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अर्निका के साथ ट्रेन की पहली ट्रिप: दीपाली की बच्चे संग सफर की टेंशन कैसे बदल गई मजेदार


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Kids Travel Tips: गर्मियों की छुट्टियां आते ही मन कहीं घूमने का करने लगता है और अगर प्लान ट्रेन का हो तो बात ही अलग होती है, लेकिन जब साथ में छोटा बच्चा हो, खासकर पहली बार, तो एक्साइटमेंट के साथ थोड़ी टेंशन भी आ जाती है. मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब मैं अपनी बेटी को लेकर पहली बार लंबा ट्रेन सफर करने निकली. मन में ढेर सारे सवाल थे-रोएगी तो क्या करूंगी, खाने का क्या होगा, सफाई कैसे रखूंगी? लेकिन सच कहूं तो थोड़ा सा प्लान और कुछ छोटे-छोटे उपायों ने इस सफर को इतना आसान बना दिया कि समय कब निकल गया, पता ही नहीं चला. अब जब भी हम दोनों साथ ट्रैवल करते हैं, वो सफर किसी यादगार कहानी जैसा लगता है. अगर आप भी बच्चे के साथ ट्रेन से जाने का सोच रहे हैं, तो ये अनुभव आपके काम जरूर आएगा.

जब डर से ज्यादा काम आई तैयारी पहली बार जब मैंने टिकट बुक की, तब से ही दिमाग में बस यही चल रहा था कि सब कुछ ठीक से हो जाए, लेकिन मैंने समझा कि बच्चों के साथ सफर में परफेक्शन नहीं, तैयारी काम आती है. जितनी अच्छी तैयारी, उतना आसान सफर.

train travel with kids

1. खाने-पीने का स्मार्ट प्लान घर का खाना सबसे सेफ ट्रेन में मिलने वाला खाना हमेशा बच्चों के लिए सूटेबल नहीं होता. इसलिए मैंने पहले से ही घर का हल्का और हेल्दी खाना पैक कर लिया. जैसे भुने मखाने, बिस्कुट, केला और थोड़ी सी पूड़ी-सब्जी. साथ ही एक छोटी सी बात जो बहुत काम आई-पानी की एक्स्ट्रा बोतल और ORS. गर्मी के मौसम में बच्चों को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है. कई बार बच्चा पानी नहीं मांगता, लेकिन शरीर को जरूरत होती है.

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2. सफाई को हल्के में न लें छोटी चीजें, बड़ा फर्क ट्रेन में सफाई सबसे बड़ा कंसर्न होता है, खासकर बच्चों के साथ. मैंने अपने बैग में कुछ जरूरी चीजें रखीं-हैंड सैनिटाइजर, वेट वाइप्स और टॉयलेट सीट सैनिटाइजर स्प्रे. हर थोड़ी देर में बेटी के हाथ साफ करना, सीट को थोड़ा सा वाइप कर देना-ये छोटी आदतें सफर को काफी हद तक सेफ बना देती हैं. इससे खुद को भी सुकून मिलता है.

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3. बच्चे को बिजी रखना ही सबसे बड़ा मंत्र बोरियत से बचाना जरूरी लंबा सफर बच्चों के लिए बोरिंग हो सकता है, और फिर शुरू होती है चिड़चिड़ाहट. मैंने पहले ही कुछ चीजें बैग में डाल ली थीं-कलरिंग बुक, छोटे खिलौने और एक-दो पजल गेम. दिलचस्प बात ये रही कि इन चीजों ने न सिर्फ बेटी को बिजी रखा, बल्कि आसपास बैठे लोग भी आराम से सफर कर पाए. कभी-कभी वो खुद भी दूसरे बच्चों से दोस्ती कर लेती थी, और टाइम मजे में निकल जाता था.

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4. कपड़ों का सही चुनाव मौसम और ट्रेन दोनों का ध्यान ट्रेन के अंदर का तापमान बाहर से अलग होता है. कभी ज्यादा ठंडा, कभी थोड़ा गर्म. इसलिए मैंने बेटी को लेयरिंग में कपड़े पहनाए. एक हल्का जैकेट, एक्स्ट्रा कपड़े और डायपर हमेशा बैग में रखे. एक बार जूस गिर गया था, तब एक्स्ट्रा कपड़े बहुत काम आए. ऐसी छोटी तैयारी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.

