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Radhikaraje Gaekwad को है बेटा ना होने का मलाल? 25000 करोड़ के महल में रहने वाली रानी ने खोला राज


India

oi-Ankur Sharma

Radhikaraje Gaekwad: बड़ौदा की महारानी और हिंदुस्तान की खूबसूरत महिलाओं में से एक राधिकाराजे गायकवाड़ इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं, वजह हैं उनका एक पुराना इंटरव्यू, जो कि वायरल हो गया है और लोग इस पर कमेंट कर रहे हैं। मालूम हो कि ये इंटरव्यू मशहूर सेलिब्रेटी शेफ अमृता रायचंद ने लिया था।

इस वीडियो में बेइंतहा सुंदर महारानी ने अपनी लाइफ जर्नी के बारे में बताया कि कैसे उन्होंने अनुशासन में रहते हुए एक राजकुमारी होते हुए आम नागरिक की तरह स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई की थी और उसके बाद जब वो समरजीत सिंह गायकवाड़ से शादी करके 25000 करोड़ के ‘लक्ष्मी विलास पैलेस’ पहुंचीं तो उनके जीवन में क्या परिवर्तन आया?

Radhikaraje Gaekwad

राधिकाराजे ने कहा कि ‘उनकी शादी 23 साल में हुई थी औऱ ये एक अरेंज्ड मैरिज थी, मैं जब राजघराने पहुंचीं तो मुझे लगा था कि हर शाही परिवार की तरह यहां भी शायद कड़े नियम कानून होंगे लेकिन ऐसा नहीं था, मेरे पति समरजीत सिंह गायकवाड़ और उनका पूरा परिवार काफी खुले विचारों का और पढ़ा लिखा है। शादी के 15 दिन बाद ही मेरी ननद ने मुझसे कहा था कि अब सारे फंक्शन खत्म हो गए इसलिए अब तुम आराम से घर में सलवार कमीज पहन सकती हो।’

Radhikaraje Gaekwad News: ‘समरजीत सिंह के लिए बेटा-बेटी सब बराबर’

राधिकाराजे ने कहा कि ‘मैं दो बेटियों की मां हूं, मैं जिस परिवार से आई हूं वहां पर लड़के का काफी महत्व है, लोग उसे ही घर का उत्तराधिकारी मानते हैं लेकिन समरजीत सिंह गायकवाड़ और उसके परिवार के लोगों को लिए ये बात मायने ही नहीं रखती, उन्होंने कभी भी मुझसे लड़के की डिमांड नहीं की, मेरी सास ने भी कभी मुझसे इस बारे में नहीं पूछा और ना ही कहा कि तीसरा बच्चा करो।’

‘हालांकि एक बार मैंने ही सोचा था तीसरे बच्चे के बारे में लेकिन समरजीत ने कहा कि बस हमें दो ही बच्चे करने हैं, लड़का -लड़की क्या होता है, अगर बच्चा स्वस्थ है तो सब बराबर है। राधिकाराजे ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मुझे ऐसा पति और परिवार मिला।’

Radhikaraje Gaekwad

दो बेटियों की मां हैं Radhikaraje Gaekwad

आपको बता दें कि समरजीत सिंह गायकवाड़ और राधिरा राजे को शादी से दो बेटियां नारायणी राजे गायकवाड़ और पद्मजा राजे गायकवाड़ हैं। समरजीत सिंह गायकवाड़ वड़ोदरा के पूर्व शासक गायकवाड़वंश के हैं और एक शानदार क्रिकेटर भी रह चुके है।

Radhikaraje Gaekwad

उन्होंने रणजी मैच खेले हैं और गुजरात टीम को भी लीड कर चुके हैं, उनकी गिनती देश के सबसे अमीर क्रिकेटर के रूप में होती है। ये लोग जिस महल में रहते हैं उसका नाम है ‘लक्ष्मी विलास पैलेस’ है, जिसकी कीमत 25000 करोड़ है और इसमें 187 कमरे हैं।

कौन हैं महारानी Radhikaraje Gaekwad?

