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इस देश के किसी भी घर में नहीं होती रसोई, फिर कहां खाते हैं खाना? हर साल…


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दुनिया के ज्यादातर देशों में घर की पहचान उसकी रसोई से होती है, लेकिन थाईलैंड इस मामले में थोड़ा अलग है. यहां खासकर शहरी इलाकों में कई घरों में पारंपरिक किचन देखने को नहीं मिलता. इसकी सबसे बड़ी वजह वहां का मजबूत स्ट्रीट फूड कल्चर और बाहर खाने की आदत है, जिसने लोगों की लाइफस्टाइल को पूरी तरह बदल दिया है.

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स्ट्रीट फूड कल्चर ने बदल दी लाइफस्टाइल.

दुनिया के हर देश में खाने-पीने की अपनी अलग संस्कृति होती है. भारत में जहां हर घर की पहचान उसकी रसोई से होती है, वहीं कुछ देशों में यह परंपरा बिल्कुल अलग है. हम बात कर रहे हैं थाईलैंड की, जहां खासकर शहरी इलाकों में कई घरों में पारंपरिक किचन नहीं होता. यह बात सुनकर हैरानी जरूर होती है, लेकिन वहां की लाइफस्टाइल और खानपान की आदतें इस व्यवस्था को पूरी तरह सपोर्ट करती हैं.

थाईलैंड में लोग घर पर खाना बनाने के बजाय बाहर खाना ज्यादा पसंद करते हैं. यहां स्ट्रीट फूड इतना सस्ता, ताजा और आसानी से उपलब्ध होता है कि लोगों को किचन रखने की जरूरत ही महसूस नहीं होती. सुबह से लेकर देर रात तक हर गली में खाने के स्टॉल्स खुले रहते हैं, जहां आपको हर तरह का खाना मिल जाता है. यही वजह है कि यहां के लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बाहर खाने पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं.

स्ट्रीट फूड कल्चर ने बदल दी लाइफस्टाइल
थाईलैंड में स्ट्रीट फूड सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि वहां की पहचान बन चुका है. यहां नूडल्स, फ्राइड राइस, सूप और सीफूड जैसी चीजें बेहद कम कीमत पर मिलती हैं. खाना ताजा बनाकर तुरंत परोसा जाता है, जिससे लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़े शहरों में रहने वाले लोग दिन में एक से ज्यादा बार बाहर का खाना खाते हैं. यही कारण है कि छोटे अपार्टमेंट्स में किचन की जरूरत कम होती जा रही है.

जगह की कमी और मौसम भी हैं कारण
थाईलैंड के बड़े शहरों, खासकर बैंकॉक में, रहने की जगह काफी सीमित होती है. छोटे-छोटे फ्लैट्स में किचन बनाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता. इसके अलावा, वहां का गर्म और उमस भरा मौसम भी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से लोग किचन में ज्यादा समय बिताना पसंद नहीं करते. ऐसे में बाहर जाकर खाना खाना ज्यादा आसान और आरामदायक लगता है.

टूरिज्म और फूड कल्चर का खास कनेक्शन
थाईलैंड हर साल करोड़ों पर्यटकों को आकर्षित करता है और इसका एक बड़ा कारण वहां का फूड कल्चर है. दुनिया भर से लोग यहां के स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने आते हैं. फूड मार्केट्स, नाइट स्ट्रीट्स और लोकल ईटरीज हमेशा भीड़ से भरे रहते हैं. यह देश खाने के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है, जहां बिना किचन के भी लोगों की जिंदगी स्वाद से भरी हुई है.

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Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें



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आज का मकर राशिफल 14 अप्रैल 2026: बॉस करेगा तारीफ, काम में मिलेगी सफलता


आज का मकर राशिफल 14 अप्रैल 2026: बॉस करेगा तारीफ, काम में मिलेगी सफलता | Aaj Ka Makar Rashifal 14 April 2026: आज का दिन मांगेगा संतुलन और धैर्य – Hindi Oneindia



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ऐसा देश जिसके झंडे पर बना हुआ है AK-47, क्या आप वहां जाना चाहेंगे, अनछुए पर्यटन स्थल


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AK-47 rifle in National Flag: किसी भी देश के झंडे पर आमतौर उस देश की संस्कृति, इतिहास, भूगोल, पेड़-पौधे या जानवरों से जुड़े निशान लगे होते हैं लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है जिसके झंडे पर AK-47 का चिन्ह अंकित है. जी हां, दुनिया में एक ऐसा भी देश है. यह देश अफ्रीका में स्थित है और 2500 किलोमीटर लंबे समुद्रीय तट और बेहिसाब वाइल्डलाइफ इस देश के अनछुए पर्यटन स्थल को उजागर करता है.

