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यश चोपड़ा फाउंडेशन ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री वर्कर्स के बच्चों के लिए की YCF स्कॉलरशिप प्रोग्राम 2026 की घोषणा


Press Release

oi-Oneindia Staff

YCF Scholarship Program 2026: यश चोपड़ा फाउंडेशन (YCF), जो यश राज फिल्म्स की परोपकारी इकाई है, ने आज वायसीएफ स्कॉलरशिप प्रोग्राम 2026 की घोषणा की। यह इस पहल का दूसरा वर्ष है और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा को समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है।

यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम पंजीकृत हिंदी फिल्म इंडस्ट्री वर्कर्स और वायसीएफ साथी सदस्यों के बच्चों के लिए है, जो फिल्म इंडस्ट्री के इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वायसीएफ प्रत्येक छात्र को ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, जिससे वे अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल कर सकें। यह पहल योग्य छात्रों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए भारत के मान्यता प्राप्त संस्थानों में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाएगी। चयन अकादमिक योग्यता और आर्थिक आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा।

YCF Scholarship Program 2026

यह प्रोग्राम फिल्म स्टडीज़, मीडिया और कम्युनिकेशन, एनीमेशन और विजुअल इफेक्ट्स, सिनेमैटोग्राफी, डायरेक्शन और विज़ुअल आर्ट्स जैसे कई पेशेवर और क्रिएटिव क्षेत्रों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को सपोर्ट करता है। इस वर्ष इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल और पैरामेडिकल साइंसेज़, बिजनेस और मैनेजमेंट, लॉ और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे प्रोफेशनल स्ट्रीम्स में पोस्टग्रेजुएट कोर्स भी शामिल किए गए हैं। यह स्कॉलरशिप पात्र कोर्सेज़ की ट्यूशन फीस को कवर करेगी और NAAC मान्यता प्राप्त, AICTE अप्रूव्ड या सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों में लागू होगी, जिससे वित्तीय बाधाओं को कम किया जा सके और उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो सकें।

इस कार्यक्रम के बारे में बात करते हुए, वायआरएफ के सीईओ अक्षय विधानी ने कहा, “वायसीएफ स्कॉलरशिप प्रोग्राम के दूसरे वर्ष की शुरुआत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है कि हम हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और शिक्षा के माध्यम से एक स्थायी भविष्य बनाने के लिए सशक्त बना रहे हैं। इस वर्ष का विस्तार हमारे उस संकल्प को दर्शाता है जिसमें हम फिल्म इंडस्ट्री के 60% परिवारों की मदद करना चाहते हैं, जो शिक्षा के खर्च को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जैसा कि वायसीएफ साथी सर्वे में सामने आया है। ये स्कॉलरशिप इन बच्चों के उज्जवल भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही हैं। हम सभी योग्य परिवारों से जल्द आवेदन करने का आग्रह करते हैं।”

YCF Scholarship Program 2026

वायसीएफ साथी सर्वे के अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री के 60% से अधिक परिवार उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय चुनौतियों का सामना करते हैं। यह स्कॉलरशिप इस अंतर को कम करने और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के अवसर पैदा करने का प्रयास है।

चयनित उम्मीदवारों को एक संरचित मल्टी-स्टेज मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसमें स्क्रीनिंग और व्यक्तिगत इंटरव्यू शामिल होंगे। सफल उम्मीदवारों को इस प्रोग्राम के तहत वित्तीय सहायता दी जाएगी और फीस सीधे संबंधित संस्थानों को प्रदान की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार वायसीएफ के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए यश चोपड़ा फाउंडेशन की वेबसाइट https://www.yashrajfilms.com/yash-chopra-foundation पर जाएं या [email protected] पर ईमेल करें।



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मुंबई एयरपोर्ट पर ₹38 करोड़ का 29.37 किलो सोना जब्त: 24 केन्याई महिलाएं गिरफ्तार, कपड़ों-बैग में छिपाकर ला रही थीं गोल्ड