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5. दवाइयां-सबसे जरूरी बैकअप सेफ्टी फर्स्ट बच्चों के साथ सफर में दवाइयां सबसे जरूरी चीज होती हैं. मैंने एक छोटा मेडिकल किट तैयार किया था जिसमें बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की दवाइयां थीं. सफर के दौरान एक बार हल्की तबीयत खराब हुई भी, लेकिन दवाइयां साथ होने की वजह से तुरंत संभाल लिया. उस समय समझ आया कि ये तैयारी कितनी जरूरी थी.

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सफर का असली मजा कब आता है? जब आप हर छोटी चीज को लेकर घबराना छोड़ देते हैं और पल को एंजॉय करने लगते हैं. मेरी बेटी खिड़की से बाहर देखती थी, नए लोगों से मिलती थी, और हर स्टेशन पर कुछ नया नोटिस करती थी. वही छोटे-छोटे पल इस सफर को खास बना गए.

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बच्चों के साथ ट्रेन का सफर मुश्किल जरूर लग सकता है, लेकिन सही तैयारी और थोड़ा धैर्य इसे बेहद खूबसूरत अनुभव बना सकता है. पहली बार थोड़ा डर लगता है, लेकिन एक बार आप समझ गए कि कैसे संभालना है, फिर हर ट्रिप आसान लगने लगता है.



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CBSE बोर्ड 10वीं सेशन-1 का रिजल्ट जारी: UMANG एप पर चेक कर सकते हैं मार्कशीट; 15 मई से होंगे सेशन 2


1 घंटे पहले

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने 10वीं सेशन – 1 का रिजल्ट जारी कर दिया है। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट results.cbse.nic.in और उमंग एप पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। लगभग 25 लाख स्टूडेंट्स इस साल CBSE बोर्ड 10वीं की सेशन 1 परीक्षा में शामिल हुए हैं जिनका रिजल्‍ट जारी किया गया है।

सीबीएसई 10वीं सेशन – 1 की परीक्षाओं में पास होने के लिए, थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में न्यूनतम 33% अंक लाना जरूरी है। इस साल 10वीं बोर्ड सेशन – 1 एग्जाम देश के 8 हजार से ज्यादा एग्जाम सेंटर पर आयोजित की गई थी। स्टूडेंट्स अपने रोल नंबर की मदद से ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।

रिजल्ट चेक करने का डायरेक्ट लिंक

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मेरिट लिस्‍ट नहीं होगी जारी

CBSE बोर्ड मेरिट लिस्‍ट जारी नहीं करता है। इसके अलावा रिजल्‍ट में कोई टॉपर भी घोषित नहीं किया जाता है। बोर्ड सभी स्‍कूलों और शैक्षणिक संस्‍थानों को ये निर्देश भी देता है कि किसी भी बच्‍चे को स्‍कूल या जिले का टॉपर घोषित न करें।

यहां देखें CBSE का रिजल्‍ट

  • results.cbse.nic.in
  • cbse.gov.in
  • results.nic.in
  • results.digilocker.gov.in
  • umang.gov.in

नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत हुई एग्जाम :

इस साल सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की एग्जाम नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत आयोजित की है। पहला बोर्ड एग्जाम (अनिवार्य) : 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 को हुआ था। वहीं दूसरा बोर्ड एग्जाम (ऑप्शनल) है जो 15 मई से 1 जून 2026 तक होगा।

15 मई से होंगे CBSE 10th सेशन 2 एग्जाम:

10वीं बोर्ड सेशन – 2 एग्जाम उन स्टूडेंट्स के लिए है जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। इसमें अधिकतम 3 अंकों में सुधार का मौका मिलेगा। इसके अलावा 2 विषयों में फेल छात्रों को कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखा गया है, जो दूसरी एग्जाम दे सकते हैं। तीन या इससे ज्यादा सब्जेक्ट में फेल छात्रों को 2027 की मेन एग्जाम देनी होगी।

25 लाख से ज्यादा स्टूडेंट शामिल :

सीबीएसई 10वीं सेशन – 1 की परीक्षा इस साल 25 लाख से ज्यादा स्टूडेंट ने दी थी। इस साल 10वीं और 12वीं के रिजल्ट अलग-अलग जारी होंगे। इसे लेकर बोर्ड ने कोई क्लेरिफिकेशन जारी नहीं किया है।

