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उत्तराखंड के 3 जिलों में बर्फबारी: राजस्थान समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट; दिल्ली-पंजाब में ओले गिरने की संभावना


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भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून12 मिनट पहले

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IMD के मुताबिक, 7 अप्रैल को एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस देश में सक्रिय होगा। बैक-टू-बैक दो सिस्टम एक्टिव होने से मंगलवार को 20 से ज्यादा राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चमोली में मंगलवार को बर्फबारी हुई। रुद्रप्रयाग के केदारनाथ धाम में लगातार तीसरे दिन बर्फ गिरी, जबकि राज्य के 8 जिलों में बारिश हुई।

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में अगले तीन दिन बारिश और ओले गिरने की संभावना है। सोमवार को लाहौल के मोसूमा थेतुप कुरकुर इलाके में पहाड़ी से बड़ा पत्थर कार पर गिर गया, जिससे कार सवार दंपती घायल हो गए।

इधर राजस्थान के श्रीगंगानगर में सोमवार को तेज बारिश हुई, जबकि सीकर में आंधी चली। राज्य के 10 जिलों में बारिश और ओले गिरने का अलर्ट है। तमिलनाडु के चेन्नई में भी सोमवार को तेज बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को बारिश और आंधी का अलर्ट है। कश्मीर के ऊंचे इलाकों में मध्यम बर्फबारी की संभावना है। इससे पहले रविवार को सिक्किम के मंगन जिले में लाचेन-चुंगथांग रोड पर तेज बारिश और बर्फबारी के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पर बड़ी दरारें आ गईं और करीब 1500 पर्यटक फंस गए थे।

देशभर में बारिश-बर्फबारी की 4 तस्वीरें…

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के गुंजी में सोमवार को लगातार तीसरे दिन बर्फबारी हुई।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के गुंजी में सोमवार को लगातार तीसरे दिन बर्फबारी हुई।

उत्तराखंड के देहरादून में सोमवार दोपहर तेज बारिश हुई।

उत्तराखंड के देहरादून में सोमवार दोपहर तेज बारिश हुई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में सोमवार दोपहर बाद कई इलाकों में बारिश हुई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में सोमवार दोपहर बाद कई इलाकों में बारिश हुई।

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अगले दो दिन मौसम का हाल

7-8 अप्रैल- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 10 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट और 15 राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया है।

राज्यों के मौसम का हाल…

मध्य प्रदेश: राज्य में नया सिस्टम एक्टिव, 3 दिन आंधी-बारिश; भोपाल-ग्वालियर समेत 34 जिलों में अलर्ट

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मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम एक्टिव हो गया है। इस वजह से अगले 3 दिन तक उत्तरी और पूर्वी हिस्से में आंधी-बारिस की संभावना रहेगी। आज भोपाल, ग्वालियर समेत 34 जिलों में अलर्ट है। 8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में सिस्टम का असर रहेगा। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान: 17 जिलों में आज तेज बारिश की संभावना, ओलावृष्टि भी हो सकती है; दिन का तापमान 3°C तक बढ़ा

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राजस्थान में आज से तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है। जयपुर समेत 17 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि की संभावना है। यहां 20 से 50 mm बारिश हो सकती है। कई जिलों में दिन का तापमान 3°C तक बढ़ा है। पूरी खबर पढ़ें…

उत्तराखंड: राज्य में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, ओलावृष्टि की चेतावनी; पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में लगातार तीसरे दिन बर्फबारी

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उत्तराखंड के सभी जिलों में आज बारिश हो संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी भी हो सकती है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी में ओलावृष्टि हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें…

हिमाचल प्रदेश: राज्य में सामान्य से 120% ज्यादा बारिश, तेज ओलावृष्टि-तूफान का अलर्ट

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हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह में सामान्य से 120% अधिक बारिश हुई है। अगले 3 दिन और बारिश होगी। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए 5 जिलों में तेज ओलावृष्टि और तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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खबरें और भी हैं…



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Hormuz Crisis: ईरान की नाकेबंदी से गहराया ऊर्जा संकट, रास्ता खुलने के तीन संभावित विकल्प क्या-क्या बचे?


पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को सकते में डाल दिया है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर अघोषित रोक लगा दी है। इस कदम से दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थों और गैस की किल्लत है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान युद्धविराम के लिए नहीं मानता तो आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा।

आइए इस पूरे संकट और इसके समाधान के तीन संभावित परिदृश्यों  को समझते हैं।

सवाल:  होर्मुज में फिलहाल क्या स्थिति है और यह दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

जवाब: ईरान ने कई हफ्तों से एक भी भरे हुए एलएनजी कार्गो को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी है। सोमवार को कतर के दो एलएनजी टैंकरों को ईरानी अधिकारियों से मंजूरी न मिलने के कारण कुछ ही घंटों के भीतर ‘यू-टर्न’ लेकर वापस लौटना पड़ा। वर्तमान में एक दर्जन से अधिक भरे हुए एनएनजी टैंकर इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। यह मार्ग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया की कुल एलएनजी आपूर्ति का 20 प्रतिशत हिस्सा यहीं से गुजरता है। साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया का 25 प्रतिशत समुद्री तेल व्यापार (लगभग 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन) इसी पर निर्भर है। यह जलडमरूमध्य केवल 29 समुद्री मील चौड़ा है और इसका नेविगेशन चैनल पूरी तरह से ईरानी जलक्षेत्र में आता है।

सवाल: ईरान की इस नाकेबंदी का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या असर पड़ रहा है?

जवाब: इस संकट ने ऊर्जा बाजार को संभावित अधिकता से निकालकर भारी कमी की ओर धकेल दिया है। कतर को अपने विशाल ‘रास लाफन’ निर्यात संयंत्र को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। गैस न मिलने के कारण जापान और बांग्लादेश जैसे देश अब वापस कोयले जैसे अधिक प्रदूषणकारी ईंधन का रुख कर रहे हैं, जबकि ताइवान ने एलएनजी की सुरक्षा के लिए करोड़ों डॉलर खर्च किए हैं। इसी का नतीजा है कि मार्च में वैश्विक एलएनजी निर्यात अपने छह महीने के निचले स्तर पर आ गया है।

सवाल: क्या भारत या अन्य देशों को इस रास्ते से गुजरने की कोई छूट मिली है?