मुंबई एयरपोर्ट पर बुधवार को 29.37 किलो सोने के साथ 24 केन्याई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने इन महिलाओं से ₹37.74 करोड़ का सोना जब्त किया है। ये महिलाएं सोना कपड़ों और बैग में छिपाकर ला रही थीं। दरअसल, DRI को इनपुट मिला था कि केन्या के नैरोबी से आने वाली कुछ महिला यात्री सोना लेकर मुंबई पहुंचेंगी। इसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर ऑपरेशन ‘धहाबू ब्लिट्ज’ चलाया गया संदिग्ध यात्रियों को रोका गया। जांच में महिलाओं के पास से कुल 29.37 किलो सोना बरामद हुआ। इसमें 25.10 किलो सोने की सिल्लियां और 4.27 किलो सोने के जेवर शामिल हैं। ट्रेनिंग देकर तस्करी कराई जा रही थी एजेंसी के मुताबिक, महिलाओं को सोना छिपाने और एयरपोर्ट जांच से बचने के तरीके पहले से सिखाए गए थे। इससे साफ है कि पूरा काम एक संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था, जो कैरियर्स के माध्यम से सोना भारत भेज रहा था। गिरोह खुद सोना नहीं लाता था, बल्कि पैसों के लालच में लोगों को कैरियर बनाकर उनके जरिए तस्करी कराता था। यह इस साल मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़े गए सबसे बड़े मामलों में से एक है। सभी महिलाओं को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि एजेंसी अब इस नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस कार्रवाई का नाम ‘धहाबू ब्लिट्ज’ रखा गया है। ‘धहाबू’ स्वाहिली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ सोना होता है। एयरपोर्ट पर पकड़ी गई सोना तस्करी की पिछली घटनाएं… 10 फरवरी: अंडरवियर में छिपाकर दुबई से 45 लाख का सोना ला रहा था 10 फरवरी 2026 को कस्टम विभाग ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दुबई के एक शख्स को 96 लाख रुपए के सोने के साथ पकड़ा था। इसने अपने अंडरवियर में 45 लाख का सोना छिपा रखा था। जांच के दौरान व्यक्ति के पास से 24 कैरेट शुद्धता की दो पूरी सोने की छड़ें और एक कटी हुई छड़ भी मिली। ये छड़े उनकी अपनी जेब में रखे पर्स में छिपा रखी थीं। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी: लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का गोल्ड मिला, सऊदी अरब से 3 पैकेट में छुपाकर लाया था लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का सोना पकड़ा गया। जेद्दा से आई सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से 1.267 ग्राम सोना लावारिस हालत में मिला है। रविवार को एयर इंडिया की सुरक्षा टीम की ओर से सौंपे गए इस सोने को कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत जब्त कर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… तस्करी करने 135 ग्राम सोना निगल रखा था:अबू धाबी से अहमदाबाद आए पैसेंजर को एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने पकड़ा अहमदाबाद कस्टम्स विभाग ने अबू धाबी से आए एक पैसेंजर को पकड़ा। इसने 24 कैरेट का 135 ग्राम से अधिक सोना निगल रखा था। अस्पताल में मलत्याग के जरिए गोल्ड निकलवाया गया। जब्त किए गए सोने की अनुमानित बाजार कीमत करीब 21.89 लाख रुपए आंकी गई है। पूरी खबर पढ़ें…



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लंदन, पेरिस जाने की जरूरत नहीं, भारत की ये 6 जगहें देगी उसी तरह का फील


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भारत के विविध पर्यटन संसाधनों में ऐसे स्थान शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों से काफी मिलते-जुलते हैं. उचित यात्रा योजना के साथ, आप कम बजट में भी विश्व-स्तरीय अनुभव का आनंद ले सकते हैं.

क्या आप यूरोप घूमने का सपना देख रहे हैं, लेकिन खर्च को लेकर चिंतित हैं? ये खूबसूरत जगहें आपको बिल्कुल वैसा ही माहौल और अनुभव देती हैं—और इसके लिए आपको वीज़ा या पासपोर्ट की भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी. स्विट्जरलैंड जैसे खूबसूरत नजारों से लेकर फ्रांस की उपनिवेशों जैसी मनमोहक अनुभूति तक, भारत में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो देश छोड़े बिना ही यूरोप का अनुभव प्रदान करते हैं.

Khajjiar, Himachal Pradesh — Mini Switzerland of India Khajjiar’s lush green meadows, dense pine forests and a small lake in the middle make it look straight out of Switzerland. In winter, a layer of snow adds to the European charm. (Credits: Instagram/ @iamjatinsahotra)

खज्जियार, हिमाचल प्रदेश: भारत का “मिनी स्विट्जरलैंड।” खज्जियार के हरे-भरे घास के मैदान, घने जंगल और उनके बीच बनी एक छोटी सी झील मिलकर प्राकृतिक सुंदरता का एक बेहतरीन मेल बनाते हैं। सर्दियों के महीनों में, बर्फ की चादर इसे यूरोपीय आल्प्स जैसा और भी ज़्यादा बना देती है। (क्रेडिट: Instagram/ @iamjatinsahotra)

 Puducherry — French Vibes Without Leaving IndiaWith its pastel-coloured buildings, charming cafés and quiet streets, Puducherry’s French Quarter feels like a small town in France. A perfect mix of culture and coastal beauty. (Credits: X/@LPMagIn)

पुडुचेरी: भारत छोड़े बिना फ्रांस का अनुभव करें। अपनी औपनिवेशिक-युग की वास्तुकला, अनोखे कैफे और शांत रेस्टोरेंट के साथ आकर्षक, पुडुचेरी का फ्रेंच क्वार्टर बिल्कुल फ्रांस के किसी छोटे शहर जैसा लगता है संस्कृति और वास्तुकला का एक बेहतरीन संगम.

