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Gmail New Update: अब Gmail पर भी मिलेंगे एन्क्रिप्टेड ईमेल, गूगल लाया शानदार सुरक्षा फीचर; जानें किन यूजर्स को मिलेगा फायदा


: गूगल ने Gmail में प्राइवेसी का स्तर बढ़ाते हुए मोबाइल एप पर नेटिव एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) पेश किया है। अब क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन के जरिए संवेदनशील ईमेल सुरक्षित रहेंगे। जानें, यह खास सुविधा आखिर किसे मिलेगी और कैसे काम करेगी।

Secure email for Android and iOS: क्या है नया अपडेट?

गूगल ने एंड्रॉइड और आईओएस के लिए जीमेल में नेटिव एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) रोल आउट किया है। यह फीचर यूजर्स को बिना किसी अतिरिक्त एप के एन्क्रिप्टेड ईमेल भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है। हालांकि, यह सुरक्षा स्तर फिलहाल केवल इंटरप्राइज प्लस लाइसेंस Assured Controls वाले बिजनेस संगठनों तक ही सीमित है। सामान्य यूजर्स के लिए यह सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है।


How to use Gmail encryption: कैसे काम करेगा E2EE?

इस अपडेट के बाद, यूजर्स क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन का उपयोग कर सकेंगे। इसका मतलब है कि ईमेल पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और बिना किसी जटिल की-एक्सचेंज या अतिरिक्त सॉफ्टवेयर के, प्राइवेसी बनी रहेगी। अगर रिसीवर जीमेल एप यूजर है तो उसे एन्क्रिप्टेड मैसेज सीधे उनके इनबॉक्स में सुरक्षित तरीके से आ जाएगा और अगर रिसीवर के पास जीमेल नहीं है, तो मैसेज को उनके ब्राउजर में सुरक्षित रूप से पढ़ा जा सकेगा।

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कौन-कौन से यूजर उठा सकते हैं इसका लाभ?

गूगल ने साफ कहा है कि यह प्राइवेसी फीचर केवल उन कंपनियों या संस्थानों के लएि है, जिनके पास इंटरप्राइज प्लस लाइसेंस है और जो एस्

Google ने स्पष्ट किया है कि यह प्राइवेसी फीचर केवल उन कंपनियों या संस्थानों के लिए है जिनके पास Enterprise Plus लाइसेंस है और जो Assured Controls एड-ऑन का उपयोग करते हैं। आम यूजर्स को फिलहाल इस फीचर का इंतजार करना होगा।

सामान्य यूजर्स कैसे रखें अकाउंट सुरक्षित?

प्राइवेसी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो यूजर्स आम जनता के लिए उपलब्ध बेहतर E2EE सुरक्षा चाहते हैं, वे प्रोटोन मेल जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रोटोन मेल का फ्री वर्जन भी अपने यूजर्स के बीच ऑटोमैटिक E2EE प्रदान करता है और पासवर्ड-प्रोटेक्टेड ईमेल के जरिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत देता है।

 



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अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से, 57 दिन चलेगी: 28 अगस्त को खत्म होगी; 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे




अमरनाथ यात्रा की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि इस साल यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी। 57 दिन चलने वाली इस यात्रा के लिए जम्मू के भगवती नगर बेस कैम्प से पहला जत्था रवाना होगा। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होंगे। LG सिन्हा ने यात्रा की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि 13 से 70 साल की उम्र वाले यह यात्रा कर सकते हैं। गुफा में पहली पूजा 19 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर की जाएगी। यात्रा के लिए अनंतनाग से पारंपरिक 48 किमी लंबा नुनवान-पहलगाम रूट और गांदरबल से 14 किमी लंबा बालटाल रूट खुला रहेगा। 3 जुलाई 2025 को अमरनाथ गुफा में पहली आरती की तस्वीर.. देशभर में 556 बैंक ब्रांच से होगा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन LG सिन्हा ने बताया कि देशभर में लगभग 556 तय बैंक शाखाओं के जरिए यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है, जबकि श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए यस बैंक, ICICI बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एक्सिस बैंक की ब्रांचेस में यात्रा के रजिस्ट्रेशन फॉर्म उपलब्ध रहेंगे। यात्रा में इस बार क्या-क्या नया …



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ये हैं दुनिया के 7 सबसे महंगे संग्रहालय, एंट्री फ़ीस जानकर हैरान हो जाएंगे आप!