जवाब: हां, फंसे हुए तेल टैंकरों की सुरक्षित निकासी के लिए भारत, पाकिस्तान और थाईलैंड ने ईरान के साथ कुछ समझौते किए हैं। हाल ही में जापान और फ्रांस से जुड़े जहाजों को भी इस रास्ते से गुजरने की अनुमति मिली है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी भरे हुए एनलएनजी जहाज या कतर के पोत को अब तक निकलने की अनुमति नहीं मिली है।

सवाल: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस मसले पर क्या रुख है?

जवाब: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि होर्मुज को फिर से खोलना एक बहुत बड़ी प्राथमिकता है। उनका कहना है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने वाले किसी भी समझौते का अनिवार्य हिस्सा होनी चाहिए। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो अमेरिका अपना सैन्य हमला और तेज करेगा। मंगलवार को अपनी धमकियों की कड़ी में ट्रंप ने एक रात में ही पूरी सभ्यता खत्म करने की चेतावनी दे डाली।

सवाल: अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के क्या संभावित विकल्प हैं?

जवाब: वैश्विक मामलों जानकार और ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के डोनाल्ड रोथवेल के अनुसार रणनीतिक और सैन्य नजरिए से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए तीन संभावित स्थितियां हैं। 


  • पहली संभावना 

युद्धविराम और होर्मुज पर नया टोल टैक्स: पहला विकल्प यह है कि ईरान ट्रंप की मांगों के आगे झुक जाए और युद्धविराम हो जाए। हालांकि, इसके बाद ईरान विदेशी जहाजों से भारी टोल वसूलना शुरू कर सकता है। हाल ही में कुछ जहाजों पर ऐसे टोल लगाए जाने की खबरें भी आई हैं। शांति काल में टोल लगाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो खाड़ी क्षेत्र से होने वाले सभी निर्यातों की कीमतें बढ़ना तय है।


  • दूसरी संभावना

अमेरिकी सेना की जमीनी कार्रवाई: अमेरिका हवाई और मिसाइल हमलों से आगे बढ़कर जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकता है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के लगभग 50,000 सैनिक मौजूद हैं। रास्ता खोलने के लिए अमेरिका को अपने नौसैनिक बेड़े उतारने होंगे जो समुद्र में माइन्स को हटा सकें और व्यापारिक जहाजों को एस्कॉर्ट कर सकें। हालांकि, सहयोगी देशों का समर्थन न मिलने के कारण ट्रंप के लिए यह सैन्य और राजनीतिक जोखिम उठाना फिलहाल मुश्किल लग रहा है।


  • तीसरी संभावना

अमेरिका की ओर से युद्ध खत्म करने की घोषणा: तीसरा विकल्प यह है कि अमेरिका युद्ध समाप्त कर दे और अपनी सेना हटा ले, लेकिन सुरक्षित मार्ग का मसला अनसुलझा रहे। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एक नया प्रस्ताव लाकर सदस्य देशों को सामूहिक नौसैनिक कार्रवाई की अनुमति दे सकता है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और चीन जैसे देश, अमेरिकी सेना की वापसी के बाद यूएन के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी उठा सकते हैं।



इन सभी संभावित विकल्पों से एक बात बिल्कुल साफ है कि होर्मुज में युद्ध से पहले वाली सामान्य स्थिति शायद अब कभी बहाल नहीं हो पएगी। ईरान की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि इस अहम जलमार्ग पर उसका नियंत्रण हमेशा बना रहेगा और वैश्विक व्यापार को इसी नई भू-राजनीतिक सच्चाई के साथ आगे बढ़ना होगा।





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Aaj Ka Mausam: UP-बिहार समेत 7 राज्यों में Orange Alert, किसानों के लिए जारी हुई एडवाइजरी


India

oi-Ankur Sharma

Aaj Ka Mausam: पश्चिमी विक्षोभ की वजह से देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है, भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को 7 राज्यों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के लिए अलर्ट जारी किया है। अप्रैल की बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है इसलिए किसानों के लिए एडवाइजरी लागू की गई है।

कृषकों को सलाह दी गई है कि संभावित बारिश और ओलावृष्टि के मद्देनजर, अपने अनाज और अन्य सामान को जो खलिहानों, कृषि मंडियों या धान मंडियों में खुले में रखा है, उसे ढककर या सुरक्षित स्थान पर रखें और भीगने से बचाएं।

Aaj Ka Mausam

पिछले 24 घंटों की बात करें तो सोमवार को अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु ,जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर काफी बारिश हुई है।

UP-बिहार समेत 7 राज्यों में Orange Alert, रहें संभलकर

तो वहीं आज आईएमडी ने पश्चिमी बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका व्यक्त की है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

Delhi-NCR Weather Today: दिल्ली में बारिश बरपाएगी कहर

दिल्ली-एनसीआर में आज मौसम भीगा-भीगा रहने वाला है, मौसम विभाग के मुताबिक 7 और 8 अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेज हवाएं चलेंगी, बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, आज यहां पर न्यूनतम तापमान 20 डिग्री और अधिकतम 31 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं, 8 अप्रैल को तापमान में और गिरावट आ सकती है फिलहाल लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।

UP-Bihar Weather Today : भारी बारिश का अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश और बिहार में भी 8 अप्रैल तक भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 7 और 8 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है। बिहार में 7 अप्रैल को पूरे राज्य में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली और समस्तीपुर में येलो अलर्ट और बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और बांका में Orange Alert जारी है।

Rajasthan Weather Today : आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

राजस्थान में भी मौसमी गतिविधियां तेज होंगी। जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ भागों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और ओलावृष्टि की आशंका है इसलिए Orange Alert जारी है।

Weather Forecast Today: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट’

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश या बर्फबारी के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा, कभी-कभी 60 किमी/घंटा तक) देखने को मिल सकती हैं।ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