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किस देश के राष्ट्रीय झंडे में AK-47 है.

दुनिया में जितने देशों के झंडे आपने देखे होंगे, उन सबमें चांद, सितारे, शेर, ईगल, फूल, पत्तियां आदि देखे होंगे लेकिन क्या कभी आपने किसी देश के झंडे पर AK-47 का चित्र छपा हुआ देखा है. जी हां, दुनिया में एक ऐसा देश है जहां के झंडे में AK-47 राइफल का चित्र अंकित है. इससे पहले कि आप कंफ्यूज हो हम आपको बता दें कि यह देश है दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका का मोजांबिक. मोजांबिक दुनिया में इकलौता ऐसा देश है जहां के झंडे पर AK-47 अंकित है. मोजांबिक इस AK-47 राइफल को गर्व के रूप में देखता है. हालांकि इस कठोर प्रतीक के पीछे खास उद्येश्य छिपा हुआ है. वैसे तो मोजांबिक टूरिज्म के हिसाब से बेहद खास है लेकिन पहले यह समझिए कि मोजांबिक के झंडे में AK-47 राइफल क्यों है.

मोजांबिक के झंडे में क्या है
यह दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां के राष्ट्रीय ध्वज में आधुनिक हथियार AK-47 राइफल का चित्र बना हुआ है. मोजांबिक के झंडे में 5 रंग और 4 मुख्य प्रतीक हैं. सबका अपना-अपना खास मतलब है. मोजांबिक के झंडे का हरा रंग देश की समृद्ध कृषि और उपजाऊ भूमि का प्रतीक है. काला रंग वहां के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है. वहीं पीला रंग देश के खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करता है. झंडे पर सफेद पट्टियां भी है जो शांति का प्रतीक है और लाल रंग मोजांबिक के लोगों के कड़े संघर्ष और बलिदान को दर्शाता है. इसके बाद मोजांबिक के झंडे में 4 प्रतीकों का भी प्रदर्शित किया गया है. झंडे के बाईं ओर एक लाल त्रिकोण है, जिसमें इन चार चीजों को समायोजित किया गया है. पीला सितारा अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और मार्क्सवादी विचारधारा का प्रतीक है. इसके बाद एक खुली हुई किताब है जो शिक्षा के महत्व को दर्शाती है. वहीं इसमें एक कुदाल भी है जो देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के योगदान का प्रतीक है.

झंडे में क्यों है AK-47 राइफल
आखिर में AK-47 राइफल है जो रक्षा और सतर्कता का प्रतीक है. AK-47 झंडे पर रखने के पीछे खास उद्येश्य है. मोजांबिक ने पुर्तगाल के औपनिवेशिक शासन से आजादी पाने के लिए एक लंबा और खूनी सशस्त्र संघर्ष किया था. उस समय स्वतंत्रता सेनानियों का मुख्य हथियार AK-47 ही था.इसलिए यह राइफल इस बात का प्रतीक है कि देश अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार है. यह संघर्ष की याद दिलाता है और भविष्य के खतरों के प्रति सतर्क रहने का संदेश देता है. 1983 में इस झंडे को अपनाया गया था. हालांकि, मोजांबिक में कई बार इस हथियार को झंडे से हटाने के लिए बहस और विरोध भी हुए हैं. विपक्षी दलों का तर्क है कि झंडे में शांति के प्रतीक होने चाहिए न कि हिंसा के हथियार, लेकिन अब तक यह मोजांबिक की पहचान का एक अटूट हिस्सा बना हुआ है.

