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Mamata Banerjee: सैलरी-पेंशन का 1 भी रुपया नहीं लेती हैं, इकोनॉमी क्लास में चलने वाली CM कैसे चलाती हैं खर्चा?


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oi-Divyansh Rastogi

Bengal Assembly Elections 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान 23 अप्रैल को होंगे। एक बार फिर ‘दीदी’ नया इतिहास रचने की तैयारी में हैं। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी भारी बहुमत चौथी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनने के लिए पूरा जोर लगा रहीं हैं। करीब 49 साल से राजनीति में सक्रिय ममता 2011 और 2016 में भी जनता का भरोसा जीत चुकी हैं। लेकिन उनकी सबसे बड़ी खासियत उनकी सादगी और आत्मनिर्भरता है।

गजब बात यह है कि दीदी न तो मुख्यमंत्री की सैलरी लेती हैं, न संसद की पेंशन और न ही सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करती हैं। फिर सवाल उठता है कि इतने बड़े पद पर रहते हुए उनका खर्चा कौन चलाता है?

Mamata Banerjee Net Worth

Mamata Banerjee का खुलासा: ‘पेंशन और सैलरी, दोनों छोड़ दी’

एक इंटरव्यू में ममता बनर्जी ने खुद बताया कि पिछले 7 साल से उन्होंने न तो अपनी सांसद पेंशन ली है और न ही मुख्यमंत्री की सैलरी। पेंशन की रकम करीब 75 हजार रुपये महीना है, लेकिन दीदी उसे भी छूती नहीं।

  • कोई आधिकारिक गाड़ी नहीं
  • यात्रा के लिए इकोनॉमी क्लास ही
  • गेस्ट हाउस में ठहरना पड़े तो खुद के पैसे

ये सब सुनकर हैरानी होती है, लेकिन ममता बनर्जी के लिए ये जीवनशैली सालों से चली आ रही है।

तो पैसा आता कहां से? दीदी का जवाब

Mamata Banerjee ने साफ बताया कि उनकी आय का मुख्य स्रोत उनकी किताबें और गीत हैं।

  • 1. किताबें : अब तक उनकी 86-87 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें कई बेस्टसेलर भी शामिल हैं। किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी ही उनके लिए काफी है। सालाना इस स्रोत से उन्हें 10-11 लाख रुपये मिल जाते हैं।
  • 2. गीत लिखना: ममता गानों के बोल भी लिखती हैं। जिस प्रोडक्शन हाउस के लिए वे लिरिक्स देती हैं, वह उन्हें सालाना करीब 3 लाख रुपये देता है।
  • 3. पेंटिंग : पेंटिंग उनका शौक है, लेकिन जो भी कमाई इसमें से होती है, वो वे पूरी तरह दान कर देती हैं।

दीदी का अपना तर्क

ममता कहती हैं, ‘मैं अकेली हूं। मुझे ज्यादा पैसे की जरूरत नहीं पड़ती। जो कमाती हूं, उसी में आराम से गुजर-बसर हो जाती है।’

Mamata Banerjee Net Worth: ममता बनर्जी की संपत्ति कितनी?

ममता की हलफनामे के मुताबिक, कुल संपत्ति 16 लाख रुपए है। कोई देनदारियां नहीं, न कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड। पढाई की बात करें तो, कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर से एमए (1977 में, परीक्षा 1979 में आयोजित), कलकत्ता विश्वविद्यालय के अधीन जोगेश चंद्र चौधरी विधि महाविद्यालय से एलएलबी (1982 में) हैं।

एक साधारण परिवार से निकली ‘लौह महिला’

5 जनवरी 1955 को कोलकाता के एक सामान्य परिवार में जन्मी ममता बनर्जी ने राजनीति में संघर्ष की मिसाल कायम की। केंद्र में वे कोयला, मानव संसाधन विकास, रेलवे और महिला-बाल विकास मंत्रालय संभाल चुकी हैं। लेकिन सत्ता में आने के बाद भी उन्होंने अपनी सादगी नहीं छोड़ी।

आज जब ज्यादातर नेता सरकारी सुविधाओं पर चलते दिखते हैं, तब ममता बनर्जी का ये स्टाइल युवाओं को भी सोचने पर मजबूर कर देता है कि सत्ता में रहते हुए भी सादगी और आत्मनिर्भरता का एक अलग उदाहरण।

ममता बनर्जी साबित करती हैं कि राजनीति में बड़ा पद संभालने के लिए सैलरी या पेंशन की जरूरत नहीं होती। उनकी आय का स्रोत उनकी रचनात्मकता है कि किताबें, गीत और ईमानदारी। दीदी की ये सादगी ही उन्हें जनता के दिलों में अलग जगह दिलाती है।



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Kerala Assembly Elections 2026: ‘BJP वोट खरीद रही’ , राहुल गांधी को पसंद करने वाली Shama Mohamed कौन हैं ?


