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बद्रीनाथ पहुंचे CDS, तैयारियों की ग्राउंड रियलिटी जांची: 3 दिन बाद शुरू हो रही चारधाम यात्रा; नीरज चोपड़ा बोले- कल से यहां 113km की दौड़ – Chamoli News
बद्रीनाथ पहुंचे CDS अनिल चौहान ने चारधाम यात्रा की तैयारियां जांची।
चारधाम यात्रा के शुरू होने से तीन दिन पहले सीडीएस अनिल चौहान आज चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद हाई लेवल मीटिंग की। मीटिंग में CDS ने कहा
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यात्रा में आने वाले किसी भी श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं आनी चाहिए। सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

CDS ने कल से शुरू हो रही सूर्य देवभूमि चैलेंज 2026 अल्ट्रा ट्रेल रनिंग की तैयारियां देखी। इसके बाद उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए जोश भरा। इस समय केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी ITBP के पास है।
नीरज चोपड़ा बोले- अल्ट्रा ट्रेल रनिंग में हिस्सा लें
ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने कहा कि 17 से 19 अप्रैल तक सेना और उत्तराखंड सरकार सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 शुरू कर रही है। यह 113km अल्ट्रा ट्रेल रनिंग है, जो बद्रीनाथ और केदारनाथ मार्ग पर होगी। नीरज चोपड़ा ने देशभर से युवा इसमें हिस्सा लेने की अपील की है।
अल्ट्रा ट्रेल रनिंग को सीडीएस अनिल चौहान ने भी प्रमोट किया।

ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा सूर्य देवभूमि चैलेंज 2026 अल्ट्रा ट्रेल रनिंग में हिस्सा लेने की अपील करते हुए।
‘सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होना चाहिए’
जनरल चौहान ने ITBP, सेना और उत्तराखंड पुलिस के साथ हाई लेवल मीटिंग की। मीटिंग में आपदा प्रबंधन, यात्री सुविधाओं और यात्रा मार्ग की स्थिति पर डिटेल जानकारी शेयर की गई।

सीडीएस अनिल चौहान लोगों के साथ फोटो खिंचवाते हुए।
CDS को संबंधित अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के जरिए सुरक्षा इंतजामों और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों का ब्योरा दिखाया। CDS ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगमता और सुविधा में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

कौन हैं नीरज चोपड़ा
हरियाणा के पानीपत (खंडरा गांव) के रहने वाले नीरज चोपड़ा दुनिया के नंबर-2 जेवलिन थ्रोअर हैं। वे भारत की ओर से लगातार दो ओलिंपिक गेम्स में मेडल जीत चुके हैं। नीरज ने पेरिस ओलिंपिक में सिल्वर और टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था।
इसके अलावा, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे वर्ल्ड क्लास टूर्नामेंट में भारत को गोल्ड मेडल दिला चुके हैं। 2018 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार, 2021 में खेल रत्न पुरस्कार और 2022 में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

नीरज चोपड़ा 26 अगस्त 2016 को सेना में नायब सूबेदार के पद पर भर्ती हुए थे। 2021 में उन्हें सूबेदार बनाया गया। टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उन्हें सेना द्वारा परम विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया गया।
2022 में नीरज को सूबेदार मेजर के पद पर पदोन्नति मिली। इसके बाद सेना ने 14 मई को नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि दी थी।

2025 के मुकाबले 11 दिन पहले खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट
बद्रीनाथ धाम के कपाट इस बार पिछले साल के मुकाबले 11 दिन पहले खुल रहे हैं। तय हुआ है कि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
2025 के यात्रा सीजन में रिपोर्ट के मुताबिक, बद्रीनाथ धाम में 16.52 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।

22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। यह तिथि महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर ऊखीमठ में पारंपरिक पंचांग गणना के बाद घोषित की गई थी।
इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार 22 अप्रैल को खुलेंगे। यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