19 जुलाई 1978 वांकानेर के रणजीतसिंह झाला और उनकी पत्नी कल्पना कुमारी के यहां जन्मी राधिकाराजे ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में और बाद में अजमेर के मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल से पूरी की। उन्होंने दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज से भारतीय इतिहास में मास्टर्स किया है और पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में तीन साल तक एक पत्रकार के रूप में काम किया है।

Radhikaraje Gaekwad

रंजीत सिंह वांकानेर ने छोड़ा था राजसी ठाठ

राधिकाराजे के पिता डॉक्टर रंजीत सिंह वांकानेर भी शाही घराने से ताल्लुक रखते थे, वो आईएस ऑफिसर थे लेकिन उन्हें राजसी परिवार से कुछ लेना-देना नहीं था इसलिए राधिकाराजे गायकवाड़ का बचपन नार्मल परिवार के बच्चों की तरह ही बीता। वो देश की सबसे खूबसूरत क्वीन में गिनी जाती हैं और बहुत सारे सोशल वर्क से जुड़ी हुई हैं।



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पंजाब के श्रद्धालुओं का नाव हादसे से पहले का VIDEO: 10 की मौत, इनमें एक ही परिवार के 7 सदस्य; 2 बसों में 130 लोग गए थे – Ludhiana News


यमुना नदी से निकालकर बाहर रखे श्रद्धालुओं के शव।

उत्तर प्रदेश में मथुरा के वृंदावन में यमुना में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसमें एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। ये सभी शुक्रवार सुबह ही लुधियाना के जगराओं से वृंदावन पहुंचे थे।

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जानकारी के मुताबिक गुरुवार (9 अप्रैल) को जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को ले जाया गया था। जिसमें से 90 जगराओं से और बाकी अन्य शहरों से थे। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी।

शुक्रवार को श्री बांके बिहारी के दर्शन के बाद श्रद्धालु यमुना पार कर मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। जो नाव पलटी, उसमें जगराओं के रहने वाले 30 श्रद्धालु सवार थे।

जगराओं में श्रद्धालुओं के परिचितों के मुताबिक यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था। जलस्तर बढ़ने के बाद इन्हें खोल दिया गया। इसके बाद यह यमुना में बहने लगे। इनसे टकराकर ही नाव पलटी।

हादसे से पहले का वीडियो सामने आया है। किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। श्रद्धालु राधे-राधे जप करते हुए यमुना विहार कर रहे थे। हालांकि किसी ने इस वीडियो की औपचारिक पुष्टि नहीं की है।

ये हादसे से पहले का फुटेज है। किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। राधे-राधे जप रहे थे।

एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं।

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श्रद्धालुओं ने क्या कहा…

  • 120 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था: एक महिला ने बताया- 120 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था। नाव पलट गई। कई लोग डूब गए हैं। कुछ लोगों को निकाला गया है।
  • नाविक को नाव रोकने के लिए कहा था: जिस नाव के साथ हादसा हुआ, उसमें लुधियाना जिले के जगराओं के तनिष जैन भी सवार थे। उन्होंने बताया दो बसों से करीब 130 लोग वृंदावन घूमने आए थे। सभी वृंदावन में फोगला आश्रम के पास रुके हैं।
  • तीसरी बार में टक्कर, गोताखोर ने बचाया: उन्होंने कहा कि हमारी नाव जब पीपा पुल के पास पहुंची तो हम लोगों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे, जिन्होंने हमें बचाया है।
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मीनू बंसल, जिसकी वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से मौत हो गई।

मीनू बंसल, जिसकी वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से मौत हो गई।

यमुना किनारे लोगों की भीड़ जुट गई। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

यमुना किनारे लोगों की भीड़ जुट गई। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

घटना के बाद मौके पर जुटी लोगों की भीड़।

घटना के बाद मौके पर जुटी लोगों की भीड़।

यमुना में डूबते श्रद्धालुओं का वीडियो सामने आया, लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी