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oi-Ankur Sharma

Kerala Assembly Elections 2026: गुरुवार को केरल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ, 4 मई को चुनावी परिणाम सामने आएंगे। मतदान करने के बाद कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘UDF इस चुनाव में भारी बहुमत से जीत रही है, आपने देखा ही होगा कि ज़मीनी स्तर पर लोग कह रहे हैं कि वे बदलाव चाहते हैं, राज्य कर्ज़ में डूबा है, बेरोज़गारी है और आज राज्य में नशे की समस्या भी है, BJP इतनी हताश हो चुकी है कि वह वोट खरीद रही है।’

जिसके बाद वो सोशल मीडिया पर चर्चित हो गई हैं, कुछ लोग उनकी बात का समर्थन कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद अक्सर अपने बयान के कारण चर्चित रहती हैं , ये कोई पहला मौका नहीं है जब उनके बयान को ट्रोल किया जा रहा है।

मैं राहुल गांधी को बहुत पसंद करती हूं: Shama Mohamed

हाल ही में जब विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिला था तो उन्हों ने एक्स पर लिखा था कि ‘नकारी गई, पर हारी नहीं। मैं अपने नेता @rahulgandhi जी से, जिन्हें मैं बहुत पसंद करती हूं, जिनका सम्मान करती हूं और जिनकी तारीफ़ करता हूं, विनम्रतापूर्वक आग्रह करती हूं कि वे केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करें। 92 टिकटों में से, महिलाओं को केवल 9 टिकट दिए गए। लोकसभा की 24 सीटों में से, बांटे गए 16 टिकटों में से केवल 1 टिकट महिला को दिया गया। और अगर वह महिला प्रतिभाशाली हो, तो स्थिति और भी ज़्यादा खराब है! बहुत-बहुत दुख की बात है।’

बयानों की वजह हमेशा चर्चित रहती हैं शमा मोहम्मद

इस बयान के बाद भी शमा को काफी ट्रोल किया गया था। गौरतलब है कि कांग्रेस की तेजतर्रार प्रवक्ता के रूप में विख्यात शमा मोहम्मद अक्सर टीवी डिबेट्स, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी का पक्ष मजबूती से रखती हैं।

Shama Mohamed

कौन हैं Shama Mohamed?

केरल के कन्नूर जिले के न्यू माहे के पास चेरुकल्लयी में जन्मा शमा ने कुवैत के इंडियन स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की और इसके बाद मैंगलोर के येनेपोया विश्वविद्यालय से दंत विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 2015 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होने से पहले उन्होंने कुछ समय के लिए ज़ी टीवी में पत्रकार के रूप में काम किया था। वह पेशे से डॉक्टर (डेंटिस्ट) रही हैं, दिसंबर 2018 में, उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट के रूप में नियुक्त किया गया था।

Shama Mohamed

Keralam Assembly Polls 2026: केरल में कौन मारेगा बाजी?

केरलम में चुनावी मुकाबला परंपरागत रूप से दो गठबंधनों के बीच है और वो है LDF बनाम UDF (कांग्रेस नीत गठबंधन)। यहां पर विधानसभा की 140 सीटें हैं, किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 71 सीटों के जादुई आंकड़े की आवश्यकता होगी।

#WATCH | Kannur, Keralam | Congress leader Shama Mohammad says, “UDF is winning this election with a huge majority. You must have seen that people on the ground are saying they want change…The state is in debt, there is unemployment, there is a drug problem in the state… pic.twitter.com/ygfgscSd8Y

— ANI (@ANI) April 9, 2026 “>

Denied but not defeated . I respectfully urge my leader @rahulgandhi ji who I adore , respect & Admire to help the congress women of kerala . Out of the 92 tickets , only 9 tickets were given to women . In Lok
Sabha of 24, only 1 woman was given out of the 16 tickets distributed.…

— Dr. Shama Mohamed (@drshamamohd) March 20, 2026 “>





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‘हुमायूं कबीर की BJP से ₹1000 करोड़ की डील, डिप्टी CM बनूंगा’, TMC के स्टिंग Video पर हंगामा, नेता ने दी सफाई


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oi-Pallavi Kumari

Humayun Kabir Video Viral: पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से ठीक पहले एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। हुमायूं कबीर से जुड़ा एक कथित स्टिंग वीडियो वायरल होने के बाद TMC और BJP आमने-सामने आ गई हैं। वीडियो में बड़े पैमाने पर पैसों की डील, सत्ता की रणनीति और चुनावी समीकरणों की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

करीब 19 मिनट के इस कथित वीडियो में एक शख्स, जो हुमायूं कबीर जैसा दिख रहा है, BJP नेताओं के साथ ₹1000 करोड़ की डील की बात करता नजर आता है। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि अगर उनकी पार्टी 60-70 सीटें जीत लेती है, तो उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।

Humayun Kabir Video Viral

वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि BJP को 100-120 सीटें मिल सकती हैं और इससे ममता बनर्जी की पार्टी 100 सीटों के नीचे आ सकती है। साथ ही मुस्लिम वोटरों को प्रभावित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस वीडियो को हुमायूं कबीर ने AI जनरेटेड बताया है।

Here is the EXPLOSIVE sting operation video that fully EXPOSES @BJP4India’s dirty conspiracy against Bengal.

In the video, Humayun Kabir openly admits that BJP PAID him ₹1,000 crore to mislead the minority community, and claims that senior BJP leaders like Himanta Biswa Sarma,… pic.twitter.com/yut8lhR6FS

— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 9, 2026 “>

अब सुनिए स्टिंग Video में क्या कहा जा रहा है…

“आप मुझे एक हजार करोड़ देंगे तो आपको पूरा फायदा होगा। मेरी सीट तो 70-80 होगी। आपकी सीट 100-120 तक जाएगी। तो ममता बनर्जी 100 के नीचे आएगी। तो मैं साफ साफ चुनाव के बाद लोगों को समझाऊंगा केंद्र में भाजपा है। इसके बाद मैं चुनाव के बाद साफ-साफ लोगों को समझाऊंगा कि केंद्र में बीजेपी की सरकार है। ममता बनर्जी के तीन कार्यकाल में मुसलमानों के लिए कोई विकास नहीं हुआ है… पूरा मुस्लिम समाज मुझ पर भरोसा करता है।”