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उत्तराखंड में इस बार चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है, जिसके तीन दिन बाद 22 अप्रैल को बर्फ की चादर के बीच केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यहां श्रद्धालुओं के लिए ग्लेशियर काटकर स्नो कॉरिडोर तैयार किया गया है, जिससे वे बर्फ की ऊंची दीवारों के बीच से होकर बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। (पढ़ें पूरी खबर)
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गाजियाबाद में 200 झोपड़ियों में भीषण आग, सिलेंडर फटे: 10 किमी दूर से दिखा धुआं, 22 गाड़ियों ने बुझाई आग – Ghaziabad News
गाजियाबाद में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे 200 झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग लग गई। सिलेंडरों में लगातार धमाके होते रहे। धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों का सामान और गैस सिलेंडर लेकर भागते नजर आए। आसपास की इमारतों को एहतियातन खाली करा लिया गया। फायर ब्रिगेड की 22 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। प्रशासन ने नोएडा से भी दमकल की गाड़ियां मंगाईं। आग इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में लगी। घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रत्यक्षदर्शी आशीष गुप्ता ने बताया- कुछ लोग झुग्गियों में खाना बना रहे थे, तभी तिरपाल में आग लग गई। देखते-देखते आग भड़क गई और पास में स्थित पन्नी का गोदाम जलकर राख हो गया। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि इलाके में कबाड़ का काम होता था। यही काम करने वाले लोग झुग्गियां बनाकर रहते हैं। किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए एंबुलेंस मौके पर मौजूद हैं। पास के अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। इससे पहले, बुधवार को लखनऊ के विकासनगर में झुग्गी-झोपड़ियों में आग लगी थी। इसमें 250 झोपड़ियां जलकर राख हो गई थीं। 2 सगी बहनों की मौत भी हुई थी। आग की 5 तस्वीरें… गाजियाबाद में आग की घटना से जुड़े पल-पल की अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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सुप्रीम कोर्ट में चुनावों में वोटिंग अनिवार्य करने की मांग:याचिका खारिज; CJI बोले- जरूरत जागरूकता की है, हम किसी को मजबूर नहीं कर सकते
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को देश में वोटिंग अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा आदेश नीतिगत दायरे में आता है और न्यायपालिका इसे जारी नहीं कर सकती। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि जान-बूझकर वोट न डालने वालों के लिए दंडात्मक कार्रवाई की मांग और वोटिंग अनिवार्य बनाने वाली याचिकाओं पर कोर्ट सुनवाई नहीं कर सकता। बेंच ने PIL याचिकाकर्ता अजय गोयल से कहा कि वे अपनी शिकायतों को लेकर संबंधित पक्षों से संपर्क करें।याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि जो लोग जान-बूझकर वोट डालने से दूर रहते हैं, उनके लिए सरकारी सुविधाओं पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। CJI ने कहा- लोकतंत्र कानूनी दबाव के बजाय जन जागरूकता से फलता-फूलता है। एक ऐसे देश में जो कानून के शासन से चलता है और लोकतंत्र में विश्वास रखता है। जहां हमने 75 सालों में हमने दिखाया है कि हम इस पर कितना भरोसा और विश्वास करते हैं, वहां हर किसी से यह उम्मीद की जाती है कि वह वोट डालने जाए। अगर वे नहीं जाते, तो नहीं जाते। जरूरत जागरूकता की है, लेकिन हम किसी को मजबूर नहीं कर सकते। CJI ने चुनाव के दौरान होने वाले परेशानिायं भी बताईं सुनवाई केदौरान बेंच ने अनिवार्य वोटिंग कानून की व्यावहारिक कठिनाइयों का जिक्र किया और कहा कि चुनाव के दिनों में, जजों समेत कई नागरिकों को काम करना पड़ता है। दरअसल, याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया था कि कोर्ट को चुनाव आयोग को निर्देश देना चाहिए कि वह वोट न डालने वालों के लिए सरकारी सुविधाओं पर रोक लगाए। इस पर CJI ने घर पर रहने के काम को अपराध बनाने के तर्क पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगर हम आपका सुझाव मान लेते हैं, तो मेरे साथी जस्टिस बागची को वोट डालने के लिए पश्चिम बंगाल जाना पड़ेगा, भले ही उस दिन काम का दिन हो।” बेंच ने समाज के वंचित वर्गों के लिए भी चिंता जताई। बेंच ने पूछा, “अगर कोई गरीब व्यक्ति कहता है कि मुझे अपनी दिहाड़ी कमानी है, तो मैं वोट कैसे डालूं, हम उनसे क्या कहें।” याचिकाकर्ता ने कहा कि चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह एक समिति बनाए, जो उन लोगों पर रोक लगाने के प्रस्ताव दे, जो अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने में नाकाम रहते हैं। हालांकि CJI ने कहा, ‘हमें आशंका है कि ये मुद्दे नीतिगत दायरे में आते हैं।’