Weather Today: दक्षिण भारत में रहेगा मौसम ख्याल

तमिलनाडु, पुदुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तेलंगाना में 7 से 9 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। इसी प्रकार, आंतरिक कर्नाटक में 9 और 10 अप्रैल तथा केरल और माहे में भी गरज और बिजली के साथ बारिश होने का अनुमान है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी है।



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हिमंत सरमा की पत्नी पर आरोप लगाने वाले पवन खेड़ा की बीवी खुद रही हैं विवादों में, बीजेपी ने लगाए थे आरोप


India

oi-Bhavna Pandey

Assam Election:असम विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सत्ता की हैट्रिक लगाने की उम्मीद कर रही है, वहीं कांग्रेस गौरव गोगोई के चेहरे के साथ 15 साल के राजनीतिक वनवास को समाप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

वहीं मतदान से ठीक पहले असम चुनाव ‘पति-पत्नी’ से जुड़े मामलों में उलझकर व्यक्तिगत आरोपों का चुनावी अखाड़ा बन गया है। असम सीएम हिमंत सरमा लंबे समय से कांग्रेस नेता गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबोर्न पर पाकिस्तान से संबंध रखने और पाक के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप लगाते रहे हैं।

Assam Election 2026

वहीं अब कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुंइया सरमा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने दावा किया है कि रिनिकी भुंइया सरमा के पास यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र के तीन देशों के पासपोर्ट होने और दुबई में संपत्तियां होने और चुनावी हलफनामे में उनका खुलासा न करने का आरोप लगाया है। खास बात ये है कि सरमा की आरोप लगाने वाले पवन खेड़ा की पत्‍नी का भी विवादों से नाता रहा है। पूर्व में भाजपा उन पर गंभीर आरोप लगा चुकी है। आइए जानते हैं पूरा मामला…

कौन हैं पवन खेड़ा की पत्‍नी और क्‍या करती हैं?

पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा हैं। वह लेखिका और शोधकर्ता हैं और राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। नीलिमा ने किसानों और सामाजिक मुद्दों पर कई किताबें लिखी हैं और अक्सर राजनीतिक विषयों पर टिप्पणी भी करती रहती हैं।

पवन खेड़ा की पत्‍नी पर लग चुका है ये आरोप?

दरसअल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा पर भाजपा ने पूर्व में कई वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप लगाया है। ये आरोप 3 सितंबर 2025 को भाजपा के IT सेल प्रमुख अमित मालवीया ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा के पास दो सक्रिय वोटर ID कार्ड (EPICs) हैं-एक तेलंगाना के खैरताबाद में और दूसरा नई दिल्ली में। इस आरोप के बाद चुनाव आयोग ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया और उनसे जवाब मांगा कि उन्होंने दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पंजीकरण क्यों किया। आयोग ने इस मामले में जवाब देने के लिए 8 सितंबर 2025 तक का समय भी निर्धारित किया था।

सरमा ने गोगोई की पत्‍नी पर लगाए हैं गंभीर आरोप?

गौरतलब है कि सरमा ने गौरव गोगोई की पत्‍नी एलिजाबेथ पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने तथा भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ पाकिस्तानी नागरिकों को रिपोर्ट करने का आरोप लगाया था। असम सरकार ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बताते हुए गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय भी लिया था।

गौरव गोगोई ने सरमा की पत्‍नी की संपत्ति की जांच की उठाई मांग

वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सीएम सरमा की पत्‍नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति के खुलासे को “चौंकाने वाला” बताया उन्‍होंने कहा, “एक से ज़्यादा पासपोर्ट रखना और अपनी संपत्तियों का ब्यौरा न देना एक गंभीर और आपराधिक मामला है।” उन्होंने माँग की कि असम से विदेशों में स्थित अपने बैंक खातों में कितना पैसा भेजा गया है, इसकी भी जाँच होनी चाहिए। गोगोई ने हिमंत बिस्वा सरमा को असम और भारत के लिए “शर्मिंदगी का सबब” बताया।

राहुल गांधी बोले- हिमंत सरमा देश के सबसे भष्‍ट्र सीएम

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पवन खेड़ा द्वारा हिमंत सरमा के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हिमंत सरमा देश के सबसे भ्रष्ट और सबसे सांप्रदायिक मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने असम की जनता को धोखा दिया है और गुमराह किया है, जिसका सबूत जनता के सामने है। असम की जनता उनके भ्रष्टाचार को कभी माफ नहीं करेगी और उन्हें सजा निश्चित मिलेगी।”



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‘मेरे साथ रात गुजारो, 50 लाख दूंगा’, वड़ा पाव गर्ल Chandrika Dixit ने सामने रखा काला सच, खुला E-Mail का राज


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Vada Pav Girl Chandrika Dixit: ‘वड़ा पाव गर्ल’ के नाम से पहचान बनाने वाली चंद्रिका दीक्षित एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहीं चंद्रिका दीक्षित ने अब अपने करियर से जुड़ा ऐसा खुलासा किया है, जिसने इंडस्ट्री के एक बेहद संवेदनशील मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।

चंद्रिका ने कहा- काम के बदले कॉम्प्रोमाइज
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में चंद्रिका दीक्षित ने बताया कि उन्हें एक बिजनेसमैन की ओर से काम का प्रस्ताव मिला था लेकिन जब उन्होंने ईमेल पढ़ा, तो वह हैरान रह गई थीं।

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चंद्रिका दीक्षित ने खोला गंदे ई-मेल का राज

चंद्रिका दीक्षित ने बताया कि उस शख्स ने ईमेल में साफ तौर पर कॉम्प्रोमाइज की बात लिखी थी और इसके बदले 50 लाख रुपये देने की पेशकश की थी। उन्होंने बताया कि उस मेल में साफ लिखा गया था कि जगह उसकी होगी लेकिन शर्तें उनकी मर्जी से तय होंगी। वड़ा पाव गर्ल ने बताया कि मेल में उस शख्स ने साफतौर पर रात गुजारने की बात लिखी थी।

इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए दबाव का दावा

-चंद्रिका ने ये भी कहा था कि इस घटना के सबूत उनके पास आज भी मौजूद हैं, जो इस तरह की सच्चाई को उजागर करने के लिए काफी हैं। इस खुलासे के बाद चंद्रिका दीक्षित के साथ मौजूद उनके करीबी दोस्त सैफी ने भी कई चौंकाने वाली बातें सामने रखी हैं। उन्होंने दावा किया है कि कुछ डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स ने भी वड़ा पाव गर्ल पर समझौता करने का दबाव बनाया था।

-चंद्रिका दीक्षित ने बताया कि उन्हें ये तक कहा गया कि अगर उन्हें इंडस्ट्री में आगे बढ़ना है, तो ऐसे समझौते करने ही पड़ेंगे वरना करियर आगे नहीं बढ़ पाएगा। उनका कहना है कि कुछ लोग ब्रांड शूट और प्रोजेक्ट्स के नाम पर भी गलत इरादों के साथ लड़कियों से संपर्क करते हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

समाज की सोच पर उठाए ऐसे सवाल

इस दौरान चंद्रिका दीक्षित भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि समाज अक्सर पीड़ितों को ही कठघरे में खड़ा करता है जबकि असली समस्या कहीं और है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि छोटी बच्चियां तक सुरक्षित नहीं हैं। ये सिर्फ इंडस्ट्री तक सीमित मुद्दा नहीं बल्कि समाज की सोच से जुड़ी बड़ी समस्या है।

‘मैं अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकती’

-अपने बयान में चंद्रिका दीक्षित ने साफ कर दिया था कि वह किसी भी कीमत पर अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि भले ही ऐसे प्रस्ताव उनके करियर को प्रभावित करें लेकिन वह गलत रास्ता नहीं चुनेंगी। उनका ये बेबाक अंदाज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं।

-चंद्रिका दीक्षित का ये खुलासा एक बार फिर ये याद दिलाता है कि ग्लैमर की चमक के पीछे कई बार कड़वी सच्चाइयां छिपी होती हैं, जिन पर बात होना बेहद जरूरी है।

‘मेरा पति युगम गेरा 2 औरतों के साथ अय्याशी कर रहा था’

-इसी इंटरव्यू में चंद्रिका दीक्षित ने अपने पति युगम गेरा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनके पति युगम ने खुद उन्हें अपने अफेयर के बारे में बताया था। चंद्रिका के मुताबिक पति युगम गेरा 2 महिलाओं के साथ रिश्ते में थे और उन्होंने ये बात खुलकर स्वीकार भी की थी।

-चंद्रिका दीक्षित ने अपने रिश्ते के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि वह अपने पति की जिंदगी में पहली लड़की थीं, जिनसे वह हर बात शेयर करते थे लेकिन धीरे-धीरे हालात बदल गए और युगम ने अपनी बातें दूसरी महिलाओं से शेयर करनी शुरू कर दीं, यहां तक कि उनके बारे में भी दूसरी औरतों से बात करते थे।

-वड़ा पाव गर्ल ने कहा कि उन्हें लगता था कि उनके पति युगम की जिंदगी में वो ही सबसे खास हैं लेकिन बाद में सच्चाई कुछ और निकली। इस दौरान चंद्रिका दीक्षित काफी इमोशनल नजर हो गई थीं और उनका दर्द साफ झलक रहा था।



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LPG Crisis: ‘देश में पेट्रोल और एलपीजी की कोई कमी नहीं’, होर्मुज संकट पर सरकार ने अब क्या कहा जानिए


देश में ईंधन और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक अहम और राहत भरा अपडेट जारी किया है। वर्तमान में आपूर्ति शृंखला को लेकर किसी भी प्रकार की अटकलों पर विराम लगाते हुए, सरकार ने साफ किया है कि बाजार में एलपीजी  और पेट्रोल की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू रूप से चल रही है। 


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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने ईंधन वितरण की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि एलपीजी वितरक कंपनियों में कहीं किसी  ‘ड्राईआउट’ (यानी ईंधन पूरी तरह खत्म होने की) की कोई भी सूचना नहीं है।



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राघव चड्‌ढा विवाद- इससे पहले 30 नेता AAP छोड़ चुके: सबसे ज्यादा 15 पंजाब के, इनमें सांसद-MLA भी; 3 का न इस्तीफा, न निकाला – Ludhiana News


राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा का अपनी ही आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच टकराव चल रहा है। AAP ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाने के बाद पार्टी कोटे से बोलने का टाइम न देने तक के लिए कह दिया। अब उनके AAP छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने के कयास भी लगाए

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हालांकि राघव चड्‌ढा अकेले ऐसे नेता नहीं हैं, जो अपनी ही पार्टी के निशाने पर हों। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 30 बड़े नेता पार्टी से किनारा कर चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 15 नेता पंजाब से हैं। पंजाब से पार्टी को अलविदा करने वाले नेताओं में सुच्चा सिंह छोटेपुर, एडवोकेट एचएस फूलका और गुरप्रीत घुग्गी जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।

यही नहीं हाल ही में राज्य सभा के डिप्टी लीडर पद से हटाए गए राघव चड्‌ढा भी पंजाब कोटे से ही हैं। आप ने पंजाब के सिटिंग सांसदों धर्मवीर गांधी व हरजीत सिंह खालसा को भी पार्टी से निष्काषित कर दिया था। धर्मवीर गांधी कांग्रेस में शामिल होकर दोबारा सांसद चुने गए।

यही नहीं आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सिटिंग एमएलए को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया या विधायकों ने खुद पार्टी छोड़ दी। सुखपाल सिंह खैहरा पार्टी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे जब उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। वहीं एडवोकेट एचएस फूलका ने भी LOP रहते हुए पार्टी छोड़ दी थी। कुछ दिन पहले वह BJP में शामिल हो गए।

26 नवंबर 2012 को पार्टी के गठन से लेकर 2026 तक नेताओं को आम आदमी पार्टी से क्यों निकाला गया या फिर नेताओं ने पार्टी से दूरी क्यों बनाई, इसके बारे में जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट…

1. शाजिया इल्मी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख नेता, 2014 लोकसभा उम्मीदवार। कारण: शाजिया इल्मी ने मई 2014 में आंतरिक लोकतंत्र की कमी, कुछ लोगों द्वारा पार्टी चलाने और मूल मूल्यों से भटकना का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया। उसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ दी।

