तमिलनाडु में बायोडिग्रेडेबल बैग की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इससे छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। वैश्विक तनाव और बढ़ती इनपुट लागत इसका मुख्य कारण हैं। इन बैग के 20 से 30 फीसदी कच्चे माल में कच्चे तेल के डेरिवेटिव होते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ी। एक किलोग्राम बैग का बाजार मूल्य 150 रुपये से बढ़कर 250 रुपये हो गया है। छोटे खुदरा विक्रेता अब 100 रुपये या अधिक की खरीद पर ही ये बैग दे रहे हैं। विशेषज्ञ नीतिगत समर्थन की कमी पर चिंता जता रहे हैं।
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भारत की जीडीपी वृद्धि 6.2 फीसदी रहने का अनुमान: मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा फर्म- मॉर्गन स्टेनली की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है। यह भू-राजनीतिक संघर्षों और बढ़ती ऊर्जा लागत के बावजूद है। पहले यह अनुमान 6.5 फीसदी था, जिसे कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घटाया गया। महंगे ऊर्जा आयात से उत्पादन लागत बढ़ रही है, जिससे मुद्रास्फीति और रुपये पर दबाव है। जून 2026 तिमाही में आर्थिक वृद्धि 5.9 फीसदी तक कमजोर हो सकती है। हालांकि, आपूर्ति में सुधार और सरकारी उपायों से वृद्धि धीरे-धीरे ठीक हो सकती है। वित्त वर्ष 2027 में औसत उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है।
एयर इंडिया ने मंगलवार इस बात पर मुहर लगा दी कि उसके सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। एयरलाइन ने विल्सन के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक समिति का गठन करने की भी जानकारी दी है।
न्यूजीलैंड के मूल निवासी विल्सन, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के रूप में चार वर्षों से नेतृत्व कर रहे हैं।
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, “विल्सन ने 2024 में ही एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को 2026 में पद छोड़ने के अपने इरादे से अवगत करा दिया था और तब से वह यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि संगठन और नेतृत्व टीम परिवर्तन के लिए एक स्थिर स्थिति में हो।”
विल्सन अपने उत्तराधिकारी की घोषणा होने तक सीईओ और एमडी के पद पर बने रहेंगे। बयान में कहा गया है कि एयर इंडिया बोर्ड ने एक समिति का गठन किया है जो आने वाले महीनों में उत्तराधिकारी का चयन करेगी।
एअर इंडिया ने बयान में कहा, “विल्सन, जिन्होंने तत्कालीन सरकारी स्वामित्व वाली एयरलाइन के निजीकरण के बाद सितंबर 2022 में एयरलाइन की बागडोर संभाली थी, अपने उत्तराधिकारी की घोषणा होने तक इस पद पर बने रहेंगे।”
विल्सन 12 जून को अहमदाबाद में एयरलाइन की लंदन जाने वाली फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से आलोचनाओं के घेरे में थे। इस हादसे में 250 से अधिक लोग मारे गए थे। साथ ही अन्य कई मौकों पर सुरक्षा मानदंडों के कथित उल्लंघन के लिए भी उन पर आरोप लगे थे।
असम, केरल और पुडुचेरी में मंगलवार को चुनाव प्रचार थम जाएगा। इन दो राज्यों और एक केद्र शासित प्रदेश में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। इधर तमिलनाडु में सोमवार को नॉमिनेशन प्रक्रिया पूरी हो गई। राज्य की 234 सीटों पर 7 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। नॉमिनेशन के आखिरी दिन AIADMK प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी, BJP के एल मुरुगन, तमिलिसाई सुंदरराजन और वनथी श्रीनिवासन समेत कई बड़े नेताओं ने नामांकन दाखिल किया। नॉमिनेशन की जांच 7 अप्रैल को होगी, जबकि 9 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। राज्य में 23 अप्रैल को मतदान होगा। इधर पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस को केंद्र सरकार ने ‘एक्स’ कैटेगरी सुरक्षा दी है। उनकी सुरक्षा में CISF के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। गृह मंत्रालय ने पेस की लोकप्रियता और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान पूरे राज्य में संभावित दौरों को देखते हुए यह फैसला लिया। पेस 31 मार्च को भाजपा में शामिल हुए थे। 5 राज्यों में हो रही चुनावी हलचल से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
होर्मुज संकट के बीच टाटा समूह के स्वामित्व वाले एयरलाइन एअर इंडिया ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। आइए, आसान सवाल-जवाब के जरिए सरचार्ज के बढ़ने से कीमतों पर पड़ रहे असर के बारे में समझते हैं।
एअर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज में कितनी बढ़ोतरी की है और यह कब से लागू होगा?