उमंग एप पर ऐसे चेक करें 10वीं सेशन – 1 का रिजल्ट :

  • UMANG App डाउनलोड करें।
  • एक अकाउंट बनाएं और अपने रजिस्टर्ड नंबर से लॉग इन करें।
  • CBSE कक्षा 10वीं के रिजल्ट 2026 देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर डालें और सबमिट करें।
  • स्क्रीन पर सीबीएसई बोर्ड 2026 सेशन – 1 का रिजल्ट दिखाई देगा।

CBSE के 2 बार एग्जाम के फैसले को 8 सवाल-जवाब में जानें…

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सवाल: दो बार एग्‍जाम होने का नियम कब से लागू होगा।

जवाब: ये नियम 2025-26 सेशन से लागू होगा। इसका मतलब है कि साल 2026 में बोर्ड एग्‍जाम 2 बार आयोजित होंगे।

सवाल: क्‍या दोनों बार एग्‍जाम देना जरूरी होगा।

जवाब: नहीं। स्टूडेंट्स के पास 3 ऑप्शन होंगे- 1. साल में एक बार परीक्षा दें। 2. दोनों परीक्षाओं में शामिल हों। 3. किसी सब्जेक्ट में अच्छा परफॉर्म न कर पाने पर, दूसरी परीक्षा में उस विषय का दोबारा एग्‍जाम दें।

सवाल: अगर एग्‍जाम 2 बार दिए हैं, तो रिजल्‍ट कैसे तय होगा।

जवाब: जो स्‍टूडेंट्स दोनों बार बोर्ड एग्‍जाम में शामिल होंगे, उनका वो रिजल्‍ट फाइनल माना जाएगा, जो बेहतर होगा। यानी अगर दूसरी बार एग्‍जाम देने पर नंबर घट जाएंगे, तो पहली परीक्षा के नंबर ही फाइनल माने जाएंगे।

सवाल: क्‍या दोनों परीक्षाओं में आधा-आधा सिलेबस पूछा जाएगा।

जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी। एग्‍जाम का फॉर्मेट भी दोनों परीक्षाओं में एक जैसा ही होगा।

सवाल: क्‍या दो एग्‍जाम्स के बाद सप्‍लीमेंट्री एग्‍जाम भी देने का मौका मिलेगा।

जवाब: नहीं। 10वीं के लिए सप्‍लीमेंट्री एग्‍जाम अब खत्‍म कर दिया जाएगा।

सवाल: क्‍या दोनों बार बोर्ड परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एग्‍जाम सेंटर मिलेगा।

जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए एग्‍जाम सेंटर एक ही रहेगा।

सवाल: क्‍या दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्‍ट्रेशन अलग-अलग करना होगा? फीस भी 2 बार लगेगी।

जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्‍ट्रेशन एक ही बार करना होगा। हालांकि, दो बार परीक्षा देने का ऑप्‍शन चुनने पर फीस एक साथ ली जाएगी।

सवाल: क्‍या प्रैक्टिकल एग्‍जाम भी 2 बार होंगे।

जवाब: नहीं। प्रैक्टिकल और इंटरनल एग्‍जाम एक ही बार होंगे। ये पहले की तरह दिसंबर-जनवरी में आयोजित किए जाएंगे।

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गुरुग्राम लैंड स्कैम में रॉबर्ट वाड्रा-भूपेंद्र हुड्‌डा की बढ़ीं मुश्किलें: राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 आरोपियों जारी किया समन: 3 बार ED कर चुकी पूछताछ – gurugram News


राबर्ट वाड्रा कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी के पति हैं। गुरुग्राम लैंड स्कैम में हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आरोपी है।

हरियाणा के गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हु़ड्‌डा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने

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विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने आदेश दिया है कि वाड्रा सहित सभी आरोपी 16 मई को अदालत में पेश हों। ईडी ने 17 जुलाई 2025 को रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान वाड्रा के वकील ने कोर्ट से कहा कि वाड्रा खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है। वाड्रा से ईडी इस मामले में 3 बार पूछताछ कर चुकी है।

बता दें कि फरवरी 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। जमीन की यह डील उस समय हुई, जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे।

दस साल बाद 2018 में हरियाणा पुलिस ने रॉबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र हुड्डा, DLF और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इस केस में वाड्रा के साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा भी आरोपी हैं। उन पर आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वाड्रा की कंपनी को मुनाफा पहुंचाया।

लैंड स्कैम का यह मामला ग्राम पंचायत शिकोहपुर की इसी जमीन से जुड़ा है।

वाड्रा केस से जुड़ा पूरा मामला विस्तार से पढ़ें..