2. कैप्टन जी.आर. गोपीनाथ पद: संस्थापक सदस्य, प्रमुख राष्ट्रीय नेता। कारण: कैप्टन जीआर गोपीनाथ ने मई 2014 में आम आदमी पार्टी से किनारा कर दिया। उन्होंने पार्टी नेताओं पर आरोप लगाया कि पार्टी की रणनीति और कोर लीडरशिप द्वारा अनदेखी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया।

3. योगेंद्र यादव पद: संस्थापक सदस्य, पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी (PAC) सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: योगेंद्र यादव को आम आदमी पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण 21 अप्रैल 2015 को पार्टी से निष्काषित कर दिया। योगेंद्र यादव ने अनुशासन भंग, केजरीवाल की तानाशाही और टिकट वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया। जिसकी वजह से उन्हें पार्टी से निकाला गया।

4.प्रशांत भूषण पद: संस्थापक सदस्य, PAC सदस्य, वरिष्ठ वकील। कारण: प्रशांत भूषण को भी योगेंद्र यादव के साथ ही पार्टी से बाहर निकाला गया। प्रशांत भूषण ने भी तानाशाही और टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप पार्टी नेताओं पर लगाया था। अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भी अप्रैल 2015 में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

5. आनंद कुमार पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, संस्थापक सदस्य। कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने के आरोप में पार्टी ने योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण के साथ आनंद कुमार को भी बाहर का रास्ता दिखा। आनंद कुमार ने भी खुलकर AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की खिलाफत की थी।

6. अजीत झा पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अप्रैल 2015 में इन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया। इन्होंने भी पार्टी में चल रही तानाशाही का विरोध किया था और कहा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक रही है।

7. मयंक गांधी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख। कारण: मयंक गांधी को महाराष्ट्र यूनिट का प्रमुख नियुक्त किया गया था। 2015 में केजरीवाल ने महाराष्ट्र यूनिट भंग की। जिससे नाराज होकर मयंक गांधी ने पार्टी छोड़ दी।

8. अंजलि दामनिया पद: महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख, राष्ट्रीय स्तर की नेता। कारण: अंजलि दामनिया के केजरीवाल से मतभेद हो गए थे। उन्होंने केजरीवाल पर हॉर्स ट्रेडिंग यानि कांग्रेस विधायकों को अपने साथ मिलाने के आरोप लगाए। जिसके बाद उनके केजरीवाल से मतभेद बढ़ गए और मार्च 2015 में में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

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9. कपिल मिश्रा पद: दिल्ली की AAP सरकार में मंत्री , करावल नगर से MLA, राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नेता। कारण: कपिल मिश्रा के सत्येंद्र जैन के साथ मदभेद हो गए थे जिसके बाद केजरीवाल ने उन्हें कैबिनेट से हटा दिया। उन्होंने केजरीवाल व सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और पार्टी ने उन्हें निष्काषित कर दिया।

10. अलका लांबा पद: चांदनी चौक से MLA (2015 दिल्ली चुनाव), दिल्ली यूनिट की प्रमुख महिला नेता। कारण: अलका लांबा ने पार्टी की कार्यशैली पर असहमति, राजीव गांधी पर AAP के प्रस्ताव का विरोध और “खास आदमी पार्टी” बनने का आरोप लगाया। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप लगे। उन्होंने सितंबर 2019 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस जॉइन कर ली।

11. आशुतोष पद: प्रमुख प्रवक्ता, पत्रकार-से-राजनेता, केजरीवाल के करीबी। कारण: आशुतोष राज्यसभा जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा। जिसके बाद 2018 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इसमें उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी लीडरशिप से मतभेद होने की बात भी कही।

12. अशोक अग्रवाल पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अशोक अग्रवाल पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 2014 में उन्होंने पार्टी नेतृत्व की मनमानी पर सवाल उठाए और आम आदमी पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का दर्जा दे दिया। जिसके बाद उन्होंने खुद पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

13. इलियास आजमी पद: संस्थापक सदस्य, पूर्व सांसद। कारण: इलियास आजमी ने पार्टी में केजरीवाल की तानाशाही और आंतरिक लोकतंत्र की कमी पर सवाल खड़े किए। वो बार-बार कहते रहे कि पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक रही हे। जिसके बाद उन्होंने 2016 में इस्तीफा दे दिया।

14. स्वाति मालीवाल पद: राज्यसभा सांसद (AAP कोटे से), दिल्ली महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय स्तर की नेता। कारण: स्वाति मालीवाल ने अभी तक पार्टी नहीं छोड़ी है और न ही उसे पार्टी से निष्काषित किया गया है। लेकिन वो आम आदमी पार्टी के खिलाफ जमकर बोलती हैं। 2024 में केजरीवाल के सहयोगी वैभव कुमार पर हमले का आरोप, फिर आतिशी को डमी सीएम बताया टिप्पणी। AAP ने इस्तीफा मांगा लेकिन स्वाति ने मना कर दिया। वे पार्टी में बनी रहीं लेकिन सार्वजनिक रूप से आलोचना करती रहीं।

15. कुमार विश्वास पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, प्रमुख प्रवक्ता और कवि। कारण: कुमार विश्वास पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे हैं। वो केजरीवाल के सबसे नजदीकियों में से एक रहे। राज्यसभा के लिए भी उनका नाम नहीं आया। उन्होंने केजरीवाल का विरोध करना शुरू किया। उन्होंने आंतरिक कलह, राजस्थान इंचार्ज पद पर असहमति और केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने खुद कहा कि न इस्तीफा दिया, न निकाले गए। वे पार्टी से दूर हो गए।

16. नवीन जयहिंद पद: आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष हैं। कारण : आंतरिक कलह, पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व से मतभेद। जयहिंद ने आरोप लगाया था कि AAP अब आम आदमी की पार्टी नहीं रही, बल्कि एक परिवार या छोटे गिरोह की एकाधिकार वाली पार्टी बन गई है। केजरीवाल की कार्यशैली पर असहमति थी। उन्होंने 2022 में पार्टी छोड़ दी।

