Raghav Chadha की पंजाब ने छीनी Z+ सिक्योरिटी, केंद्र ने तुरंत Z सुरक्षा दे दी! क्या है इस मेहरबानी के मायने?
महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष की मीटिंग: राहुल-खड़गे मौजूद, कल संसद में पेश होगा; लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव
केंद्र सरकार के महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष ने बुधवार को मीटिंग की। यह मीटिंग दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर आयोजित की गई। जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए। मीटिंग में शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट) और AAP नेता भी शामिल हुए। सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण अधिनियम लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में 2029 से लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है। पीएम मोदी 17 अप्रैल को बहस का जवाब दे सकते हैं। इन बदलावों को 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना है। हालांकि इस पर विरोध भी शुरू हो गया है। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा कि दक्षिणी राज्यों को सीटें बढ़ाना मंजूर नहीं। बिल पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं परिसीमन प्रक्रिया पर BRS पार्टी का रुख एकदम साफ और मजबूत है। हमारे कार्यकारी अध्यक्ष, KTR, 2022 से लगातार यह कहते आ रहे हैं कि इस पूरी प्रक्रिया में दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। फिलहाल, संसद में दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व 24% है। TVK अध्यक्ष विजय ने कहा, “परिसीमन केंद्र सरकार की तरफ से उठाया गया एक पक्षपातपूर्ण कदम है। हमारी पार्टी विधेयक का स्वागत करती है जो महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता है। इसके अलावा ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित हो जाता है तो दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व में आनुपातिक अंतर काफी बढ़ जाएगा। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल- सरकार यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से कर रही है। अगर सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहती है, तो मौजूदा 543 सीटों में ही यह लागू किया जा सकता है। सीटों के पुनर्वितरण से उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी- संसद में जो 3 बिल लाए जाने हैं, उनको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। वह महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने के प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह देश के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। मल्लिकार्जुन खड़गे- कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। सरकार इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ा रही है। केसी वेणुगोपाल- महिला आरक्षण की आड़ में गलत डिलिमिटेशन लाया जा रहा है। यह संघीय ढांचे के खिलाफ है। शशि थरूर- डिलिमिटेशन से पहले सभी राज्यों और पार्टियों से चर्चा होनी चाहिए। जल्दबाजी देश के संघीय ढांचे के लिए ठीक नहीं है। किरण रिजिजू- किसी भी पार्टी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं किया है। कुछ बयान सिर्फ राजनीतिक मकसद से दिए जा रहे हैं। महिला आरक्षण में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। 40 साल इंतजार के बाद इसे जल्द लागू करना जरूरी है। एकनाथ शिंदे- शिवसेना महिला आरक्षण बिल का पूरा समर्थन करती है। इसे 2029 से पहले लागू किया जाना चाहिए। सवाल- जवाब में जानिए, इस बदलाव को 1. सीटें कितने बढ़ेंगी: लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 हो जाएंगी। राज्यों में 815 व केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए 35 सीटें। इस बदलाव का असर राज्यसभा और देश की सभी विधानसभाओं पर भी होगा। यहां भी सीटें की संख्या बदल जाएंगी। 2. महिला आरक्षण कितने साल के लिए होगा : कुल सीटों में से 33% यानी 273 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। महिलाओं के लिए यह आरक्षण 15 साल के लिए होगा। यानी 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों तक। इसके बाद इसे बढ़ाने का फैसला संसद करेगी। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, ताकि महिलाओं का हर जगह प्रतिनिधित्व मिल सके। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल होगा। ये आरक्षित सीटें अलग-अलग क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी। 3. आरक्षण कैसे होगा: परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। 4. संसद में महिलाओं की अभी क्या स्थिति है: 4. परिसीमन में क्या होगा: अभी तक सीटों का आधार 1971 की जनगणना थी, जो 2026 तक के लिए मान्य थी। परिसीमन कब होगा और किस जनगणना (जैसे 2011 या 2027) के आधार पर होगा, यह संविधान की जगह संसद एक साधारण कानून बनाकर तय कर सकेगी। सरकार इसमें बदलाव कर रही है। इसके लिए जनसंख्या (आबादी) की परिभाषा को बदला जाएगा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है। संविधान में संशोधन कर सरकार परिसीमन आयोग बनाएगी। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज होंगे। आयोग सभी निर्वाचन क्षेत्र (लोकसभा सीटें) दोबारा तय करेगा। आयोग का निर्णय अंतिम होगा। इसके फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते। 