वृंदावन नाव हादसे में भिवानी की महिला की भी मौत: मायके वालों संग प्लान बनाया

हादसे के पल-पल अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…



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वृंदावन में बड़ा हादसा! यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 लोगों की मौत, कई लापता



वृंदावन के केशी घाट पर यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरा एक स्टीमर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस भीषण हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की खबर है।



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नॉन वेज खिलाना, जबरन छत पर ले जाकर… जब लड़के ने सुनाई हिंदू से मुसलमान बनने की कहानी, दहल गए पुलिस वाले भी


Last Updated:

नामी आईटी कंपनी के नासिक ऑफिस में धर्मांतरण के खेल में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले में पुलिस को कुछ ऐसे पीडि़त मिले हैं, जिनका जबरन धर्मांतरण कराया गया. इस मामले में पुलिस एक निदा खान नामक आरोपी महिला की तलाश भी कर रही है.

Zoom

तस्‍वीर में पीले कुर्ते में मौजूद युवक को जबरन हिंदी में मुस्‍लिम बनाने का अरोप है.

Nashik News: नासिक की एक नामी आईटी कंपनी में धर्मांतरण के खेल की जांच कर रही पुलिस टीम की निगाह आरोपियों के मोबाइल से मिली एक तस्‍वीर पर टिक गई. इस तस्‍वीर में इसी कंपनी में काम करने वाले दो युवक खड़े थे. तस्‍वीर में मौजूद शख्‍स को देखकर पुलिस को लगा कि यह भी धर्मांतरण कराने वाले गिरोह में शामिल कोई आरोपी है. पुलिस ने इस युवक की तलाश शुरू की. जल्‍द ही इस युवक की पहचान तौसीफ अत्तार के तौर पर कर ली गई. हालांकि तौफीक से पूछताछ में जो बातें सामने आई, उसे जानने के बाद जांच एजेंसियों के भी पसीने छूट गए.

तौसीफ ने पुलिस को बताया कि वह आरोपी नहीं, बल्कि इस खेल का पीडि़त है. वह भी उसी कंपनी में काम करता है, जिस कंपनी में हिंदू से मुसलमान बनाने का खेल चल रहा था. कुछ साल पहले जबरन उसका भी धर्मांतरण कराया गया था. उसने पुलिस को बताया कि आरोपी बेहद खतरनाक तरीके से पीडि़तों का ब्रेन वाश करते हैं. इसके बाद, सबसे पहले उनका पहनावा बदला जाता है, फिर उनको जबरन कलमा और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता है. पूछताछ में यह भी खुलाया कि आरोपी उसे जबरन नॉनवेज खाना खिलाते थे. मना करने पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट भी की जाती थी.

कंपनी की छत पर पढ़वाई जाती थी नमाज

पूछताछ में तौसीफ ने खुलासा कि नजाम के समय आरोपी जबरन उन लोगों को पकड़ कर कंपनी की छत पर ले जाते थे. पहले डरा धमकाकर उन्‍हें नमाज पढ़ना सिखाया गया और फिर रोजाना नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया. इस मामले की जांच के दौरान निदा खान नाम की एक महिला का नाम भी सामने आया है. यह महिला अपने संपर्क में आने वाली लड़कियों का धर्मपरिवर्तन कराने का काम करती थी. निदा खान भी आईटी कंपनी में धर्मांतरण कराने वाले आरोपियों के साथ मिलकर काम कर रही थी.