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17. डॉ. धरमवीर गांधी पद: 2014 लोकसभा चुनाव में पटियाला से AAP के सांसद (MP) चुने गए। पार्टी में संसदीय दल के नेता रहे। कारण: योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जैसे असंतुष्ट नेताओं का समर्थन, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से उनकी बर्खास्तगी पर विरोध, राष्ट्रीय परिषद बैठक से वॉकआउट और स्वराज संवाद सम्मेलन में संदेश भेजना। AAP ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों, पार्टी में समानांतर संगठन बनाने और BJP-SAD से हाथ मिलाने का आरोप लगाया। अप्रैल 2015 में संसदीय दल के नेता पद से बर्खास्त किया। 29 अगस्त 2015 को प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड किया। बाद में उन्होंने कांग्रेस जॉइन की।

18. प्रणब राय पद : पंजाब यूनिट के पूर्व स्टेट डिसिप्लिनरी कमिटी सदस्य, एडवोकेट और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक। कारण: प्रणब राय पर एंटी पार्टी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का आरोप लगा। पार्टी ने उन्हें बार बार चेतावनी दी फिर भी वो नहीं हटे तो उन्होंने बाद में उन्होंने AAP से इस्तीफा देकर ‘आम आदमी पार्टी वॉलंटियर्स फ्रंट’ नामक नया मोर्चा बनाया, जिसमें पार्टी की मूल विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया। सितंबर 2015 में सस्पेंड किया और अक्टूबर 2015 में औपचारिक रूप से पार्टी छोड़ी और नया फ्रंट बनाया।

19. हरिंदर सिंह खालसा पद: 2014 लोकसभा चुनाव में फतेहगढ़ साहिब से AAP के सांसद। कारण: डॉ. धरमवीर गांधी के साथ मिलकर पार्टी विरोधी गतिविधियां, समानांतर संगठन बनाने और BJP-SAD से हाथ मिलाने का आरोप लगा। पार्टी ने उन्हें पंजाब में AAP की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने का दोषी ठहराया। 29 अगस्त 2015 को डॉ. गांधी के साथ ही प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड किया गया।

20. सुच्चा सिंह छोटेपुर पद: AAP पंजाब यूनिट के कन्वीनर (स्टेट चीफ)। कारण: टिकट बांटने के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगा। एक स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सामने आया, जिसमें 60 लाख की मांग और 26 लाख पर सेटलमेंट का जिक्र हुआ। पार्टी की PAC ने उन्हें कन्वीनर पद से हटाया और जांच कमेटी बनाई। अगस्त 2016 को पंजाब कन्वीनर पद से हटाए गए और उसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी।

21. गुरप्रीत घुग्गी पद: AAP पंजाब यूनिट के कन्वीनर, पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी और लोकप्रिय हस्ती (कॉमेडियन-एक्टर)। कारण: भगवंत मान को पंजाब यूनिट चीफ बनाने का विरोध किया। पार्टी पर “पिक एंड चूज” नीति और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी अब पंजाबियत और मूल विचारधारा से दूर हो गई है। 10 मई 2017 को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। अब पॉलिटिक्स छोड़ दी।

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22. जस्सी जसराज पद: पंजाबी सिंगर और पार्टी नेता; 2014 लोकसभा चुनाव में बठिंडा से AAP उम्मीदवार। कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियां और YouTube वीडियो में AAP नेतृत्व पर BJP, SAD और कांग्रेस के पूर्व सदस्यों को शामिल करने का आरोप लगाया। पार्टी ने अनुशासन भंग के आरोप में उन्हें अप्रैल 2016 को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया।

23. एचएस फूलका पद: लुधियाना के मुल्लापुर दाखा से MLA; पंजाब विधानसभा में एलओपी। 1984 सिख दंगों के मामलों के प्रमुख वकील। कारण: पार्टी की कार्यशैली, पंजाब यूनिट में दिल्ली का दखल, बेअदबी मामलों में कार्रवाई न करने और 1984 दंगों पर पार्टी का समर्थन न मिलने से नाराज रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी मूल सिद्धांतों से भटक गई। पहले LOP पद से जून 2017 में इस्तीफा; अक्टूबर 2018 में MLA पद से इस्तीफा, 3 जनवरी 2019 को AAP से पूर्ण इस्तीफा दिया। कुछ दिन पहले BJP में शामिल हो गए।

24. सुखपाल सिंह खैहरा पद: भुल्लथ से MLA; पंजाब विधानसभा में LOP कारण: केंद्रीय और राज्य नेतृत्व पर हमले, पंजाब यूनिट को स्वायत्तता न देने और पार्टी को मूल विचारधारा (अन्ना हजारे आंदोलन) से भटकने का आरोप लगाया। जुलाई 2018 में LOP पद से हटाए गए; नवंबर 2018 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सस्पेंड किए गए। 5 जनवरी 2019 को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। खैहरा अब कांग्रेस में हैं।

25. कंवर संधू पद: खरड़ से MLA; पत्रकार पृष्ठभूमि से राजनीति में आए। कारण: सुखपाल सिंह खैहरा के साथ विद्रोही गुट में शामिल, केंद्रीय और राज्य नेतृत्व पर हमले तथा पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा और 3 नवंबर 2018 को सुखपाल खैहरा के साथ सस्पेंड किए गए।

26. बलदेव सिंह पद: जैतों से MLA। कारण: पार्टी पर “तानाशाही” और “दोगली नीति” का आरोप लगाते हुए AAP को पारंपरिक पार्टियों जैसा व्यवहार करने और मूल सिद्धांतों को छोड़ने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फैसले सहमति से नहीं, बल्कि तानाशाही से लिए जा रहे हैं। ऐसे आरोप लगाने के बाद उन्होंने जनवरी 2019 में प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।

27. पिरमल सिंह पद: भदौड़ से एमएलए कारण: सुखपाल सिंह खैहरा के विद्रोही गुट से जुड़े रहे। 2018 में खैहरा को एलओपी पद से हटाए जाने के विरोध में कई MLAs के साथ उन्होंने भी असहमति जताई थी। जनवरी 2019 में AAP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। बाद में जून 2021 में उन्होंने विधानसभा सीट से भी इस्तीफा दिया और औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गए।

