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पश्चिम एशिया संकट: सीजफायर के बाद भारत ने कसी कमर, व्यापार के लिए बनाई कार्य योजना


खाड़ी क्षेत्र में बदलते राजनीतिक हालातों के बीच भारत ने अपनी आर्थिक सुरक्षा और व्यापारिक रिश्तों को लेकर बड़ी पहल की है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठकें कीं। इस बातचीत का मुख्य केंद्र हाल ही में हुए सीजफायर के बाद आपूर्ति श्रृंखला को फिर से पटरी पर लाना रहा।

शांति ही तरक्की का एकमात्र रास्ता: पीयूष गोयल

खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल बुदैवी के साथ बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने क्षेत्र में शांति बहाली पर खुशी जताई। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सीजफायर स्थायी शांति और स्थिरता का रास्ता साफ करेगा। गोयल ने कहा कि मतभेदों को सुलझाने के लिए ‘संवाद’ ही एकमात्र सही रास्ता है। भारत और जीसीसी देशों के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों के बीच का आपसी जुड़ाव ही हमारे आर्थिक रिश्तों की मजबूती का आधार है।

जरूरी सामानों की कमी नहीं होने देगा भारत

बैठक में आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। पीयूष गोयल ने आश्वासन दिया कि भारत किसी भी तरह की व्यापारिक बाधा को दूर करने के लिए पूरी तरह तैयार है और खाड़ी देशों को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। उन्होंने जीसीसी देशों की ओर से रसद जाल यानी कि ‘लॉजिस्टिक्स नेटवर्क’ को मजबूत करने और वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग तलाशने के प्रयासों की भी सराहना की।

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यूएई और बहरीन के साथ खास रणनीति

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ बातचीत में भारत ने हाल के हमलों की कड़ी निंदा की। पीयूष गोयल ने कहा कि व्यापार के निरंतर प्रवाह से ही दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध मजबूत रहेंगे। उन्होंने संकट के समय भारतीय प्रवासियों की मदद के लिए यूएई नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया। 

बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमले स्वीकार्य नहीं- गोयल

वहीं बहरीन के साथ हुई चर्चा में समुद्री रास्तों की सुरक्षा और स्थिरता पर जोर दिया गया। गोयल ने कहा कि समुद्री सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमले किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हैं। भारत पूरी मजबूती के साथ बहरीन और क्षेत्र की सुरक्षा के पक्ष में खड़ा है। खाड़ी देश भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। युद्ध जैसे हालातों के बाद अक्सर आपूर्ति श्रृंखला टूटने का खतरा रहता है, जिससे महंगाई और सामानों की किल्लत बढ़ सकती है। 



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West Bengal Elections 2026: ‘₹1000 करोड़ की डील’, ओवैसी ने तोड़ा हुमायूं कबीर से गठबंधन, क्या है वजह?


India

oi-Ankur Sharma

West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में बड़ा खेला हो गया है, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है, इस बारें में उसने एक्स पर जानकारी दी है। AIMIM ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे किसी भी बयान का समर्थन नहीं कर सकती, जिससे मुस्लिम समुदाय की गरिमा पर सवाल उठे।

पार्टी की ओर से एक्स पर लिखा गया है कि ‘ हुमायूं कबीर के खुलासों से यह ज़ाहिर हो गया है कि बंगाल के मुसलमान कितने कमज़ोर हैं। AIMIM ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। आज की तारीख़ में, AIMIM ने कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया है।’

West Bengal Elections 2026

‘बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं। दशकों तक धर्मनिरपेक्ष शासन रहने के बावजूद, उनके लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के पीछे AIMIM की नीति यह है कि हाशिए पर पड़े समुदायों की अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज़ हो। हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और आगे किसी भी पार्टी के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा।’

Asaduddin Owaisi ने क्यों तोड़ा Humayun Kabir से गठबंधन?