रमजान में रोजा और नमाज पढ़ाया गया

इसी बीच, पुलिस को एक पीडि़त युवती भी मिली है, जिसने न‍िदा खान पर जबरदस्‍ती करने का आरोप लगाया है. पीडि़ता का आरोप है कि रमजान के महीने में उसे रोजा रखने के लिए मजबूर किया गया. रोजाना जबरन उससे नमाज पढ़वाई जाती थी. कंपनी में वह सिर्फ नॉनवेज खाना लाने के लिए भी मजबूर करती थी. निदा खान धर्मांतरण का शिकार हुई पीडि़ताओं को बताती थी कि कलमा और मुस्लिम समाज को कैसे फॉलो करते हैं. पीडि़ता के खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी निदा खान की तलाश शुरू कर दी है. उसकी तलाश में मुंबई और आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



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Video: कौन-सा व्रत दिलाएगा मनचाहा फल? प्रेमानंद महाराज ने बताया कैसे पूरी होगी हर ‘मनोकामना’


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oi-Sohit Kumar

Premanand Maharaj Tips Best Vrat for All Desire: वृंदावन के चर्चित संत प्रेमानंद महाराज हर दिन ‘एकांतिक वार्तालाप’ के जरिए देश-दुनिया से आने वाले भक्तों की शंकाओं को दूर करते हैं। उनकी बातों में ऐसी सादगी और गहराई होती है कि मीलों दूर बैठा व्यक्ति भी उनके शब्दों से तुरंत जुड़ाव महसूस करने लगता है। लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर भक्ति और आध्यात्म की हर छोटी-बड़ी मुश्किल का समाधान महाराज जी के पास बड़ी आसानी से मिल जाता है।

भक्त अक्सर अपनी परेशानियों और साधना से जुड़े सवाल लेकर उनके पास आते रहते हैं। इसी बीच हाल ही में हुए एक एकांतिक वार्तालाप में एक श्रद्धालु ने अपनी हर मनोकामना पूरी करने वाला ‘व्रत’ जानना चाहा। इस पर महाराज जी ने जो जवाब दिया, वह हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जो अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए व्रत-उपवास करता है।

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प्रश्न: ऐसा कौन सा व्रत रखा जाए कि सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएं?

इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि, ‘राधा राधा राधा राधा नाम जप करो, नाम जप करने से सब कामनाएं पूर्ण हो जाएंगी। समस्त कामनाओं को पूर्ण करने के लिए अमूक व्रत है भगवान का नाम। जो नाम आपको प्रिय लगे राम कृष्ण हरी शिव राधा दुर्गा जो नाम आपको प्रिय लगे खूब डटकर के नाम जप करो सभी कामनाएं पूर्ण हो जाएंगी। जो कामनाएं तुम्हें बाधा देने वाली हैं वो नष्ट हो जाएंगी, और जो कामनाएं तुम्हारा मंगल करने वाली वो पूर्ण हो जाएंगी।’

उन्होंने कहा कि, ‘नाम जप से बढ़कर की कुछ नहीं है, मेरे समझ में कोई और ऐसा व्रत नहीं है। नाम जप के नाम के बराबर कोई व्रत यज्ञ तपस्या इत्यादि कोई नहीं, नाम नाम है वो अपने आप में गरज रहा है, नाम में बिल्कुल चित लगाकर जो चाहो प्राप्त कर लो। नाम चकाचक धन है, जितना नाम रूपी धन एकत्रित कर लो, लोक परलोक में जो चाहो खरीद लो, जो चाहो वह प्राप्त कर लो।’

Premanand Maharaj के जीवन का ये सच कोई नहीं जानता! घर से भागकर दो बार बदला नाम, किस जाति से रखते हैं ताल्लुक

प्रेमानंद महाराज ने बताया कि, ‘मेरी समझ में तो नाम जप आया है, पूरे जीवन में नाम जप आया है और भी साधन हैं जैसे कि भई चंद्रायण व्रत रहो, कृष्ण व्रत रहो, तुलसीवन व्रत रहो, कई व्रतों का वर्णन आया है लेकिन हमारी समझ में आया है कि नाम जपने का व्रत ले लें कि मैं कभी प्रभु का नाम नहीं भूलूंगी, बस आप जीत जाओगे। नाम जप करने से तो भगवान को आधीन किया जा सकता है तो और कौन सी बात रह गई। मेरा कहना तो ये है कि सबसे बड़ा व्रत है निरंतर राधा राधा राधा राधा नाम जपना अपने गुरु का नाम जपना अपने प्रभु का नाम जपना यही सबसे बड़ा व्रत है।’





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Monalisa निकली नाबालिग, मुस्लिम पति पर POCSO केस दर्ज, 16 की उम्र में कैसे हुई महाकुंभ वायरल गर्ल की शादी?