एअर इंडिया ग्रुप ने घरेलू उड़ानों के लिए 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज वसूलने का एलान किया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह सरचार्ज 24 डॉलर से 280 डॉलर के बीच तय किया गया है। एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए नया फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है, जो 8 अप्रैल सुबह 09:01 बजे (IST) से प्रभावी हो गया है। यह नया नियम एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी लागू होगा। नई दरें इस प्रकार हैं:
घरेलू उड़ानों के बढ़ा सरचार्ज
0–500 किमी: 299 रुपये प्रति यात्री (प्रति सेक्टर)
501–1000 किमी: 399 रुपये
1001–1500 किमी: 549 रुपये
1501–2000 किमी: 749 रुपये
2000 किमी से अधिक: 899 रुपये
एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी नया फ्यूल सरचार्ज लागू किया। यह बदलाव 8 अप्रैल सुबह 09:01 बजे से प्रभावी होगा। कुछ लंबी दूरी के रूट्स पर नई दरें 10 अप्रैल रात 12:01 बजे से लागू होंगी।
SAARC (बांग्लादेश को छोड़कर): USD 24
मिडिल ईस्ट / वेस्ट एशिया: USD 50
चीन और साउथ ईस्ट एशिया (सिंगापुर को छोड़कर): USD 100
सिंगापुर: USD 60
अफ्रीका: USD 130
लंबी दूरी के उड़ानों पर बढ़ा सरचार्ज
यूरोप (यूके सहित): USD 205
नॉर्थ अमेरिका: USD 280
ऑस्ट्रेलिया: USD 280
सरचार्ज का यह नया मॉडल क्या है और इसे कैसे लागू किया जाएगा?
सरकार ने हाल ही में घरेलू ATF कीमतों में बढ़ोतरी को अधिकतम 25 फीसदी तक सीमित (कैप) करने का फैसला किया था। सरकार के इस कदम के बाद एअर इंडिया ने एक संतुलित रुख अपनाते हुए फ्लैट घरेलू सरचार्ज की जगह दूरी पर आधारित ग्रिड प्रणाली लागू की है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विमानन ईंधन की कीमतों पर ऐसी कोई राहत न होने के कारण, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के फ्यूल सरचार्ज में अधिक महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
क्या यह नया सरचार्ज दुनिया भर के सभी रूट्स पर लागू है?
फिलहाल कुछ देशों को इस तत्काल वृद्धि से बाहर रखा गया है। बांग्लादेश और सुदूर पूर्व के गंतव्यों जैसे जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के लिए फ्यूल सरचार्ज में बदलाव पर अभी फैसला होना बाकी है। एयरलाइन के अनुसार, इन रूट्स पर सरचार्ज बढ़ाने के लिए जरूरी विनियामक मंजूरियां मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
एयरलाइंस पर लागत का इतना दबाव क्यों बढ़ रहा है?
इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि है। इसे निम्न आंकड़ों से समझा जा सकता है:
आईएटीए डेटा: इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, 27 मार्च को समाप्त सप्ताह में वैश्विक औसत जेट ईंधन की कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। यह लगभग 100 प्रतिशत का भारी उछाल है।
कुल लागत में हिस्सेदारी: किसी भी एयरलाइन के संचालन में एटीएफ की हिस्सेदारी कुल लागत का लगभग 40-45 प्रतिशत होती है।
क्रैक स्प्रेड में उछाल: कच्चे तेल से बनने वाले एटीएफ के रिफाइनरी मार्जिन (क्रैक स्प्रेड) में महज तीन सप्ताह के भीतर करीब तीन गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 27.83 डॉलर प्रति बैरल था, जो 27 मार्च तक बढ़कर 81.44 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
क्या एअर इंडिया पूरा बोझ ग्राहकों पर डाल रही है, और क्या अन्य एयरलाइंस भी ऐसा कर रही हैं?