गठबंधन तोड़ने की मुख्य वजह तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा 9 अप्रैल को जारी किया गया एक वीडियो बताया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद ही गठबंधन की वैधता पर सवाल उठने लगे थे, जिसके तुरंत बाद AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से संबंध तोड़ दिया।

TMC ने जारी किया Video, हुमायूं कबीर ने बताया फर्जी

TMC की ओर से जारी इस वीडियो में एक शख्स, जो कि हुमायूं कबीर जैसा दिख रहा है, BJP नेताओं के साथ ₹1000 करोड़ की डील की बात करता नजर आता है। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि अगर उनकी पार्टी 60-70 सीटें जीत लेती है, तो उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। ये कथित वीडियो करीब 19 मिनट के आस-पास का है।

Humayun Kabir

‘हजार करोड़ रुपये आएंगे, डिप्टी सीएम बनूंगा’

जिसमें हुमायूं कबीर जैसा दिखने वाला व्यक्ति कह रहा है कि ‘हजार करोड़ रुपये आएंगे। बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो। मुसलमान बहुत भोले हैं, उन्हें बेवकूफ बनाना आसान है।’ हालांकि, हुमायूं कबीर ने इस वीडियो को फर्जी और AI-जनरेटेड करार दिया है लेकिन टीएमसी इसे लेकर आक्रामक रूप में हैं। आपको बता दें कि 25 मार्च को हुमायूं कबीर ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन की घोषणा की थी। उस समय कबीर ने असदुद्दीन ओवैसी को अपना ‘बड़ा भाई’ बताया था।

कौन हैं हुमायूं कबीर?

3 जनवरी 1963 को जन्मे हुमायूं कबीर 2021 से भरतपुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। वो तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सदस्य भी रह चुके हैं और ममता बनर्जी के पहले कार्यकाल में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। बाबरी शैली की मस्जिद के निर्माण की पहल के कारण टीएमसी ने उन्हें दिसंबर 2025 में पार्टी से निष्कासित कर दिया। तब से उन्होंने एजेयूपी की स्थापना की है और वर्तमान में इसके अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

Humayun Kabir’s revelations have shown how vulnerable Bengal’s Muslims are. That AIMIM cannot associate with any statements where integrity of Muslims is brought into question. As of today, AIMIM has withdrawn its alliance with Kabir’s party. Bengal’s Muslims are one of the…

— AIMIM (@aimim_national) April 10, 2026 “>

Here is the EXPLOSIVE sting operation video that fully EXPOSES @BJP4India’s dirty conspiracy against Bengal.

In the video, Humayun Kabir openly admits that BJP PAID him ₹1,000 crore to mislead the minority community, and claims that senior BJP leaders like Himanta Biswa Sarma,… pic.twitter.com/yut8lhR6FS

— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 9, 2026 “>





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बच्चों को ले जाएं इन 4 पार्कों में, ₹10 में उठाएं अनलिमिटेड मजा, जानें लोकेशन


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Best Picnic Spot: रांची का ऑक्सीजन पार्क, हिरन पार्क और चिल्ड्रन पार्क गर्मी में सस्ते ठंडे पिकनिक स्पॉट माने जाते हैं. यहां आपको झूले, भूत बंगला, स्विमिंग पूल, नौका विहार और कड़ी सिक्योरिटी की सुविधा मिलेगी.

गर्मी के मौसम में अक्सर लोगों को ठंडी प्लेस की चाहत होती है. रांची का ऑक्सीजन पार्क, हिरन पार्क, चिल्ड्रन पार्क और लेकर आ सकते हैं. यहां पर बच्चों को झूले से लेकर हर एक फैसिलिटी देखने को मिलेगी. चिल्ड्रन पार्क में तो बच्चों के लिए खासतौर पर भूत बंगला से लेकर स्विमिंग पूल व नौका विहार का फैसिलिटी है.

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चिल्ड्रन पार्क में एंट्री ₹10 है. मात्र ₹10 में ही बच्चे को बढ़िया प्लेस घूमा लेंगे. यहां पर कैफेटेरिया से लेकर आइसक्रीम पार्लर सब कुछ देखने को मिलेगा. ऐसे में आपको घर से कुछ लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यहां पर बढ़िया क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकते हैं और चारों तरफ जंगल जैसे बड़े-बड़े पेड़ एकदम ठंडी हवा. इसके अलावा रांची के खूंटी रास्ते में स्थित हिरण पार्क आ सकते हैं.