5. क्या सरकार लोकसभा में बिल पास करा पाएगी: संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। यदि सभी सांसद उपस्थित होकर मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई) को इसके पक्ष में वोट देना होगा। वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं। यूपी में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ सकती है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 लोकसभा सीटें बढ़ सकती है। यहां 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी। महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए 24 सीटें आरक्षित हो जाएंगी। यहां लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में महिला सीटों की संख्या 20 हो सकती है। यहां कुल सीटें 40 से 60 तक पहुंच सकती है। एमपी में 15 महिला आरक्षित सीटें बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 यानी महिला सीटें होंगी। झारखंड में 7 महिला आरक्षित सीटें बढ़ने का अनुमान है। ———– ये खबर भी पढ़ें… 2029 चुनाव से पहले लागू होगा 33% महिला आरक्षण:लोकसभा सीटें बढ़कर 816 होंगी, महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंचेगी
केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र में दो बिल लाए जा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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Happiest Places To Work Awards: टाटा प्ले से पेप्सिको तक, ये दिग्गज जूरी चुनेगी भारत की सबसे खुशहाल कंपनियां
नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क: आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे, शिकायत करने पर फटकारती थी मैनेजर
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नासिक2 घंटे पहले
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नासिक धर्मांतरण, यौन शोषण केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था।
अब तक की जांच के अनुसार गिरफ्तार HR मैनेजर अश्विनी चेनानी ने तौसीफ अत्तार से 38 बार, दानिश शेख से 1 बार, रजा मेमन से 22 बार और आपत्तिजनक चैट की थी।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने 10 अप्रैल को कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया।
वित्तीय लेन-देन की जांच में सहयोग नहीं कर रही
पीड़ित लड़कियों ने जब आरोपियों के खिलाफ शिकायत की तो अश्विनी ने शिकायत को जानबूझकर नजरअंदाज किया। उलटा उसने पीड़ित को ही फटकार लगाई। सोमवार को तीन दिन की हिरासत समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। वह वित्तीय लेन-देन की जांच में पुलिस का बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है। इसलिए उसकी पांच दिन की हिरासत मांगी गई थी। हालांकि, अदालत ने उसे दो दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती थी। जब पीड़ित परेशान होते थे, तब HR मैनेजर उनसे संपर्क कर भरोसा जीतती थी और धीरे-धीरे उनके रहन-सहन में बदलाव के लिए दबाव बनाया जाता था।
2022 से 2026 के बीच महिला कर्मचारियों को टारगेट बनाया
FIR के अनुसार, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। आरोप है कि-
- नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया गया
- नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया गया
- धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव डाला गया
कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगे हैं।
ऑफिस में ही छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोप
शिकायतों में यह भी कहा गया है कि:
- ऑफिस के अंदर और बाहर छेड़छाड़ की गई
- आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे किए गए
- एक मामले में ऑफिस में ही महिला को जबरन पकड़ने की कोशिश की गई
कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया हुआ था, जहां वे ‘टारगेट’ पर चर्चा करते थे और धार्मिक व कंपनी से जुड़े मुद्दों पर बात करते थे। पुलिस इस डिजिटल सबूत की भी जांच कर रही है।
अब तक गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और अन्य शामिल हैं। ऑपरेशन मैनेजर अश्विन चेनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है और 12 से ज्यादा संभावित पीड़ितों की पहचान की गई है।
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शन और बाहरी लिंक की भी जांच कर रही है। मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
VHP ने कहा- राष्ट्रीय स्तर पर धर्मांतरण विरोधी कानून बने
VHP के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बुधवार को एक बयान में कहा- नाशिक की घटना एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो ऐसा लगता है कि कई क्षेत्रों में सक्रिय है। मैं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वेराष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए निर्णायक कार्रवाई करें। सभी राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी धर्मांतरण विरोधी कड़े कानूनों की ज़रूरत है।
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टाटा सन्स चेयरमैन बोले- नासिक की घटना परेशान करने वाली:सीनियर अफसर से जांच करा रहे, TCS कैंपस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं

टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक में लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीर और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीनियर अफसर से कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त एक्शन लेंगे। रविवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा था कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। जैसे ही उसे मामले की जानकारी मिली, उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
