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बंगाल में 630 करोड़पति कैंडिडेट, 23% पर क्रिमिनल केस: 53% उम्मीदवार ग्रेजुएट भी नहीं, सिर्फ 13% महिलाओं को टिकट; 192 पर महिलाओं के खिलाफ केस
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कोलकाता27 मिनट पहले
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 23% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा करीब 208 उम्मीदवार BJP से हैं। वहीं, 192 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध का केस है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने चुनाव लड़ रहे कुल 2920 उम्मीदवारों के एफिडेविट का एनालिसिस किया है। इनमें 630 उम्मीदवार करोड़पति हैं, यानी हर 5 में से 1 उम्मीदवार करोड़पति है।
रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीदवारों की औसत संपत्ति करीब ₹1.28 करोड़ है। सबसे ज्यादा करीब 72% उम्मीदवार TMC के करोड़पति हैं, जबकि BJP में यह आंकड़ा करीब 49% है।
एजुकेशन की बात करे तो 48% उम्मीद वार 5वीं से 12वीं तक पढ़े हैं, जबकि 47% उम्मीदवार ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं।
राज्य में दो फेज में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। रिजल्ट 4 मई को आएगा।

चारों बड़ी पार्टियों के 481 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले
BJP, TMC, कांग्रेस और CPI(M) के कुल 1074 उम्मीदवारों में से 481 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस दर्ज हैं। इनमें करीब 35 उम्मीदवारों पर हत्या से जुड़े आरोप हैं, जबकि 192 उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं। 8 कैंडिडेट्स पर रेप का आरोप है।
वहीं, इन दलों के करीब 412 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। चुनाव लड़ रही प्रमुख पार्टियों ने करीब 26% से लेकर 72% तक टिकट ऐसे उम्मीदवारों को दिए हैं, जिन पर आपराधिक मामले चल रहे हैं।

बंगाल TMC के जाकिर होसैन सबसे अमीर, 4 के पास संपत्ति ही नहीं
मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर सीट से टीएमसी के जाकिर होसैन 2026 बंगाल विधानसभ चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। उनकी कुल संपत्ति 133 करोड़ रुपए से ज्यादा है। वहीं, बांकुरा जिले के बरजोरा सीट से टीएमसी उम्मीदवार गौतम मिश्रा 105 करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर है।
पश्चिम मेदिनीपुर की मेदिनीपुर सीट से AJUP की रुबिया बेगम की संपत्ति सिर्फ 500 रुपए है। 4 ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति जीरो बताई है।
हर उम्मीदवार की औसत संपत्ति करीब 1.27 करोड़ रुपए है। TMC के एक उम्मीदवार की एवरेज संपत्ति 5.4 करोड़, BJP की 2.9 करोड़, कांग्रेस की 1.55 करोड़ और CPI(M) की 1.07 करोड़ रुपए है।