एयर इंडिया ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर लगाया गया सरचार्ज जेट ईंधन की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि की पूरी भरपाई नहीं करता है। कंपनी अभी भी बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है। जहां तक अन्य एयरलाइंस की बात है, देश की एक अन्य प्रमुख घरेलू एयरलाइन इंडिगो ने भी अपने फ्यूल सरचार्ज में पहले ही बढ़ोतरी कर दी है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल ने वैश्विक स्तर पर एयरलाइंस के लिए हाल के वर्षों का सबसे चुनौतीपूर्ण माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में लागत को संतुलित करने के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाना एयरलाइंस की आर्थिक मजबूरी बन गया है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक एविएशन सेक्टर पर दबाव और हवाई सफर महंगा बना रह सकता है।
दिवंगत संजय कपूर से जुड़े विवाद में आरके फैमिली ट्रस्ट पर नियंत्रण को लेकर चल रहा पारिवारिक और कानूनी विवाद अब और गहरा गया है। सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की बुजुर्ग मां रानी कपूर ने प्रिया कपूर को एक नया सीज-एंड-डेसिस्ट (काम रोकने का) नोटिस जारी किया है। 6 अप्रैल को जारी इस सूचना में रानी कपूर ने साफ किया है कि प्रिया कपूर अब ट्रस्टी के पद पर नहीं हैं और उन्हें तत्काल प्रभाव से इस हैसियत से काम करना बंद कर देना चाहिए।
ट्रस्टी पद से हटाने के लिए किस नियम का पालन किया गया?
यह नया पत्र 21 मार्च को भेजे गए एक पूर्व नोटिस के बाद उठाया गया कदम है। इस नोटिस में रानी कपूर ने 26 अक्टूबर, 2017 के ट्रस्ट डीड के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए प्रिया कपूर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। 15 दिनों का नोटिस पीरियड समाप्त होने के बाद, 6 अप्रैल से प्रिया कपूर का ट्रस्टी बने रहना अवैध हो गया है।
रानी कपूर ने अपने फैसले के समर्थन में ट्रस्ट डीड के ‘क्लॉज 8.12(i)’ का विशेष रूप से हवाला दिया है। उनका दावा है कि यह क्लॉज उन्हें बिना कोई कारण बताए किसी भी ट्रस्टी को हटाने की शक्ति देता है, और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए प्रिया कपूर को हटाना पूरी तरह से वैध और बाध्यकारी है।
प्रिया कपूर के दावों को क्यों किया गया खारिज?
इस विवाद में दोनों ओर से कार्रवाई की गई है, लेकिन रानी कपूर ने प्रिया कपूर के उन पत्रों (24 मार्च और 4 अप्रैल, 2026) को दृढ़ता से खारिज कर दिया है, जिनमें प्रिया ने रानी कपूर को ही ट्रस्टी पद से हटाने का प्रयास किया था। रानी कपूर के अनुसार, प्रिया की ये कार्रवाइयां कानूनी रूप से अस्थिर हैं और ट्रस्ट में उनके (रानी कपूर के) अधिकार या स्थिति पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
इसके अलावा, प्रिया कपूर के इस दावे को भी खारिज कर दिया गया है कि रानी कपूर ट्रस्टी के रूप में काम करने में ‘असमर्थ’ हैं। रानी कपूर ने स्पष्ट किया है कि अदालत (न्यायिक हस्तक्षेप) का दरवाजा खटखटाने को अक्षमता नहीं माना जा सकता, बल्कि यह लाभार्थियों के हितों की रक्षा करने के उनके कर्तव्य का एक हिस्सा है।
दिल्ली हाईकोर्ट में क्या है मूल विवाद?
इस पूरे विवाद की जड़ें ट्रस्ट के अस्तित्व और संपत्तियों के अधिकार से जुड़ी हैं। वर्तमान में यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में है:
ट्रस्ट को चुनौती: रानी कपूर ने अदालत में ट्रस्ट के निर्माण, इसमें संपत्तियों के हस्तांतरण और इसके प्रशासन को सीधे तौर पर चुनौती दी है।
संपत्ति का विवाद: उनका आरोप है कि ट्रस्ट में वे संपत्तियां रखी गई हैं जो कानूनी तौर पर उनकी हैं।
बेदखल करने का प्रयास: रानी कपूर का दावा है कि जून 2025 में उनके बेटे संजय कपूर के निधन के बाद, उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल करने की साजिश के तहत इस ट्रस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रानी कपूर ने प्रिया कपूर को किस बात की चेतावनी दी?