2008 में हुआ जमीन का सौदा फरवरी 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। उसी साल, तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुआई वाली हरियाणा सरकार ने इस जमीन पर 2.7 एकड़ के लिए व्यवसायिक कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस दिया। इसके बाद कॉलोनी बनाने की जगह स्काईलाइट कंपनी ने इस जमीन को DLF को 58 करोड़ रुपए में बेच दिया, जिससे लगभग 50 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ।

IAS अधिकारी ने म्यूटेशन रद्द किया 2012 में, तत्कालीन हरियाणा सरकार के भूमि रजिस्ट्रेशन निदेशक अशोक खेमका ने इस सौदे में अनियमितताओं का हवाला देते हुए जमीन के म्यूटेशन (स्वामित्व हस्तांतरण) को रद्द कर दिया। खेमका ने दावा किया था कि स्काईलाइट को लाइसेंस देने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ और सौदा संदिग्ध था। इसके बाद, उनका तबादला कर दिया गया, जिससे यह मामला और विवादास्पद हो गया।

2018 में दर्ज की गई FIR साल 2018 में हरियाणा पुलिस ने रॉबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र हुड्डा, DLF और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ एक शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की थी। इसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप में IPC की धारा 420, 120, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में IPC की धारा 423 के तहत नए आरोप जोड़े गए थे।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर ये आरोप जमीन की यह डील जब हुई, उस समय हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे। जमीन खरीदने के करीब एक महीने बाद हुड्डा सरकार ने वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को इस जमीन पर आवासीय परियोजना विकसित करने की परमिशन दे दी। आवासीय परियोजना का लाइसेंस मिलने के बाद जमीन के दाम बढ़ जाते हैं।

लाइसेंस मिलने के मुश्किल से 2 महीने बाद ही, जून 2008 में, डीएलएफ वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से यह जमीन 58 करोड़ में खरीदने को तैयार हो जाती है। यानी मुश्किल से 4 महीने में 700 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा वाड्रा की कंपनी को होता है। 2012 में हुड्डा सरकार कॉलोनी बनाने वाले लाइसेंस को DLF को ट्रांसफर कर देती है।

ED ने FIR के आधार पर जांच शुरू की इसके बाद ईडी ने संदेह जताया कि इस सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग हुई, क्योंकि जमीन की कीमत कुछ ही महीनों में असामान्य रूप से बढ़ गई। इसके अलावा यह भी संदेह जताया कि ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज एक फर्जी कंपनी थी। उसे सौदे में भुगतान के लिए इस्तेमाल किया गया।

जमीन की खरीद से जुड़ा चेक कभी जमा नहीं किया गया। ईडी ने 2018 में हरियाणा पुलिस की FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। यह जांच स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की वित्तीय गतिविधियों और सौदे से प्राप्त आय पर केंद्रित है।

ED को संदेह, DLF को हुआ 5 हजार करोड़ का फायदा ईडी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की वित्तीय लेनदेन, जमीन की खरीद-बिक्री, और DLF के साथ सौदे की जांच कर रही है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस सौदे से प्राप्त आय का उपयोग अवैध गतिविधियों में किया गया। आरोप है कि DLF को इस सौदे में फायदा पहुंचाने के लिए हुड्डा सरकार ने नियमों का उल्लंघन किया। इसमें वजीराबाद में DLF को 350 एकड़ जमीन आवंटन का भी जिक्र है, जिससे डीएलएफ को कथित तौर पर 5,000 करोड़ रुपए का फायदा हुआ।

अप्रैल 2025 में ED दफ्तर जाने से पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पति रॉबर्ट वाड्रा को गले लगाया था।