अनछुए टूरिस्ट स्पॉट
मोजांबिक बड़ा देश है और यहां पर्यटन के हिसाब से कई अनछुए चीजें हैं जिनका एक्सप्लोर करना बाकी है. ऐसे में यदि आप भीड़भाड़ से दूर, नीले समंदर के किनारे और वाइल्डलाइफ का शानदार अनुभव लेना चाहते हैं, तो यह शानदार देश है. मोजांबिक अपनी 2500 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा के लिए मशहूर है. यहां के सफेद रेत वाले बीच और कोरल रीफ दुनिया के बेहतरीन डाइविंग स्थलों में गिने जाते हैं. यहां की संस्कृति पर पुर्तगाली और अफ्रीकी प्रभाव का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है. भारतीयों को मोजांबिक 30 दिनों के लिए वीजा फ्री सुविधा देता है. यहां आसानी से ई-वीजा उपलब्ध हो जाता है. मोजांबिक का बाज़ारूतो द्वीपसमूह देश का सबसे खूबसूरत हिस्सा है. यहां नीले रंग के कई शेड्स वाला समंदर और ऊंचे रेत के टीले हैं. अगर आपको समंदर में व्हेल शार्क देखना है तो टोफो बीच पर आप इसका भरपूर आनंद ले सकते हैं. यहां का व्हेल शार्क और मेंटा रे पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. मोजांबिक की राजधानी मापुतो है जहां आप पुर्तगाली वास्तुकला, पुराने रेलवे स्टेशन और जीवंत मछली बाजारों का अनुभव कर सकते हैं. मोजांबिक द्वीप यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है. यहां की पत्थर की बनी पुरानी इमारतें और किले आपको इतिहास की याद दिलाएंगे.हालांकि मोजांबिक में क्राइम ज्यादा है, इसलिए ज्यादातर पर्यटक दक्षिण मोजांबिक ही जाते हैं, उत्तर के कुछ हिस्सों में पर्यटक नहीं जाते हैं.

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Lakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें



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Balen Shah Government: चीन के आगे झुका बालेन सरकार! नेपाली गृह मंत्री के बयान ने उड़ा दी भारत की नींद


Balen Shah Government: चीन के आगे झुका बालेन सरकार! नेपाली गृह मंत्री के बयान ने उड़ा दी भारत की नींद | balen shah government nepal china relations home minister statement china influence india concerns geopolitics – Hindi Oneindia



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छत्तीसगढ़- वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटा, 12 की मौत: 30-40 मजदूर झुलसे, 16 की हालत गंभीर; परिजनों का हंगामा, 5-5 लाख मुआवजे की घोषणा – Chhattisgarh News


सक्ती46 मिनट पहले

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सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट होने से कई मजदूर झुलस गए हैं।

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर बॉयलर ब्लास्ट हो गया। हादसे में 12 मजदूरों की मौत हो गई है। ASP पंकज पटेल ने इसकी पुष्टि की है। 4 मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई थी। वहीं 18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया, जहां 8 मजदूरों ने दम तोड़ दिया है। बाकी 10 घायलों की हालत गंभीर है। मजदूर 80% झुलस गए हैं।

घटना डभरा थाना क्षेत्र की है। हादसे में 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं। रायगढ़ के ही मेट्रो हॉस्पिटल में 3 घायलों का इलाज चल रहा है। 2 मजदूरों को अपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 6 गंभीर रूप से घायलों को बिलासपुर रेफर किया गया है।

हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने प्रबंधन पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। कुछ मजदूर लापता हैं। परिजनों का कहना है कि प्रबंधन कोई जानकारी नहीं दे रहा है। वहीं कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

PMO ने मुआवजे की घोषणा की है। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया।

घटना से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए-

सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में दोपहर करीब 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हो गया।

सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में दोपहर करीब 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हो गया।

मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

घटना के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई।

हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया।

18 घायलों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया।

सक्ती हादसे में PMO ने मुआवजे की घोषणा की है।

सक्ती हादसे में PMO ने मुआवजे की घोषणा की है।

सीएम विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख मुआवजे की घोषणा की।

सीएम विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख मुआवजे की घोषणा की।

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घटना से जुड़ी अपडेट्स जानने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

अपडेट्स

04:56 PM14 अप्रैल 2026

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स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर- मंत्री जायसवाल

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि तत्काल स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सचिव से चर्चा कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। आसपास के क्षेत्रों से एम्बुलेंस और चिकित्सा संसाधनों को तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।

04:41 PM14 अप्रैल 2026

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मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश- कलेक्टर

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल को छोड़कर रायपुर के डीकेएस हॉस्पिटल को भी आकस्मिक स्थिति और बेहतर इलाज के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

04:37 PM14 अप्रैल 2026

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ज्यादातर मजदूर और टेक्नीशियन चपेट में आए -ASP

एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने कहा कि घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बाकी घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच रही है। अंदर कोई और मजदूर तो नहीं फंसा है इसकी जांच की जा रही है।