रानी कपूर के नोटिस में यह भी बताया गया है कि फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से ट्रस्ट के कामकाज पर कोई स्टे ऑर्डर नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने प्रिया कपूर की कार्रवाइयों में प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर करते हुए कहा कि किसी भी ट्रस्टी को हटाने के लिए बाकी सभी ट्रस्टियों की मंजूरी जरूरी होती है, जो प्रिया ने नहीं ली।
रानी कपूर ने सख्त चेतावनी दी है कि पद से हटाए जाने के बाद प्रिया कपूर द्वारा ट्रस्टी के रूप में लिया गया कोई भी फैसला अनधिकृत माना जाएगा और इसके लिए उन्हें नागरिक और आपराधिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रिया से आरके फैमिली ट्रस्ट से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और सामग्री तुरंत सौंपने की मांग की है। चूंकि मामला अभी अदालत में लंबित है, इसलिए ट्रस्ट और उसकी संपत्तियों पर नियंत्रण का यह विवाद लगातार तेज होता जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना करते हुए कहा कि उसने विकास को अपने सैफई गढ़ तक सीमित रखा है। उन्होंने दावा किया कि आजमगढ़, मऊ, बलिया और जौनपुर जैसे क्षेत्रों को सपा के एजेंडे से बाहर रखा गया था। आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्टी और व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्र को प्राथमिकता देती है।
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श्री बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा एक नए दूध शीतलन केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के संस्थापकों के सपनों को साकार किया है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के पहचान संकट में सुधार हुआ है, लोग अब जिले के लोगों का स्वागत करते हैं।
आदित्यनाथ ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एकीकृत भारत के दृष्टिकोण का उल्लेख किया, और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को इस लक्ष्य की दिशा में एक कदम बताया। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना का भी उल्लेख किया, जो पिछली सरकारों की उपेक्षाओं को संबोधित करता है।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने से सामाजिक इकाइयां मजबूत होती हैं और एक विकसित भारत में योगदान होता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पिछली सरकारें अयोध्या मंदिर निर्माण जैसे प्रोजेक्ट को पूरा कर सकती थीं।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ने आजमगढ़ और लखनऊ के बीच यात्रा के समय को दो और ढाई घंटे तक काफी कम कर दिया है। गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज से कनेक्टिविटी में भी सुधार हुआ है। 2017 से पहले, उत्तर प्रदेश अवैध बूचड़खानों से प्रभावित था; अब, 7,700 से अधिक गौशालाएं हैं।
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत, पशु संरक्षण के लिए प्रति गाय प्रति माह 1,500 रुपये प्रदान किए जाते हैं। वैश्विक पेट्रोलियम संकट के बावजूद, आदित्यनाथ ने मोदी के नेतृत्व में भारत की स्थिरता की प्रशंसा की। उन्होंने दूध उत्पादक कंपनी की अध्यक्ष नीरा और 56,000 से अधिक महिलाओं के उनके कारनामों के लिए सराहना की।
कंपनी प्रतिदिन 1.70 लाख लीटर दूध एकत्र करती है, किसानों को 55 रुपये प्रति लीटर भुगतान करती है और गुणवत्ता सुनिश्चित करती है। बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी उत्तर प्रदेश में पांचवीं ऐसी इकाई है, जो महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत करती है। इसी तरह की कंपनियां झांसी, वाराणसी, आगरा और लखनऊ में संचालित होती हैं।
200 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान का उद्देश्य प्रयागराज और बरेली में नई दुग्ध उत्पादक कंपनियों की स्थापना करना है। यह पहल कृषि उत्पादकता बढ़ाने और आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका का समर्थन करने के राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
सोमवार को दिल्ली विधानसभा में हुई सुरक्षा चूक के कारण उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले 37 वर्षीय सरबजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। सिंह, जो 2020-21 के किसान आंदोलन के समर्थक माने जाते हैं, ने एक एसयूवी को बाउंड्री गेट से अंदर घुसाया और स्पीकर की गाड़ी में फूलों का गुलदस्ता रखा। उन पर हत्या के प्रयास सहित कई आरोप हैं।