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हिरण पार्क की खासियत यह है कि यहां पर जंगल के बीच में नदी भी बहती है. पार्क के अंदर आपको खूबसूरत हिरण और हिरनी देखने को मिलेगी और कई तरह के फूल, पेड़ व पौधे देखने को मिलेंगे. यहां से सनसेट का नजारा भी बड़ा ही मनोरम नजर आता है. यहां भी छोटे बच्चों को ध्यान में रखते हुए तरह-तरह के स्लाइडिंग से लेकर 360 डिग्री एंगल के झूले मिल जाएंगे.

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इसके अलावा आप नौका विहार भी कर सकते हैं. इसकी भी फैसिलिटी है, वह भी महज ₹100 में. आप सिंगल भी कर सकते हैं या पूरे फैमिली के साथ. इसके अलावा इन पार्क की खासियत यह है कि यहां पर आपको गुलाब से लेकर चमेली, मोगरा और रंग-बिरंगे फूल देखने को मिलेगी. यानी बच्चे खेलेंगे और बड़े भी खूबसूरत फूल और वातावरण के बीच अपना टाइम स्पेंड कर पाएंगे.

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इन सभी जगह की खास बात यह है कि सिक्योरिटी की बहुत ही टाइट होती है. चाहे हिरण चले जाए या चिल्ड्रन पार्क चल जाए. यहां पर सिक्योरिटी काफी जबरदस्त होती है. ऐसे में बच्चों को लेकर काफी ज्यादा परेशानी नहीं होती और वहां पर और भी अन्य बच्चे होते हैं. ऐसे में बच्चों को एक बढ़िया माहौल मिल जाता है.



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Bihar में का बा? CM कौन होगा? BJP की बैठक से पहले सम्राट चौधरी-श्रेयसी सिंह को क्यों दिल्ली बुलाया?


Bihar

oi-Divyansh Rastogi

Bihar New CM Manthan: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मंथन शुरू हो गया है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद सत्ता परिवर्तन की घड़ी आ चुकी है। अब सवाल ये है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? बीजेपी ने इसकी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। 10 अप्रैल 2026 को दिल्ली में पार्टी की कोर कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और श्रेयसी सिंह समेत कई बड़े नेताओं को तलब किया गया है।

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दिल्ली में क्या चल रहा है?

बीजेपी आलाकमान (अमित शाह, जेपी नड्डा और नितिन नवीन) बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला करने वाले हैं। बैठक में बिहार बीजेपी की कोर टीम शामिल होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सम्राट चौधरी को नए CM के सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उनके साथ श्रेयसी सिंह को भी बुलावा भेजा जाना बड़ा संकेत है। क्या बीजेपी कोई सरप्राइज दे सकती है?

Nitish Kumar का प्लान तैयार?

जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार पहले ही दिल्ली रवाना हो चुके हैं। 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। पटना लौटने के बाद वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

माना जा रहा है कि:

  • 13-14 अप्रैल: नीतीश इस्तीफा देंगे
  • 15 अप्रैल: नई सरकार का गठन और शपथ ग्रहण

Samrat Chaudhary In Bihar CM Race: सम्राट चौधरी रेस में सबसे आगे

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। हाल ही में मंत्री विजय चौधरी ने साफ कहा कि जिस नाम की चर्चा हो रही है, उसी को आगे बढ़ाया जाएगा। बिहार में बीजेपी सरकार का नेतृत्व करेगी और जेडीयू छोटा भाई होगा। ये बयान बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव का संकेत दे रहा है।

Shreyasi Singh को क्यों बुलाया?

श्रेयसी सिंह (ओलंपियन और दो बार की विधायक) को भी दिल्ली बुलाया गया है। कुछ चर्चाओं में उनका नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए चल रहा है। हालांकि, अभी सम्राट चौधरी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। अगर, श्रेयसी को सीएम बनाया गया, तो बीजेपी का यह दांव दिल्ली में महिला सीएम रेखा गुप्ता जैसा साबित होगा।

Nishant Kumar पर भी चर्चा

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के पक्ष में हाल ही में नारे लगे थे कि निशांत कुमार जिंदाबाद और बिहार के मुख्यमंत्री निशांत कुमार। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अनुभव की कमी के कारण अभी उनके लिए ये पद जल्दबाजी होगा। उन्हें उपमुख्यमंत्री या कोई बड़ा पद दिया जा सकता है।