04:33 PM14 अप्रैल 2026

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SSP बोले- रायगढ़ में 8 घायल मजदूरों की मौत

SSP शशिमोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ के 4 अस्पतालों में घायलों को भर्ती कराया गया था। 8 मजदूरों की मौत हो गई है। 6 घायलों को बिलासपुर रेफर किया गया है।

04:14 PM14 अप्रैल 2026

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फोर्टिस अस्पताल पहुंचे रायगढ़ SSP

सक्ती प्लांट हादसे में घायल हुए श्रमिकों का इलाज रायगढ़ के फोर्टिस में अस्पताल में चल रहा था, जहां पहले 6 की मौत हुई थी, वहीं अभी 2 और मजदूरों की मौत हो गई। इस तरह रायगढ़ में 8 मजदूरों ने दम तोड़ दिया। हालातों की जानकारी लेने रायगढ़ SSP शशिमोहन सिंह फोर्टिस अस्पताल पहुंचे।

03:55 PM14 अप्रैल 2026

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रायगढ़ फोर्टिस और बालाजी अस्पताल में भर्ती मजदूर

रायगढ़ फोर्टिस अस्पताल में भर्ती घायलों के नाम-

मनाश गिरी कार्तिक महतो ब्रजेश कुमार केशव चंद्रा भुनेश्वर चंद्रा अभिषेक चंद्रा नदीम अंसारी मिलन वारे संदीप शिवनाथ मुर्मू

रायगढ़ बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती घायलों के नाम-

बनवारी लाल बरेठी उपेंद्र परदेसी लाल चंद्रा

03:36 PM14 अप्रैल 2026

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परिजन बोले- प्लांट प्रबंधन भी कोई जानकारी नहीं दे रहा

माधव प्रसाद यादव ने बताया कि उसका छोटा भाई उद्धव सिंह यादव लापता है। न घर आया है और न ही अस्पताल में मिल रहा है। प्लांट प्रबंधन भी कोई जानकारी नहीं दे रहा है।

03:34 PM14 अप्रैल 2026

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कोई सुनवाई नहीं है- मृतक का बेटा

चित्रसेन पटेल ने बताया कि उनके पिता अमृतलाल पटेल की ऑन द स्पॉट मौत हो गई। यहां कोई सुनवाई नहीं है।

03:28 PM14 अप्रैल 2026

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हादसे के बाद एक मजदूर लापता

सनी ने बताया कि उनके भाई रामेश्वर महिलांगे मिसिंग है। प्लांट वाले जानकारी नहीं दे रहे हैं। अस्पताल में भी नहीं है। प्लांट प्रबंधन बताए कि मेरा भाई कहां है?

02:53 PM14 अप्रैल 2026

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लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी- लखनलाल देवांगन

छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

02:27 PM14 अप्रैल 2026

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मृतकों के परिजनों को नौकरी दिया जाए- पूर्व विधायक

मालखरौदा से पूर्व विधायक चैन सिंह सामले ने कहा कि मृतकों के परिजनों को नौकरी दिया जाए। उचित मुआवजा दिया जाए। ऐसा नहीं होता है तो लड़ाई लड़ी जाएगी।

02:14 PM14 अप्रैल 2026

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वेस्ट बंगाल से काम करने आए थे- सुपरवाइजर

ठेका कंपनी के सुपरवाइजर हादसे के समय मौके पर थे। उन्होंने बताया कि बॉयलर-1 में ब्लास्ट हुआ। हम लोग पेंटिंग का काम कर रहे थे। हम लोग वेस्ट बंगाल से काम करने आए थे।

02:08 PM14 अप्रैल 2026

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प्लांट के सामने बैठे विधायक रामकुमार यादव

विधायक रामकुमार यादव परिजनों के साथ प्लांट के सामने बैठे हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों को उचित मुआवजे की मांग की है।

02:06 PM14 अप्रैल 2026

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मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ मुआवजा दिया जाए- बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। बैज ने कहा कि इस घटना में 9 मजदूरों की मौत और 50 से अधिक के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने इसे हादसा नहीं बल्कि ‘हत्या’ बताते हुए प्लांट प्रबंधन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच कराने, घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

02:04 PM14 अप्रैल 2026

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अच्छा इलाज देना पहली प्राथमिकता- प्रबंधन

प्लांट प्रबंधन ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि सिंहितराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में हादसा हुआ। इस यूनिट का संचालन और रखरखाव NTPC GE Power Services Limited (NGSL) के कर्मचारी करते हैं, और वही इसमें शामिल थे।