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Monalisa: महाकुंभ वायरल गर्ल के नाम से चर्चा में आई मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल मोनालिसा की शादी को लेकर देशभर में मचे विवाद के बीच अब एक बड़ा मोड़ सामने आया है। जांच में ये सामने आया है कि मोनालिसा नाबालिग हैं, जिसके बाद उनके मुस्लिम पति फरमान खान (Farman Khan) के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

नाबालिग होने की पुष्टि, पति फरमान खानपर सख्त कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की पुलिस ने मोनालिसा के पति फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश और अवैध विवाह से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं।

Monalisa

मोनालिसा की शादी के एक महीने बाद बड़ा खुलासा

इंडिया टूडे की खबर के अनुसार जांच में सामने आया है कि मोनालिसा की उम्र शादी के समय 18 साल से कम थी, जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले में अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।

सरकारी रिकॉर्ड से खुली उम्र की सच्चाई

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) द्वारा अस्पताल के आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की गई जांच में पता चला है कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। इस हिसाब से 11 मार्च 2026 को हुई शादी के समय उनकी उम्र लगभग 16 साल, 2 महीने और 12 दिन थी जो साफ तौर पर नाबालिग होने की पुष्टि करती है।

फर्जी दस्तावेज के सहारे हुई थी शादी

-जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि शादी के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया था। बताया गया कि केरल के एक मंदिर में ये विवाह संपन्न हुआ था, जहां आधार कार्ड में दी गई उम्र के आधार पर रस्में पूरी करवाई गई थीं।

-बाद में ग्राम पंचायत में रजिस्ट्रेशन के लिए जो जन्म प्रमाण पत्र जमा किया गया था, उसमें जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दिखाई गई थी, जो वास्तविक रिकॉर्ड से करीब दो साल अलग है। जांच एजेंसियों ने इस दस्तावेज को फर्जी बताते हुए शादी को रद्द करने के निर्देश दिए हैं।

कैसे शुरू हुई मोनालिसा की शादी के मामले की जांच?

पूरे मामले की जांच केरल के एक मंदिर से शुरू हुई, जहां ये शादी करवाई गई थी। मंदिर प्रशासन ने बताया कि उन्होंने आधार कार्ड में दी गई जानकारी के आधार पर ही विवाह कराया था। इसके बाद जब दस्तावेजों की गहन जांच की गई, तो कई गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।

राजनीतिक एंगल और ‘लव जिहाद’ का आरोप

आपको बता दें कि इस केस में राजनीतिक रंग भी देखने को मिल रहा है। वकील प्रथम दुबे ने आयोग के सामने दावा किया है कि केरल के कुछ राजनीतिक नेताओं और संगठनों की इसमें भूमिका हो सकती है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि ये शादी ‘लव जिहाद’ के मुद्दे पर एक खास नैरेटिव बनाने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस अधिकारियों को तलब, रिपोर्ट की मांग

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को आगामी 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली मुख्यालय में पेश होने के लिए बुलाया है। इसके साथ ही दोनों राज्यों से हर 3 दिन में जांच की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है ताकि मामले की निगरानी लगातार की जा सके।

कौन हैं महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा?