28. नवजोत ग्रोवर पद: अमृतसर में पार्टी के प्रमुख नेता कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने होने के आरोप लगे। उन पर भी संगठनात्मक अनुशासन भंग करने का आरोप भी लगाया गया। जिसके बाद उन्हें 29 मार्च को पार्टी की प्राथमिक सदस्य से सस्पेंड कर दिया गया।

29: बलजीत सिंह चन्नी पद: मोगा के मेयर कारण: चन्नी पर नशा तस्करों का साथ देने का आरोप लगा। जिसके बाद पार्टी ने उन्हें 27 नवंबर 2025 को मेयर पद से हटाने के साथ साथ पार्टी से भी निकाल दिया।

30: राघव चड्‌ढा पद: राज्य सभा सदस्य, डिप्टी लीडर कारण: राघव चड्‌ढा पर पार्टी लाइन से हटकर काम करने का आरोप लगाया गया। पार्टी ने उन्हें राज्य सभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया और साथ ही उन्हें राज्य सभा में पार्टी की तरफ से बोलने न देने को कहा। उसके बाद राघव चड्‌ढा पर पंजाब की बात न रखने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि अभी उन्हें न तो पार्टी से निकाला गया और न ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया।

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यह खबर भी पढ़ें…

राघव चड्‌ढा का अंग्रेजी किताब से केजरीवाल पर तंज:इसमें लिखा- बॉस से ज्यादा चमकने की कोशिश न करें, उसे डर-असुरक्षा पैदा होगी

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राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) से चल रहे विवाद के बीच बिना नाम लिए अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। राघव चड्‌ढा ने अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब ‘द 48 लॉज ऑफ पावर’ पढ़ते हुए फोटो शेयर की। राघव चड्‌ढा ने किताब के पहले पन्ने की स्टोरी भी लगाई। जिसमें लिखा कि मैने पहला चैप्टर खोला। पढ़ें पूरी खबर…



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‘बागडोर सौंपने का सही समय’: इस्तीफा देकर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ऐसा क्यों बोले? जानिए अंदर की कहानी


टाटा समूह के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी एअर इंडिया में एक बड़े बदलाव की घोषणा हुई है। भारी वित्तीय घाटे और पिछले साल हुए एक बड़े विमान हादसे के बाद बढ़ी विनियामक सख्ती के बीच, कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विल्सन ने अपने इस कदम को एअर इंडिया के विकास के अगले चरण के लिए सही समय बताया है। 

कैंपबेल विल्सन ने अपने इस्तीफे पर क्या कहा, इसके पीछे की असली कहानी क्या हैं और एयरलाइन का आगे का रास्ता क्या होगा। जानिए सबकुछ।

क्या अचानक हुआ यह फैसला?

भले ही एअर इंडिया के सीईओ का इस्तीफा अभी आया है, लेकिन यह कोई रातों-रात लिया गया फैसला नहीं है। विल्सन का मूल कार्यकाल 2027 में समाप्त होने वाला था, लेकिन उन्होंने साल 2024 में ही एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को 2026 में पद छोड़ने की इच्छा के बारे में बता दिया था। विल्सन फिलहाल छह महीने के नोटिस पीरियड पर हैं और जब तक कंपनी को उनका उत्तराधिकारी नहीं मिल जाता, तब तक वह अपना कार्यभार संभालते रहेंगे। नए सीईओ की तलाश के लिए एक विशेष पैनल का गठन कर दिया गया है।

इस्तीफे पर क्या बोले कैंपबेल विल्सन?

अपने विदाई संदेश में विल्सन ने एअर इंडिया के निजीकरण के बाद के चार वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया। विल्सन ने क्या-क्या कहा जानिए।


  • बड़े बदलाव: कंपनी ने इन चार वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र से निकलकर कॉरपोरेट कार्यसंस्कृति अपनाई, चार अलग-अलग एयरलाइंस का सफल विलय किया और बेड़े में 100 नए विमानों को शामिल किया। 

  • नई शुरुआत: इसके अलावा, दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी ट्रेनिंग एकेडमी, दो फ्लाइट सिम्युलेटर, एक फ्लाइंग स्कूल और मरम्मत (एमआरओ) बेस जैसी बुनियादी चीजों का निर्माण भी शुरू किया गया। 

  • भविष्य की कमान: विल्सन ने कहा, “चूंकि 2027 से हमारे 600 विमानों के बड़े ऑर्डर की डिलीवरी शुरू होने वाली है, ऐसे में एअर इंडिया की उड़ान के अगले चरण के लिए बागडोर किसी और को सौंपने का मेरे लिए यही सही समय है”। उन्होंने इस ऐतिहासिक एयरलाइन की विकास यात्रा का हिस्सा बनने को अपने लिए सच्चा सम्मान बताया।

इस्तीफे के पीछे की असली चुनौतियां क्या हैं?

विल्सन ने जहां कंपनी के सकारात्मक पहलुओं के बारे में बात की, वहीं उनके इस फैसले का कारण कुछ गंभीर आर्थिक और ढांचागत चुनौतियां भी हैं:


  • भारी भरकम घाटा: साल 2022 में टाटा समूह द्वारा खरीदे जाने के बाद से ही एअर इंडिया वित्तीय दबाव में है। वित्त वर्ष 2024-2025 में एअर इंडिया और इसकी किफायती सेवा एअर इंडिया एक्सप्रेस को मिलाकर कुल 9,808 करोड़ रुपये (1.05 अरब डॉलर) का भारी घाटा हुआ है।

  • जियोपॉलिटिकल तनाव: पाकिस्तान की ओर से भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने और ईरान युद्ध के खिंचने से पश्चिमी देशों के मुनाफे वाले रूट पर एयरलाइन का संचालन काफी मुश्किल और महंगा हो गया है।

  • विनियामक सख्ती: पिछले साल हुए एक बड़े विमान हादसे में 260 लोगों की जान जाने के बाद से एयरलाइन लगातार कड़े रेगुलेटरी दबाव का सामना कर रही है।

टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन क्या बोले?