अप्रैल 2025 में ED दफ्तर जाने से पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पति रॉबर्ट वाड्रा को गले लगाया था।

राबर्ट वाड्रा से ईडी तीन बार कर चुकी पूछताछ

ईडी ने अप्रैल 2025 में इस मामले में वाड्रा को समन जारी किया था। 8 अप्रैल 2025 को पहला समन जारी किया, लेकिन वाड्रा उस दिन नहीं पहुंचे। इसके बाद 15 अप्रैल 2025 को वाड्रा ईडी दफ्तर पहुंचे। लगभग 6 घंटे तक पूछताछ हुई। PMLA के तहत उनके बयान दर्ज किए गए।

ईडी ने उन्हें अगले दिन16 अप्रैल को उन्हें फिर बुलाया और 5 घंटे पूछताछ की। इसके बाद 17 अप्रैल 2025 को लगभग 6 घंटे पूछताछ की गई थी।

वाड्रा ने इसे राजनीतिक मंशा से हुई कार्रवाई बताया था

पूछताछ के लिए ईडी ऑफिस जाते हुए वाड्रा ने कहा था कि ये कार्रवाई राजनैतिक मंशा से हो रही है। जब भी मैं लोगों की आवाज बुलंद करूंगा या राजनीति में आने की कोशिश करूंगा, ये लोग मुझे दबाएंगे और एजेंसियों का दुरुपयोग करेंगे। मैं हमेशा सभी सवालों के जवाब देता हूं और देता रहूंगा।

आगे कहा था कि केस में कुछ है ही नहीं। 20 बार गया हूं, 15-15 घंटे बैठा हूं। मैंने 23 हजार डॉक्यूमेंट दिए हैं, फिर कहते हैं दोबारा डॉक्यूमेंट दो, ऐसे थोड़ी चलता है।

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गुरुग्राम लैंड स्कैम, रॉबर्ट वाड्रा से 5 घंटे पूछताछ:ED ने कल फिर बुलाया; वेटिंग रूम में बैठी रहीं सांसद प्रियंका गांधी

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गुरुग्राम लैंड स्कैम केस में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से लगातार दूसरे दिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5 घंटे पूछताछ की। ED ने उन्हें कल फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है। पूछताछ के बाद वाड्रा ने कहा कि “वे मुझसे बहुत प्यार करते हैं”। (पूरी खबर पढें)



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Pakistan ships: शांति दूत बनने चले पाकिस्तान को अमेरिका ने दिखाया ठेंगा, होर्मुज में 2 जहाजों को खदेड़ा


Pakistan ships: शांति दूत बनने चले पाकिस्तान को अमेरिका ने दिखाया ठेंगा, होर्मुज में 2 जहाजों को खदेड़ा | us blocks pakistan ships hormuz strait iran peace deal mediation setback – Hindi Oneindia



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Raghav Chadha की पंजाब ने छीनी Z+ सिक्योरिटी, केंद्र ने तुरंत Z सुरक्षा दे दी! क्या है इस मेहरबानी के मायने?


Raghav Chadha की पंजाब ने छीनी Z+ सिक्योरिटी, केंद्र ने तुरंत Z सुरक्षा दे दी! क्या है इस मेहरबानी के मायने? | Raghav Chadha Security Update: Why Z Plus Withdrawn by Punjab, Centre Grants Z Category Protection After IB Threat Report News Hindi – Hindi Oneindia



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महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष की मीटिंग: राहुल-खड़गे मौजूद, कल संसद में पेश होगा; लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव




केंद्र सरकार के महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष ने बुधवार को मीटिंग की। यह मीटिंग दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर आयोजित की गई। जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए। मीटिंग में शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट) और AAP नेता भी शामिल हुए। सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण अधिनियम लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में 2029 से लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है। पीएम मोदी 17 अप्रैल को बहस का जवाब दे सकते हैं। इन बदलावों को 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना है। हालांकि इस पर विरोध भी शुरू हो गया है। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्‌ठी लिखकर कहा कि दक्षिणी राज्यों को सीटें बढ़ाना मंजूर नहीं। बिल पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं परिसीमन प्रक्रिया पर BRS पार्टी का रुख एकदम साफ और मजबूत है। हमारे कार्यकारी अध्यक्ष, KTR, 2022 से लगातार यह कहते आ रहे हैं कि इस पूरी प्रक्रिया में दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। फिलहाल, संसद में दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व 24% है। TVK अध्यक्ष विजय ने कहा, “परिसीमन केंद्र सरकार की तरफ से उठाया गया एक पक्षपातपूर्ण कदम है। हमारी पार्टी विधेयक का स्वागत करती है जो महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता है। इसके अलावा ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित हो जाता है तो दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व में आनुपातिक अंतर काफी बढ़ जाएगा। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल- सरकार यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से कर रही है। अगर सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहती है, तो मौजूदा 543 सीटों में ही यह लागू किया जा सकता है। सीटों के पुनर्वितरण से उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्‌ठी लिखी- संसद में जो 3 बिल लाए जाने हैं, उनको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। वह महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने के प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह देश के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। मल्लिकार्जुन खड़गे- कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। सरकार इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ा रही है। केसी वेणुगोपाल- महिला आरक्षण की आड़ में गलत डिलिमिटेशन लाया जा रहा है। यह संघीय ढांचे के खिलाफ है। शशि थरूर- डिलिमिटेशन से पहले सभी राज्यों और पार्टियों से चर्चा होनी चाहिए। जल्दबाजी देश के संघीय ढांचे के लिए ठीक नहीं है। किरण रिजिजू- किसी भी पार्टी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं किया है। कुछ बयान सिर्फ राजनीतिक मकसद से दिए जा रहे हैं। महिला आरक्षण में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। 40 साल इंतजार के बाद इसे जल्द लागू करना जरूरी है। एकनाथ शिंदे- शिवसेना महिला आरक्षण बिल का पूरा समर्थन करती है। इसे 2029 से पहले लागू किया जाना चाहिए। सवाल- जवाब में जानिए, इस बदलाव को 1. सीटें कितने बढ़ेंगी: लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 हो जाएंगी। राज्यों में 815 व केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए 35 सीटें। इस बदलाव का असर राज्यसभा और देश की सभी विधानसभाओं पर भी होगा। यहां भी सीटें की संख्या बदल जाएंगी। 2. महिला आरक्षण कितने साल के लिए होगा : कुल सीटों में से 33% यानी 273 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। महिलाओं के लिए यह आरक्षण 15 साल के लिए होगा। यानी 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों तक। इसके बाद इसे बढ़ाने का फैसला संसद करेगी। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, ताकि महिलाओं का हर जगह प्रतिनिधित्व मिल सके। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल होगा। ये आरक्षित सीटें अलग-अलग क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी। 3. आरक्षण कैसे होगा: परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। 4. संसद में महिलाओं की अभी क्या स्थिति है: 4. परिसीमन में क्या होगा: अभी तक सीटों का आधार 1971 की जनगणना थी, जो 2026 तक के लिए मान्य थी। परिसीमन कब होगा और किस जनगणना (जैसे 2011 या 2027) के आधार पर होगा, यह संविधान की जगह संसद एक साधारण कानून बनाकर तय कर सकेगी। सरकार इसमें बदलाव कर रही है। इसके लिए जनसंख्या (आबादी) की परिभाषा को बदला जाएगा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है। संविधान में संशोधन कर सरकार परिसीमन आयोग बनाएगी। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज होंगे। आयोग सभी निर्वाचन क्षेत्र (लोकसभा सीटें) दोबारा तय करेगा। आयोग का निर्णय अंतिम होगा। इसके फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते। 5. क्या सरकार लोकसभा में बिल पास करा पाएगी: संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। यदि सभी सांसद उपस्थित होकर मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई‌) को इसके पक्ष में वोट देना होगा। वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं। यूपी में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ सकती है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 लोकसभा सीटें बढ़ सकती है। यहां 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी। महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए 24 सीटें आरक्षित हो जाएंगी। यहां लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में महिला सीटों की संख्या 20 हो सकती है। यहां कुल सीटें 40 से 60 तक पहुंच सकती है। एमपी में 15 महिला आरक्षित सीटें बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 यानी महिला सीटें होंगी। झारखंड में 7 महिला आरक्षित सीटें बढ़ने का अनुमान है। ———– ये खबर भी पढ़ें… 2029 चुनाव से पहले लागू होगा 33% महिला आरक्षण:लोकसभा सीटें बढ़कर 816 होंगी, महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंचेगी
केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र में दो बिल लाए जा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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Happiest Places To Work Awards: टाटा प्ले से पेप्सिको तक, ये दिग्गज जूरी चुनेगी भारत की सबसे खुशहाल कंपनियां