मोनालिसा मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली हैं और पारधी जनजाति से संबंध रखती हैं। वह पहली बार प्रयागराज के महाकुंभ मेले 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए एक वीडियो के जरिए वायरल हुई थीं। इस वीडियो ने उन्हें रातों-रात सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बना दिया था।

मानव अधिकार आयोग ने जारी किया था नोटिस

-जानकारी के अनुसार मोनालिसा के अंतरधार्मिक विवाह (Interfaith Marriage) को लेकर चल रहा विवाद तब और ज्यादा गंभीर हो गया जब मानव अधिकार आयोग ने इसमें हस्तक्षेप करते हुए नोटिस जारी कर दिया। उम्र से जुड़ी शिकायतों के आधार पर मानव अधिकार आयोग के इस कदम ने मामले को नया मोड़ दे दिया और प्रशासनिक कार्रवाई भी अचानक तेज हो गई।

-सूत्रों के मुताबिक मोनालिसा की उम्र को लेकर शिकायत मिलने के बाद मानव अधिकार आयोग ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया था। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य स्पष्ट किए जाएं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश और केरल प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा गया था।

कानून, सामाजिक मुद्दे और राजनीतिक आरोप

मोनालिसा का ये मामला अब सिर्फ एक शादी तक सीमित नहीं रहा है बल्कि इसमें कानून, सामाजिक मुद्दे और राजनीतिक आरोप भी जुड़ गए हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं। वहीं आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



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Iran America War: ईरान से जंग में बर्बाद हुआ अमेरिका! घायल सैनिकों ने बताया ट्रंप सरकार ने साथ नहीं दिया


International

oi-Sumit Jha

Iran America War: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर होते ही ट्रंप प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कुवैत बेस पर हुए हमले में बचे अमेरिकी सैनिकों ने मीडिया के सामने आकर सरकार के दावों की हवा निकाल दी है। सैनिकों का आरोप है कि प्रशासन ने न केवल हमले की गंभीरता को छिपाया, बल्कि सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी झूठ बोला।

जहां सरकार इसे एक मामूली चूक बता रही थी, वहीं सैनिकों ने इसे ईरान की एक बड़ी रणनीतिक जीत और अपनी भारी हार करार दिया है। यह खुलासा अमेरिकी सेना के भीतर बढ़ते असंतोष को उजागर करता है।

Iran America War


Kuwait Base Attack: रक्षा मंत्री के दावों की सच्चाई

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया था कि कुवैत का वह बेस पूरी तरह से ‘किलेबंद’ और सुरक्षित था। उन्होंने हमले को एक मामूली ड्रोन दुर्घटना बताया था, जिसमें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। लेकिन हमले में घायल सैनिकों ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सुरक्षा के नाम पर वहां सिर्फ टीन-शेड और दीवारें थीं, जो हवाई हमले से बचाने में पूरी तरह नाकाम रहीं। सैनिकों ने इसे प्रशासन द्वारा अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश बताया है।

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खुफिया जानकारी को किया गया नजरअंदाज

इंटरव्यू में 103वीं सस्टेनमेंट कमांड के एक जवान ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उन्हें हमले की जानकारी पहले से थी। खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि ईरान इस बेस को निशाना बना सकता है। इसके बावजूद, उच्च अधिकारियों और प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जवान ने बताया कि जब वे सुबह के काम में व्यस्त थे, तभी शाहेद ड्रोनों ने हमला कर दिया। अगर समय रहते सावधानी बरती जाती, तो 6 सैनिकों की जान बचाई जा सकती थी।

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हमले का वह भयानक मंजर

1 मार्च 2026 को हुआ यह हमला इतना भीषण था कि 6 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हुए। सैनिकों के मुताबिक, शाहेद ड्रोनों ने ताबड़तोड़ वार किए और चारों तरफ सिर्फ आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। यह हमला तब हुआ था जब अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर को निशाना बनाया था। सैनिकों ने स्वीकार किया कि उस दिन वे ईरान के सामने पूरी तरह असहाय थे और यह उनकी सेना की एक बड़ी हार थी।

ध्वस्त हुआ अमेरिकी सैन्य बेस

कुवैत के दक्षिणी छोर पर स्थित यह बेस अब पूरी तरह तबाह हो चुका है। सैनिकों ने बताया कि यह इलाका शुरू से ही ईरान के रडार पर था, फिर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। खुले मैदान में तैनात 60 सैनिकों के पास हवाई हमले से बचने का कोई रास्ता नहीं था। अब जब जंग थम गई है, तो ये सैनिक दुनिया को सच बता रहे हैं कि कैसे उन्हें बिना तैयारी के मौत के मुंह में धकेल दिया गया और बाद में सरकार ने झूठ बोला।



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UP Final Voter List 2026: यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट में 84 लाख वोटर बढ़े! किस जिले में हुआ सबसे बड़ा उलटफेर?