PMO और बड़े नेताओं का भी जिक्र

वीडियो में कथित तौर पर सुवेंदु अधिकारी से बातचीत और दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), मोहन यादव और हिमंता बिस्वा सरमा के नामों का भी जिक्र होने का दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

हुमायूं कबीर का पलटवार-‘सब कुछ फेक और AI जनरेटेड’

विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया है। हुमायूं कबीर ने कहा कि “क्या प्रधानमंत्री इतना कमजोर है कि मुझे ₹1000 करोड़ देगा? यह पूरी तरह बेतुका दावा है।” उन्होंने चुनौती दी कि अगर किसी के पास सबूत है तो सामने लाए, वरना वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।

#WATCH | Murshidabad, West Bengal: On the alleged links between AJUP and BJP, AJUP president Humayun Kabir says, “…what kind of preposterous claim are you making? Is the Prime Minister of India really such a weak figure that he would hand over Rs 1,000 crore to Humayun Kabir?… pic.twitter.com/sT6dgksECm

— ANI (@ANI) April 9, 2026 “>

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इसे फैलाया है, उनके खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। फिलहाल वह चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, लेकिन समय मिलते ही कोर्ट का रुख करेंगे। कबीर ने यह भी साफ किया कि उनकी न तो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा और न ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से कभी मुलाकात हुई है और न ही कोई बातचीत।

अब जानिए हुमायूं कबीर कौन हैं? (Humayun Kabir Profile)

Humayun Kabir profile news

BJP का जवाब, ‘FSL जांच हो’

BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी इस वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि इसकी जांच केंद्रीय फॉरेंसिक लैब (FSL) से कराई जानी चाहिए। पार्टी का कहना है कि यह विपक्ष की साजिश है, जिससे चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ा जा सके।

यह पूरा विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्य की 294 सीटों में से 118 पर हुमायूं कबीर की पार्टी चुनाव लड़ रही है और उनका गठबंधन AIMIM के साथ है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

राजनीतिक समीकरण और बड़ा सवाल

यह मामला बंगाल की राजनीति में पहले हुए चर्चित नारदा स्टिंग ऑपरेशन की याद भी दिला रहा है, जब चुनाव से पहले कई नेताओं के पैसे लेने के वीडियो सामने आए थे। हालांकि उस समय इसका चुनावी असर सीमित ही रहा था।

इस पूरे विवाद ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वीडियो असली है या AI से बनाया गया? क्या चुनाव से पहले यह एक सियासी हथकंडा है? और सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या इससे वोटरों का रुख बदलेगा?

फिलहाल सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि इस स्टिंग वीडियो ने बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है और चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।





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जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश: हिमाचल के 3 शहरों में माइनस में पारा, MP में आज से 5-6°C बढ़ेगा तापमान




भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज अरुणाचल प्रदेश और असम समेत 9 राज्यों में आंधी के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, देश के ज्यादातर हिस्सों में आज से मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश हुई। हिमाचल के कुमसैरी, कल्पा और केलांग में तापमान माइनस में पहुंच गया। वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी समेत 7 जिलों में बारिश हुई। मध्य प्रदेश में आज से गर्मी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में 5 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। दिल्ली-NCR में आसमान साफ रहेगा। दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दिन में 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिससे हल्की ठंडक महसूस होगी। राजस्थान में अगले 4-5 दिन मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ सकती है। पिछले 20 दिनों से बदले मौसम के कारण अप्रैल में भी ठंडक का एहसास बना हुआ है। इधर, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और गोवा में गर्मी के साथ उमस बनी रहीगा। मौसम की तीन तस्वीरें… 11 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ 30-40 किमी/घंटा की हवा चल सकती है। असम, मेघालय में बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक की संभावना। 12 अप्रैल: पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।



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जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश: हिमाचल के 3 शहरों में माइनस में पारा, MP में आज से 5-6°C बढ़ेगा तापमान




भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज अरुणाचल प्रदेश और असम समेत 9 राज्यों में आंधी के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, देश के ज्यादातर हिस्सों में आज से मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश हुई। हिमाचल के कुमसैरी, कल्पा और केलांग में तापमान माइनस में पहुंच गया। वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी समेत 7 जिलों में बारिश हुई। मध्य प्रदेश में आज से गर्मी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में 5 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। दिल्ली-NCR में आसमान साफ रहेगा। दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दिन में 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिससे हल्की ठंडक महसूस होगी। राजस्थान में अगले 4-5 दिन मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ सकती है। पिछले 20 दिनों से बदले मौसम के कारण अप्रैल में भी ठंडक का एहसास बना हुआ है। इधर, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और गोवा में गर्मी के साथ उमस बनी रहीगा। मौसम की तीन तस्वीरें… 11 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ 30-40 किमी/घंटा की हवा चल सकती है। असम, मेघालय में बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक की संभावना। 12 अप्रैल: पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।



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Delhi Power Cut: साउथ-वेस्ट दिल्ली में 10 अप्रैल को गुल रहेगी बिजली, BSES की शटडाउन लिस्ट जारी, चेक करें एरिया


Delhi

oi-Puja Yadav

Delhi Power Cut: अगर आप दिल्ली के साउथ और वेस्ट दिल्ली के कई इलाकों में रहते हैंयह खबर आपके लिए ही है। 10 अप्रैल 2026 को दिल्ली के इन इलाकों में कुछ घंटों के लिए बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

BRPL (BSES राजधनी पावर लिमिटेड) ने मेंटेनेंस और अपग्रेडेशन के काम के चलते अलग-अलग इलाकों में पावर कट का शेड्यूल जारी किया है।

delhi-power-cut-10-april-2026-list

कंपनी के मुताबिक यह कटौती जरूरी मरम्मत, ट्रांसफॉर्मर मेंटेनेंस, पेड़ों की कटाई (ट्री ट्रिमिंग) और नेटवर्क अपग्रेड जैसे कामों के कारण की जा रही है, ताकि भविष्य में बिजली सप्लाई बेहतर और बिना रुकावट के मिल सके।

BSES Power Cut Schedule: किन-किन इलाकों में होगी बिजली कटौती?