सिर्फ 13% महिलाओं को टिकट
2011 जनगणना के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में महिलाओं की संख्या पुरुषों के लगभग बराबर है। इसके बावजूद पार्टियों ने सिर्फ करीब 13% (385) टिकट महिलाओं को दिए हैं।
शिक्षा के मामले में, चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में करीब 47% उम्मीदवार ग्रेजुएट नहीं हैं, जबकि 47% उम्मीदवार ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं। वहीं, करीब 47% उम्मीदवारों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच है।
चुनाव लड़ रहे करीब 29% (854) उम्मीदवार 25 से 40 साल के हैं। करीब 53% (1567) उम्मीदवार 41 से 60 साल के हैं। इसके अलावा, करीब 17% (495) उम्मीदवार 61 से 80 साल के हैं। वहीं, 4 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 साल से भी ज्यादा है। ————
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बंगाल के कूचबिहार में कहा कि नरेंद्र मोदी ‘झूठों के सरदार’ हैं। वह चुनाव जीतने के लिए झूठ बोलते हैं। खड़गे ने कहा- अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती तो वह ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाए और सबसे पूछे कि इसे कैसे लागू करें? लेकिन मोदी सरकार ने पार्लियामेंट का सेशन बुलाया ताकि दिखा सके कि उसे महिला आरक्षण की परवाह है। पूरी खबर पढ़ें…
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जूते पहनने से शुरू हुआ विवाद, फिर बड़े भाई ने छोटे के पेट में घोंप दी कैंची, अस्पताल ले जाने से पहले तोड़ा दम
Last Updated:
Maharajganj News: यूपी के महराजगंज में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. महराजगंज में एक भाई ने अपने सगे भाई की जान ले ली. दरअसल दोनों भाईयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि बड़े भाई ने छोटे भाई को कैंची से घोंपकर मार डाला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी भाई को हिरासत में ले लिया है.
भाई पर कैंची से हमला करता दूसरा शख्स (सांकेतिक तस्वीर)
महराजगंज: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाली सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां एक सगे भाई ने अपने छोटे भाई की कैंची से गोदकर हत्या कर दी. मृतक छोटे भाई का जूता बड़े भाई ने पहन लिया था. इसी को लेकर दोनों भाइयों में विवाद हुआ. विवाद इतना बढ़ा कि बड़े भाई ने छोटे भाई को कैंची से घोंपकर मार डाला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी भाई को हिरासत में ले लिया है.
एक भाई दूसरे के खून का प्यासा
एक भाई अपने छोटे भाई के खून का प्यासा क्यों हो गया? यह वजह जानकर आप हैरान परेशान हो जाएंगे, क्योंकि ऐसी सामान्य बात हर किसी के घर में होती रहती है. दरअसल सूरज बड़ा भाई है और छोटा भाई का नाम लक्ष्मण है. दोनों सैलून चलाते हैं. मृतक लक्ष्मण छोटे भाई का नया जूता बड़े भाई सूरज ने पहन लिया और बहन के घर जाना चाहता था. लेकिन छोटे भाई को यह बात नागवार लगी, तो दोनों सैलून में ही लड़ाई करने लगे.
मां अस्पताल लेकर पहुंची
इसके बाद दोनों में विवाद इतना बढ़ा कि बड़े भाई ने छोटे भाई पर सैलून की कैंची से ताबड़तोड़ हमला कर घायल कर दिया. काफी समय बाद जब उसकी मां पहुंची, तो उसे अस्पताल लेकर पहुंची. इतने देर के अत्यधिक रक्तस्राव से छोटे भाई की मौत हो गई थी. घटना की सूचना पाकर अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई में जुटी है. बताया जा रहा है कि आरोपी भाई को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इस घटना के बाद मां का अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता विदेश में नौकरी करने गया है. छोटी सी बात पर गुस्सा ना रोकने के चक्कर में पूरा परिवार बिखर गया है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
फ्री में भोजन करते हुए करें 2 दिनतक सफर, यकीन नहीं होता तो भारत की इस ट्रेन में…
भारत में ट्रेन यात्रा सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का साधन नहीं, बल्कि अपने आप में एक अनुभव मानी जाती है. लंबा सफर, खिड़की से बदलते नजारे, अलग-अलग शहरों की झलक और रास्ते का खाना यात्रा को खास बना देता है. लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि भारत में एक ऐसी ट्रेन भी है, जिसमें यात्री सफर के दौरान फ्री में भोजन पा सकते हैं, तो शायद पहली बार में यकीन करना मुश्किल लगे. यही वजह है कि इस ट्रेन की चर्चा अक्सर लोगों के बीच होती रहती है.
यह ट्रेन है सचखंड एक्सप्रेस, जो श्रद्धालुओं और आम यात्रियों के बीच काफी प्रसिद्ध है. इस ट्रेन में यात्रियों को कई मौकों पर निःशुल्क भोजन मिलता है, लेकिन यह भारतीय रेलवे की आधिकारिक कैटरिंग सेवा नहीं होती. यह सेवा सिख समुदाय द्वारा चलाए जाने वाले लंगर और सेवा भाव का हिस्सा मानी जाती है. रास्ते के कुछ प्रमुख स्टेशनों पर स्वयंसेवक यात्रियों को प्रेमपूर्वक भोजन उपलब्ध कराते हैं, जिससे लंबा सफर और भी सुखद बन जाता है.
कौन सी ट्रेन है यह?
सचखंड एक्सप्रेस भारतीय रेल की लोकप्रिय लंबी दूरी की ट्रेनों में गिनी जाती है. यह ट्रेन Amritsar से Nanded के बीच चलती है. इसका नाम सिख धर्म से जुड़े पवित्र स्थल Hazur Sahib के कारण खास महत्व रखता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ट्रेन से यात्रा करते हैं.
कितना लंबा होता है सफर?
यह ट्रेन करीब 2,080 से 2,100 किलोमीटर की दूरी तय करती है. पूरा सफर आमतौर पर 39 से 41 घंटे में पूरा होता है, यानी लगभग दो दिन का सफर माना जा सकता है. इतने लंबे सफर में भोजन की व्यवस्था यात्रियों के लिए बड़ी राहत बन जाती है.
कैसे मिलता है फ्री भोजन?
इस ट्रेन में मिलने वाला फ्री खाना रेलवे टिकट में शामिल सुविधा नहीं है. कई स्टेशनों पर सिख संगत और सेवा समितियों द्वारा लंगर के रूप में भोजन वितरित किया जाता है. यात्रियों को दाल, चावल, सब्जी, रोटी, खिचड़ी, चाय या नाश्ता जैसी चीजें मिल सकती हैं. हालांकि, यह व्यवस्था दिन, स्टेशन, भीड़ और सेवा उपलब्धता के अनुसार बदल सकती है.
क्यों है यह ट्रेन खास?
सचखंड एक्सप्रेस सिर्फ सफर नहीं, बल्कि सेवा और अपनापन का अनुभव भी देती है. लंबी यात्रा में जब यात्री बिना किसी शुल्क के भोजन पाते हैं, तो यह अनुभव यादगार बन जाता है. यही कारण है कि लोग इसे भारत की अनोखी ट्रेनों में गिनते हैं. फ्री भोजन मिलने की कोई आधिकारिक गारंटी नहीं होती, क्योंकि यह रेलवे की फिक्स सर्विस नहीं है. इसलिए यात्रियों को अपने साथ पानी, स्नैक्स और जरूरत का सामान जरूर रखना चाहिए. लेकिन अगर यात्रा के दौरान लंगर सेवा मिल जाए, तो सफर का आनंद कई गुना बढ़ जाता है.
एक बार जरूर करें अनुभव?
अगर आप लंबी रेल यात्रा पसंद करते हैं और भारत की अनोखी ट्रेनों का अनुभव लेना चाहते हैं, तो सचखंड एक्सप्रेस दिलचस्प विकल्प हो सकती है. दो दिन के सफर, सेवा भाव और रास्ते की यादगार मेहमाननवाजी के साथ यह यात्रा सच में खास एहसास दे सकती है.