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7 Most Expensive Museums : कला और इतिहास के इन वैश्विक संसाधनों को संरक्षित करना न केवल संस्कृति का संरक्षण है, बल्कि यह आर्थिक नियोजन का भी एक विशाल कार्य है. दुनिया के इन सात संग्रहालयों को उनके अमूल्य खजानों और अरबों डॉलर के सामूहिक मूल्य के कारण “कला जगत” के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में माना जाता है

लूव्र म्यूज़ियम, पेरिस: यूरोपियन यूनियन के बाहर से आने वाले विज़िटर्स के लिए, लूव्र ने अपनी एंट्री फ़ीस काफ़ी बढ़ा दी है, जो अब €32 ($37) हो गई है. इस फ़ीस बढ़ोतरी का मकसद म्यूज़ियम की सुरक्षा और निगरानी सिस्टम को मज़बूत करना है, ताकि हाल में हुई चोरी की घटनाओं के बाद भविष्य में मोना लिसा सुरक्षित और महफ़ूज़ रहे.

The Metropolitan Museum of Art, New York: A pioneer of the mandatory entry fee for out-of-state visitors, "The Met" charges $30 per adult. This fee provides full access to its massive collection spanning 5,000 years of history across two iconic New York City locations.

मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट, न्यूयॉर्क: राज्य के बाहर से आने वाले टूरिस्टों के लिए, “द मेट” जैसा कि इस म्यूज़ियम को प्यार से कहा जाता है में एंट्री के लिए $30 की फ़ीस देना ज़रूरी है. यह फ़ीस म्यूज़ियम के विशाल कलेक्शन तक पूरी पहुंच देती है, जो 5,000 साल के इतिहास को समेटे हुए है और न्यूयॉर्क शहर में दो मशहूर जगहों पर मौजूद है.

Art Institute of Chicago, Chicago: Known for its legendary Impressionist collection, this museum has one of the highest base prices in the U.S. at $32 for non-resident adults. The cost reflects the premium of viewing masterpieces like Grant Wood’s American Gothic in person.

द आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ़ शिकागो: अपने मशहूर इंप्रेशनिस्ट कलेक्शन के लिए जाना जाने वाला यह म्यूज़ियम, अमेरिका में सबसे ज़्यादा एंट्री फ़ीस लेने वाले म्यूज़ियम में से एक है; यह यहाँ के रहने वालों के अलावा दूसरों से एंट्री के लिए $32 लेता है. यह फ़ीस आपको ग्रांट वुड की मशहूर कलाकृति अमेरिकन गॉथिक जैसी बेहतरीन कलाकृतियों को सीधे देखने का खास मौका देती है.

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द व्हिटनी म्यूज़ियम ऑफ़ अमेरिकन आर्ट, न्यूयॉर्क: व्हिटनी में एंट्री की फ़ीस आम तौर पर $30 होती है, खासकर मशहूर व्हिटनी बाइनियल प्रदर्शनी के दौरान. पानी के किनारे बना यह म्यूज़ियम जिसे रेन्ज़ो पियानो ने डिज़ाइन किया है एक शानदार और अनोखी बनावट वाली जगह में आज की अमेरिकी कला का एक नया और आधुनिक नज़रिया पेश करता है.

Museum of Modern Art (MoMA), New York: MoMA charges $30 for adults to see its world-class collection, including Van Gogh’s The Starry Night. While it offers free entry to its PS1 location in 2026, the main Midtown gallery remains a premium destination for modern art.

MoMA में एंट्री की फ़ीस $30 है, जिससे आप दुनिया के मशहूर कलाकारों की कलाकृतियों का कलेक्शन देख सकते हैं, जिसमें विंसेंट वैन गॉग की बेहतरीन कलाकृति द स्टारी नाइट भी शामिल है. हालांकि, 2026 से इसके PS1 कैंपस में एंट्री मुफ़्त हो जाएगी, लेकिन मिडटाउन में मौजूद इसकी मुख्य गैलरी आधुनिक कला का एक खास केंद्र बनी रहेगी.

Solomon R. Guggenheim Museum, New York: With tickets priced at approximately $30, the Guggenheim is as much about the Frank Lloyd Wright-designed architecture as the art inside. The spiraling ramp provides a unique, continuous viewing experience that commands a top-tier price in Manhattan.

द सोलोमन आर. गुगेनहाइम म्यूज़ियम, न्यूयॉर्क: लगभग $30 की एंट्री फ़ीस देकर, गुगेनहाइम म्यूज़ियम विज़िटर्स को न सिर्फ़ अपने विशाल कला कलेक्शन को देखने का मौका देता है, बल्कि फ़्रैंक लॉयड राइट द्वारा डिज़ाइन की गई इस इमारत की शानदार बनावट को भी निहारने का मौका देता है. यह जगह देखने का एक अनोखा और बिना किसी रुकावट के अनुभव देती है, यही वजह है कि मैनहैटन में इसकी फ़ीस इतनी ज़्यादा है.