बिहार में 20 साल बाद बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना और दिल्ली में हो रही यह हाई-लेवल बैठक साफ बता रही है कि सत्ता का केंद्र अब बीजेपी के पास शिफ्ट हो रहा है। सम्राट चौधरी-श्रेयसी सिंह को बुलाकर पार्टी पर्दे के पीछे क्या प्लान तैयार कर रही है? क्या सम्राट चौधरी ही अगले CM होंगे या कोई और सरप्राइज? 14-15 अप्रैल तक बिहार की सियासत का नया चेहरा सामने आ जाएगा।



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Gold Silver Price: पश्चिम एशिया के नाजुक हालात के बीच सोने-चांदी में जोरदार तेजी, जानिए सर्राफा बाजार का हाल


पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम की खबरों का सीधा असर सर्राफा बाजार पर दिख रहा है। कमजोर होते अमेरिकी डॉलर और कूटनीतिक स्तर पर बन रही उम्मीदों के चलते शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जबकि सोना भी मजबूत होकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है।

घरेलू सर्राफा बाजार के मजबूत आंकड़े

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को चांदी की कीमत 3,800 रुपये या 1.6 प्रतिशत की छलांग लगाकर 2,47,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई, जिससे गुरुवार की गिरावट (2,43,200 रुपये प्रति किलोग्राम) की पूरी तरह भरपाई हो गई। इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 400 रुपये बढ़कर 1,55,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जो पिछले कारोबारी सत्र में 1,54,900 रुपये के स्तर पर थी। 

इस तेजी ने कीमती धातुओं के लिए एक बेहद मजबूत सप्ताह का समापन किया है। पूरे कारोबारी हफ्ते के दौरान चांदी की कीमत में 10,000 रुपये (4.2 प्रतिशत) और सोने में 3,800 रुपये (2.51 प्रतिशत) की शानदार साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई है।

वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख कायम है, जहां हाजिर सोना 11.52 डॉलर या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,777.17 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर 75.91 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिका-ईरान युद्धविराम के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिसने अर्थव्यवस्था में फिर से मुद्रास्फीति बढ़ने और ब्याज दर में संभावित बढ़ोतरी की चिंताओं को कम कर दिया है। इसी के चलते सोना 4,700 डॉलर के ऊपर स्थिर है और लगातार तीसरे सप्ताह बढ़त की ओर है। इसके अलावा, सुरक्षित निवेश के रूप में उभरे अमेरिकी डॉलर में आई नरमी ने भी बाजार की सकारात्मक धारणा को और समर्थन दिया है।

भू-राजनीतिक घटनाक्रम और सेक्टोरल असर

ऑगमोंट की शोध प्रमुख रेनीशा चैनानी ने बताया कि ईरान विवाद पर एक सतर्क कूटनीतिक आशावाद और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी से कीमती धातुओं की कीमतों में यह मजबूती आई है। हालांकि, भू-राजनीतिक मोर्चे पर कुछ बड़े घटनाक्रम वैश्विक निवेश धारणा को लगातार प्रभावित कर रहे हैं:


  • इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में उनका सैन्य अभियान अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते के दायरे में नहीं आता है।

  • व्यापक शांति व युद्धविराम के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए अगले सप्ताह वाशिंगटन में तेल अवीव और बेरूत से जुड़े पक्षों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में ट्रांजिट शुल्क लगाने को लेकर ईरान को दी गई चेतावनी ने ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

मौजूदा नाजुक शांति स्थितियों को देखते हुए जानकारों का मानना है कि सोने में तेजी की संभावना अभी सीमित है। रेनीशा चैनानी के अनुसार, यदि कूटनीतिक वार्ता विफल होती है, तो सोना तेजी से गिरकर 4,000 डॉलर के स्तर तक आ सकता है। इसके विपरीत, एक विश्वसनीय और ठोस शांति समझौता सोने को 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक ले जाने का रास्ता साफ करेगा, जिससे मौजूदा दायरा निवेशकों और बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णायक क्षेत्र बन गया है।





