Home Blog Page 282

Rajasthan SI Exam | एसआई भर्ती परीक्षा | जोधपुर में SI भर्ती परीक्षा के बीच बड़ा खेल, वांटेड आरोपी दे रहा था एग्जाम, SOG ने ऐसे दबोचा


Last Updated:

Rajasthan SI Exam 2025 : जोधपुर में एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान वांटेड पप्पूराम एग्जाम सेंटर से गिरफ्तार, राजस्थान एसओजी से पहले गलत अभ्यर्थी की डिटेनिंग से प्रशासन पर सवाल. पहली पारी की परीक्षा के दौरान SOG ने पाबूपुरा एयरपोर्ट स्कूल से एक दूसरे अभ्यर्थी को डिटेन कर लिया था. बाद में पूछताछ में पता चला कि वह पप्पूराम नहीं है, बल्कि 2018 बैच का एक कांस्टेबल है.

Zoom

एसआई भर्ती परीक्षा में वांटेड पप्पूराम एग्जाम सेंटर से गिरफ्तार

जोधपुर. जोधपुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. मामले में एक तरफ जहां प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रही वहीं दूसरी ओर उसपर एक बड़ा दाग भी लग गया है. मामला SI भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने परीक्षा के बीच ही एक ऐसे व्यक्ति को दबोचा है जिसकी तलाश काफी दिनों से थी. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी Rajasthan SOG ने मौके पर पहुंचकर इस आरोपी को हिरासत में लिया. लेकिन चौंकाने वाली बात यह भी है कि इस व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से एक भयंकर ब्लंडर हो गया. सुबह की पाली में आरोपी को पकड़ने के चक्कर में एक गतल परीक्षार्थी को डिटेन कर लिया जो प्रशासन पर एक दाग बनकर उभरा है. खैर कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस अपने मकसद में कामयाब रही.

बताया जा रहा है कि आरोपी पप्पूराम SI भर्ती परीक्षा 2021 से जुड़े एक मामले में लंबे समय से वांटेड था. लेकिन हैरानी की बात ये रही कि वह खुलेआम परीक्षा देने पहुंच गया, जैसे कोई सामान्य अभ्यर्थी हो. उसे शायद अंदाजा नहीं था कि उसकी तलाश कर रही टीम उसी दिन उसी जगह तक पहुंच जाएगी.

एग्जाम सेंटर से सीधी गिरफ्तारी
मामला जोधपुर के बासनी तंबोलिया स्थित एक राजकीय विद्यालय का है. यहीं पर पप्पूराम परीक्षा देने बैठा था. सूचना मिलते ही SOG की टीम मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया. लेकिन इससे पहले भी एक भयंकर लापरवाही हो चुकी थी.

दरअसल, पहली पारी की परीक्षा के दौरान SOG ने पाबूपुरा एयरपोर्ट स्कूल से एक दूसरे अभ्यर्थी को डिटेन कर लिया था. बाद में पूछताछ में पता चला कि वह पप्पूराम नहीं है, बल्कि 2018 बैच का एक कांस्टेबल है. इसके बाद उसे छोड़ दिया गया. इसके बाद टीम ने पुख्ता जानकारी के आधार पर दूसरी पारी में सही जगह पहुंचकर पप्पूराम को पकड़ा.

पहले परीक्षा दिलवाई, फिर लेकर निकली टीम जयपुर
इस पूरे ऑपरेशन में एक दिलचस्प बात यह भी रही कि SOG ने आरोपी को तुरंत उठाने के बजाय पहले उसे परीक्षा देने दी. परीक्षा खत्म होने के बाद शाम करीब सवा पांच बजे टीम उसे अपने साथ लेकर जोधपुर से जयपुर के लिए रवाना हो गई. अब जयपुर में उससे पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस मामले के तार किसी बड़े गिरोह या नकल नेटवर्क से तो जुड़े नहीं हैं. क्योंकि पहले भी ऐसी भर्तियों में संगठित तरीके से गड़बड़ी के मामले सामने आते रहे हैं.

About the Author

authorimg

Anand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें



Source link

दैनिक भास्कर एप में रिपोर्टर बनने का बेहतरीन मौका: कौशांबी जिले में ब्लॉक स्तर पर रिपोर्टरों की जरूरत है, जल्द आवेदन करें


कौशांबी28 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कौशांबी जिले में ब्लॉक स्तर पर रिपोर्टर बनने का बेहतरीन मौका है।

दैनिक भास्कर डिजिटल को कौशांबी जिले के नवादा, कौशांबी, कड़ा, सिराथू और मूरतगंज ब्लॉक में पत्रकारिता के लिए रिपोर्टर की आवश्यकता है। ब्लॉक स्तर की खबरों पर अगर आपकी पकड़ अच्छी है और आप में थोड़ी बहुत लीडिंग क्वालिटी है तो आप ब्लॉक रिपोर्टर बन सकते हैं। इसके लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

ऑनलाइन आवेदन के लिए लिंक नीचे दिया गया है। ध्यान रहे कि जिले में जिन ब्लॉकों पर रिपोर्टर की जरूरत है, इच्छुक साथी संबधित ब्लॉक का ही रहने वाला हो। रिपोर्टर नियुक्ति की यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है।