प्रबंधन ने कहा कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता घायल लोगों को अच्छा इलाज देना है। इसके लिए वे डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

प्रबंधन ने यह भी कहा कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। पार्टनर्स और अधिकारियों के साथ मिलकर इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

01:36 PM14 अप्रैल 2026

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प्लांट के बाहर से जानकारी देते हुए भास्कर रिपोर्टर

प्लांट के बाहर से मजदूरों के परिजनों ने हंगामा कर दिया। वे घायलों से मिलने की मांग कर रहे हैं। सक्ती से भास्कर रिपोर्टर प्रदीप शर्मा की रिपोर्ट।

01:15 PM14 अप्रैल 2026

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रायगढ़ जिंदल अस्पताल में 6 मजदूरों की मौत

रायगढ़ SDM महेश शर्मा ने बताया कि 18 घायलों में 5-6 मजदूरों की मौत गई है। घायलों के इलाज की प्रक्रिया जारी है।

12:50 PM14 अप्रैल 2026

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सीएम बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि घटना की जांच होगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

12:37 PM14 अप्रैल 2026

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रायगढ़ SDM बोले- इलाज की उचित व्यवस्था की जा रही है

रायगढ़ SDM महेश शर्मा ने कहा कि करीब 18 घायलों को अस्पताल लाया गया था। सभी का इलाज जारी है।

12:33 PM14 अप्रैल 2026

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सक्ती में प्लांट के बाहर परिजनों का हंगामा

सक्ती में प्लांट के बाहर परिजनों ने हंगामा कर दिया है।

12:31 PM14 अप्रैल 2026

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मजदूर बोले- कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं

एक मजदूर ने बताया कि कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं।

12:26 PM14 अप्रैल 2026

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एक मरीज राय मेडिकल कॉलेज रेफर

एक मरीज को जिंदल फोर्टिस से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

12:20 PM14 अप्रैल 2026

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भूपेश बघेल बोले- उचित मुआवजे और इलाज की व्यवस्था की जाए

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने घटना पर दुख जताया है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने घटना पर दुख जताया है।

12:17 PM14 अप्रैल 2026

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परिजन बोले- प्लांट से कोई नहीं आया

एक घायल के परिजन ने कहा कि अस्पताल में प्लांट से कोई नहीं आया।

12:14 PM14 अप्रैल 2026

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हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया

बॉयलर में ब्लास्ट के दौरान का वीडियो भी सामने आया है।

12:05 PM14 अप्रैल 2026

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रायगढ़ से जानकारी देते हुए भास्कर रिपोर्टर

रायगढ़ के जिंदल अस्पताल से भास्कर रिपोर्टर मोहसिन खान की रिपोर्ट।

11:48 AM14 अप्रैल 2026

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जिंदल अस्पताल में 6 घायलों की मौत की खबर

जिंदल अस्पताल में 18 में से 6 घायलों की मौत की खबर है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

11:39 AM14 अप्रैल 2026

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18 घायलों को जिंदल फोर्टिस अस्पताल लाया गया

रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में करीब 15 लोगों को इलाज के लिए लाया गया है।

11:36 AM14 अप्रैल 2026

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सक्ती से जानकारी देते हुए भास्कर रिपोर्टर

ब्लास्ट में 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को रायगढ़ और खरसिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सक्ती से भास्कर रिपोर्टर मनीष चंद्रा की रिपोर्ट।

11:30 AM14 अप्रैल 2026

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घटना के बाद की तस्वीर

दोपहर में काम के दौरान अचानक हुआ ब्लास्ट।

11:28 AM14 अप्रैल 2026

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घायल रायगढ़ और रायपुर रेफर

घायलों को रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

11:12 AM14 अप्रैल 2026

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हादसे में 4 मजदूरों की मौत

हादसे में 4 मजदूरों की मौत हो गई है। SP प्रफुल्ल ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।

खबरें और भी हैं…



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चेन्नई से बस कुछ ही घंटों की दूरी पर हैं ये 7 ‘हिल स्टेशंस’, वीकेंड के लिए…


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Weekend Trip Train : क्या आप गर्मियों में चेन्नई से वीकेंड पर कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन लंबी ड्राइव से बचना चाहते हैं? तो बस ट्रेन पकड़िए और 5 घंटे से भी कम समय में अपनी मंज़िल तक पहुंच जाइए. शांत समुद्र तटों और ठंडी हवा वाले हिल स्टेशनों से लेकर प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक शहरों तक हर मोड़ पर एक शानदार जगह आपका इंतज़ार कर रही है.