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चलती ट्रेन में फायरिंग, 2 कर्मचारियों से 7 लाख लूटे: रामपुर में रफ्तार धीमी पड़ते ही कूदकर भागे; पीड़ित दिल्ली जा रहे थे – Rampur News
यूपी के रामपुर में बुधवार सुबह 10 बजे चलती संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन में दो बदमाशों ने तमंचा और पिस्टल दिखकर दो कर्मचारियों से 7 लाख रुपए लूट लिए। पीड़ित उत्तराखंड के रहने वाले हैं। वे कारोबारी की दुकान के लिए ऑटोमोबाइल का सामान खरीदने दिल्ली जा रहे थे। आरोप है कि बदमाश पहले से ही ट्रेन में सवार थे। ट्रेन जैसे ही बिलासपुर के नजदीक धीमी हुई, बदमाशों ने दोनों कर्मचारियों को घेर लिया। उन्होंने दोनों कर्मचारियों को गन प्वाइंट पर लिया और उनसे लगभग 7 लाख रुपए लूट लिए। आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। इसके बाद बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। यह घटना बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र में हुई। 2 फोटो देखिए… व्यापार मंडल बोला- आरपीएफ जल्दी कार्रवाई करें
घटना की सूचना मिलते ही रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर व्यापारियों की भीड़ जमा हो गई। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पीड़ितों से मुलाकात की। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में व्यापारियों ने आरपीएफ से मिलकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में लगातार दबिश दी जा रही है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए थे
ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर की सिंह कॉलोनी स्थित जपनीत ऑटो के कर्मचारी रितिक मंडल और साहिब सिंह ऑटोमोबाइल का सामान खरीदने दिल्ली जा रहे थे। दोनों बुधवार सुबह रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उन्हें दिल्ली से ऑटोमोबाइल का सामान खरीदना था, जिसके लिए वे नकदी लेकर जा रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से दोनों कर्मचारियों ने 7 लाख की नकदी अपनी कमर में बेल्ट के जरिए बांध रखी थी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को पहले से ही इस बड़ी रकम की भनक लग गई थी और वे रेकी करते हुए उसी ट्रेन में सवार हो गए। जैसे ही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के बिलासपुर रोड स्टेशन के नजदीक पहुंची, ट्रेन की रफ्तार धीमी हो गई। इसी दौरान तीन बदमाशों ने रितिक और साहिब सिंह को घेर लिया। बदमाशों ने उनके सिर पर तमंचा और पिस्टल तान दी, जिससे कर्मचारी बुरी तरह दहशत में आ गए। चलती ट्रेन से छलांग लगाई
मौत का डर दिखाकर बदमाशों ने कर्मचारियों की कमर से नोटों से भरी बेल्ट छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद, बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग की और चलती ट्रेन से छलांग लगाकर भाग गए। घटना के बाद पूरी ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। लूट की खबर मिलते ही रुद्रपुर के व्यापारियों में भारी रोष फैल गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारी रेलवे स्टेशन पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। व्यापारियों ने आरपीएफ चौकी प्रभारी संतोष कुमार मीणा से मुलाकात कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। घटना की सूचना पर रुद्रपुर और रामपुर की जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ की, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। जीआरपी प्रभारी ईश्वर चंद ने बताया, मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। आरपीएफ अधिकारी शिखा मलिक ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आरपीएफ चौकी प्रभारी के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। बिलासपुर रोड रेलवे स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह किसी ‘इनसाइडर’ की टिप हो सकती है, क्योंकि बदमाशों को सटीक पता था कि पैसा कहां छिपाया गया है। —————— ये खबर भी पढ़ें… आशुतोष महाराज ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को अपशब्द कहे:लिखा- ब्राह्मणों का अपमान किया..बदला लूंगा, लखनऊ में तहरीर दी आशुतोष ब्रह्मचारी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लेकर फेसबुक पर अपशब्द लिखे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के खिलाफ लखनऊ पुलिस से शिकायत की है। शंकराचार्य पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज बुधवार को हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…
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Vijay Kumar Chaudhary Net Worth: कितनी संपत्ति के मालिक हैं बिहार के नए डिप्टी सीएम? पत्नी ज्यादा हैं अमीर
बोर्डिंग पास पर लिखे ‘RR’ का क्या होता है मतलब? एयरपोर्ट जाने से पहले जान लें
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Air Travel Tips: अगर आपने कभी अपने बोर्डिंग पास पर “RR” अक्षर छपे देखे हैं और सोचा है कि इनका क्या मतलब है, तो आप अकेले नहीं हैं. कई यात्री अपने टिकटों पर अजीब निशान देखकर भ्रमित या चिंतित हो जाते हैं, खासकर अगर वे एयरलाइन या हवाई अड्डे के कोड से परिचित न हों. बोर्डिंग पास में कई तरह के संक्षिप्त रूप हो सकते हैं, लेकिन “RR” एक ऐसा निशान है जो अक्सर सवाल खड़े करता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि बोर्डिंग पास पर ‘RR’ का क्या मतलब होता है?