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फ़्लोरेंस की उफ़िज़ी गैलरी: पीक सीज़न के दौरान, रेनेसां काल के इस अनमोल खजाने के टिकट की कीमतें €29 ($34) तक पहुंच सकती हैं. बॉटिकेली की उत्कृष्ट कृति, द बर्थ ऑफ वीनस का घर, यह गैलरी इटली के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक को देखने के लिए उत्सुक भारी संख्या में आने वाले आगंतुकों को नियंत्रित करने के लिए एक गतिशील मूल्य निर्धारण रणनीति अपनाती है. ( All Image Wikimedia Commons)



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Iran US Talk Fail: फंस गया अमेरिका? शांति समझौते की जरूरत ईरान से ज्यादा ट्रंप को? 4 प्वाइंट्स में समझें


International

oi-Ankur Sharma

Iran US Talk Fail: अमेरिका ईरान के बीच इस्लामाबाद में चला 21 घंटे का मंथन किसी काम नहीं आया क्योंकि शांति वार्ता के फेल हो गई है अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान ने एक बार लोगों को चिंता में डाल दिया है तो वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इस वार्ता के फेल होने से अमेरिका को ईरान से ज्यादा नुकसान है। इस युद्ध के चलते घरेलू राजनीतिक विरोध झेल रहे ट्रंप के लिए ये चुनौतीपूर्ण हो सकता है। गौरतलब है कि Hormuz strait और परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता फेल हो गई है।

एक्सपर्ट का कहना है कि ‘अमेरिका स्टक हो गया है क्योंकि पीस डील यानी कि शांति समझौते की असलूी जरूरत उसे है। इस बारे में विस्तार से बात करते हुए विदेश नीति पर नजर रखने वाले माइकल कुगेलमैन ने ट्वीट किया है कि ‘अमेरिका, अपने घरेलू राजनीतिक कारणों से, एक ऐसा समझौता चाहता है जिससे उसे युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता मिल सके।’

Iran US Talk Fail

‘इतने वरिष्ठ समूह का इतनी दूर पाकिस्तान तक आना, अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वैंस की टिप्पणियों के बावजूद, यह मामला शायद अभी खत्म नहीं हुआ है। आगे और बातचीत हो सकती है-लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे पाकिस्तान में होंगी या कहीं और।’

शांति समझौता टूटने से Donald Trump पर दबाव ज्यादा

हालांकि कुगेलमैन ने इस्लामाबाद डायलॉग को एक असफलता के बजाय एक ठहराव बताया है। स्थिति पूरी तरह एकतरफा नहीं है,लेकिन मौजूदा हालात में शांति समझौता टूटने से Donald Trump पर दबाव ज्यादा बढ़ता दिख रहा है, इस वार्ता के फेल होने पर 4 मुख्य बिंदु प्रमुख हैं, जो कि अमेरिका पर दवाब बना रहे हैं।

  • कूटनीतिक दबाव: शांति समझौता नहीं हो पाने से अमेरिका की वैश्विक छवि पर असर पड़ता है। Donald Trump ने खुद को एक मजबूत डीलमेकर के रूप में पेश किया था लेकिन इस विफलता से उनकी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
  • मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ेगा: Iran के साथ तनाव बढ़ने का मतलब है कि खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता जारी रहेगी। इससे तेल सप्लाई प्रभावित होंगे जिसका असर पूरे विश्व पर होगा जो कि अमेरिका के लिए नई चुनौती है।
  • घरेलू राजनीति में नुकसान: अमेरिका में विपक्ष इस मुद्दे को लेकर Donald Trump को घेर सकता है। अगर हालात बिगड़ते हैं, तो यह उनके नेतृत्व और विदेश नीति पर सीधा असर डाल सकता है।
  • ईरान के पास विकल्प खुले: Iran पर भी आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बना रहेगा लेकिन वह चीन-रूस जैसे देशों के साथ संबंध मजबूत कर सकता है। यानी अमेरिका के मुकाबले उसके पास कुछ वैकल्पिक रास्ते मौजूद हैं।

Iran US War: ‘अमेरिका हर वक्त दवाब बनाने की कोशिश करता है’

इस मसले पर इस्फ़हान यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर मोहसिन फ़ारखानी ने कहा कि ‘अमेरिका जिस देश के साथ बातचीत करता है उसके साथ सद्भावना की भावना से पेश नहीं आता क्योंकि अमेरिकी नज़रिए से, बातचीत में शामिल होने का मतलब कमज़ोर स्थिति में होना है, वो वार्ता में दवाब बनाने की कोशिश करता है।’

‘ट्रंप की आक्रामकता के कारण फेल हुई शांति वार्ता’