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Auli, Uttarakhand — Alps-Like Snow DestinationAuli’s snow-covered slopes and ski resorts give you the feel of the Swiss or Italian Alps. The cable car ride here is one of the longest in India and offers breathtaking views. (Instagram/auli.official)

औली, उत्तराखंड: आल्प्स जैसी बर्फीली जगह। औली की बर्फ से ढकी ढलानें और स्की रिसॉर्ट स्विट्जरलैंड या इटली के आल्प्स जैसा अनुभव देते हैं। यहाँ की केबल कार की सवारी भारत की सबसे लंबी सवारियों में से एक है और यहाँ से चारों ओर के शानदार नज़ारे दिखाई देते हैं।

Andaman & Nicobar Islands — Maldives On A BudgetCrystal-clear water, white sandy beaches and peaceful surroundings make Andaman feel like the Maldives or even parts of Greece. Ideal for a relaxing beach holiday. (Credits: Instagram/andamaneee)

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: कम बजट में एक ट्रॉपिकल छुट्टी का अनुभव करें। साफ़-सुथरा पानी, एकदम सफ़ेद रेत वाले समुद्र तट और शांत माहौल अंडमान को एक अनोखे ट्रॉपिकल स्वर्ग जैसा एहसास देते हैं। समुद्र तट पर आराम करने वाली छुट्टी के लिए यह एक बेहतरीन जगह है।

Tawang, Arunachal Pradesh — Nordic Mountain BeautyWith snow-clad mountains, serene monasteries and quiet valleys, Tawang offers a peaceful escape that feels like Northern Europe. (Credits: Instagram/discover_tawang)

तवांग, अरुणाचल प्रदेश: अपने बर्फीले पहाड़ों, शांत मठों और सुकून भरी घाटियों के साथ, तवांग एक मनमोहक जगह है जो उत्तरी यूरोप जैसा माहौल देती है।

Goa (Fontainhas) — Portuguese Europe in IndiaThe colourful houses and narrow lanes of Fontainhas in Goa reflect strong Portuguese influence, making it feel like a European town.

गोवा: भारत में एक यूरोपीय शहर। गोवा के इलाकों के रंग-बिरंगे औपनिवेशिक-शैली के घर और पतली, घुमावदार गलियां एक अलग ही यूरोपीय आकर्षण बिखेरती हैं, जिससे यह बिल्कुल किसी यूरोपीय शहर जैसा लगता है. ( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.)



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असम CM की धमकी के बीच पवन खेड़ा को बड़ी राहत, तेलंगाना HC ने दी अग्रिम जमानत


India

oi-Sohit Kumar

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराए गए एक मामले में कोर्ट ने खेड़ा को एक सप्ताह की अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर की है। यह मामला पासपोर्ट और संपत्ति के खुलासे से जुड़ी टिप्पणियों से संबंधित है।

कोर्ट ने खेड़ा को सात दिनों का समय दिया है ताकि वह इस दौरान संबंधित निचली अदालत में अपनी नियमित याचिका दायर कर सकें। आइए जानते हैं इस पूरे विवाद की मुख्य वजह क्या है?

Pawan Khera

पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति के गंभीर आरोप

पवन खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर चौंकाने वाले दावे किए थे। उनके आरोपों के अनुसार, रिंकी भुइयां शर्मा के पास भारत, यूएई और मिस्र के तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं। उनके पास दुबई में अघोषित लक्जरी संपत्तियां और अमेरिका के व्योमिंग (Wyoming) में एक कंपनी है।

मामले में क्या है सरमा परिवार का पक्ष?

मुख्यमंत्री के परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘एआई-जेनरेटेड’ (AI-generated) फर्जी दस्तावेज करार दिया है। उनका कहना है कि ये दस्तावेज पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप्स द्वारा भ्रम फैलाने के लिए तैयार किए गए हैं।

पुलिस की छापेमारी और मुख्यमंत्री की चेतावनी

अग्रिम जमानत मिलने से ठीक पहले असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के आवास पर तलाशी ली थी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, असम पुलिस ‘पाताल’ से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मुझे संदेह है कि राहुल गांधी ने उन्हें ये फर्जी दस्तावेज दिए हैं, इसलिए यह मामला उन तक भी पहुंचेगा। यह असम है, हमने 17 बार इस्लामी आक्रमणों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, हमें डराने की कोशिश न करें।’

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बीजेपी का कटाक्ष

8 अप्रैल को हैदराबाद से पवन खेड़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह मीडिया के कैमरों को देखते ही अपनी कार की पिछली सीट पर नीचे की ओर झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखा हमला बोला। पूनावाला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता खुद को ‘बब्बर शेर’ बताते थे, वे आज पुलिस के डर से ‘भीगी बिल्ली’ की तरह छिप रहे हैं। उन्होंने लिखा कि खेड़ा कार के अंदर इसलिए झुक रहे थे ताकि कोई उन्हें देख न पाए। शायद उन्हें एहसास हो गया है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है।

पवन खेड़ा पर मुख्य आरोप क्या हैं?