Happiest Places To Work Awards: टाटा प्ले से पेप्सिको तक, ये दिग्गज जूरी चुनेगी भारत की सबसे खुशहाल कंपनियां | Happiest Places to Work Awards India: Recognizing Top Companies for Workplace Happiness & Employee Experience – Hindi Oneindia



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नासिक TCS में यौन शोषण-धर्मांतरण केस के पीछे संगठित नेटवर्क: आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को टारगेट करते थे, शिकायत करने पर फटकारती थी मैनेजर


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नासिक2 घंटे पहले

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नासिक धर्मांतरण, यौन शोषण केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था।

अब तक की जांच के अनुसार गिरफ्तार HR मैनेजर अश्विनी चेनानी ने तौसीफ अत्तार से 38 बार, दानिश शेख से 1 बार, रजा मेमन से 22 बार और आपत्तिजनक चैट की थी।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने 10 अप्रैल को कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने 10 अप्रैल को कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया।

वित्तीय लेन-देन की जांच में सहयोग नहीं कर रही

पीड़ित लड़कियों ने जब आरोपियों के खिलाफ शिकायत की तो अश्विनी ने शिकायत को जानबूझकर नजरअंदाज किया। उलटा उसने पीड़ित को ही फटकार लगाई। सोमवार को तीन दिन की हिरासत समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। वह वित्तीय लेन-देन की जांच में पुलिस का बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है। इसलिए उसकी पांच दिन की हिरासत मांगी गई थी। हालांकि, अदालत ने उसे दो दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया।

जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती थी। जब पीड़ित परेशान होते थे, तब HR मैनेजर उनसे संपर्क कर भरोसा जीतती थी और धीरे-धीरे उनके रहन-सहन में बदलाव के लिए दबाव बनाया जाता था।

2022 से 2026 के बीच महिला कर्मचारियों को टारगेट बनाया

FIR के अनुसार, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। आरोप है कि-

  • नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया गया
  • नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया गया
  • धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव डाला गया

कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगे हैं।

ऑफिस में ही छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोप

शिकायतों में यह भी कहा गया है कि:

  • ऑफिस के अंदर और बाहर छेड़छाड़ की गई
  • आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे किए गए
  • एक मामले में ऑफिस में ही महिला को जबरन पकड़ने की कोशिश की गई

कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।

वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया हुआ था, जहां वे ‘टारगेट’ पर चर्चा करते थे और धार्मिक व कंपनी से जुड़े मुद्दों पर बात करते थे। पुलिस इस डिजिटल सबूत की भी जांच कर रही है।

अब तक गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और अन्य शामिल हैं। ऑपरेशन मैनेजर अश्विन चेनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है और 12 से ज्यादा संभावित पीड़ितों की पहचान की गई है।

फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शन और बाहरी लिंक की भी जांच कर रही है। मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

VHP ने कहा- राष्ट्रीय स्तर पर धर्मांतरण विरोधी कानून बने

VHP के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बुधवार को एक बयान में कहा- नाशिक की घटना एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो ऐसा लगता है कि कई क्षेत्रों में सक्रिय है। मैं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वेराष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए निर्णायक कार्रवाई करें। सभी राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी धर्मांतरण विरोधी कड़े कानूनों की ज़रूरत है।

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टाटा सन्स चेयरमैन बोले- नासिक की घटना परेशान करने वाली:सीनियर अफसर से जांच करा रहे, TCS कैंपस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं

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टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक में लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीर और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीनियर अफसर से कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त एक्शन लेंगे। रविवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा था कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। जैसे ही उसे मामले की जानकारी मिली, उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

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Iran War Update: इस्लामाबाद में फिर होगी अमेरिका-ईरान की बातचीत! नई तारीख आई सामने, नई शर्तें भी जारी