बोर्डिंग पास पर “RR” का मतलब है Random Review (या Random Referral). इसका मतलब है कि किसी यात्री को अतिरिक्त जांच या सुरक्षा समीक्षा के लिए चुना गया है. ऐसा कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि रैंडम जांच, यात्रा के दिशानिर्देश, टिकट बुक करने के तरीके, या एयरलाइन के खास सुरक्षा नियम. इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कोई गंभीर समस्या है.

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि बोर्डिंग पास के कोड हर जगह एक जैसे नहीं होते. अलग-अलग एयरलाइन और हवाई अड्डे अपने अंदरूनी संक्षिप्त रूपों का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से कर सकते हैं। कुछ मामलों में, “RR” का मतलब सुरक्षा से बिल्कुल अलग कुछ और हो सकता है जैसे कि ऑपरेशन या रिज़र्वेशन से जुड़े ऐसे नोट जो सिर्फ़ एयरलाइन के कर्मचारियों को ही दिखाई देते हैं. इसका मतलब है कि इस कोड का सही मतलब एक एयरलाइन से दूसरी एयरलाइन में अलग-अलग हो सकता है.

अपने बोर्डिंग पास पर “RR” छपा देखना आम तौर पर चिंता की कोई बात नहीं है. अतिरिक्त जांच के लिए चुने गए कई यात्री एक छोटी सी अतिरिक्त जांच से गुज़रने के बाद बिना किसी दिक्कत के अपनी यात्रा जारी रखते हैं. हवाई अड्डे के कर्मचारियों को यात्रियों को सभी ज़रूरी प्रक्रियाओं में मदद करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, और यह प्रक्रिया आम तौर पर एक सामान्य प्रक्रिया होती है.
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अगर आपको अतिरिक्त जांच के लिए चुना जाता है, तो पक्का करें कि आपका पासपोर्ट, वीज़ा, पहचान पत्र और यात्रा के दस्तावेज़ आसानी से मिल सकें. सब कुछ व्यवस्थित रखने से हवाई अड्डे के कर्मचारियों द्वारा जांच किए जाने पर यह प्रक्रिया तेज़ी से पूरी हो जाती है.

अगर आपसे अतिरिक्त जांच करवाने के लिए कहा जाता है, तो शांत रहें और पूरा सहयोग करें। सुरक्षा जांचें मानक ज़रूरतें हैं जिन्हें सभी यात्रियों की सुरक्षा और हिफ़ाज़त पक्का करने के लिए बनाया गया है। सवालों के जवाब विनम्रता से दें और हवाई अड्डे के कर्मचारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। आपका सहयोग यह पक्का करने में मदद करेगा कि यह प्रक्रिया तेज़ी से और आसानी से पूरी हो जाए.

अगर आप अपने बोर्डिंग पास पर किसी कोड या निशान को लेकर भ्रमित हैं, तो आप चेक-इन काउंटर या बोर्डिंग गेट पर एयरलाइन के कर्मचारियों से विनम्रता से इसके बारे में पूछ सकते हैं.
husband Wife enmity news: जानी-दुश्मन क्यों बन रहे पति-पत्नी? दिल्ली में झकझोरने वाली घटना, पुलिस छान रही वजह
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दिल्ली नॉर्थ ईस्ट के वेलकम में दीपक नाम के एक शख्स ने अपनी पत्नी का गला दबाकर कत्ल कर दिया और खुद ही थाने पहुंचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच कर रही है.
दिल्ली में पति ने पत्नी को गला दबाकर मारा. (सांकेतिक AI फोटो)
Delhi News: पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें या तो पति ने बीवी का कत्ल कर दिया, या पत्नी ने पति को ठिकाने लगा दिया. आखिर ऐसी क्या वजिह है कि पति-पत्नी एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए हैं. हाल ही में दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट जिले में हुई एक और दिल दहलाने वाली वारदात ने झकझोर दिया है. बुधवार सुबह तड़के वेलकम इलाके में एक युवक ने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक (28 साल) जो जनता मजदूर कॉलोनी, वेलकम का रहने वाला है, अचानक खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और बताया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है. आरोपी के इस कुबूलनामे के तुरंत बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची.
जब पुलिस ने घर के अंदर देखा तो 23 साल की महिला फर्श पर पड़ी मिली. पुलिस ने बिना देर किए उसे जेपीसी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही फॉरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी सबूत भी जुटाए हैं. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस वारदात के पीछे क्या वजह थी.
जबकि आरोपी पति अभी पुलिस की हिरासत में है. आरोपी से भी पूछताछ की जा रही है कि उसने अपनी पत्नी को मौत के घाट क्यों उतारा.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें
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