मोहसिन फ़ारखानी ने कहा कि ‘ पिछले 40 दिनों के युद्ध के दौरान अमेरिका को इस क्षेत्र में ऐसा नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई करना मुश्किल है इसलिए अमेरिका को जनमत को फिर से अपने पक्ष में करने के लिए कुछ समय चाहिए था क्योंकि अमेरिका ने भी कुछ ‘रेड लाइन्स’ तय करने की मांग की थी, जो ट्रंप आक्रामकता के ज़रिए, या अपने असफल अभियानों की झूठी कहानियों के ज़रिए भी हासिल नहीं कर पाए थे। इसके अलावा, अमेरिका नेतन्याहू को रोक नहीं सका और न ही रोकेगा इसलिए नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रीय हितों पर अपनी मर्ज़ी थोप दी है। इस बात की पूरी संभावना है कि हम जल्द ही फिर से युद्ध की स्थिति में पहुंच जाएँगे। यही वजह है कि ये बातचीत सफल नहीं हो पाई।’

The US, for domestic political reasons, wants a deal that enables it to exit the war. That such a senior group flew all the way to Pak shows the US commitment. Despite Vance’s comments, this likely isn’t over. More talks could come-but unclear if they’ll be in Pak or elsewhere.

— Michael Kugelman (@MichaelKugelman) April 12, 2026 “>

#WATCH | Isfahan, Iran: On US-Iran No agreement peace talks, Assistant Professor at Isfahan University, Mohsen Farkhani says, “… The United States dont approach a country it negotiates with in a spirit of goodwill because, in the American view, entering negotiations means… pic.twitter.com/ZenU3r9bVn

— ANI (@ANI) April 12, 2026 “>





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Gold Silver Rate: जयपुर में घटे या बढ़े सोने-चांदी के दाम? खरीदारी से पहले चेक करें आज के रेट


Rajasthan

oi-Sohit Kumar

Gold Silver Price Today: राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी खूबसूरत ज्वेलरी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। आज यानी 12 अप्रैल 2026 को जयपुर के सर्राफा बाजार में हलचल दिख रही है। अगर आप भी शादी की शॉपिंग या निवेश (Investment) के लिए सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले आज के दाम जरूर चेक कर लें। आइए जानते हैं आज बाजार का हाल क्या है?

ग्लोबल मार्केट की बात करें, तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के ताजा आंकड़ों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की डिमांड मजबूत बनी हुई है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। सोना ₹1,52,690 पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी में भी मामूली तेजी देखी गई है।

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जयपुर में आज का भाव (12 अप्रैल 2026)

ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतें कुछ इस तरह हैं:

सोने के रेट (Gold Rates):

  • 24 कैरेट (सबसे शुद्ध सोना): ₹15,299 प्रति ग्राम
  • 22 कैरेट (गहनों वाला सोना): ₹14,025 प्रति ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: ₹11,478 प्रति ग्राम

चांदी के रेट (Silver Rates):

  • 1 ग्राम चांदी: ₹260
  • 1 किलो चांदी: ₹2,60,000

प्लैटिनम के रेट (Platinum Rates):

  • 1 ग्राम प्लैटिनम: ₹6,148
  • 10 ग्राम प्लैटिनम: ₹61,480

एक्सपर्ट की राय: क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही है?

बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की स्थिति बनी हुई है। Enrich Money के CEO, Ponmudi R ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया कि बाजार में खरीदारी तो लौट रही है, लेकिन अभी भी कीमतों में बहुत बड़ी तेजी के लिए पक्के संकेतों का इंतजार है।

सोने के लिए क्या है खास लेवल?
एक्सपर्ट के मुताबिक, सोने की अगली चाल इन दो लेवल्स पर टिकी है:

  • तेजी के लिए: अगर सोना 1,52,000 रुपये के स्तर को पार करता है, तो यह ₹1,53,000 से ₹1,55,000 तक जा सकता है।
  • गिरावट का डर: यदि कीमत 1,50,000 रुपये से नीचे गिरती है, तो भाव ₹1,47,000 तक भी लुढ़क सकते हैं।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

फिलहाल बाजार में जल्दबाजी के बजाय धैर्य रखने की जरूरत है। एक्सपर्ट की सलाह है कि:
1. नए निवेश के लिए रुकें: बाजार को एक साफ दिशा पकड़ने दें, उसके बाद ही बड़ा पैसा लगाएं।
2. लॉन्ग टर्म वाले फायदा उठाएं: जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, वे कीमतों में गिरावट आने पर (Dips) खरीदारी कर सकते हैं।

खरीदारी से पहले ये 3 बातें नोट कर लें

1. टैक्स और मेकिंग चार्ज: जो रेट आप ऊपर देख रहे हैं, वो बेस प्राइस है। जब आप गहने बनवाते हैं, तो उस पर GST और मेकिंग चार्जेस (बनाने की मजदूरी) अलग से देनी होती है।
2. हॉलमार्क जरूर देखें: गहने खरीदते समय हमेशा ‘BIS हॉलमार्क’ का निशान चेक करें। यह इस बात का सबूत है कि सोना असली और शुद्ध है।
3. दुकानदार से बात करें: मेकिंग चार्ज पर डिस्काउंट और फाइनल रेट के लिए हमेशा अपने भरोसेमंद सुनार से बात करें।

काम की बात: 22K और 24K में क्या फर्क है?