BRPL का कहना है कि ये पावर कट मेंटेनेंस, लोड बैलेंसिंग, ट्रांसफॉर्मर रिपेयर और पेड़ों की कटाई जैसे जरूरी कामों के लिए किए जा रहे हैं। इन कामों का मकसद है कि आगे चलकर बिजली सप्लाई में कोई बड़ी दिक्कत न आए।

साकेत और सैनिक फार्म (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे): भाई साहब, यहां सबसे ज्यादा 4 घंटे की लंबी ‘ब्रेक’ है। सैनिक फार्म और पर्यावरण कॉम्प्लेक्स वाले लोग अपनी मोबाइल बैटरी फुल कर लें, क्योंकि पेड़ों की कटाई-छंटाई का काम चलने वाला है।

छतरपुर और असोला (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे): यहां भी 3 घंटे का कट है। छतरपुर एक्सटेंशन और असोला वाइल्ड लाइफ वाले इलाके में नेटवर्क अपग्रेड और गैस प्रेशर चेक करने के लिए बिजली काटी जाएगी।

वसंत कुंज (दोपहर 2:15 से 3:45): यहां लंच के बाद डेढ़ घंटे की शांति रहेगी। कापसहेड़ा एस्टेट और देसू कॉलोनी में ट्रांसफार्मर की मरम्मत होगी।

हौज खास और आरके पुरम (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे): आरके पुरम सेक्टर-7 और ग्रीन पार्क में खंभे शिफ्ट करने और मेंटेनेंस के चक्कर में बत्ती गुल रहेगी।

पश्चिम दिल्ली के पालम और राज नगर (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे): सागरपुर और राज नगर के ब्लॉक-बी में ट्रांसफार्मर का लोड बैलेंस किया जाएगा। मतलब, अगर पंखा धीरे चल रहा था, तो कल के बाद शायद ठीक हो जाए!

नजफगढ़ और नांगलोई (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे): राघोपुर गांव और जय विहार बापरोला में भी 3 घंटे का ‘पावर ब्रेक’ है।

मोहन गार्डन और उत्तम नगर (सुबह 11 से दोपहर 2 बजे): मानस राम पार्क और नवादा के आसपास नई लाइन (HVDS) पर काम होना है, तो यहाँ भी शांति रहेगी।

बिजली कटौती से पहले ये जान लीजिए काम की टिप्स

इन्वर्टर चेक कर लो: अगर इन्वर्टर में पानी कम है या बैटरी डाउन है, तो आज ही देख लो, कल वो आपका बेस्ट फ्रेंड बनने वाला है।

पानी की टंकी: सुबह 11 बजे से पहले मोटर चलाकर टंकी फुल कर लो, वरना बिना पानी और बिजली के दिन भारी पड़ेगा।

चार्जिंग: फोन और लैपटॉप सुबह-सुबह 100% कर लो। पता चला गेम खेलते-खेलते ही फोन बंद हो गया।
शॉर्ट में बात ये है: कल सुबह 11 बजे से दोपहर 2-3 बजे तक दिल्ली के आधे हिस्से में ‘डिजिटल डिटॉक्स’ होने वाला है। तो घबराओ मत, ये सब आपकी अगली गर्मियों को ‘कूल’ बनाने के लिए ही हो रहा है।



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टाटा संस की लिस्टिंग पर गहराया विवाद: एसपी मिस्त्री ने उठाई ये मांग, जरूरी सवालों के जवाब से समझें पूरा मामला


टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के पब्लिक लिस्टिंग का मुद्दा एक बार फिर गहरा गया है। शापूरजी पल्लोनजी (एसपी) ग्रुप के चेयरमैन शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री ने पारदर्शी कॉरपोरेट गवर्नेंस का हवाला देते हुए टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग को समय की एक महत्वपूर्ण जरूरत बताया है। एसपी ग्रुप की इस मांग ने कॉरपोरेट और वित्तीय जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। 

आइए इस पूरे विवाद और इसके व्यावसायिक पहलुओं को सवालों और जवाबों के जरिए आसान भाषा में समझते हैं।

सवाल: शापूरजी पलोनजी मिस्त्री की मुख्य मांग क्या है और क्यों?

जवाब: एसपी ग्रुप के चेयरमैन शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री लगातार यह मांग कर रहे हैं कि टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाए। टाटा संस में एसपी परिवार की लगभग 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मिस्त्री का स्पष्ट तौर पर मानना है कि यह लिस्टिंग महज एक नियामक अनुपालन (रेगुलेटरी कंप्लायंस) नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक हित में एक आवश्यक क्रमिक विकास है। उनका तर्क है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग से टाटा समूह के भीतर पारदर्शिता, शासन (गवर्नेंस) और जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।

सवाल: क्या इस लिस्टिंग से टाटा ट्रस्ट्स या उसके सामाजिक कार्यों को कोई नुकसान होगा?