Uttar Pradesh

oi-Sohit Kumar

UP Final Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में पिछले साल 4 नवंबर से शुरू हुआ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान अब सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने आधिकारिक रूप से फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस अभियान के बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला है।

आंकड़ों के अनुसार, 6 जनवरी को प्रकाशित ड्राफ्ट लिस्ट में जहां मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 55 लाख 55 हजार थी, वहीं अब फाइनल लिस्ट में यह बढ़कर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 हो गई है। यानी इस पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रदेश में करीब 84 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। अंतिम मतदाता सूची में 42,27,902 पुरुष और 42,00,778 महिला मतदाता जोड़े गए हैं।

UP Final Voter List 2026

यूपी की फाइनल लिस्ट में कितने मतदाता हैं?

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की नई मतदाता सूची का पूरा गणित इस प्रकार है:

  • कुल मतदाता: 13,39,84,792
  • पुरुष मतदाता: 7,30,71,061 (54.54%)
  • महिला मतदाता: 6,09,09,525 (45.46%)
  • थर्ड जेंडर: 4,206
  • 18-19 उम्र के नए वोटर्स: 17,63,360 (1.32%)
  • जेंडर रेशियो (लिंगानुपात): 834

Uttar Pradesh | ECI released final voter list after SIR. 13,39,84,752 Voters in the final list post SIR. 84,28,727 voters added in the final list from draft list. 42,27,902 male and 42,00,778 female voters added in the final voter list. There were 12,55,56,025 voters in the… pic.twitter.com/8jtNAxASLv

— ANI (@ANI) April 10, 2026 “>

कहां सबसे ज्यादा बढ़े मतदाता?

पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्रदेश के कुछ जिलों में मतदाताओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसमें प्रयागराज टॉप पर है।

  • प्रयागराज: 3,26,421 (सबसे ज्यादा)
  • लखनऊ: 2,85,961
  • बरेली: 2,57,921
  • गाजियाबाद: 2,43,066
  • जौनपुर: 2,37,590

किन विधानसभा क्षेत्रों में हुआ सबसे ज्यादा इजाफा?

विधानसभा वार आंकड़ों पर नजर डालें तो साहिबाबाद और जौनपुर जैसे क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि हुई है:

  • 1. साहिबाबाद: 82,989
  • 2. जौनपुर: 56,118
  • 3. लखनऊ पश्चिम: 54,822
  • 4. लोनी: 53,679
  • 5. फिरोजाबाद: 47,757

UP में SIR की टाइमलाइन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 27 अक्टूबर को SIR की घोषणा हुई थी और 4 नवंबर से जमीनी स्तर पर काम शुरू हुआ। 26 दिसंबर को गणना का चरण पूरा हुआ, जिसके बाद 6 जनवरी से दो महीने तक दावे और आपत्तियां ली गईं। इस दौरान करीब 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। 166 दिनों तक चले इस व्यापक अभियान में राजनीतिक दलों और मतदान कर्मियों का पूरा सहयोग मिला।

अगर लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या करें?

नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि फाइनल लिस्ट ऑनलाइन अपलोड कर दी गई है और मतदाता चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपना नाम चेक कर सकते हैं। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम अभी भी लिस्ट में शामिल नहीं है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।





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नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला: 6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर अरेस्ट; हिंदू संगठन का कंपनी कैंपस में हंगामा




नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया। महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले चार साल के दौरान HR मैनेजर से शिकायत की गई, लेकिन हर बार नजरअंदाज कर दिया गया। महिला कर्मचारियों के व्यवहार और पहनावे से मामला सामने आया महिला पुलिसकर्मियों भेष बदलकर कंपनी में काम किया पुलिस ने बताया कि यह मामला संगठित था, इसलिए सबूत जुटाना मुश्किल था। महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कंपनी में काम किया और आरोपियों पर नजर रखी। उन्होंने उनके व्यवहार और लड़कियों से बात करने के तरीके के सबूत जुटाए।
पुलिस ने 40 जगहों के CCTV कैमरे चेक किए। इसमें आरोपियों द्वारा लड़कियों को परेशान करने, गलत तरीके से छूने और अश्लील हरकतें करने के मामले सामने आए। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों से बात करके उनका भरोसा जीता, जिससे वे आगे आकर शिकायत कर सकीं। एक पीड़ित लड़की ने बताया कि उसे लगा था कि कंपनी में अच्छा माहौल होगा, लेकिन वहां काम से ज्यादा उसके धर्म और सोच पर बात की जाती थी। पुलिस जांच में पता चला कि कुछ लोग कंपनी में अपने पद का गलत फायदा उठा रहे थे। वे नौकरी के लिए आई लड़कियों को पहले भरोसे में लेते थे। उन्हें प्रमोशन और बड़े मौके का लालच दिया जाता था। फिर उन्हें “वीकेंड ट्रिप” के नाम पर बड़े रिसॉर्ट या वाटर पार्क ले जाते थे, जहां उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था और उन पर दबाव बनाया जाता था। मंत्री राणे बोले- ये कार्पोरेट जिहाद ————————————– ये खबर भी पढ़ें: भोपाल में धर्म परिवर्तन का नेटवर्क!:महिलाओं ने नौकरी का झांसा देकर फंसाया, साथियों ने किया रेप, धर्म परिवर्तन का दबाव राजधानी में दो युवतियों के साथ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। बाग सेवनिया पुलिस ने एक युवती और एक महिला की शिकायत पर एक महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन का मुकदमा दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर…



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नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया। महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले चार साल के दौरान HR मैनेजर से शिकायत की गई, लेकिन हर बार नजरअंदाज कर दिया गया। महिला कर्मचारियों के व्यवहार और पहनावे से मामला सामने आया महिला पुलिसकर्मियों भेष बदलकर कंपनी में काम किया पुलिस ने बताया कि यह मामला संगठित था, इसलिए सबूत जुटाना मुश्किल था। महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कंपनी में काम किया और आरोपियों पर नजर रखी। उन्होंने उनके व्यवहार और लड़कियों से बात करने के तरीके के सबूत जुटाए।
पुलिस ने 40 जगहों के CCTV कैमरे चेक किए। इसमें आरोपियों द्वारा लड़कियों को परेशान करने, गलत तरीके से छूने और अश्लील हरकतें करने के मामले सामने आए। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों से बात करके उनका भरोसा जीता, जिससे वे आगे आकर शिकायत कर सकीं। एक पीड़ित लड़की ने बताया कि उसे लगा था कि कंपनी में अच्छा माहौल होगा, लेकिन वहां काम से ज्यादा उसके धर्म और सोच पर बात की जाती थी। पुलिस जांच में पता चला कि कुछ लोग कंपनी में अपने पद का गलत फायदा उठा रहे थे। वे नौकरी के लिए आई लड़कियों को पहले भरोसे में लेते थे। उन्हें प्रमोशन और बड़े मौके का लालच दिया जाता था। फिर उन्हें “वीकेंड ट्रिप” के नाम पर बाहर ले जाते थे, जहां उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था और उन पर दबाव बनाया जाता था। मंत्री राणे बोले- ये कार्पोरेट जिहाद ————————————– ये खबर भी पढ़ें: भोपाल में धर्म परिवर्तन का नेटवर्क!:महिलाओं ने नौकरी का झांसा देकर फंसाया, साथियों ने किया रेप, धर्म परिवर्तन का दबाव राजधानी में दो युवतियों के साथ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। बाग सेवनिया पुलिस ने एक युवती और एक महिला की शिकायत पर एक महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन का मुकदमा दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर…



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