24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है, इसलिए इससे गहने नहीं बनते (सिक्के बनते हैं)। गहने बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल होता है, क्योंकि इसमें थोड़ा तांबा या जस्ता मिलाया जाता है ताकि गहने मजबूत रहें।

नोट: आर्टिकल में दिए गए सोने-चांदी के भाव Good Returns के इनपुट पर आधारित हैं।



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जंगलों से घिरा है यह सरोबर, जमशेदपुर से बेहद नजदीक; मिलेगा शिमला वाला सुकून


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जमशेदपुर से सिर्फ 14 किमी दूर नारगा गांव का सिंघाड़ा तालाब पिकनिक के लिए शानदार जगह है. जंगलों से घिरे इस सरोवर का नीला पानी और हरियाली शिमला जैसा अहसास कराते हैं. सड़क मार्ग दुरुस्त होने से बाइक या कार से यहां पहुंचना बेहद आसान और सुकून भरा है.

ख़बरें फटाफट

जमशेदपुर: गर्मी की छुट्टियां आते ही हर कोई ऐसी जगह की तलाश में रहता है, जहां भीड़-भाड़ से दूर सुकून, हरियाली और पानी का खूबसूरत संगम मिल सके. अगर आप भी अपने परिवार और दोस्तों के साथ एक परफेक्ट पिकनिक स्पॉट ढूंढ रहे हैं, तो घाटशिला जाने वाले रास्ते में मौजूद नारगा गांव का ‘सिंघाड़ा तालाब’ आपके लिए किसी छुपे हुए स्वर्ग से कम नहीं है.

जमशेदपुर से इतना दूर
जमशेदपुर से महज 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जगह शहर की भागदौड़ से बिल्कुल अलग एक शांत दुनिया का एहसास कराती है. जैसे ही आप नारगा गांव पहुंचते हैं, चारों तरफ फैली हरियाली और ठंडी हवा आपका स्वागत करती है. यहां की सबसे खास बात है, एक ही जगह पर बने तीन खूबसूरत तालाब. इन तालाबों का पानी इतना साफ और शांत है कि आप आसानी से अंदर तैरती मछलियों को अपनी आंखों से देख सकते हैं.

तालाब का पानी हल्के नीले और सफेद रंग की झलक लिए इतना आकर्षक लगता है कि देखते ही मन ठहर जाता है. चारों ओर हरे-भरे पेड़ और प्राकृतिक सुंदरता इस जगह को और भी खास बना देती है. ऐसा लगता है मानो प्रकृति ने खुद इस जगह को बड़ी खूबसूरती से सजाया हो.

कार-बाइक से पहुंचना आसान
यह जगह सिर्फ देखने के लिए ही नहीं, बल्कि पूरा दिन बिताने के लिए भी एकदम परफेक्ट है. यहां तक पहुंचने के लिए सड़क भी काफी अच्छी बनी हुई है. जिससे आप अपनी कार या बाइक से आराम से पहुंच सकते हैं. दोस्तों के साथ मस्ती करनी हो, परिवार के साथ शांत पल बिताने हों या फिर एक छोटी सी पिकनिक पार्टी प्लान करनी हो तो सिंघाड़ा तालाब हर तरह से बेहतरीन विकल्प है.

सुबह के समय यहां की ताजगी और शाम के वक्त ढलते सूरज का नजारा मन को सुकून देता है. पक्षियों की चहचहाहट और पानी की हल्की लहरें इस जगह के माहौल को और भी जीवंत बना देती हैं. अगर आप इस गर्मी में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार नारगा गांव के इस खूबसूरत सिंघाड़ा तालाब का रुख जरूर करें. यकीन मानिए, यहां बिताया हर पल आपको सुकून और ताजगी से भर देगा और शायद आप बार-बार यहां आने का मन करें.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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US-Iran वार्ता फेल होने से चिंता में मौलाना खालिद रशीद, UN और OIC के सामने रख दी कौन सी मांग?