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उदयपुर से 60 किमी दूर जन्नत! इस गर्मी जयसमंद झील जाना न भूलें


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Udaipur Tourism Summer Guide: उदयपुर जिले में स्थित जयसमंद झील इस गर्मी के सीजन में पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बनकर उभरी है. महाराणा जय सिंह द्वारा 17वीं शताब्दी में निर्मित यह झील विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की कृत्रिम झील है. यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक महल जैसे हवा महल और रूठी रानी का महल सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं. झील में बोटिंग के साथ-साथ पास के अभयारण्य में जंगल सफारी का आनंद भी लिया जा सकता है, जहाँ लेपर्ड और अन्य वन्यजीव देखे जा सकते हैं. भीषण गर्मी के बावजूद यहाँ का मौसम खुशमिजाज रहता है, जिससे स्थानीय होटलों और रिसॉर्ट्स में पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है. इतिहास और आधुनिक सुविधाओं के इस संगम ने जयसमंद को राजस्थान के प्रमुख ‘समर गेटवे’ के रूप में स्थापित कर दिया है.

ख़बरें फटाफट

Udaipur Tourism Summer Guide: राजस्थान में तपती गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पर्यटक अब ऐसी जगहों की तलाश कर रहे हैं जहाँ प्रकृति की गोद में सुकून और ठंडक मिल सके. ऐसे में उदयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक ‘जयसमंद झील’ (Jaisamand Lake) पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरी है. अरावली की पहाड़ियों के बीच बसी यह झील न केवल अपनी विशालता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ का वातावरण भीषण गर्मी में भी अपेक्षाकृत ठंडा और सुखद बना रहता है. 17वीं सदी में मेवाड़ के प्रतापी शासक महाराणा जय सिंह द्वारा निर्मित यह झील आज भी अपने भीतर गौरवशाली इतिहास और स्थापत्य कला के बेजोड़ नमूनों को समेटे हुए है.

जयसमंद झील को एशिया और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की कृत्रिम झील होने का गौरव प्राप्त है. सात टापुओं वाली इस झील का निर्माण गोमती नदी के पानी को रोककर किया गया था. झील के पाल (बांध) पर बने नक्काशीदार हाथी और छतरियां आज भी मेवाड़ की समृद्ध वास्तुकला की गवाही देते हैं. इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि राजा-महाराजा भी अपनी गर्मियों की छुट्टियां बिताने के लिए इसी स्थान का चयन करते थे. यहाँ स्थित ‘हवा महल’ और ऊँची पहाड़ी पर बना ‘रूठी रानी का महल’ पर्यटकों को बीते दौर की शाही जीवनशैली की याद दिलाता है. इन महलों की झरोखों से झील का नीला पानी और डूबते सूरज का नजारा किसी जादुई दृश्य से कम नहीं लगता.

वाइल्डलाइफ और आधुनिक सुविधाओं का संगम
पर्यटन के लिहाज से जयसमंद अब एक पूर्ण ‘हॉलिडे डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित हो चुका है. झील के बीचों-बीच बोट राइडिंग का आनंद लेना पर्यटकों के लिए सबसे रोमांचक अनुभव होता है. प्रकृति प्रेमियों के लिए झील के चारों ओर फैला जयसमंद वन्यजीव अभयारण्य (Sanctuary) किसी जन्नत से कम नहीं है. यहाँ जंगल सफारी के दौरान लेपर्ड, जंगली भालू, हिरण और नीलगाय जैसे वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखा जा सकता है. इसके अलावा, झील के किनारे बने आलीशान रिसॉर्ट्स और होटल्स पर्यटकों को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ प्रकृति के करीब रहने का अवसर प्रदान करते हैं.

बढ़ता पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था
स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार, हर साल गर्मियों के मौसम में यहाँ आने वाले सैलानियों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. विशेष रूप से वीकेंड पर गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँच रहे हैं. पक्षी प्रेमियों (Bird Watchers) के लिए भी यह क्षेत्र आकर्षण का केंद्र है, जहाँ विभिन्न प्रजातियों के स्थानीय और प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं. यदि आप भी इस गर्मी में शोर-शराबे से दूर शांति और प्राकृतिक सुंदरता के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो जयसमंद झील एक बेहतरीन विकल्प है.

