Delhi Power Cut: 17 अप्रैल को दिल्ली के कई इलाकों में गुल बिजली रहेगी, द्वारक-पालम में 3 घंटे का ब्लैक आउट
MP-राजस्थान के 10 शहरों में तापमान 42°C के पार: छत्तीसगढ़ में हीटवेव, 11 दिन पहले स्कूलों में गर्मी छुट्टी; महाराष्ट्र में 19 अप्रैल तक लू चलेगी
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नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ45 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से लू चल रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि 20 अप्रैल तक इन राज्यों में गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद नहीं है। तापमान 40 से 44°C के बीच रह सकता है।
मध्य प्रदेश के 6 और राजस्थान के 4 शहरों में गुरुवार को तापमान 42°C के पार दर्ज किया गया। MP में नर्मदापुरम 43°C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान का बाड़मेर 42.9°C के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान में आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गुरुवार को तापमान 43°C तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच राज्य सरकार ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 11 दिन पहले, 1 मई की जगह 20 अप्रैल से ही घोषित कर दीं। राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे।
महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों में गर्मी का असर और तेज होने वाला है। IMD के अनुसार, राज्य के विदर्भ, मध्य और कोंकण क्षेत्र में 19 अप्रैल तक लू चलेगी। इस दौरान लोगों से जरूरी सावधानियां बरतने और गर्मी से बचने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों असम और मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं।
हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है।
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पंजाब में भी बिजली के साथ आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम
18 अप्रैल:
- छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में हीटवेव की चेतावनी है। गुजरात, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा।
- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है।
19 अप्रैल:
- छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर लू का अलर्ट है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा।
- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में आंधी और बिजली की आशंका है।

एसएंडपी का दावा: महंगा तेल नहीं रोक पाएगा रफ्तार, 6.3 फीसदी की दर से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था
वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने कहा है कि अगर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाती है, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था 6.3 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। एजेंसी के मुताबिक, यदि कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के आधार स्तर पर रहती है, तो भारत की वृद्धि दर 7.1 फीसदी रहने का अनुमान है। यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज रफ्तार होगी।
एसएंडपी के निदेशक (संप्रभु एवं अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक वित्त रेटिंग) यी फर्न फुआ ने कहा, दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में यह आंकड़ा बहुत मजबूत है। इस संकट काल में भारत की विकास दर 6.3 फीसदी रहना एक मजबूत संकेत है जो अन्य अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। हालांकि, एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा आपूर्ति में बाधा या ईंधन की कमी जैसी स्थितियां जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसके अलावा, क्रूड की ऊंची कीमतों से चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। कंपनियों की लागत बढ़ने से मुनाफा प्रभावित हो सकता है। इसके साथ ही महंगाई बढ़ने से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति पर भी दबाव पड़ सकता है।
एसएंडपी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऊर्जा की बढ़ी कीमतों का असर कम करने के लिए सरकार को उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सब्सिडी पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है। इससे राजकोषीय दबाव बढ़ेगा, लेकिन भारत की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा।
सरकार दीर्घकाल में राजकोषीय संतुलन के प्रति प्रतिबद्ध है। खर्चों में लचीलापन है और जरूरत पड़ने पर वह अन्य मदों में कटौती कर राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को बनाए रख सकती है।
यदि ऊर्जा कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो 2026-27 में देश की शीर्ष 100 कंपनियों की आय में 15 से 20 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है। इससे कर्ज बढ़ेगा जो अंततः उनकी वित्तीय स्थिति पर दबाव डालेगा। बड़ी कंपनियों का कर्ज से कमाई अनुपात (लीवरेज) 0.5 से एक गुना तक बढ़ सकता है।
रिफाइनिंग और एविएशन सेक्टर सबसे अधिक संवेदनशील हैं। ऊर्जा आयात पर निर्भर होने के कारण सीमेंट, धातु और स्टील जैसे क्षेत्र भी जोखिम में हैं। ईधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों की क्रय शक्ति घट सकती है, जिसका असर बैंकिंग क्षेत्र पर भी पड़ेगा।
जोखिम वाले ऋण, वाहन ऋण और किफायती आवास में कमी आ सकती है। खराब स्थिति में एनपीए में बढ़ोतरी सालाना एक फीसदी के आसपास हो सकती है।
यदि हालात लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण बने रहते हैं तो रिजर्व बैंक कुछ क्षेत्रों के लिए ऋण पुनर्गठन की अनुमति दे सकता है ताकि अल्पकालिक नकदी दबाव को संभाला जा सके। फिलहाल भारत की बीबीबी निवेश-ग्रेड संप्रभु रेटिंग पर तत्काल कोई खतरा नहीं है।
पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव सीमित देश की कर्ज अदायगी पर नहीं पड़ा असर
ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद भी भारत की कर्ज चुकाने की क्षमता मजबूत बनी हुई है। आयात-निर्यात बैंक (एक्जिम बैंक) ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का भारतीय कंपनियों की कर्ज अदायगी पर अब तक कोई असर नहीं पड़ा है।
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आयात-निर्यात बैंक की एमडी और सीईओ हर्षा बंगारी ने बताया कि भले ही पश्चिम एशिया में कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों की गतिविधियों पर हाल के महीनों में कुछ असर पड़ा हो, लेकिन उनकी ऋण चुकाने (पुनर्भुगतान) की क्षमता मजबूत बनी हुई है। स्थिर और भरोसेमंद आर्थिक बुनियाद ने वैश्विक अनिश्चितता के दौर में कंपनियों को वित्तीय संकट में फंसने से बचाया है। भारतीय कंपनियों की मजबूती का मुख्य कारण उनके राजस्व स्रोतों का विविधीकरण है। यह सिर्फ पश्चिम एशिया के देशों तक सीमित नहीं हैं। हालांकि, यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो कंपनियों के लिए बहुत-सी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
रुपये में जारी कमजोरी से एक्जिम बैंक को फायदा हो सकता है। बैंक का बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा में होता है, ऐसे में बैलेंस शीट मजबूत हो सकती है। मौजूदा परिस्थितियों में रुपये में कर्ज लेने को प्राथमिकता दी जा रही है।
West Asia Crisis: पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य, सरकार ने आम लोगों से की अपील- अफवाहों से बचें
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने ईंधन आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है।
सुजाता शर्मा ने सप्लाई को लेकर क्या कहा?
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में घरेलू एलपीजी की सप्लाई सुचारु रूप से जारी है और किसी भी वितरक के पास गैस खत्म होने (ड्राई-आउट) की कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त उपलब्धता है, रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है।
ऑटो एलपीजी की बिक्री में हुआ कितना इजाफा?
ऑटो एलपीजी की मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि फरवरी में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा प्रतिदिन करीब 177 टन ऑटो एलपीजी की बिक्री हुई थी, जो अप्रैल में बढ़कर लगभग 296 टन प्रतिदिन पहुंच गई है। खासतौर पर कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में ऑटो एलपीजी की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पीएनजी नेटवर्क के विस्तार पर जोर
सरकार पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दे रही है, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके। इसके लिए राज्यों से लंबित आवेदनों को शीघ्र मंजूरी देने की अपील की गई है। शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी करें।
भारतीय नाविक हैं सुरक्षित
वहीं, पश्चिम एशिया में हालात को लेकर पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय या भारतीय-ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में बंदरगाहों का संचालन सामान्य है और कहीं भी भीड़ या बाधा की स्थिति नहीं है।
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