जवाब: शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री के अनुसार, टाटा संस की ओर से आज तक ऐसा कोई भी स्पष्ट और तथ्य-आधारित प्रमाण सामने नहीं रखा गया है जिससे यह साबित हो सके कि पब्लिक लिस्टिंग से टाटा ट्रस्ट्स के हितों को कोई नुकसान पहुंचेगा या लाभार्थियों की सेवा करने की उनकी क्षमता किसी भी रूप में कम होगी। इसके विपरीत, मिस्त्री का मानना है कि लिस्टिंग से टाटा ट्रस्ट्स के लिए एक अधिक स्पष्ट और मजबूत डिविडेंड (लाभांश) स्ट्रीम तैयार होगी, जिससे देश के सबसे गरीब तबकों को फायदा पहुंचाने वाले उनके सामाजिक और परोपकारी कार्यों का दायरा और भी व्यापक होगा। 

सवाल: इस लिस्टिंग को लेकर टाटा ग्रुप के भीतर कैसा रुख है?

जवाब: टाटा संस में 66 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टियों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद की खबरें हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के दो ट्रस्टी, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह, टाटा संस की पब्लिक लिस्टिंग के पक्ष में हैं, जबकि टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा इस कदम के सख्त खिलाफ हैं। इसी आपसी खींचतान और विवाद के बीच पिछले साल अक्तूबर में भी मिस्त्री ने पारदर्शिता लाने के लिए लिस्टिंग की मांग उठाई थी।

जानकारों के अनुसार इसके पीछे ट्रस्ट्स की ओर से जो तर्क दिए जाते हैं वे ये हैं-

1. परोपकारी कार्यों पर प्रभाव

टाटा ट्रस्ट्स मुख्य रूप से टाटा संस से मिलने वाले डिविडेंड (लाभांश) पर निर्भर हैं, जिसका इस्तेमाल वे देश भर में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक कार्यों के लिए करते हैं। ट्रस्ट्स का तर्क है कि पब्लिक लिस्टिंग से शेयर बाजार का उतार-चढ़ाव कंपनी के फैसलों को प्रभावित करेगा। बाजार की अस्थिरता और सख्त नियमों के कारण डिविडेंड की निरंतरता पर असर पड़ सकता है, जिससे उनके परोपकारी कार्यों की फंडिंग खतरे में आ सकती है।

2. लंबी अवधि का विजन बनाम शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट

शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों पर निवेशकों और विश्लेषकों की तरफ से हर तिमाहीबेहतर नतीजे और मुनाफा दिखाने का भारी दबाव होता है। टाटा ट्रस्ट्स का तर्क है कि टाटा ग्रुप हमेशा से लंबी अवधि की सोच और राष्ट्र-निर्माण के विजन के साथ काम करता आया है। लिस्टिंग से कंपनी को शॉर्ट-टर्म मुनाफे के दबाव में काम करना पड़ सकता है, जो टाटा के मूल सिद्धांतों और 100 साल पुरानी संस्कृति के खिलाफ है।

3. स्वायत्तता और नियंत्रण खोने की चिंता

वर्तमान में टाटा संस एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह काम करती है, जिस पर ट्रस्ट्स का सीधा और मजबूत नियंत्रण है। ट्रस्ट्स को लगता है कि पब्लिक लिस्टिंग के बाद:


  • नए पब्लिक शेयरहोल्डर्स और संस्थागत निवेशकों का दखल बढ़ेगा।

  • सेबी के कड़े गवर्नेंस और डिस्क्लोजर नियम लागू होंगे।

  • बोर्ड में फैसले लेने की उनकी स्वायत्तता कमजोर हो जाएगी।

4. पूंजी जुटाने की कोई आवश्यकता नहीं 


आमतौर पर कंपनियां बाजार से पैसा जुटाने के लिए अपना आईपीओ लाती हैं। टाटा संस का मजबूत तर्क यह है कि उनके पास पर्याप्त कैश रिज़र्व है और उन्हें पब्लिक से पैसे जुटाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसी तर्क को साबित करने के लिए टाटा संस ने हाल ही में अपने ऊपर बकाया हजारों करोड़ का कर्ज चुका कर खुद को जीरो-डेट कंपनी बना लिया है। उनका कहना है कि वे ग्रुप कंपनियों की भविष्य की फंडिंग अपने आंतरिक फंड से ही कर सकते हैं।



5. अघोषित कारण: शापूरजी पलोनजी ग्रुप का एग्जिट


हालांकि यह सार्वजनिक रूप से आधिकारिक तर्क नहीं है, लेकिन बाजार विश्लेषकों के अनुसार टाटा ट्रस्ट्स का विरोध शापूरजी पलोनजी ग्रुप से भी जुड़ा है। एसपी ग्रुप के पास टाटा संस में 18.37% की हिस्सेदारी है और वे लंबे समय से लिस्टिंग की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी हिस्सेदारी की असली वैल्यू (करीब पांच से आठ लाख करोड़ रुपये का अनुमान) अनलॉक हो सके और उन्हें भारी कर्ज से उबरने के लिए एक आसान एग्जिट मिल जाए। जानकारों के मुताबिक ट्रस्ट्स इस वैल्युएशन को सार्वजनिक बाजार में अनलॉक करने को लेकर सहज नहीं रहे हैं।

सवाल: इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक के नियम क्या कहते हैं?

जवाब: भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के ढांचे के तहत, टाटा संस ‘अपर-लेयर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी’ (एनबीएफसी) की श्रेणी में आती है, जिसके लिए पब्लिक लिस्टिंग करना अनिवार्य शर्त है। मिस्त्री ने इसी का हवाला देते हुए कहा है कि विश्वास और सत्यनिष्ठा पर बने टाटा समूह को आरबीआई की ओर से अनिवार्य लिस्टिंग के अनुपालन से और मजबूती मिलेगी। एसपी ग्रुप इस मामले में एक निर्णायक दिशा-निर्देश के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से अपेक्षा कर रहा है। मिस्त्री ने इस विषय पर भारत सरकार और आरबीआई की ओर से निर्णायक कदम उठाए जाने पर भरोसा जताया है।

सवाल: लिस्टिंग से आम शेयरधारकों और खुद एसपी ग्रुप को क्या फायदा मिल सकता है?