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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें



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Trump Tension: Iran से तनाव के बीच पत्नी Melania ने बताया Epstein से कहां हुई थी मुलाकात? Trump का BP किया हाई


International

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Trump Tension: व्हाइट हाउस में गुरुवार (9 अप्रैल) को अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने बहुत दुर्लभ कदम उठाया। उन्होंने सीधे कैमरे के सामने खड़े होकर जेफरी एपस्टीन विवाद पर अपना पक्ष रखा और साफ कहा कि ‘मुझे घिनौने जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले झूठ आज ही खत्म होने चाहिए। मैं एपस्टीन की शिकार नहीं हूं।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद और युद्धविराम की नाजुक स्थिति से जूझ रहे हैं। अब घरेलू मोर्चे पर पत्नी मेलानिया का यह सफाई बयान ट्रंप प्रशासन की टेंशन को और बढ़ा रहा है।

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Melania Trump Epstein Link: ने क्या-क्या साफ किया?

मेलानिया ने एक-एक कर सारे आरोपों का खंडन किया:

  • कोई संबंध नहीं: ‘मेरा एपस्टीन या उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल से कभी कोई संबंध नहीं था। मैक्सवेल से सिर्फ अनौपचारिक ईमेल पत्राचार हुआ था।’
  • शिकार नहीं: ‘मैं एपस्टीन की शिकार नहीं हूं। उन्होंने मुझे डोनाल्ड ट्रंप से नहीं मिलवाया। मेरी मुलाकात डोनाल्ड से 1998 में न्यूयॉर्क की एक पार्टी में संयोगवश हुई थी।’
  • पहली मुलाकात: एपस्टीन से पहली मुलाकात 2000 में एक कार्यक्रम में हुई, जब वे डोनाल्ड के साथ गई थीं। उस समय उन्हें एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी।
  • द्वीप और विमान: ‘मैं कभी एपस्टीन के निजी द्वीप पर नहीं गई, न ही उनके विमान में सवार हुई। मैं किसी जांच में गवाह या नामित गवाह नहीं हूं।’
  • फर्जी तस्वीरें: सोशल मीडिया पर घूम रही तस्वीरें और कहानियाँ पूरी तरह झूठी हैं।

उन्होंने कहा, ‘मेरे बारे में झूठ बोलने वाले लोग नैतिकता, विनम्रता और सम्मान से रहित हैं। मैं उनकी अज्ञानता पर नहीं, बल्कि मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश पर आपत्ति जताती हूं।’

#WATCH | Washington, D.C.: First Lady of the US, Melania Trump says, “The lies linking me with the disgraceful Jeffrey Epstein need to end today. The individuals lying about me are devoid of ethical standards, humility, and respect… I have never been friends with Epstein.… pic.twitter.com/WQmaJEKsTt

— ANI (@ANI) April 9, 2026 “>

Melania Trump की कांग्रेस को बड़ी अपील

मेलानिया ने सिर्फ सफाई नहीं दी, बल्कि अमेरिकी कांग्रेस से सीधा आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एपस्टीन मामले के सभी पीड़ितों को सार्वजनिक सुनवाई का मौका मिलना चाहिए।

‘प्रत्येक महिला को, अगर वह चाहे, तो अपनी कहानी शपथ लेकर कांग्रेस के सामने बताने का अवसर मिलना चाहिए। उनकी गवाही को कांग्रेस के रिकॉर्ड में स्थायी रूप से दर्ज किया जाना चाहिए। तभी सच्चाई सामने आएगी।’

क्यों गरमाया मुद्दा?

