी। कोर्ट ने मंत्रालय से ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें ली
सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज पेश करें। मंत्रालय ने केस से जुड़ी सभी फाइलें हाईकोर्ट में पेश कीं। विग्नेश शिशिर का दावा है कि उन्होंने कोर्ट के समक्ष ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। पासपोर्ट एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज करने की मांग
याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923, पासपोर्ट एक्ट 1967 और फॉरेनर्स एक्ट 1946 के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़ा गंभीर विषय है। शुक्रवार को सुनवाई में यूपी सरकार की तरफ से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए थे। जबकि केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता विग्नेश पांडेय की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट में पहुंचे थे। रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर हुआ था केस 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 केस मोदी सरनेम केस में गई थी सांसदी मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त 2023 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें जदयू के ललन सिंह बोले- अखिलेश मेरे मित्र हैं, कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, सपा प्रमुख मुस्कुराते रहे लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा- अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…
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Women Reservation Bill पर क्या है INDIA Bloc का प्लान? संसद में वोटिंग से पहले विपक्ष की स्ट्रैटेजिक मीटिंग
गर्मी से राहत चाहिए तो पहुंचिए राम की पैड़ी, यहां मिल रहा वॉटरफॉल जैसा अनुभव
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भीषण गर्मी से परेशान लोग अब अयोध्या की राम की पैड़ी का रुख कर रहे हैं. यहां सरयू के ठंडे पानी और झरनों के बीच न सिर्फ आस्था जुड़ी है, बल्कि सुकून और राहत का एहसास भी मिल रहा है.
तपती गर्मी के बीच अयोध्या में एक ऐसा स्थल सामने आया है, जो श्रद्धालुओं के लिए राहत और सुकून का बड़ा केंद्र बन गया है. रामनगरी का प्रसिद्ध स्थल राम की पैड़ी अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट के रूप में भी उभरकर सामने आ रहा है.

यहां बहती सरयू नदी की अविरल जलधारा और कृत्रिम झरनों का मनमोहक दृश्य श्रद्धालुओं को न सिर्फ गर्मी से राहत दे रहा है, बल्कि उन्हें अपनी ओर आकर्षित भी कर रहा है. हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचकर सुकून महसूस कर रहे हैं और आस्था के साथ भाव-विभोर भी नजर आ रहे हैं.

हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु राम की पैड़ी पहुंच रहे हैं, जहां एक ओर वे भगवान श्रीराम की नगरी में दर्शन-पूजन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरयू के ठंडे पानी में स्नान कर भीषण गर्मी से राहत भी पा रहे हैं. खास बात यह है कि यहां बनाए गए झरनों के नीचे स्नान करना लोगों को किसी प्राकृतिक वॉटरफॉल जैसा अनुभव दे रहा है.
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श्रद्धालुओं का कहना है कि भीषण गर्मी में जब बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है, तब राम की पैड़ी पर आकर सरयू के जल में स्नान करने से न सिर्फ शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि मन को भी शांति मिलती है. यहां बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पानी में मस्ती करते नजर आते हैं, जिससे यह स्थान अब एक तरह से पिकनिक स्पॉट में बदलता जा रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में तापमान लगातार बढ़ा है, जिससे शहर में गर्मी का असर और तेज हो गया है. ऐसे में राम की पैड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है. खासकर शाम के समय यहां का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है, जब रोशनी के बीच बहता पानी और झरनों का दृश्य बेहद अद्भुत दिखाई देता है.

प्रशासन भी यहां आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं बनाए रखने में जुटा हुआ है. साफ-सफाई, सुरक्षा और जल प्रवाह को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. राम मंदिर में श्रद्धालुओं को जहां ओआरएस का घोल दिया जा रहा है, वहीं पूरे शहर में सरयू जल का छिड़काव भी किया जा रहा है, जिससे राम भक्तों को गर्मी से राहत मिल सके.

ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो. भीषण गर्मी के इस दौर में अयोध्या की राम की पैड़ी आस्था के साथ-साथ सुकून और आनंद का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है, जहां लोग गर्मी से राहत पाने के साथ एक यादगार अनुभव भी लेकर लौट रहे हैं.