एफआईआर के अनुसार, पवन खेड़ा पर निम्नलिखित आरोप हैं:

  • 1. फर्जी दस्तावेज: कथित तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाली कागजात पेश करना।
  • 2. छवि खराब करना: मुख्यमंत्री और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना।



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BJP Manifesto: बंगाल में 6 महीने में UCC, 45 दिन में 7वां वेतन,महिलाओं को 3000, भाजपा घोषणापत्र की 10 बड़ी बात


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oi-Pallavi Kumari

West Bengal BJP Manifesto 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी तापमान अब चरम पर है और इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना घोषणापत्र जारी कर बड़ा दांव खेल दिया है। पार्टी ने इसे ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया है और साफ संकेत दिया है कि अगर सत्ता में आई तो बड़े और तेज फैसले लिए जाएंगे। कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले 15 साल को “कालरात्रि जैसा समय” बताते हुए बदलाव का वादा किया। घोषणापत्र में कानून, रोजगार, महिला सुरक्षा, किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर तक हर सेक्टर को कवर करने की कोशिश की गई है। आइए जानें भाजपा घोषणापत्र की बड़ी बातें।

West Bengal BJP Manifesto

🟡 UCC और 7वां वेतन: सबसे बड़े ऐलान (UCC & Pay Commission Highlights)

1. घोषणापत्र की सबसे बड़ी हेडलाइन दो बड़े वादों से बनती है। पहला, सरकार बनने के 6 महीने के भीतर कॉमन सिविल कोड (UCC) लागू करने की बात कही गई है, ताकि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून हो सके।

2. दूसरा, सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा राहत पैकेज देते हुए 45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया गया है। साथ ही डीए भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है। ये दोनों ऐलान सीधे तौर पर बड़े वोट बैंक को प्रभावित करने वाले माने जा रहे हैं।

West Bengal BJP Manifesto 2026

🟡महिलाओं के लिए बड़ा पैकेज (Women Benefits Plan)

3. महिलाओं को लेकर भाजपा ने काफी आक्रामक और आकर्षक घोषणाएं की हैं। हर महिला को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और पुलिस बल में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई है।

4. महिला सुरक्षा के लिए अलग स्क्वॉड बनाने, हर मंडल में महिला थाना और महिला डेस्क स्थापित करने का भी वादा किया गया है। राज्य की बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने की योजना भी शामिल है।

5. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 और 6 पोषण किट देने का वादा इस पैकेज को और मजबूत बनाता है।

🟡 युवाओं और रोजगार पर फोकस (Jobs & Youth Focus)

6. बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा मानते हुए भाजपा ने युवाओं के लिए हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता देने की बात कही है। साथ ही पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने और सभी सरकारी पदों को स्थायी बनाने का वादा किया गया है।

🟡 घुसपैठ और कानून व्यवस्था (Infiltration & Law Order)

7. घुसपैठ के मुद्दे पर भाजपा ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का ऐलान किया है। सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक पेट्रोलिंग सिस्टम लागू करने की बात कही गई है।

8. सके साथ ही सरकारी जमीन से अवैध कब्जे 200 दिनों के भीतर हटाने और सिंडिकेट सिस्टम खत्म करने का वादा भी किया गया है। TMC सरकार के कथित भ्रष्टाचार पर श्वेत पत्र लाने की बात भी कही गई है, जिसमें घोटालों का पूरा हिसाब दिया जाएगा।अमित शाह ने साफ कहा कि भर्ती में घोटालों को खत्म किया जाएगा और योग्यता के आधार पर नौकरी दी जाएगी।

🟡 गो तस्करी और सीमा सुरक्षा (Cow Smuggling & Border Security)

9.घोषणापत्र में गो तस्करी को बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा गया है कि सीमा को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा और एक भी गाय की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। यह मुद्दा भाजपा के कोर एजेंडे से जुड़ा हुआ है और चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

🟡 किसानों के लिए क्या वादा? (Farmers Plan)

10. किसानों के लिए धान, आलू और आम की फसलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। धान की खरीद ₹3100 प्रति क्विंटल के हिसाब से करने का वादा किया गया है ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके और उन्हें अपनी उपज सस्ते में न बेचनी पड़े। यह सीधा ग्रामीण वोटर्स को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

🟡 विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर (Development & Infrastructure)

11. भाजपा ने सत्ता में आने के पहले 100 दिनों के भीतर विकास का रोडमैप पेश करने की बात कही है। 4 नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप बसाने, हल्दिया पोर्ट के विकास और MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए निगम बनाने का वादा किया गया है। कोलकाता को सांस्कृतिक और औद्योगिक राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना भी इसमें शामिल है।

🟡 रेल, मेट्रो और कनेक्टिविटी (Transport & Connectivity)

12. घोषणापत्र में कहा गया है कि एक साल के भीतर 61 रेलवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। कोलकाता मेट्रो का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पूरे राज्य में कनेक्टिविटी सुधारने का बड़ा प्लान माना जा रहा है।

🟡चाय बागान और उद्योग (Tea Gardens & Industry)

13. दार्जिलिंग के चाय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष आयोग बनाने की घोषणा की गई है, जो संभावनाओं की रिपोर्ट एक साल में देगा और अगले 4 साल में विकास कार्य होंगे। साथ ही निवेशकों को पहले 100 दिनों में मदद देने और उद्योग लगाने में आसानी करने का वादा किया गया है।

🟡 शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति (Education, Health & Culture)

14. उत्तर बंगाल के विकास पर खास जोर देते हुए वहां AIIMS, IIT, IIM और फैशन डिजाइनिंग संस्थान खोलने की बात कही गई है। सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए ‘वंदेमातरम म्यूजियम’ बनाने का भी वादा किया गया है, जो बंगाल की विरासत को दुनिया के सामने पेश करेगा।