एपस्टीन यौन तस्करी घोटाला ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। इस साल अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़ी हजारों फाइलें जारी की थीं, जिसमें कई नाम चर्चा में आए। मेलानिया का बयान ठीक उसी विवाद को फिर से हवा दे रहा है।

ट्रंप प्रशासन के लिए टाइमिंग बेहद संवेदनशील है- एक तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान का नया प्लान, दूसरी तरफ घरेलू मोर्चे पर यह विवाद।

मेलानिया ट्रंप का यह व्हाइट हाउस संबोधन सिर्फ व्यक्तिगत सफाई नहीं, बल्कि पूरे परिवार की प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश है। उन्होंने एपस्टीन को ‘घिनौना’ करार देते हुए साफ कहा- ‘मैं इसमें शामिल नहीं थी।’

लेकिन बयान के साथ-साथ कांग्रेस को पीड़ितों की सुनवाई की अपील ने मुद्दे को और तूल दे दिया है। ट्रंप पहले ही ईरान के सख्त रुख से तनाव में हैं, अब मेलानिया का यह बयान उनके दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दिनों में राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों मोर्चों पर BP बढ़ा रहा है। क्या कांग्रेस (अमेरिकी संसंद) इस अपील पर कार्रवाई करेगी? या फिर एपस्टीन फाइलों का सिलसिला और लंबा खिंचेगा? पूरी दुनिया की नजर अब इसी पर है।

(स्रोत: मेलानिया ट्रंप का आधिकारिक व्हाइट हाउस संबोधन, 9 अप्रैल 2026)





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JAL: जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए जयप्रकाश गौड़ ने जताया अदाणी समूह पर भरोसा, जानिए क्या कहा?


कर्ज के बोझ तले दबी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने अपनी कंपनी के अधिग्रहण के लिए सफल बोलीदाता के रूप में अदाणी समूह का समर्थन किया है। यह महत्वपूर्ण समर्थन ऐसे समय में सामने आया है जब प्रतिद्वंद्वी वेदांता लिमिटेड ने ऊंची बोली के बावजूद यह अधिग्रहण न मिलने पर कानूनी चुनौती दी हुई है।

कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स और समाधान प्रक्रिया

जेपी गौड़ ने साफ किया कि कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा आयोजित दिवाला समाधान प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रही है। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में सीओसी ने लगभग 90 प्रतिशत वोटों के साथ जेपी एसोसिएट्स की संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी दी थी। इस वोटिंग में डालमिया सीमेंट और वेदांता ग्रुप ने भी बोली लगाई थी। इसके बाद, 17 मार्च को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की इलाहाबाद बेंच ने भी अदाणी की इस बोली पर अपनी मुहर लगा दी है।

वेदांता का दावा और कानूनी लड़ाई

इस अधिग्रहण प्रक्रिया में वेदांता लिमिटेड ने 17,926 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोली लगाई थी और अब कंपनी ने एनसीएलटी के फैसले को अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में चुनौती दी है। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने दावा किया था कि जेपी गौड़ अपनी कंपनी को वेदांता के सुरक्षित हाथो’ में सौंपना चाहते थे और वेदांता को एक एसेट की बोली जीतने की लिखित पुष्टि भी मिली थी, जिसे बाद में बिना कारण बताए पलट दिया गया। हालांकि, एनसीएलएटी और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने ही एनसीएलटी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है।

अदाणी समूह के नेतृत्व पर संस्थापक का भरोसा

वेदांता के दावों के बीच, जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने कहा कि सीओसी का फैसला उन्हें पूरी तरह से स्वीकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि गौतम अदाणी के नेतृत्व में जेपी एसोसिएट्स की विरासत नई ऊर्जा, जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेगी। साथ ही, उन्होंने वेदांता ग्रुप को भी उनकी भागीदारी और रुचि के लिए धन्यवाद दिया। 

जेपी समूह के वित्तीय संकट पर क्या बोले गौड़?

साल 1979 में स्थापित जेपी एसोसिएट्स पर 57,185 करोड़ रुपये के कर्ज का डिफॉल्ट करने के बाद जून 2024 में कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) शुरू किया गया था। जेपी गौड़ ने माना कि यह वित्तीय संकट घर खरीदारों, कर्मचारियों, भागीदारों और ऋणदाताओं के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी के पास बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, जेपी विश टाउन, जेपी ग्रीन्स व जेपी स्पोर्ट्स सिटी जैसी इंटीग्रेटेड टाउनशिप, दिल्ली-एनसीआर में पांच होटल और कमर्शियल स्पेस, और मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट प्लांट जैसी कई उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियां मौजूद हैं।