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प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि सिंह 1 अप्रैल को अपने घर से निकले थे और पांच दिनों तक काफी हद तक अज्ञात रहे। इस दौरान, उन्होंने अपने परिवार से केवल एक बार संपर्क किया, जिसमें उन्होंने अपने स्थान या यात्रा योजनाओं का खुलासा नहीं किया। उन्होंने 2 अप्रैल को बरेली की यात्रा की और घटना वाले दिन दिल्ली पहुंचे।
परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि बीमारी की स्थिति में सिंह को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है और वे अक्सर उनसे बात नहीं करते हैं। हालांकि, पुलिस अभी भी चल रही जांच के हिस्से के रूप में उनके मानसिक स्वास्थ्य का आकलन कर रही है, और मेडिकल जांच लंबित है।
सरबजीत सिंह किसान आंदोलन के एक सक्रिय समर्थक थे, जिन्होंने आंदोलन के दौरान मरने वाले किसान नेताओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा किए थे। इनमें से कई पोस्ट और वीडियो बाद में हटा दिए गए थे। जांचकर्ता ऐसे वीडियो की भी जांच कर रहे हैं जिनमें कथित तौर पर उन्हें उसी एसयूवी को खाली सड़कों पर 150 किमी/घंटा से अधिक की गति से चलाते हुए दिखाया गया है।
उत्तर प्रदेश में पंजीकृत एसयूवी को फरवरी में खरीदा गया था। सुरक्षा चूक वाले दिन, सिंह ने अकेले काम किया माना जाता है, और तेज गति से विधानसभा परिसर के गेट नंबर 2 को तोड़ा। उन्होंने स्पीकर विजेंदर गुप्ता की आधिकारिक गाड़ी में गुलदस्ता और माला रखी और उसी गेट से भाग निकले।
चल रही जांच
पुलिस अभी भी सिंह के मकसद का पता नहीं लगा पाई है। किसी भी व्यक्ति या समूह के प्रभाव का पता लगाने के लिए उनकी गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण किया जा रहा है। शहर भर में अलर्ट जारी होने के बाद उन्हें रूप नगर के पास दो अन्य लोगों के साथ पकड़ा गया था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि दोपहर करीब 2:10 बजे, एक सफेद एसयूवी ने गेट नंबर 2 से दिल्ली विधानसभा परिसर में जबरन प्रवेश किया। वाहन से एक व्यक्ति उतरा, जिसके हाथ में गुलदस्ता और गेंदे की माला थी। उस समय विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा था।
आरोपी ने सुरक्षा कर्मियों को नुकसान पहुंचाने के स्पष्ट इरादे से खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाई, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ गई। जब सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो वह भाग गया। सिविल लाइंस में हत्या के प्रयास और आपराधिक अतिचार सहित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अगले साल होने वाले अर्ध कुम्भ मेले को ध्यान में रखते हुए, हरिद्वार नगर निगम ने शहरी क्षेत्रों से सभी कच्चे मांस की दुकानों को स्थानांतरित करने का संकल्प लिया है। यह निर्णय सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में बहुमत से स्वीकृत हुआ। हरिद्वार की मेयर किरन जैसवाल ने घोषणा की कि लाइसेंस वाली और अवैध दोनों तरह की मांस की दुकानों को सराय गांव में स्थानांतरित किया जाएगा।
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इस परिवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए, नगर निगम ने सराय गांव में 57 दुकानें बनवाई हैं। मेयर जैसवाल ने हरिद्वार के एक धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में महत्व पर प्रकाश डाला, जो भारत और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस निर्णय का उद्देश्य इन आगंतुकों की भावनाओं का सम्मान करना है।
नगर निगम ने नगर उप-नियमों में संशोधन का भी प्रस्ताव रखा। नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, 1935 के मौजूदा उप-नियमों में पहले से ही हर की पौड़ी के पांच किलोमीटर के दायरे में मांस, शराब और अंडे की बिक्री और उपभोग पर रोक है। संशोधन अब यह सुनिश्चित करेगा कि कच्चे मांस की बिक्री पूरी तरह से शहरी क्षेत्रों से बाहर स्थानांतरित हो जाए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस प्रस्ताव का कांग्रेस पार्टी ने विरोध किया। मेयर जैसवाल ने कांग्रेस पर स्थानांतरण योजना का विरोध करके दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। हालांकि, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने मांस के साथ-साथ शराब और अंडे की बिक्री पर मौजूदा उप-नियमों को कड़ाई से लागू करने का समर्थन व्यक्त किया।