भाजपा का यह घोषणापत्र साफ तौर पर बड़े वादों और आक्रामक रणनीति का मिश्रण है। UCC, महिला सम्मान राशि, रोजगार सहायता और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर पार्टी ने हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। अब असली परीक्षा चुनाव में होगी, जहां यह तय होगा कि ‘भरोसे का पत्र’ जनता के भरोसे पर कितना खरा उतरता है।



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छोटी-छोटी चीजें भूले तो पूरी ट्रिप हो जाएगी खराब, क्या आपके बैग में है वो जरूरी सामान


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Summer Vacation Packing List: गर्मी की छुट्टियां आते ही मन कहीं दूर निकल जाने को करता है कभी पहाड़ों की ठंडी हवा, तो कभी समुद्र किनारे की लहरें बुलाने लगती हैं. लेकिन सच कहें तो यात्रा का असली मजा तभी आता है जब तैयारी पूरी हो. अक्सर लोग जल्दबाजी में पैकिंग करते हैं और बाद में छोटी-छोटी चीजों की कमी पूरे ट्रिप का अनुभव बिगाड़ देती है. तेज धूप, पसीना और लंबी यात्राएं शरीर को जल्दी थका देती हैं, ऐसे में सही सामान साथ रखना सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि जरूरत बन जाता है. एक समझदारी भरी पैकिंग न केवल आपकी यात्रा को आरामदायक बनाती है, बल्कि आपको अनावश्यक परेशानियों से भी बचाती है.

यात्रा से पहले क्यों जरूरी है सही तैयारी गर्मियों में यात्रा करना अपने आप में एक चुनौती है. तापमान बढ़ने के साथ शरीर पर असर भी तेजी से पड़ता है. कई बार लोग सिर्फ कपड़े पैक करके निकल जाते हैं, लेकिन असली जरूरत उन चीजों की होती है जो आपको मौसम के अनुकूल बनाए रखें. याद कीजिए, जब आपने पिछली बार कहीं यात्रा की थी और अचानक तेज धूप में सिर दर्द या थकान महसूस हुई थी उस समय अगर आपके पास जरूरी दवाइयां या पानी होता, तो अनुभव कहीं बेहतर होता. यही छोटी-छोटी बातें आपकी यात्रा को आसान या मुश्किल बना देती हैं.

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इन जरूरी चीजों को रखें हमेशा साथ धूप से बचाव है सबसे जरूरी गर्मियों में सबसे बड़ा खतरा तेज धूप से होता है. इसलिए सनस्क्रीन लोशन या क्रीम अपने बैग में जरूर रखें. यह न केवल त्वचा को सनबर्न से बचाता है बल्कि लंबे समय तक स्किन को सुरक्षित भी रखता है. इसके साथ ही एक अच्छी क्वालिटी का धूप का चश्मा और टोपी आपके लिए ढाल का काम करते हैं. खासकर अगर आप पहाड़ी या समुद्र तटीय इलाके में जा रहे हैं, तो इनकी जरूरत और भी बढ़ जाती है.

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कपड़ों का चुनाव समझदारी से करें कई लोग फैशन के चक्कर में भारी या सिंथेटिक कपड़े पैक कर लेते हैं, जो गर्मी में परेशानी बढ़ाते हैं. सूती और हल्के कपड़े शरीर को ठंडा रखते हैं और पसीना भी आसानी से सोख लेते हैं. यात्रा के दौरान आराम सबसे जरूरी होता है, इसलिए कपड़ों में स्टाइल से ज्यादा सुविधा को प्राथमिकता दें.

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हाइड्रेशन और हल्का खानपान पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन गर्मियों में सबसे आम समस्या है. हमेशा एक पानी की बोतल साथ रखें और कोशिश करें कि हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें. इसके अलावा हल्के स्नैक्स, जैसे ड्राई फ्रूट्स या ताजे फल, तुरंत ऊर्जा देने का काम करते हैं. लंबी यात्रा में ये छोटे-छोटे स्नैक्स काफी काम आते हैं.

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स्वास्थ्य से जुड़ी तैयारी भी जरूरी यात्रा के दौरान कब सिरदर्द, पेट दर्द या एलर्जी हो जाए, कहना मुश्किल है. इसलिए एक छोटा मेडिकल किट साथ रखना समझदारी है. अगर आप किसी ऐसे स्थान पर जा रहे हैं जहां मच्छरों का खतरा है, तो मच्छरदानी या रिपेलेंट जरूर रखें. ये छोटी सावधानियां आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती हैं.

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तकनीक और सुरक्षा का रखें ध्यान आज के समय में यात्रा सिर्फ बैग और कपड़ों तक सीमित नहीं है. आपका मोबाइल, GPS और नक्शा भी उतने ही जरूरी हो गए हैं. नई जगहों पर रास्ता भटकना आम बात है, लेकिन अगर आपके पास सही नेविगेशन है, तो आप आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं. इसके साथ ही एक छोटा बैग रखें जिसमें आप अपने जरूरी दस्तावेज, पैसे और फोन सुरक्षित रख सकें. इससे बार-बार बड़े बैग खोलने की झंझट भी नहीं होगी.