India

oi-Kumari Sunidhi Raj

Maulana Khalid Rashid on US Iran Talks Fail: पाकिस्तान की राजधानी इस्लाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच चली 21 घंटे की लंबी शांति वार्ता किसी ठोस नतीजे पर पहुंचे बिना समाप्त हो गई है। वैश्विक शांति की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब यह स्पष्ट हुआ कि दोनों पक्ष अपने बुनियादी मतभेदों को पाटने में पूरी तरह असमर्थ रहे।

परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की शर्तों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे जटिल मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। इस विफलता ने न केवल मध्य पूर्व में जारी अस्थिरता को बढ़ा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव की लहर पैदा कर दी है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस वार्ता का विफल होना वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

Maulana Khalid Rashid US Iran Talks

वार्ता की विफलता पर मौलाना खालिद रशीद का बड़ा बयान

इस संवेदनशील वैश्विक घटनाक्रम पर ‘इस्लामी केंद्र भारत’ (Islamic Centre of India) के अध्यक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रमुख सदस्य, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली (Maulana Khalid Rashid Firangi Mahali) ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।

ये भी पढ़ें: US Iran War Talks: आगबबूला हुआ ईरान, बोला- ‘अमेरिका धोखेबाज, देशहित के लिए हम हर साधन का करेंगे इस्‍तेमाल’

उन्होंने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा, “यह अत्यंत चिंता का विषय है कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता किसी सकारात्मक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी और पूरी तरह विफल रही है। अब वह समय आ गया है जब संयुक्त राष्ट्र (UN) और ओआईसी (Organisation of Islamic Cooperation) को सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करना चाहिए। इस मुद्दे को पूर्ण संवाद के माध्यम से हल करना अनिवार्य है, क्योंकि वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए इस विवाद का समाधान निकलना बेहद आवश्यक है।”

क्यों फेल हुई शांति वार्ता?

इस्लामाबाद में हुई इस सीधी बातचीत में पाकिस्तान ने मेजबान और मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। हालांकि, 21 घंटे की चर्चा के बावजूद निम्नलिखित बिंदुओं पर गतिरोध बना रहा:

प्रतिबंधों की वापसी: ईरान ने अपनी अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए सभी प्रतिबंधों को तुरंत हटाने की मांग की, जिस पर अमेरिका ने कड़ी शर्तें रखीं।

परमाणु गारंटी: अमेरिका ने ईरान से उसके परमाणु कार्यक्रम पर लंबी अवधि के कड़े नियंत्रण की मांग की, जिसे ईरान ने अपनी संप्रभुता के साथ समझौता माना।

क्षेत्रीय सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति और सामरिक जलमार्गों पर नियंत्रण को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई नजर आई।

मौलाना खालिद रशीद ने इस बात पर जोर दिया कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और बड़े संगठन अब भी मूकदर्शक बने रहे, तो इसके परिणाम पूरे विश्व को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने अपील की कि वैश्विक स्थिरता के हित में कूटनीतिक प्रयासों को नए सिरे से और अधिक मजबूती के साथ शुरू किया जाना चाहिए।

ये भी पढ़ें: LPG Price Today: ‘अमेरिका- ईरान की शांति वार्ता फेल’, क्या बढ़ें एलपीजी के दाम? चेक करें अपने शहर का रेट



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US-Iran: अमेरिका-ईरान में फिर से ठनी! फर्जी में ‘कॉलर’ ऊंचा कर रहा पाकिस्तान! क्या है Thank you वाली नौटंकी?


International

oi-Sohit Kumar

US-Iran Islamabad Peace Talks Fail: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता का बड़ा दांव खेला, लेकिन नतीजा वही रहा- ‘ढाक के तीन पात’। इस्लाबाद में 21 घंटों तक चली मैराथन शांति वार्ता पूरी तरह बेनतीजा साबित हुई है। हैरानी की बात यह है कि इस विफलता के बाद भी पाकिस्तान अपनी पीठ थपथपाने से पीछे नहीं हट रहा है।

शांति वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अपनी ‘नौटंकी’ जारी रखते हुए उन्होंने विफलता को सफलता की तरह पेश किया और कहा, ‘हम इस्लाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने के लिए ईरान और अमेरिका का शुक्रिया अदा करते हैं।

JD Vance with Shehbaz Sharif

उन्होंने कहा कि, ‘ये न सिर्फ मिडिल-ईस्ट बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए एक अच्छा संकेत है। पाकिस्तान इन शांति वार्ताओं की मेजबानी करके सम्मानित महसूस कर रहा है।’ इशाक डार ने आगे कहा, पाकिस्तान की ओर से, मैं दोनों पक्षों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि उन्होंने सीजफायर हासिल करने के पाकिस्तान के प्रयासों और हमारी मध्यस्थता की भूमिका की सराहना की।

21 घंटे की बैठक और ईरान के गंभीर आरोप

ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए यह बैठक 21 घंटे तक चली। बैठक खत्म होते ही ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए। ईरानी मीडिया का कहना है कि अमेरिका कभी बातचीत के लिए ‘सीरियस’ था ही नहीं।

  • ईरान का दावा: अमेरिका सिर्फ दुनिया के सामने अपनी इमेज बेहतर करना चाहता था और भागने का बहाना ढूंढ रहा था।
  • मुश्किल शर्तें: ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ऐसी शर्तें रखीं जिन्हें मानना नामुमकिन था, ताकि बातचीत फेल होने का ठीकरा ईरान पर फोड़ा जा सके।

बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?