गर्ग ने तर्क दिया कि केवल कच्चे मांस की दुकानों को शहर के बाहर ले जाने से धार्मिक भावनाओं की पर्याप्त रक्षा नहीं होगी। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी मौजूदा प्रतिबंधों को कड़ाई से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्य विवरण
जानकारी
आयोजन
अर्ध कुम्भ मेला
स्थान
हरिद्वार
निर्णय
कच्चे मांस की दुकानों को सराय गांव में स्थानांतरित करना
निर्मित दुकानों की संख्या
57
उप-नियमों में संशोधन
कच्चे मांस की बिक्री को शहरी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करना
यह विकास हरिद्वार में धार्मिक संवेदनशीलता और शहरी नियोजन को संतुलित करने के चल रहे प्रयासों को दर्शाता है। स्थानांतरण योजना और उप-नियमों में संशोधन, शहर के आध्यात्मिक वातावरण को बनाए रखने के साथ-साथ इसकी बढ़ती आबादी और आगंतुकों की संख्या को समायोजित करने के उद्देश्य से व्यापक उपायों का हिस्सा हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार को एक नकाबपोश व्यक्ति ने एक एसयूवी (SUV) को दिल्ली विधानसभा परिसर में घुसा दिया, जिससे एक ई-रिक्शा से टक्कर हुई और तेज गति से गेट से टकरा गई। जिस ई-रिक्शा को टक्कर लगी, उसके चालक गौरव ने बताया कि कथित तौर पर वाहन 60 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रहा था। यह घटना दोपहर करीब 2 बजे हुई, और चालक ने भागने से पहले स्पीकर के वाहन में फूलों का गुलदस्ता रख दिया।
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गौरव, जो आमतौर पर विधान सभा मेट्रो स्टेशन और मजनू का टीला के बीच यात्रियों को ले जाता है, ने बताया कि जब कार लोहे के गेट से टकराई तो उसने एक जोरदार धमाका सुना। जब तक वह अपने क्षतिग्रस्त ई-रिक्शा तक पहुंचा, तब तक भीड़ जमा हो गई थी। उसके वाहन का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी टेल लाइट टूट गई थी और हैंडल मुड़ गया था। उन्होंने मरम्मत की लागत लगभग 4,000 रुपये बताई, और अफसोस जताया कि उन्हें मरम्मत के लिए कोई क्लेम नहीं मिलेगा।
एक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान ने कार द्वारा सुरक्षा में सेंध लगाने पर अधिकारियों को सचेत करने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले कि वे प्रतिक्रिया दे पाते, कार भाग गई। पुलिस ने कार चालक, जिसे सरबजीत सिंह के रूप में पहचाना गया है, सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उत्तरी दिल्ली से वाहन जब्त कर लिया है। सिंह, 37, कथित तौर पर किसान आंदोलन के किसानों का समर्थक है और उसने 2020-21 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए किसान नेताओं का समर्थन करने वाले पोस्ट साझा किए हैं।
पुलिस ने बम निरोधक दस्ते सहित कई टीमों के साथ विधानसभा परिसर की पूरी तरह से तलाशी ली, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस ने कहा, “मंशा के बारे में टिप्पणी करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी,” और कहा कि वे सभी कोणों से जांच कर रहे हैं। पूरी घटना पांच से सात मिनट में हुई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिंह ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को नुकसान पहुंचाने के स्पष्ट इरादे से खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाई। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में पंजीकृत एसयूवी (SUV) ने दोपहर करीब 2 बजे गेट नंबर 2 से दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से आकर, बूम बैरियर तोड़कर परिसर में प्रवेश किया।
एक विधानसभा अधिकारी ने सेंधमारी के बाद विधान सभा में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। अधिकारी ने कहा, “कार एक बंद गेट को तोड़ने में कामयाब रही और अलार्म बजाए बिना लगभग पांच मिनट तक अंदर खड़ी रही।” विधानसभा में छह गेट हैं; गेट नंबर 2 वीआईपी आवाजाही के लिए नामित है और आमतौर पर केवल विशेष आयोजनों के दौरान ही खोला जाता है।
सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास, अपराध करने की तैयारी के साथ आपराधिक अतिचार, लोक सेवक पर आपराधिक बल का प्रयोग और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3 सहित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अतिरिक्त आरोपों में कर्तव्य पालन में लोक सेवकों को बाधा पहुंचाना शामिल है।