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यादों को सहेजना भी है जरूरी हर यात्रा सिर्फ घूमने के लिए नहीं होती, बल्कि यादें बनाने के लिए होती है. इसलिए कैमरा या मोबाइल जरूर साथ रखें ताकि आप हर खूबसूरत पल को कैद कर सकें. कई बार छोटी-छोटी तस्वीरें ही बाद में सबसे बड़ी याद बन जाती हैं.



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Justice Yashwant Varma Resign: जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, घर में जले नोट विवाद से आए थे चर्चा में


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oi-Smita Mugdha

Justice Yashwant Varma Resign: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वह अपने आवास से कथित रूप से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के मामले में विवादों में घिरे हुए हैं। इस मामले को लेकर न्यायपालिका के भीतर गंभीर चिंताएं उठी हैं और उनकी भूमिका की जांच जारी है।

जस्टिस वर्मा इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में तैनात थे, लेकिन विवाद के बाद उनका तबादला वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था। उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी। हालांकि, पदभार संभालने के कुछ ही समय बाद उन पर लगे आरोपों ने न्यायिक प्रणाली को असहज स्थिति में ला दिया।

Justice Yashwant Varma Resign

Justice Yashwant Varma Resign: विवाद के बाद इस्तीफा

बता दें कि इस मामले की जांच के लिए इन-हाउस इंक्वायरी शुरू की गई है। यह प्रक्रिया न्यायपालिका के भीतर ही आरोपों की जांच के लिए अपनाई जाती है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो जस्टिस वर्मा के खिलाफ संसद में महाभियोग (इम्पीचमेंट) की कार्यवाही भी शुरू हो सकती है। हालांकि, जस्टिस वर्मा के घर में जले नोट मिलने पर संसद में भी काफी हंगामा हुआ था। विपक्षी दलों के सांसदों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्यायपालिका में जारी भ्रष्टाचार तक का उदाहरण बताया था।

Justice Varma के इस्तीफे से कानूनी हलचल

कथित कैश बरामदगी के मामले ने न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए थे। सोशल मीडिया पर भी इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था। हालांकि, अभी तक इस मामले में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस्तीफे के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर नजरें टिक गई हैं। जस्टिस वर्मा का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन आगे की जांच और संभावित कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। घर में जले नोट मिलने के विवाद के बाद जस्टिस वर्मा का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया था।



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अनंत अंबानी का 31वां जन्मदिन: जामनगर के आसपास सभी गांवों में हुआ भोज, बॉलीवुड और उद्योग जगत की हस्तियां पहुंची


जामनगर4 मिनट पहले

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जामनगर में आसपास के सभी गांवों में भोज दिया गया।

कारोबारी मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अबानी आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर गुजरात के जामनगर में भव्य सेलिब्रेशन हो रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए बॉलीवुड समेत उद्योग जगत की कई हस्तियां जामनगर पहुंच चुकी हैं।

अनंत का बर्थडे को सिर्फ जामनगर में ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी अलग-अलग तरीके से सेलिब्रेट किया जा रहा है।

अनंत ने गुरुवार को जामनगर में गो सेवा की। एक लाख से ज्यादा गायों को छप्पन भोग लगाया। जामनगर में आसपास के सभी गांवों भोज का आयोजन किया गया था। भोज में आईं सभी महिलाओं को साड़ियां गिफ्ट में दी गईं। इसके अलावा जामनगर के गांवों में बच्चों को स्कूल की किट भी बांटी गई। इसके अलावा अनंत अंबानी ने देश के कई बड़े मंदिरों को करोड़ों का दान दिया है।

तस्वीरों में अनंत अंबानी का बर्थडे सेलीब्रेशन…

भोज में शामिल हुईं सभी महिलाओं को साड़ियां गिफ्ट की गईं।

भोज में शामिल हुईं सभी महिलाओं को साड़ियां गिफ्ट की गईं।

गुजरात के गिरनार की पारसधाम में गायों को छप्पन भोग दिया गया।

गुजरात के गिरनार की पारसधाम में गायों को छप्पन भोग दिया गया।

जामनगर के आसपास के गांवों में बच्चों को किताबें और स्कूल बैग बांटे गए।

जामनगर के आसपास के गांवों में बच्चों को किताबें और स्कूल बैग बांटे गए।

मुंबई के कई इलाकों में राशन बांटा गया।

मुंबई के कई इलाकों में राशन बांटा गया।

मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर लेजर लाइट से अनंत को शुभकामनाएं दी गईं।

मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर लेजर लाइट से अनंत को शुभकामनाएं दी गईं।

पत्नी राधिका मर्चेंट ने किस कर अनंत अंबानी को बर्थडे विश किया।

पत्नी राधिका मर्चेंट ने किस कर अनंत अंबानी को बर्थडे विश किया।

रणवीर सिंह गुरुवार को ही जामनगर पहुंच गए थे।

रणवीर सिंह गुरुवार को ही जामनगर पहुंच गए थे।

शाहरुख खान फैमिली के साथ जामगर पहुंचे।

शाहरुख खान फैमिली के साथ जामगर पहुंचे।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर 'ओरी' जामनगर पहुंचे।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ‘ओरी’ जामनगर पहुंचे।