जवाब: एसपी ग्रुप के चेयरमैन का मानना है कि टाटा संस की लिस्टिंग बुनियादी तौर पर जनहित में है, क्योंकि सार्वजनिक रूप से लिस्टेड होल्डिंग कंपनी होने से बोर्ड की जवाबदेही बढ़ती है, निवेशकों का आधार व्यापक होता है और सभी हितधारकों के लिए लंबी अवधि का मूल्य सुरक्षित होता है। यह कदम लाखों रिटेल शेयरधारकों (आम निवेशकों) के लिए वैल्यू अनलॉक करेगा। इसके साथ ही, एसपी ग्रुप अपनी ऋण अदायगी (कर्ज कम करने) और धन जुटाने के लिए टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी का लाभ उठाने की संभावनाएं भी तलाश रहा है।



इस पूरी प्रक्रिया और बहस के बीच, एसपी ग्रुप ने साफ किया है कि इस मसले पर जल्द से जल्द एक सौहार्दपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए टाटा संस के नेतृत्व के साथ लगातार बातचीत हो रही है। अब बाजार और कॉरपोरेट जगत की नजरें आरबीआई के रुख और टाटा संस के अगले कदम पर टिकी हैं।

इस बीच, टाटा संस के चेयरमैन ने कर्मचारियों से टाउनहॉल में क्या कहा?

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शुक्रवार को एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए आयोजित टाउनहॉल में बोलते हुए स्वीकार किया कि एयरलाइन एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। उन्होंने कर्मचारियों से क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने और ईमानदारी से जुड़े रहने की अपील की। चंद्रशेखरन ने कहा, “हमारा भविष्य उज्ज्वल है और हमने अपनी महत्वाकांक्षाओं की ठोस नींव रखी है, फिर भी हम एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं, जिसका प्रभाव एयरलाइन उद्योग में सबसे अधिक दिखाई दे रहा है।”



उन्होंने आगे कहा, “अभी महत्वपूर्ण है क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया जाए। हमारा ध्यान उन चीजों पर होना चाहिए जो हमारे नियंत्रण में हैं, जहां हम सुधार कर सकते हैं, लागतों पर सटीक नियंत्रण रखना चाहिए और स्थिति की वास्तविकता से जुड़े रहना चाहिए।” चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों को किए जा रहे कार्यों पर गर्व करने की सलाह दी।


 



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स्पाइसजेट में 20% स्टाफ की छंटनी होगी: सीनियर अफसरों को जनवरी से सैलरी नहीं मिली, बेड़े में खुद के 13 विमान ही बचे


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नई दिल्ली7 घंटे पहले

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देश की प्राइवेट एयरलाइन स्पाइसजेट गंभीर संकट से गुजर रही है। परिचालन क्षमता घटने पर कंपनी ने 20% स्टाफ कम करने का फैसला किया है, जिसमें 500 से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जा सकता है।

एयरलाइन के पास 6,800 कर्मचारी हैं। अपने केवल 13 विमान बचे हैं, जिनमें 10 बोइंग और 3 Q400 शामिल हैं। इसके अलावा 14 विमान वेट-लीज (क्रू सहित) पर चल रहे हैं।

सीनियर अफसरों को जनवरी से वेतन नहीं मिला है और अन्य कर्मचारियों की सैलरी 2-3 महीने देरी से मिल रही है। कंपनी पर जीएसटी, टीडीएस और पीएफ का 100 करोड़ से अधिक बकाया है। टीडीएस अप्रैल 2025 से व जीएसटी 5 महीनों से जमा नहीं हुआ है।

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मार्केट शेयर में अकासा से पिछड़ी

एयरलाइन ने इस्तीफा दे चुके दर्जनों इंजीनियरों का तीन महीने का नोटिस पीरियड खत्म कर दिया है। 31 मार्च के आदेश के बाद इन कर्मचारियों को तुरंत नौकरी छोड़ने को कहा गया है।

घरेलू बाजार में स्पाइसजेट की हिस्सेदारी गिरकर महज 3.9% रह गई है। तुलनात्मक रूप से नई एयरलाइन अकासा की 37 विमानों और 5,000 कर्मचारियों के साथ हिस्सेदारी 4.9% है। पुराने कर्मचारी भी अपना फुल एंड फाइनल बकाया न मिलने पर नाराजगी जता रहे हैं।

पायलट सैलरी घटी, 21 दिन काम मिलेगा

पायलटों के लिए नया नियम आया है। उन्हें 21 दिन काम व 9 दिन छुट्टी लेनी होगी। इससे कैप्टन्स का 7.5 लाख रुपए मासिक वेतन घटकर 6 लाख रुपए हो जाएगा।

जुलाई-सितंबर तिमाही में एयरलाइन का का घाटा बढ़कर ₹621 करोड़

लो कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट का जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2FY26) में कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस सालाना आधार पर 35% बढ़कर ₹621 करोड़ पहुंच गया था। ये पिछले साल की सामान तिमाही में ₹458 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी 13% घटकर ₹792 करोड़ रह गया । ये पिछले साल की समान तिमाही में 915 करोड़ रुपए था।