विल्सन ने सितंबर 2022 में कार्यभार संभाला था, जब एयरलाइन प्राइवेटाइजेशन के बाद टाटा ग्रुप के साथ वापस जुड़ी थी।
एअर इंडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एयर इंडिया ने नए CEO की तलाश भी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, विल्सन सितंबर में अपना पद छोड़ सकते हैं। पिछले हफ्ते हुई कंपनी की बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। विल्सन को सितंबर 2022 में एअर इंडिया का CEO और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया था। उनका कॉन्ट्रैक्ट 5 सालों के लिए, जुलाई 2027 तक था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइन अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद नए CEO की नियुक्ति करेगी। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई 2025 को हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। अंतिम रिपोर्ट जून 2026 में आ सकती है।
एअर इंडिया जनवरी से नए CEO की तलाश में जुटी
विल्सन के इस्तीफे पर एअर इंडिया ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि एअर इंडिया नए CEO के लिए संभावित उम्मीदवारों के साथ हाई लेवल बातचीत कर रही है। इस संबंध में अगले हफ्ते एक अहम बैठक भी होने वाली है।
दावे के मुताबिक, कंपनी ने नए CEO की तलाश जनवरी में ही शुरू कर दी थी, जब विल्सन ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद पद छोड़ने के संकेत दिए थे। विल्सन के पास विमानन क्षेत्र में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है और उन्होंने फुल-सर्विस और लो-कॉस्ट दोनों तरह की एयरलाइनों में काम किया है।
विल्सन ने 1996 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में शुरुआत की थी
एअर इंडिया से जुड़ने से पहले विल्सन लो कॉस्ट एयरलाइन स्कूट (Scoot) के CEO थे। यह कंपनी सिंगापुर एयरलाइंस की लो-कॉस्ट सहायक कंपनी है। विल्सन ने न्यूजीलैंड में कैंटरबरी यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर ऑफ कॉमर्स (फर्स्ट क्लास ऑनर्स) किया है।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1996 में न्यूजीलैंड में सिंगापुर एयरलाइंस के साथ मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने कनाडा, हॉन्ग कॉन्ग और जापान में SIA के लिए काम किया। सिंगापुर लौटकर 2011 में स्कूट के फाउंडिंग CEO के रूप में काम किया।
2016 तक वो इस पद पर रहे। इसके बाद SIA में सेल्स और मार्केटिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम किया। फिर अप्रैल 2020 में दोबारा स्कूट के CEO बने। दो साल बाद उन्होंने एअर इंडिया जॉइन की थी।
2026 में एअर इंडिया को करीब 20,000 करोड़ नुकसान की आशंका
भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में एयरलाइन को लगभग ₹20,000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है। नुकसान का सबसे बड़ा कारण वेस्ट में जारी तनाव है।
वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंध लगे हैं, जिससे एयरलाइन को फ्लाइट्स के रूट बदलने और अतिरिक्त फ्यूल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर पड़ा है और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है।
इसके साथ ही, नए विमानों की डिलीवरी में देरी से एयरलाइन की क्षमता बढ़ाने की योजना प्रभावित हो रही है, जिससे ऑपरेशंस पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा एअर इंडिया अभी भी पिछले साल हुए प्लेन क्रैश के असर से जूझ रही है।
अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी, जिसमें 260 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना का असर अब भी एयरलाइन की पब्लिक इमेज और ऑपरेशनल माहौल पर दिख रहा है। इन चुनौतियों के बीच कंपनी रीस्ट्रक्चरिंग और विस्तार योजनाओं पर काम जारी रखे हुए है।
करीब एक महीने पहले इंडिगो के CEO ने इस्तीफा दिया था
एअर इंडिया से पहले इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने भी 10 मार्च को इस्तीफा दे दिया था। इंडिगो ने अचानक पीटर के पद छोड़ने की घोषणा की और 30 मार्च को नए CEO के रूप में विलियम वॉल्श की नियुक्ति की।
पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से एयरलाइन को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान हुआ था। तभी से एल्बर्स पर इस्तीफे का दबाव था।
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