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छत्तीसगढ़ में 2 कारें भिड़ीं, 6 लोगों की मौत: मृतकों में 3 महिलाएं, 2 पुरुष और एक बच्चा, शादी से लौट रहा था परिवार – Chhattisgarh News




छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में देर रात भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। नेशनल हाईवे-30 पर दो कारों की आमने-सामने टक्कर से हादसा हुआ है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार परिवार कांकेर के उड़कुडा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि सभी चीवरांज में शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव उड़कुडा लौट रहे थे, तभी नाथिया नवागांव के पास उनकी कार दूसरी कार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार सवार एक ही परिवार के 3 महिला, 2 पुरुष और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरे कार में सवार 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर से दोनों कार बुरी तरह डैमेज हो गई। देखिए पहले ये तस्वीरें- घायलों का इलाज जारी इधर घटना की जानकारी मिलते ही हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और घायलों को फौरन अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। एसपी निखिल राखेचा ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस एसपी ने बताया कि नेशनल हाईवे 30 पर दो कारों की टक्कर में छह लोगों की मौत हुई है और तीन अन्य घायल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके साथ ही मरने वालों की पहचान और बाकी जानकारियां जुटाई जा रही है। घायलों के उपचार के बाद उनसे भी जानकारी ली जाएगी। शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में रखवाया गया, पीएम के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा। …………………….. सड़क हादसे से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. खड़ी ट्रक में घुसी कार..3 CRPF जवान समेत 7 मौतें:बस्तर में तैनात थे, घर लौट रहे थे; बालोद में 3 दोस्तों की गई जान छत्तीसगढ़ में 2 महीने पहले अलग-अलग सड़क हादसों में 3 CRPF जवानों समेत 7 लोगों की जान चली गई थी। पहली घटना धमतरी जिले की है। जहां बस्तर में तैनात जवान छुट्टी पर घर लौट रहे थे। 14 फरवरी की सुबह सभी रायपुर एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे, तभी धमतरी बायपास में उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक में जा घुसी। हादसे में 3 जवान और 1 ड्राइवर की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर



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भाजपा आज बंगाल में घोषणा पत्र जारी करेगी: अमित शाह मौजूद रहेंगे; मोदी ने कल बीजेपी की 6 गारंटी दीं


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कोलकाता/चेन्नई31 मिनट पहले

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भाजपा, कांग्रेस और टीएमसी समेत अन्य दल अब बंगाल और तमिलनाडु में अपने प्रचार अभियान को और तेज करने जा रहे हैं। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार को असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में वोटिंग हुई।

बंगाल में वोटिंग दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा जबकि तमिलनाडु में सभी सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। भाजपा आज पश्चिम बंगाल के लिए अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा शाह पश्चिमी मेदिनीपुर में जनसभा और खड़गपुर में रोड शो करेंगे।

वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन बड़ी चुनावी रैलियां कीं। उन्होंने हल्दिया, आसनसोल और बीरभूम में जनसभा की। पीएम मोदी ने भाजपा की 6 गारंटी दीं। साथ ही कहा- मैं आपको एक और गारंटी भी देता हूं कि अब तक जिन्होंने प. बंगाल को लूटा है, उन सबका हिसाब होगा।

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पीएम मोदी की बंगाल में 6 गारंटियां

  1. भय के माहौल में आज लोगों को बार-बार कानून से मदद मांगनी पड़ती है। लेकिन हमारी सरकार में आपको न्याय मिलेगा।
  2. सरकारी सिस्टम जनता के लिए जवाबदेह होगा।
  3. घोटाले, दुष्कर्म हर क्राइम की फाइल खुलेगी।
  4. जिसने भी करप्शन किया है, उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री हो या संत्री, जनता का पैसा नहीं खाने देंगे।
  5. जो शरणार्थी हैं, उन्हें सम्मान मिलेगा, जो घुसपैठी हैं, उन्हें खदेड़ा जाएगा।
  6. सभी सरकारी कर्मचारियों को इस निर्मम सरकार ने भयभीत करके रखा है। मोदी सरकार आपके साथ खड़ी है। सरकार बनते ही यहां 7वां पे कमीशन लागू करवाएंगे।
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