स्पाइसजेट का घाटा बढ़ने के तीन कारण

ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ना: फ्लीट रिवाइवल का मतलब है पुराने प्लेनों को सुधारना—जैसे इंजन ठीक करना, पार्ट्स बदलना। स्पाइसजेट ने Q2 में कई प्लेन ग्राउंडेड (उड़ान बंद) रखे, जिसका खर्च 297 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एक्सपैंशन (नई फ्लाइट्स जोड़ना) का भी कॉस्ट बढ़ा, क्योंकि नए प्लेन खरीदने या लीज पर लेने में पैसे लगे। इससे कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट (रनिंग खर्च) 13% YoY बढ़ गया। कंपनी का कहना है कि यह शॉर्ट-टर्म दर्द है, लेकिन लंबे समय में फ्लीट मजबूत बनेगी।

लीजन डिमांड कम, मानसून में पैसेंजर घटे: लीजन डिमांड का मतलब है मानसून सीजन (जुलाई-सितंबर) में यात्रा कम होना। इस समय लोग कम घूमते हैं, क्योंकि बारिश और छुट्टियों का समय होता है। स्पाइसजेट का रेवेन्यू 792 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 915 करोड़ से 13% कम है। QoQ में यह 29% गिरा, क्योंकि Q1 में डिमांड ज्यादा थी। पैसेंजर लोड फैक्टर 84.3% रहा, लेकिन कुल टिकट बिक्री कम हुई। इससे कमाई घटी, और घाटा बढ़ा। कंपनी ने कहा कि Q3 से त्योहारी सीजन में सुधार होगा।

सप्लाई चेन की समस्या: सप्लाई चेन की समस्या का मतलब है पार्ट्स और इंजन की कमी। स्पाइसजेट के कई प्लेन ग्राउंडेड रहे, क्योंकि इंजन ओवरहॉल (ठीक करना) में देरी हुई। ग्लोबल सप्लाई चेन इश्यूज (जैसे शिपमेंट डिले) से पार्ट्स लेट आए। इससे फ्लाइट्स कम चलीं, और ऑपरेशनल खर्च बढ़ा। Q2 में 297 करोड़ का ऑपरेटिंग लॉस इसी से आया। कंपनी ने कहा कि Q3 में फ्लीट रेडी होगा, लेकिन अभी यह घाटे का बड़ा कारण बना।

भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन है स्पाइसजेट

स्पाइसजेट भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन है, जो देश के सुदूर कोनों को जोड़ती है। कंपनी भारत के भीतर 48 डेस्टिनेशन और इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए लगभग 250 फ्लाइट डेली ऑपरेट करती है। स्पाइसजेट के बेड़े में बोइंग 737 मैक्स, बोइंग 700 और क्यू400 शामिल हैं।

स्पाइसजेट ब्रांड की शुरुआत 2004 में हुई थी, लेकिन इसका एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट (AOC) 1993 का है। तब एसके मोदी के स्वामित्व वाली एक एयर टैक्सी कंपनी ने जर्मन एयरलाइन के साथ लुफ्थांसा के साथ पार्टनरशिप की थी। 1996 में इसके ऑपरेशन बंद हो गए थे।

2004 में, एंटरप्रेन्योर अजय सिंह ने भारत की लो कॉस्ट एयरलाइन स्पाइसजेट बनाने की योजना बनाई। स्पाइसजेट की पहली फ्लाइट 24 मई 2005 को लीज्ड बोइंग 737-800 का उपयोग करके नई दिल्ली (DEL) से मुंबई (BOM) के लिए रवाना हुई थी।

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स्पाइसजेट की मुंबई-जयपुर फ्लाइट कैंसिल, दूसरी फ्लाइट 5 घंटे लेट चली

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जयपुर एयरपोर्ट पर एक बार फिर पैसेंजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्पाइसजेट की मुंबई-जयपुर रूट की फ्लाइट संचालन कारणों के चलते रद्द कर दी गई। एयरलाइन ने फ्लाइट संख्या SG – 649, SG – 651 को कैंसिल करने का फैसला किया। पूरी खबर पढ़ें…

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Energy Crisis: पश्चिम एशिया संकट से उपजी आर्थिक अनिश्चितता, आठ फीसदी तक घट सकता है देश का वस्तु निर्यात


पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण मार्च के आंकड़ों में देश के वस्तु निर्यात में सात से आठ फीसदी की गिरावट आ सकती है। वहीं, 2025-26 में दो से तीन फीसदी की गिरावट की आशंका है। सरकार मार्च महीने के निर्यात के आंकड़े 15 अप्रैल को जारी करेगी।

फियो के अध्यक्ष बोले- निर्यात बुरी तरह प्रभावित

भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा, अमेरिका और इस्राइल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमले ने पश्चिम एशिया को होने वाले देश के निर्यात को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे माल भाड़ा, हवाई परिवहन लागत और बीमा लागत बढ़ गई है। उन्होंने कहा, पश्चिम एशिया के देशों से तेल एवं गैस की आवाजाही में रुकावट के कारण इस्पात, प्लास्टिक और रबड़ जैसे कच्चे माल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। रल्हन ने कहा, वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर देखें तो भारत के कुल निर्यात में पांच से छह फीसदी की बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

मौजूदा संकट के बीच फियो अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि सरकार को उच्च ब्याज दर, एडवांस ऑथोराइजेशन यानी शुल्क छूट योजना के तहत भुगतान को सरल बनाने पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, विदेश व्यापार महानिदेशालय और सीमा शुल्क के बीच नाम, वर्गीकरण एवं कोडिंग प्रणाली के मामले में सामंजस्य स्थापित करने जैसे मुद्दों पर भी फोकस करना चाहिए।