कांचीपुरम: आध्यात्मिक शांति का एक शानदार अनुभव. इस ऐतिहासिक शहर में प्राचीन मंदिरों के दर्शन करें और सीधे बुनकरों से असली रेशमी साड़ियां खरीदें. इस जगह तक ट्रेन से पहुंचने में लगभग 2–3 घंटे का समय लगता है.

Yelagiri: A lesser-known hill station that’s cool, quiet, and crowd-free. Think breezy weather, nature walks, and a much-needed break from city heat. (Travel Time: ~4–5 hours via Jolarpettai)

येलागिरी: एक कम जाना-पहचाना हिल स्टेशन जो शांत, सुकून भरा और भीड़-भाड़ से दूर है. यहां का मौसम सुहावना रहता है, आप प्रकृति की गोद में सैर कर सकते हैं, और शहर की गर्मी से बचने के लिए यह एक बेहतरीन जगह है. इस जगह तक पहुंचने में लगभग 4–5 घंटे का समय लगता है.

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वेल्लोर: एक ऐसे शहर में कदम रखें जहां किले, मंदिर और संस्कृति का अनोखा मेल देखने को मिलता है. यहां के मशहूर वेल्लोर किले और श्रीपुरम में स्थित स्वर्ण मंदिर के दर्शन करें। शांति और ऐतिहासिक जानकारी से भरे एक दिन के ट्रिप के लिए यह एक बेहतरीन जगह है. इस जगह तक पहुँचने में लगभग 2–3 घंटे का समय लगता है.

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टाडा फॉल्स (उबलामडुगु): ट्रेन से थोड़ी दूरी तय करने और फिर थोड़ी ट्रैकिंग करने के बाद आप एक मनमोहक झरने तक पहुंचते हैं. जो लोग यात्रा और रोमांच का मिला-जुला अनुभव चाहते हैं, उनके लिए यह जगह एकदम सही है. इस जगह तक पहुंचने में लगभग 2–3 घंटे का समय लगता है.

Pulicat: Swap city chaos for serene lagoons and flamingo sightings. A perfect slow travel experience for nature lovers. (Travel Time: ~2–3 hours)

पुलिकट: शहर की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी को पीछे छोड़कर शांत झीलों और फ्लेमिंगो पक्षियों के नज़ारों का आनंद लें. प्रकृति प्रेमियों के लिए यह आराम करने और घूमने-फिरने की एक बेहतरीन जगह है. इस जगह तक पहुंचने में लगभग 2–3 घंटे का समय लगता है.

Nellore : Known for its coastal vibe and famous Andhra cuisine, Nellore makes for a relaxed, food-focused weekend trip. (Travel Time: ~4–5 hours)

नेल्लोर: अपने समुद्री माहौल और मशहूर आंध्र व्यंजनों के लिए जाना जाने वाला नेल्लोर, खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक आरामदायक वीकेंड ट्रिप का बेहतरीन ठिकाना है. इस जगह तक पहुंचने में लगभग 4–5 घंटे का समय लगता है.

Tirupati: One of India’s most popular pilgrimage routes by train. Ideal for a divine break combined with scenic countryside views along the way. (Travel Time: 3.5–4 hours)

तिरुपति: भारत के सबसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों में से एक, जहां ट्रेन से आसानी से पहुंचा जा सकता है. आध्यात्मिक शांति पाने के लिए यह एक बेहतरीन जगह है, और रास्ते में दिखने वाले खूबसूरत ग्रामीण नज़ारे इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं। इस जगह तक पहुँचने में लगभग 3.5–4 घंटे का समय लगता है. ( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.)



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Nitish Kumar Resignation: नीतीश कुमार को इन 5 योजनाओं ने बनाया देश का ‘सुशासन बाबू’, केंद्र ने भी किया लागू


Nitish Kumar Resignation: नीतीश कुमार को इन 5 योजनाओं ने बनाया देश का ‘सुशासन बाबू’, केंद्र ने भी किया लागू | Nitish Kumar Resignation 5 schemes made country SUshashan Babu implemented by Centre as well hindi – Hindi Oneindia



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Delhi News: अंबेडकर जयंती पर दिल्ली में बड़ा ऐलान! CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किए Water ATM, कैसे मिलेगा लाभ?