साउथ के सुपर स्टार राम चरण गुरुवार देर शाम जामनगर पहुंचे।

साउथ के सुपर स्टार राम चरण गुरुवार देर शाम जामनगर पहुंचे।

बॉलीवुड स्टार रितेश देशमुख फैमिली के साथ जामनगर पहुंचे।

बॉलीवुड स्टार रितेश देशमुख फैमिली के साथ जामनगर पहुंचे।

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अनंत अंबानी के बर्थडे सेलिब्रेशन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

अनंत अंबानी को सेलेब्स ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं:सलमान ने बताया प्रेरणादायक इंसान, शाहरुख बोले- अच्छे काम करते रहो

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बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी का आज जन्मदिन है। इसका सेलिब्रेशन गुजरात के जामनगर में हो रहा है। इसमें शामिल होने कई बॉलीवुड सितारे पहुंचे। सलमान खान ने अनंत अंबानी के साथ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं। पूरी खबर पढ़ें…

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कर्नल पुरोहित का 17 साल का ‘वनवास’ खत्म! अब सेना में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी, लगी फाइनल मुहर


India

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Colonel Shrikant Prasad Purohit: भारतीय सेना के कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित के लिए अब एक अच्छी खबर सामने आई है। सेना ने उन्हें ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन के लिए मंजूरी दे दी है। यह फैसला भारतीय सेना के इतिहास के सबसे मुश्किल और लंबे कानूनी मामलों में से एक में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

हाल ही में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) ने कर्नल पुरोहित के मामले में अहम दखल दिया था। उनकी निर्धारित रिटायरमेंट 31 मार्च 2026 को होनी थी, लेकिन 16 मार्च 2026 को जस्टिस राजेंद्र मेनन की अगुवाई वाली बेंच ने इस पर रोक लगा दी थी, ताकि उनके लंबित प्रमोशन केस की निष्पक्ष समीक्षा की जा सके। ट्रिब्यूनल ने माना था कि प्रथम दृष्टया यह मामला उनके जूनियर्स के बराबर प्रमोशन और लाभ पाने का बनता है। इसी के कुछ हफ्ते बाद अब सेना ने उनके प्रमोशन को हरी झंडी दे दी है।

Colonel Shrikant Prasad Purohit

17 साल तक थमा रहा करियर, छूट गए कई बड़े पद

साल 2008 में मालेगांव ब्लास्ट केस में नाम आने और गिरफ्तारी के बाद कर्नल पुरोहित का सैन्य करियर पूरी तरह से ‘फ्रीज’ (रुक) हो गया था। हालांकि, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी और वह एक्टिव सर्विस में लौट आए थे, लेकिन उनकी सीनियॉरिटी और प्रमोशन कानूनी दांव-पेंच में फंसे रहे। सूत्रों और सैन्य एक्सप्ट की मानें तो अगर 17 साल तक उनका करियर इस तरह बाधित नहीं होता, तो उनके बैच के अधिकारी जो आज वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं में पहुंच चुके हैं, कर्नल पुरोहित भी सामान्य परिस्थितियों में अब तक ‘मेजर जनरल’ की रैंक तक पहुंच सकते थे। यह प्रमोशन उन खोए हुए सालों की एक तरह से भरपाई है।

कोर्ट ने कर्नल श्रीकांत पुरोहित को कब किया बरी?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 31 जुलाई 2025 को आया। महाराष्ट्र की स्पेशल एनआईए (NIA) कोर्ट ने सबूतों के सख्त अभाव और अभियोजन पक्ष की कहानी में विरोधाभास का हवाला देते हुए कर्नल पुरोहित को सभी आरोपों से बरी कर दिया। इस फैसले ने 17 साल की लंबी कानूनी लड़ाई का अंत किया। दोषमुक्त होने के तुरंत बाद, सितंबर 2025 में उन्हें ‘फुल कर्नल’ की रैंक पर प्रमोट किया गया था।

कर्नल श्रीकांत पुरोहित पर क्या थे आरोप?

नासिक पोस्टिंग के दौरान उन पर आरोप लगा कि वह रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय के संपर्क में आए, जिन्होंने ‘अभिनव भारत’ नाम का संगठन बनाया था। उन पर सेना का 60 किलो RDX चुराने, अभिनव भारत को फंड करने और ट्रेनिंग देने का आरोप लगा था। यह भी दावा किया गया कि इसी RDX के हिस्से का इस्तेमाल मालेगांव ब्लास्ट में हुआ। (हालांकि, 2025 में कोर्ट ने इन सभी दावों को खारिज कर उन्हें निर्दोष करार दिया है।)

कौन हैं कर्नल श्रीकांत पुरोहित?