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नीतीश बने राज्यसभा सांसद, कार्यकर्ता बोले- आपका फैसला गलत: दिल्ली में हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाए नेता; कहा- निशांत, संजय झा, ललन के अलावा दूसरा CM नहीं चलेगा – Patna News


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शुक्रवार को राज्यसभा सांसद की शपथ ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें शपथ दिलाई। इस दौरान बिहार एनडीए नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, जेपी नड्डा, अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे।

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संजय झा ने सिग्नेचर करने के लिए उन्हें पेन दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा, हो गया.. चलें…। जिसपर फोटो सेशन के लिए रूकने को कहा गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चारों सदन का सदस्य बनने का रिकॉर्ड बनाया है। वो पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं, जबकि इसके पहले लोकसभा, बिहार विधान परिषद और विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं।

शपथ ग्रहण करने के बाद सीएम नीतीश कार्यकर्ताओं से मिले। इस दौरान संजय झा और ललन सिंह भी मौजूद थें।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद दिल्ली से पटना लौट आए हैं। उनके साथ संजय झा और मंत्री विजय चौधरी भी पटना पहुंचे हैं।

विजय चौधरी ने बिहार में नई सरकार के सवाल पर कहा, नीतीश कुमार के सदस्यता ग्रहण करने से बिहार में सरकार बदलने की अभी कोई बात नहीं है। सदस्यता ग्रहण करने से सरकार नहीं बनती। सरकार इस्तीफा देने से बनती है। इंतजार कीजिए, अभी समय है।

कार्यकर्ता बोले- आपके फैसले का विरोध करते हैं

वहीं दिल्ली में नीतीश कुमार के सामने नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमलोग आपके फैसले का विरोध करते हैं। साथ ही कहा, निशांत को सीएम बनाए, संजय झा को सीएम बनाए, ललन सिंह को सीएम बनाए, लेकिन किसी और को नहीं।

इससे पहले सुबह दिल्ली में उनसे मिलने बिहार के बड़े नेता पहुंचे। JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर ने सुबह मुलाकात की। फिर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी और मदन सहनी ने मुलाकात की।

इधर, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने पर सोशल मीडिया पर लिखा- “बिहार विल मिस यू नीतीश जी।” जबकि राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा, आज से बिहार में उनकी सेवा समाप्त होती है।

नीतीश कुमार के सामने निशांत को CM बनने की मांग उठी।

नीतीश कुमार के सामने निशांत को CM बनने की मांग उठी।

नीतीश के सामने कार्यकर्ताओं ने कहा- आपने गलत फैसला ले लिया है।

नीतीश के सामने कार्यकर्ताओं ने कहा- आपने गलत फैसला ले लिया है।

शपथ ग्रहण से जुड़ी तस्वीरें….

नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद की शपथ ली।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद की शपथ ली।

शपथ के बाद पेपर साइन करते हुए नीतीश कुमार।

शपथ के बाद पेपर साइन करते हुए नीतीश कुमार।

शपथ ग्रहण के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से बात करते हुए नीतीश कुमार।

शपथ ग्रहण के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से बात करते हुए नीतीश कुमार।

हम चाहते थे नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के तौर पर रिटायर्ड हो: अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता था। हम चाहते थे कि वे प्रधानमंत्री के तौर पर रिटायर्ड हों। इंडिया गठबंधन के बहुत सारे साथियों की यह कोशिश भी थी कि नीतीश कुमार देश के प्रधानमंत्री बनें।

अब मुझे लगता है कि वे राज्यसभा सदस्य के तौर पर ही रिटायर्ड हो जाएंगे। आप सोचिए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कितना बड़ा धोखा दिया है। उनके लोगों के साथ कितना बड़ा धोखा किया गया है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जयपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को धोखा दिया है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जयपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को धोखा दिया है।

खरमास के बाद बिहार में नई सरकार

बताया जा रहा कि नीतीश कुमार शुक्रवार शाम को ही पटना लौटेंगे। 13 अप्रैल को कैबिनेट की अंतिम बैठक करेंगे। अगले दिन यानी 14 अप्रैल को सीएम नीतीश अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसी दिन NDA विधायक दल की बैठक भी होगी, जिसमें नए सीएम पर मुहर लगेगी।

गुरुवार को दिल्ली पहुंचने पर CM नीतीश ने कहा, ‘अब यहीं रहूंगा। बहुत समय तक यहां (दिल्ली) काम किया है, अब फिर से यहीं काम करूंगा। 20 सालों तक बिहार में बहुत काम किया है, आगे भी काम जारी रहेगा।” इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि वे दिल्ली में सक्रिय रहेंगे, लेकिन पटना आना-जाना भी जारी रहेगा।’

पटना में नीतीश कुमार के बिहार छोड़कर न जाने की अपील करते हुए पोस्टर लगाए गए।

पटना में नीतीश कुमार के बिहार छोड़कर न जाने की अपील करते हुए पोस्टर लगाए गए।

JDU से 2 डिप्टी CM हो सकते हैं

JDU सूत्रों के अनुसार, एनडीए के मौजूदा फॉर्मूले को आगे बढ़ाया जाएगा। इस हिसाब से जदयू को पहली बार डिप्टी CM पद मिल सकता है। पार्टी के 2 डिप्टी सीएम हो सकते हैं। साथ ही विधानसभा स्पीकर पद भी JDU के पाले में होगा।

जदयू सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 2 डिप्टी CM में से एक निशांत कुमार का बनना लगभग तय है। ऐसे में बिहार में पार्टी का नेतृत्व निशांत के हाथों में होगा।

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नीतीश कुमार की शपथ और बिहार की सियासत से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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