Delhi News: अंबेडकर जयंती पर दिल्ली में बड़ा ऐलान! CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किए Water ATM, कैसे मिलेगा लाभ? | Delhi News Water ATM launch rekha gupta ambedkar jayant clean drinking water scheme benefits – Hindi Oneindia



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‘Dhurandhar’ के दोनों पार्ट्स ने मिलकर पार किया 3000 Cr. का आंकड़ा, तोड़ दिए कई रिकॉर्ड्स, जानें कुल कमाई


‘Dhurandhar’ के दोनों पार्ट्स ने मिलकर पार किया 3000 Cr. का आंकड़ा, तोड़ दिए कई रिकॉर्ड्स, जानें कुल कमाई | dhurandhar both parts together crossed Rs 3000 crore mark broke many records know total earnings – Hindi Oneindia



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देहरादून एक्सप्रेस : दिल्ली वालों के लिए मौजा ही मौजा, दिन पहाड़ों में बिताएं, रात घर वापस


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1 Day Weekend Plan After Dehradun Expressway Open: टूरिज्म के लिहाज से दिल्ली वालों के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस का उद्घाटन कर दिया है. अब यह एक्सप्रेस आम जनता के लिए खुल गया है. यानी आपकी गाड़ी अक्षरधाम से बिना किसी रेडलाइट के और बिना किसी रुकावट के सिर्फ ढाई घंटे में देहरादून की सीमा नाप लेगी. ऐसे में यदि आप चाहे तो सुबह दिल्ली से निकलें, पूरा दिन पहाड़ों पर सुकून भरी शांति और बेलौस मौसम का लुत्फ उठाए और रात को अपने घर वापस आ जाएं. दरअसल, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस खुलने से दिल्ली वालों की हर तरह से मौजा ही मौजा है. एक दिन के वीकेंड प्लान में आप देहरादून के आसपास कई चीजों का दीदार कर सकते हैं.

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे. Instagram-@Indianinfoguide

Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली की तपती गर्मी और हर तरफ चिल-पौं की आवाज कान ही नहीं दिमाग को भी हिला देती है. इस जहन्नुम जैसी उठा-पटक के बीच अगर आप वीकेंड का एक दिन सुकून भरे माहौल में बिताना चाहते हैं तो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस आपकी मनमांगी मुराद को पूरा करने के लिए खुल गया है. देहरादून एक्सप्रेस दिल्ली वालों के लिए मौजा ही मौजा ला दिया है. इसने पहाड़ों की दूरी को इतना कम कर दिया है कि अब आप सुबह चाय दिल्ली में पीकर, दोपहर का लंच देहरादून की हसीन वादियों में कर सकते हैं और रात को वापस अपने घर भी आ सकते हैं. यह ट्रिप किसी गेम चेंजर से कम नहीं है, क्योंकि इसमें आप कम समय और कम बजट में पहाड़ी सुकून का भरपूर आनंद ले सकते हैं. सुबह देहरादून पहुंचकर आप कई जगहों का 6 से 7 घंटे में दीदार कर सकते है. अगर आप 6 बजे घर से निकलेंगे तो साढ़े 8 बजे देहरादून पहुंच जाएंगे. इसके बाद 7-8 घंटे वहां की हसीन वादियों का दीदार कर रात 10 बजे वहां से घर भी वापस आ सकते हैं.

देहरादून में क्या-क्या खास-सबसे पहले तो आपको देहरादून की खूबसूरत वादियों का दीदार करना चाहिए. देहरादून में ही देखने के लिए बहुत कुछ है. आप 8 से 10 घंटे के अंदर देहरादून की कई शानदार नजारे से रूबरू हो सकते हैं. देहरादून मुख्य शहर से थोड़ी ही दूरी पर पहाड़ों का जन्नत दिखने लगता है. यहां की कुदरती सुंदरता और ऐतिहासिक स्थल विश्व भर में प्रसिद्ध है. यहां का सबसे प्रमुख आकर्षण गुच्चू पानी है, जहां संकरी पहाड़ियों के बीच प्राकृतिक गुफा और बहता पानी एक अद्भुत आनंद देता है. इसके बाद सहस्त्रधारा अपने गंधकयुक्त पानी के झरनों के लिए जाना जाता है, जिसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं. सुकून भरे माहौल को पसंद करने वालों के लिए मिंड्रोलिंग मोनेस्ट्री बेहद शानदार है जो अपनी तिब्बती वास्तुकला के लिए मशहूर है. इसके अलावा देहरादून में आप टपकेश्वर महादेव मंदिर, मालसी डियर पार्क और एफआरआई का भव्य कैंपस देख सकते हैं. शॉपिंग के लिए पलटन बाजार और नजारों के लिए मसूरी रोड बेहतरीन विकल्प हैं. पहली बार के प्लान में सबसे पहले देहरादून ही ट्राई करें.