  • शुरुआती जीवन और शिक्षा: कर्नल पुरोहित का जन्म पुणे के एक महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक बैंक अधिकारी थे। उन्होंने पुणे के अभिनव विद्यालय से स्कूली शिक्षा और गरवारे कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया।
  • सेना में एंट्री: 1994 में उन्हें मराठा लाइट इन्फेंट्री में कमीशन मिला। बाद में स्वास्थ्य कारणों से उन्हें मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) में शिफ्ट कर दिया गया।
  • एंटी-टेरर ऑपरेशंस: 2002 से 2005 के बीच उन्हें एंटी-टेरर ऑपरेशंस के लिए MI-25 इंटेलिजेंस फील्ड सिक्योरिटी यूनिट में तैनात किया गया था।

क्या था मालेगांव ब्लास्ट केस और कौन-कौन हुए बरी?

दरअसल, 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर के भिक्कू चौक इलाके में एक मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल में रखे गए बम में विस्फोट हुआ था। इस भीषण घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 95 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआत में इस मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस (ATS) ने की थी, लेकिन साल 2011 में इसे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दिया गया था।

मामले में शुरुआत में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन कोर्ट ने अंततः 7 लोगों पर ही आरोप तय किए थे। लगभग 17 सालों तक चली लंबी जांच, जिरह और सैकड़ों गवाहों के बयानों के बाद, 31 जुलाई 2025 को मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के दावों को खारिज करते हुए और सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सभी 7 आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया।

बरी होने वालों में कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित के अलावा भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, मेजर (रिटायर्ड) रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी (शंकराचार्य) और समीर कुलकर्णी शामिल थे।



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जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा: घर में 500 के नोटों के बंडल जले मिले थे; सुप्रीम कोर्ट की जांच में दोषी, संसद में महाभियोग प्रस्ताव – Prayagraj (Allahabad) News


इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को इस्तीफा भेज दिया है। 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित सरकारी घर में आग लगने के दौरान 500-500 के नोटों के बंडल जले मिले थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिय

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उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी, लेकिन उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। मामले की जांच पूरी होने तक उन्हें न्यायिक कामों से दूर रखा गया था। जस्टिस वर्मा ने 9 अप्रैल को इस्तीफा भेजा था, लेकिन न्यूज एजेंसी ने अगले दिन, यानी 10 अप्रैल को इसकी जानकारी दी।

इस्तीफे में लिखा- गहरे दुख के साथ पद छोड़ रहा

जस्टिस वर्मा के इस्तीफे की कॉपी ‘बार एंड बेंच’ ने पब्लिश की है। इसमें 9 अप्रैल की तारीख लिखी है।

जस्टिस वर्मा ने इस्तीफे में लिखा है- मैं आपके सम्मानित कार्यालय को उन कारणों से परेशान नहीं करना चाहता, जिनकी वजह से मुझे यह पत्र लिखना पड़ रहा है। लेकिन गहरे दुख के साथ मैं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने जस्टिस वर्मा को दोषी माना

सुप्रीम कोर्ट के चीफ संजीव खन्ना ने 22 मार्च को जस्टिस वर्मा पर लगे आरोपों की इंटरनल जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इसने 4 मई को CJI को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें जस्टिस वर्मा को दोषी ठहराया गया था।

14 मार्च 2025 को दिल्ली HC के जस्टिस वर्मा के सरकारी बंगले में आग लगी थी। वहां दमकल कर्मियों को 500 रुपए के जले हुए नोटों से भरी बोरियां मिलीं।

14 मार्च 2025 को दिल्ली HC के जस्टिस वर्मा के सरकारी बंगले में आग लगी थी। वहां दमकल कर्मियों को 500 रुपए के जले हुए नोटों से भरी बोरियां मिलीं।

जस्टिस वर्मा ने महाभियोग प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी

लोकसभा में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। उन्होंने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा था कि दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन राज्यसभा ने उसे मंजूर नहीं किया। इसके बावजूद लोकसभा ने जांच समिति बना दी, जो गलत है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लोकसभा स्पीकर के पास जांच का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोकसभा स्पीकर की ओर से गठित संसदीय जांच पैनल में कुछ खामी दिखाई देती है। लेकिन जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत लोकसभा स्पीकर के पास यह अधिकार है कि वह जस्टिस वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित कर सकें, भले ही राज्यसभा में ऐसा प्रस्ताव खारिज हो चुका हो।

सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था। लेकिन कोर्ट ने जस्टिस वर्मा को पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने से मना कर दिया था।

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जजों की जांच के लिए कानूनी प्रक्रिया को समझिए…

1968 के जजों (जांच) अधिनियम के मुताबिक जब किसी जज को हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में मंजूर हो जाता है तो स्पीकर या चेयरमैन उस आरोप की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाते हैं।

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जस्टिस वर्मा इलाहाबाद में जन्मे, 12 साल जज रहे…

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सुप्रीम कोर्ट बोला- मेरठ का मामला देश के लिए चेतावनी, 859 संपत्तियों को तोड़ने के आदेश

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार यानी 9 अप्रैल को मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त टिप्पणी की। कहा- मामला सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लिए चेतावनी है। इसके साथ ही कोर्ट ने 859 संपत्तियों पर बने अवैध निर्माण को दो महीने के भीतर तोड़ने का आदेश दिया। पढ़ें पूरी खबर...



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