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लेंसकार्ट के ड्रेस कोड पर विवाद: बिंदी-तिलक पर रोक और हिजाब को मंजूरी देने वाला लेटर वायरल, CEO पीयूष बंसल बोले- यह पुरानी गाइडलाइन
लेंसकार्ट अपने ड्रेस कोड को लेकर विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर कंपनी का एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ है। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। विवाद तब बढ़ा जब एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X पर इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया। उन्होंने कंपनी के फाउंडर से पूछा- पीयूष बंसल, क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट में हिजाब ठीक है लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं? इसके बाद लोगों ने लेंसकार्ट को ट्रोल किया और कंपनी की नीति पर सवाल उठाए। पीयूष बंसल बोले- वायरल डॉक्यूमेंट पुराना और गलत पीयूष बंसल ने वायरल हो रहे डॉक्यूमेंट को पुराना और गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन को नहीं दर्शाता। कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है। देश में हमारे हजारों टीम मेंबर्स हैं जो हर दिन अपने विश्वास और संस्कृति को गर्व के साथ पहनते हैं। वायरल डॉक्यूमेंट में क्या लिखा है? सोशल मीडिया पर शेयर किए गए इस ‘ग्रूमिंग गाइड’ के मुताबिक, महिला कर्मचारियों को स्टोर में बिंदी या क्लचर लगाने की अनुमति नहीं है। साथ ही, हाथ में पहने जाने वाले धार्मिक धागे (कलावा) या रिस्ट बैंड को भी हटाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, इसी डॉक्यूमेंट में लिखा है कि अगर कोई कर्मचारी हिजाब या पगड़ी पहनता है, तो वह काले रंग का होना चाहिए। हिजाब की लंबाई ऐसी हो कि वह कंपनी का लोगो न छुपाए। हालांकि, बुर्का पहनकर स्टोर में काम करने की मनाही की गई है। कंपनी को दिसंबर तिमाही में 131 करोड़ रुपए का मुनाफा दिसंबर तिमाही में लेंसकार्ट का मुनाफा करीब 70 गुना बढ़ गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल भर पहले के 1.85 करोड़ रुपए से बढ़कर अब 131 करोड़ रुपए (1.31 बिलियन) पर पहुंच गया है।
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Missing US Scientists: पर्स, मोबाइल, चाबी छोड़ पैदल निकले..गायब हुए अमेरिका के 10 साइंटिस्ट और आर्मी ऑफीसर
हिमाचल में जेपी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट का सुसाइड अटेम्प्ट: गंभीर हालत में IGMC में चल रहा इलाज, बालकनी से कूदा, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला – Solan News
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित जेपी यूनिवर्सिटी में बुधवार देर रात एक स्टूडेंट ने सुसाइड अटेम्प्ट किया। बताया जा रहा है कि छात्र हॉस्टल की बालकनी से कूद गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में छात्र को इलाज के लिए IGMC शिमला लाया गया है। सुसाइड अटेम्प्ट करने वाला छात्र जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। उसका नाम आयान हुसैन बताया जा रहा है। आयान हुसैन के सुसाइड अटेम्प्ट की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार आयान बुधवार सुबह से ही परेशान था। खाने को नमकीन मांगा शाम के वक्त उसने पहले खाने को नमकीन मांगा और बाद में सहपाठी को अपने मोबाइल नंबर पर रिंग देने को कहा, क्योंकि उसका मोबाइल कहीं खो गया था। पुलिस को यह बात आयान के सहपाठियों ने बताई है। इसके बाद आयान ने हॉस्टल की बालकनी से कूदने का प्रयास किया। इस दौरान एक छात्र ने उसे देख लिया और पकड़ भी लिया, लेकिन कुछ देर बाद वह उसके हाथ से छूट गया। इससे आयान नीचे गिर गया। इसके बाद दूसरे छात्र भी इकट्ठे हुए और आयान को उस गली से बाहर निकाला, जहां वह फंसा हुआ था। छात्रों ने कैंपस में नारेबाजी की आयान के सुसाइड अटेम्प्ट के बाद कैंपस में दूसरे छात्रों ने देर रात तक हंगामा व नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार समय पर नहीं मिलने से छात्र भड़क गए। छात्र की स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने के बाद वजह मालूम पड़ेगी: SP एसपी सोलन तिरुमला राजू एसडी वर्मा ने बताया कि छात्र अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। छात्र के बयान के बाद सुसाइड अटेम्प्ट की वजह पता चल पाएगी। पुलिस यूनिवर्सिटी प्रबंधन और आयान हुसैन के सहयोगियों से भी बात कर रही है। परिजन आईजीएमसी पहुंचे पुलिस ने रात में ही आयान हुसैन के परिजनों को सूचित किया। इसके बाद परिजन भी आईजीएमसी पहुंच गए हैं। वहीं पुलिस आयान की स्टेटमेंट का इंतजार कर रही है। इसके बाद आगामी कार्रवाई शुरू होगी। बता दें कि कुछ दिन पहले ही सोलन जिला की शूलिनी यूनिवर्सिटी में भी एक छात्र आत्महत्या कर चुका है।
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