इस हाई-लेवल मीटिंग मीटिंग में दोनों देशों के दिग्गज चेहरे आमने-सामने थे:

  • ईरान: तेहरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची।
  • अमेरिका: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जेरेड कुशनर (डोनाल्ड ट्रंप के दामाद एवं विशेष सलाहकार), और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ।
  • मेजबान: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर।

इन मुद्दों पर फंसा पेंच

बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन दो प्रमुख केंद्रों पर बात बिगड़ गई:
1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच भारी विवाद रहा।
2. परमाणु अधिकार: ईरान अपने परमाणु अधिकारों और यूरेनियम संवर्धन को लेकर झुकने को तैयार नहीं था।

‘क्या 10 दिन बाद फिर होगी बात’

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल अब वॉशिंगटन के लिए रवाना हो चुका है, लेकिन पाकिस्तान अभी भी उम्मीद लगाए बैठा है। इशाक डार ने बताया कि उन्होंने और आर्मी चीफ असीम मुनीर ने 24 घंटे तक गहन मध्यस्थता की है।

डार ने कहा कि, ‘बातचीत आज सुबह खत्म हो गई, उम्मीद है कि US और ईरान शांति के लिए सकारात्मक भावना के साथ आगे बढ़ेंगे। 10 दिन के अंदर एक बार फिर से दोनों देशों के बीच वार्ता हो सकती है। पाकिस्तान आने वाले दिनों में भी संवाद को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।’



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US Iran War Talks: आगबबूला हुआ ईरान, बोला- ‘अमेरिका धोखेबाज, देशहित के लिए हम हर साधन का करेंगे इस्‍तेमाल’


International

oi-Bhavna Pandey

US Iran War Talks Failure: इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल हो गई है। वार्ता के फेल होने के बाद ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका असल में सुलह नहीं चाहता था, बल्कि बातचीत से पीछे हटने के लिए सिर्फ एक बहाना ढूंढ रहा था। वहीं ईरान ने अब स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के साथ अगले दौर की किसी बातचीत करने का उसका फिलहाल कोई इरादा नहीं है।

ईरान ने अमेरिका के साथ जारी कूटनीतिक वार्ताओं को लेकर अपना सख्त रुख दोहराया है। ईरान के सार्वजनिक कूटनीति केंद्र के प्रमुख इस्माईल बाकायेई ने साफ कहा है कि बातचीत की सफलता केवल तभी संभव है जब ईरान के वैध अधिकारों और हितों को स्वीकार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के संघर्षों से हुए नुकसान ने देश के संकल्प को और मजबूत किया है।

US Iran War Talks

राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं

बाकायेई ने दोहराया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कूटनीति सहित सभी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी दबाव या बाधा ईरान को अपने “ऐतिहासिक मिशन” से नहीं रोक सकती।

अमेरिका के वादाखिलाफी और दुर्भावनापूर्ण रवैये को ईरान नहीं भूलेगा

स्माईल बाकायेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि “हमारे लिए कूटनीति ईरानी भूमि के रक्षकों के पवित्र जिहाद की निरंतरता है।” उन्‍होंने अमेरिका पर वादाखिलाफी और दुर्भावनापूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान इन अनुभवों को कभी नहीं भूलेगा। साथ ही, दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों के दौरान उन्होंने और ज़ायोनी शासन ने जो जघन्य अपराध किए, उन्हें भी हम कभी माफ नहीं करेंगे।”

इस्लामाबाद में जारी है गहन वार्ता

इस्माईल बाकायेई ने कहा, “इस्लामाबाद में इस्लामी गणतंत्र ईरान के प्रतिनिधिमंडल के लिए आज का दिन व्यस्त और लंबा रहा। शनिवार सुबह पाकिस्तान के सद्भावपूर्ण प्रयासों और मध्यस्थता से शुरू हुई गहन वार्ता अब तक बिना किसी रुकावट के जारी है। दोनों पक्षों के बीच कई संदेशों और मसौदों का आदान-प्रदान हुआ है। ईरानी वार्ताकार ईरान के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अपनी पूरी क्षमता, अनुभव और ज्ञान का उपयोग कर रहे हैं।

बाकायेई ने कहा, “हमारे महान बुजुर्गों, प्रियजनों और देशवासियों की भारी क्षति ने ईरानी राष्ट्र के हितों और अधिकारों को आगे बढ़ाने के हमारे संकल्प को पहले से कहीं अधिक मजबूत बना दिया है।” बाकायेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेगा।

इन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई तेज

पिछले 24 घंटों में जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, परमाणु कार्यक्रम, युद्ध क्षतिपूर्ति, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र में स्थायी शांति शामिल हैं। ईरान ने इन सभी विषयों पर अपने अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

वार्ता फेल होने के बाद क्‍या बोला अमेरिका?

वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरानियों ने इस पेशकश को नहीं चुना। वेंस ने टिप्पणी की, “हमने ईरानियों के साथ कई महत्वपूर्ण चर्चाएं की हैं, यह अच्छी खबर है। बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं हो सका है। उन्‍होंने कहा मुझे लगता है कि यह अमेरिका से कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है।”



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Mumbai Gold Silver Rate Today: ‘ईरान-US वार्ता फेल’, घटे या बढ़े, मुंबई में क्या है सोने-चांदी का भाव?


Business

oi-Ankur Sharma

Mumbai Gold Silver Rate Today: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता विफल हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसकी पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई, जिसके बाद निवेशकों की पेशानी पर फिर से बल पड़ गया है,आपको बता दें कि 28 फरवरी से जब से ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है तब से ही सोना-चांदी के रेट को लेकर उठा-पटक जारी है।

रविवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने के भाव में चढ़ाव देखा गया है, इसका वायदा भाव 152690 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है तो वहीं गुडरिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट सोना का भाव 152990 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, चूंकि रविवार को बाजार बंद है, इसलिए दोनों दिन यही भाव मान्य रहेगा। चलिए इसी बीच जानते हैं कि मुंबई में सोने का भाव क्य़ा है?

Mumbai Gold Silver Rate Today 12 April

Gold Rate Today in Hindi: आज का सोने का भाव इस प्रकार है (IBJA )

  • सोना 24 कैरेट: 150327 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • सोना 22 कैरेट: 137700 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • सोना 18 कैरेट: 112745 रुपये प्रति 10 ग्राम

Mumbai Silver Rate Today : मुंबई में क्या है सोने का रेट?

  • मुंबई में सोना 24 कैरेट: ₹152840 प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई में सोना 22 कैरेट: ₹140100 प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई में सोना 18 कैरेट:₹114630 प्रति 10 ग्राम

(लोकल ज्वैलर्स के दामों में थोड़ा अंतर संभव है)

Silver Rate Today 12 April 2026 : चांदी के भाव में तेजी

चांदी की कीमतों में गिरावट हुई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव आज बढ़ा है, इसका रेट 2,43,300 रुपये किलो हो गया। जबकि Goodreturns के मुताबिक चांदी की कीमत 2,60,000 रुपये किलो हो गई। आइए जानते हैं मुंबई में आज चांदी का रेट कहां पहुंचा है।

  • प्रति 10 ग्राम कीमत:₹2,600
  • प्रति 100 ग्राम कीमत: ₹26,000
  • प्रति किलोग्राम कीमत:₹2,60,000

(शहर, ज्वेलर और GST/मेकिंग चार्ज के कारण रेट थोड़ा अलग हो सकता है)

Gold Silver Rate Today: क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?

शांति वार्ता फेल होने के बाद सोना-चांदी के भाव को लेकर एक्सपर्ट्स की राय काफी मिश्रित है। आम तौर पर युद्ध या तनाव बढ़ने पर सोना-चांदी “सेफ हेवन” (सुरक्षित निवेश) माने जाते हैं, लेकिन इस बार ट्रेंड थोड़ा अलग दिख रहा है। मार्केट एक्सपर्ट सलोनी आहूजा ने जी मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर शांति वार्ता फेल होने पर भू-राजनीतिक तनाव बढेगा तो लंबी अवधि में सोना-चांदी की मांग बढ़ सकती है।

सोना-चांदी के दाम बढ़ेंगे!

तो वहीं सर्राफा बाजार एक्सपर्ट राधेश्याम तिवारी ने ईटीवी से कहा कि ‘संघर्ष बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, जिससे महंगाई का दबाव आता है। इसके कारण केंद्रीय बैंक ब्याज दरें कम नहीं करते, और यही सोने-चांदी पर दबाव बनाता है, अगर युद्ध को लेकरअनिश्चितता बनी रही तो सोना-चांदी के दाम बढ़ेंगे, ये मेरा मानना है।’

डिस्क्लेमर: बताए गए विचार और सुझाव सिर्फ़ अलग-अलग एनालिस्ट या एंटिटी के हैं, वनइंडिया हिंदी किसी भी तरह के कोई निवेश सलाह नहीं देता है देता हैं और ना ही सिक्योरिटीज़ की खरीद या बिक्री के लिए कहता है। सारी जानकारी सिर्फ़ जानकारी देने और एजुकेशनल मकसद के लिए दी गई है और कोई भी निवेश का फ़ैसला लेने से पहले लाइसेंस वाले फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से इसे अलग से वेरिफ़ाई कर लेना चाहिए।



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