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने विल्सन के पिछले चार वर्षों के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि विल्सन और उनकी टीम ने कोविड-19 के बाद उपजी सप्लाई चेन की समस्याओं और गंभीर भू-राजनीतिक चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया और नई एअर इंडिया की नींव रखी। कैंपबेल विल्सन की विदाई के साथ एअर इंडिया के बदलाव के एक अहम चरण का अंत हो गया है।





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Adani Ports: अदाणी पोर्ट्स ने 50 करोड़ टन कार्गो का आंकड़ा किया पार, गौतम अदाणी बोले- ‘असाधारण उपलब्धि’


अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) ने 50 करोड़ टन कार्गो हैंडलिंग का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इसे एक असाधारण उपलब्धि बताया है।

गौतम अदाणी ने कहा, “एक खोजकर्ता के जीवन में कोई अंतिम मंजिल नहीं होती। केवल ठहराव के क्षण होते हैं जब आप तय की गई दूरी पर आश्चर्य से पीछे मुड़कर देखते हैं, और फिर अपने भीतर फिर से शुरुआत करने की शक्ति पाते हैं।” अदाणी ने आगे कहा कि आज ऐसा ही एक पड़ाव है, जब एपीएसईजेड ने 50 करोड़ टन कार्गो की असाधारण उपलब्धि हासिल कर ली है।

उन्होंने जोर दिया कि इस पैमाने की उपलब्धियां केवल संख्याओं के बारे में नहीं होतीं। यह कंपनी के परिचालन क्षमता और विस्तार को दर्शाता है। यह उपलब्धि अदाणी पोर्ट्स के लिए एक मील का पत्थर है। यह भारत के समुद्री व्यापार में कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताता है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।

 



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आज का मीन राशिफल 7 अप्रैल 2026: फैमिली का मिलेगा सपोर्ट, सपने होंगे साकार


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Meen Rashifal: आज मीन राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा भावनात्मक और अंतर्ज्ञान से भरा रह सकता है। आपकी संवेदनशीलता चरम पर होगी, जिससे आप दूसरों की भावनाओं को आसानी से समझ पाएंगे, लेकिन अपनी ऊर्जा का ध्यान रखना भी ज़रूरी है। रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा और कुछ नए विचार आपको उत्साहित कर सकते हैं, बस उन्हें ज़मीन पर उतारने की हिम्मत दिखानी होगी।

Aaj Ka Meen Rashifal 7 April 2026

सामान्य भविष्यफल: आज का दिन आपको अपनी आंतरिक दुनिया से जुड़ने का मौका देगा। आप अपने सपनों और विचारों में खोए रह सकते हैं, जो आपकी रचनात्मकता को बढ़ावा देगा। हालांकि, दिन के कुछ हिस्से में आपको व्यावहारिक जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना होगा। किसी भी तरह के भ्रम से बचने के लिए स्पष्टता से बात करना और सुनना महत्वपूर्ण होगा। दूसरों की मदद करने की आपकी इच्छा प्रबल रहेगी, लेकिन अपनी सीमाओं का भी ध्यान रखें।

स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखना आज आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। तनाव से बचने के लिए ध्यान, योग या प्रकृति के साथ समय बिताना फायदेमंद रहेगा। पैरों से जुड़ी कोई छोटी-मोटी परेशानी हो सकती है, इसलिए आरामदायक जूते पहनें और ज़्यादा देर खड़े रहने से बचें। पर्याप्त नींद लेना भी ज़रूरी है।

करियर/वित्त: कार्यक्षेत्र में आपकी कल्पनाशीलता और सहानुभूति आपको सहकर्मियों के बीच लोकप्रिय बनाएगी। कला, लेखन या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन विशेष रूप से फलदायी हो सकता है। वित्त के मामले में, आज कोई बड़ा निवेश करने से बचें। छोटे-मोटे खर्चों पर नियंत्रण रखें और बजट बनाकर चलें। किसी पुराने निवेश से अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है।

प्रेम: प्रेम संबंधों में आज आप अधिक भावुक और रोमांटिक महसूस करेंगे। अपने पार्टनर के साथ गहरे भावनात्मक स्तर पर जुड़ने का यह अच्छा समय है। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में संकोच न करें। सिंगल जातकों को किसी ऐसे व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है जो उनकी आध्यात्मिक या कलात्मक रुचियों को साझा करता हो। गलतफहमी से बचने के लिए खुलकर बातचीत करें।

आज के दिन के लिए कुछ शुभ तत्व इस प्रकार हैं: शुभ अंक: 3, शुभ रंग: समुद्री हरा, मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, पूजनीय देवता: भगवान विष्णु।

ग्रहों का प्रभाव:

आज बृहस्पति (गुरु), जो आपकी राशि के स्वामी हैं, आपको ज्ञान और विस्तार की ओर प्रेरित कर रहे हैं। यह आपको सही निर्णय लेने और अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनने में मदद करेगा। आप दूसरों के प्रति अधिक उदार और दयालु महसूस करेंगे।

चंद्रमा की स्थिति आज आपकी भावनाओं को गहरा कर सकती है। आप अधिक संवेदनशील और सहज महसूस करेंगे। यह आपको अपने आसपास की ऊर्जाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा, लेकिन साथ ही आपको भावनात्मक रूप से थका भी सकता है।

बुध का प्रभाव आज आपकी बातचीत और विचारों में स्पष्टता लाएगा। हालांकि, आपको अपनी कल्पना और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता होगी ताकि आप अपनी बात को प्रभावी ढंग से रख सकें।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपनी रचनात्मकता को दबाएं नहीं, उसे व्यक्त करने के लिए नए तरीके खोजें।
  • दूसरों की मदद करने में आगे रहें, लेकिन अपनी ऊर्जा का भी ध्यान रखें और ‘ना’ कहना सीखें।
  • अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करें, लेकिन महत्वपूर्ण निर्णयों में तर्क और तथ्यों का भी सहारा लें।
  • सोशल मीडिया पर ज़्यादा समय बिताने से बचें और वास्तविक दुनिया के अनुभवों पर ध्यान दें।
  • अपने करियर या शिक्षा के लक्ष्यों को लेकर स्पष्ट रहें और उन्हें प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है। हम आशा करते हैं कि आपका दिन शुभ और मंगलमय हो!



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