सहस्त्रधारा-देहरादून से महज 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है सहस्त्रधारा. यहां एक हजार तरफ से आ रही धाराएं एक झरने का रूप ले लेती है. यह एक संकरी प्राकृतिक गुफा है जिसके बीच से घुटनों तक ठंडा पानी बहता है. यहां आप गुफा के अंदर पैदल चलते हैं. यह जगह आपको एडवेंचर का फील देगी. इस गुफा के पानी में सल्फर काफी मात्रा में होता है जिसे औषधीय गुणों वाला माना जाता है. गर्मियों में यहां सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ती है क्योंकि यहां का पानी काफी शीतल और ताज़गी भरा होता है. इसके अलावा, यहां स्थित रोपवे से पहाड़ियों का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है. कुदरती खूबसूरती और औषधीय गुणों के संगम के कारण यह स्थान पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन है.

शाकंभरी देवी और शिवालिक पहाड़ियां-शाकंभरी देवी मंदिर सहारनपुर में स्थित है. यानी इसके लिए देहरादून जाने की जरूरत नहीं है. उससे पहले ही यहां आप जा सकते हैं. यहां दिल्ली से पहुंचने में 2 घंटे से भी कम समय लगेगा. शिवालिक की तलहटी और शाकंभरी देवी मंदिर के आसपास का इलाका प्राकृतिक सुंदरता से भरा है. शिवालिक की पहाड़ियां इसी जगह से शुरू हो जाती हैं. यहां से घने जंगलों और शांत वातावरण का अहसास कराती हैं. यहां की खूबसूरत वादियों में एक तरफ आध्यात्मिक शांति मिलती है. दूसरी तरफ पहाड़ों की ताजी हवा और हरियाली मन को सुकून देती है. एक दिन के सफर में यहां के प्राचीन मंदिरों के दर्शन और शांत पहाड़ी रास्तों पर घूमना एक यादगार अनुभव होता है.

मोहंड की पहाड़ियां और टनल क्षेत्र- देहरादून और सहारनपुर की सीमा पर स्थित मोहंड की वादियां अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं. इसके लिए भी आपको देहरादून नहीं जाना होगा. उससे पहले ही यह शानदार नजारा मिल जाएगा. एक्सप्रेसवे की नई टनल और ऊंचे पुलों से यहां का नजारा स्विट्जरलैंड जैसा महसूस होता है. यहां की पहाड़ियां घने जंगलों से ढकी हैं और मानसून के समय यहां की हरियाली और धुंध किसी सपने जैसी लगती है. यहां रुककर आप पहाड़ों की ताजी हवा का आनंद ले सकते हैं और एक्सप्रेसवे की आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ प्रकृति के संगम को देख सकते हैं. यह स्थान उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो ज्यादा पैदल चले बिना केवल ड्राइव और नजारों का मजा लेना चाहते हैं.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. Photo-PTI

राजाजी नेशनल पार्क –देहरादून एक्सप्रेस का सबसे बड़ा आकर्षण राजाजी नेशनल पार्क के जंगलों से ऊपर गुजरता हुआ 11 किलोमीटर का एलीवेटेड कॉरिडोर है. इस एलीवेटेड कॉरिडोर में कई जगहों पर स्पेस बनाया गया है ताकि पर्यटक दूर तक फैले पहाड़ और जंगलों का लुत्फ उपर से ही उठा सके और नीचे किसी वन्यजीव को कोई दिक्कत भी न हो. देहरादून पहुंचने से ठीक पहले राजाजी नेशनल पार्क की सीमाएं शुरू हो जाती हैं. एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से गुजरेगा. यहां से आप नीचे घने जंगलों का नजारा देख सकते हैं. मोहंड और आसपास की वादियों में हाथियों और विविध पक्षियों का बसेरा है. यहां की हसीन वादियां घने साल के पेड़ों और सूखी नदी की घाटियों से सजी हैं. जंगल की शांति और पहाड़ों की ढलानों के बीच समय बिताना प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है.

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Lakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें



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