Iran War Update: इस्लामाबाद में फिर होगी अमेरिका-ईरान की बातचीत! नई तारीख आई सामने, नई शर्तें भी जारी | iran-us-talks-pakistan-second-round-conditions-donald-trump-jd-vance-hormuz-update-news-hindi – Hindi Oneindia



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चलती ट्रेन में फायरिंग, 2 कर्मचारियों से 7 लाख लूटे: रामपुर में रफ्तार धीमी पड़ते ही कूदकर भागे; पीड़ित दिल्ली जा रहे थे – Rampur News




यूपी के रामपुर में बुधवार सुबह 10 बजे चलती संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन में दो बदमाशों ने तमंचा और पिस्टल दिखकर दो कर्मचारियों से 7 लाख रुपए लूट लिए। पीड़ित उत्तराखंड के रहने वाले हैं। वे कारोबारी की दुकान के लिए ऑटोमोबाइल का सामान खरीदने दिल्ली जा रहे थे। आरोप है कि बदमाश पहले से ही ट्रेन में सवार थे। ट्रेन जैसे ही बिलासपुर के नजदीक धीमी हुई, बदमाशों ने दोनों कर्मचारियों को घेर लिया। उन्होंने दोनों कर्मचारियों को गन प्वाइंट पर लिया और उनसे लगभग 7 लाख रुपए लूट लिए। आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। इसके बाद बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। यह घटना बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र में हुई। 2 फोटो देखिए… व्यापार मंडल बोला- आरपीएफ जल्दी कार्रवाई करें
घटना की सूचना मिलते ही रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर व्यापारियों की भीड़ जमा हो गई। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पीड़ितों से मुलाकात की। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में व्यापारियों ने आरपीएफ से मिलकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में लगातार दबिश दी जा रही है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए थे
ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर की सिंह कॉलोनी स्थित जपनीत ऑटो के कर्मचारी रितिक मंडल और साहिब सिंह ऑटोमोबाइल का सामान खरीदने दिल्ली जा रहे थे। दोनों बुधवार सुबह रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उन्हें दिल्ली से ऑटोमोबाइल का सामान खरीदना था, जिसके लिए वे नकदी लेकर जा रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से दोनों कर्मचारियों ने 7 लाख की नकदी अपनी कमर में बेल्ट के जरिए बांध रखी थी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को पहले से ही इस बड़ी रकम की भनक लग गई थी और वे रेकी करते हुए उसी ट्रेन में सवार हो गए। जैसे ही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के बिलासपुर रोड स्टेशन के नजदीक पहुंची, ट्रेन की रफ्तार धीमी हो गई। इसी दौरान तीन बदमाशों ने रितिक और साहिब सिंह को घेर लिया। बदमाशों ने उनके सिर पर तमंचा और पिस्टल तान दी, जिससे कर्मचारी बुरी तरह दहशत में आ गए। चलती ट्रेन से छलांग लगाई
मौत का डर दिखाकर बदमाशों ने कर्मचारियों की कमर से नोटों से भरी बेल्ट छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद, बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग की और चलती ट्रेन से छलांग लगाकर भाग गए। घटना के बाद पूरी ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। लूट की खबर मिलते ही रुद्रपुर के व्यापारियों में भारी रोष फैल गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारी रेलवे स्टेशन पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। व्यापारियों ने आरपीएफ चौकी प्रभारी संतोष कुमार मीणा से मुलाकात कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। घटना की सूचना पर रुद्रपुर और रामपुर की जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ की, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। जीआरपी प्रभारी ईश्वर चंद ने बताया, मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। आरपीएफ अधिकारी शिखा मलिक ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आरपीएफ चौकी प्रभारी के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। बिलासपुर रोड रेलवे स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह किसी ‘इनसाइडर’ की टिप हो सकती है, क्योंकि बदमाशों को सटीक पता था कि पैसा कहां छिपाया गया है। —————— ये खबर भी पढ़ें… आशुतोष महाराज ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को अपशब्द कहे:लिखा- ब्राह्मणों का अपमान किया..बदला लूंगा, लखनऊ में तहरीर दी आशुतोष ब्रह्मचारी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लेकर फेसबुक पर अपशब्द लिखे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के खिलाफ लखनऊ पुलिस से शिकायत की है। शंकराचार्य पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज बुधवार को हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…



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