जरूरी योग्यता

  • 10वीं पास हिंदी बोलने, पढ़ने और लिखने में दक्षता।
  • आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
  • खबरों की समझ हो।
  • ब्लॉक व पंचायत क्षेत्र में लोगों से अच्छा संपर्क हो।
  • जिस ब्लॉक के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसी क्षेत्र के दायरे में रहते हों।

ऑनलाइन आवेदन के लिए यह स्टेप फॉलो करें

स्टेप 1- नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें, गूगल फॉर्म खुलेगा।

स्टेप 2- आप जिस ब्लॉक क्षेत्र में रहते हैं, उसे सेलेक्ट करें।

स्टेप 3- फिर अपनी जानकारी भरकर भेज दें।

इसके बाद दैनिक भास्कर की टीम आपको कॉल करके जल्द ही संपर्क करेगी। कौशांबी जिले में ब्लॉक रिपोर्टर के आवेदन के लिए यहां क्लिक करें…



Source link

Pakistan: 14 अप्रैल से PIA नहीं भरेगी उड़ान! कई देशों में नहीं जाएंगी पाकिस्तानी फ्लाइट, बंद होने की कगार पर


International

oi-Siddharth Purohit

Pakistan: अमेरिका ईरान युद्ध का सबसे बड़ा असर किसी देश पर पड़ रहा है तो वो है पाकिस्तान। जहां चार-पहिया से लेकर दुपहिया वाहन तक सभी को पेट्रोल की किल्लत से गुजरना पड़ रहा है। हालात अब यहां तक पहुंच गए हैं, कि पाकिस्तान की इकलौती एयरलाइन्स, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन (PIA) को अपनी उड़ानों में कटौती कर दी है। नई योजना के तहत, PIA ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए अपनी उड़ानों की संख्या घटाने का फैसला किया है। अब एयरलाइन सिर्फ हफ्ते में 16 उड़ानें ही संचालित करेगी, जिससे ऑपरेशन कॉस्ट को कंट्रोल किया जा सके।

उड़ान में कटौती की नौबत

PIA ने अप्रैल के अंत तक खाड़ी देशों (UAE और सऊदी अरब को छोड़कर) के लिए उड़ानें पूरी तरह निलंबित करने का फैसला लिया है। साथ ही, बीजिंग के लिए फ्लाइट्स 11 अप्रैल से और कुआलालंपुर के लिए 14 अप्रैल से बंद कर दी जाएंगी। इसके अलावा, PIA ने ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और संभावित आर्थिक नुकसान को देखते हुए फैसला यह है कि अब बच्चों और शिशुओं को छोड़कर बाकी सभी यात्रियों को मिलने वाली छूट को तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिया गया है। साथ ही अब हर रूट के लिए कुछ उड़ानों की संख्या में भी कटौती की जा सकती है।

Pakistan

जेट फ्यूल की कीमत बनी सबसे बड़ी वजह

इन सभी सख्त फैसलों के पीछे सबसे बड़ी वजह जेट ईंधन की कीमतों में लगातार चौथी बार हुई बढ़ोतरी है। ईंधन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि एयरलाइन के लिए ऑपरेशन चलाना मुश्किल हो गया है। PIA मैनेजमेंट का कहना है कि बढ़ी हुई ईंधन लागत का पूरा बोझ सीधे यात्रियों पर डालना संभव नहीं है। अगर ऐसा किया जाता है, तो टिकट की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी, जिससे यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। इसलिए कंपनी को ऐसे कड़े कदम उठाने पड़े। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते PIA कंसोर्टियम के अध्यक्ष आरिफ हबीब ने जेट ईंधन की कीमतों में 150% तक की भारी बढ़ोतरी पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इस तरह की बढ़ोतरी से एयरलाइन के संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

बिगड़े हालात, भविष्य में सुधरेंगे?

PIA के प्रवक्ता के मुताबिक, एक उच्च-स्तरीय बैठक में एयरलाइन के बढ़ते घाटे को रोकने और महंगे ईंधन से निपटने के लिए नई रणनीति तैयार की गई। इसी रणनीति के तहत ये सख्त फैसले लिए गए हैं ताकि कंपनी को और नुकसान से बचाया जा सके। PIA के प्रवक्ता ने उम्मीद जताई है कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें जल्द ही सामान्य हो जाएंगी। जैसे ही हालात सुधरेंगे, बंद किए गए सभी उड़ान मार्गों को फिर से शुरू किया जाएगा। आरिफ हबीब ने सरकार से अपील की थी कि जेट ईंधन की कीमतों में हुई इस भारी बढ़ोतरी को वापस लिया जाए, ताकि एयरलाइन इंडस्ट्री को राहत मिल सके और संचालन स्थिर रह सके, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा।

लोन के चलते पहले स्थिति थी नाजुक

PIA पहले से बदहाल स्थिति में चल रही है। बिना ट्रेंड पायलट और दूसरे देशों में फ्यूल भरवाने की उधारी का बोझ इतना है कि PIA के प्लेन को कई बार दूसरे देशों ने अपनी जमीन से उड़ान भरकर वापस पाकिस्तान जाने से तब तक के लिए मना कर दिया था कि जब तक कि फ्यूल का पैसा पाकिस्तानी सरकार नहीं चुका देते। ऐसा हाल के दिनों में मलेशिया ने किया था। पाकिस्तानी सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक PIA पर लगभग 83 हजार रुपए का सीधा सीधा कर्ज है। जिसके चुकाने में वहां की सरकार असमर्थ है। वहीं अब युद्ध की दोहरी मार ने एयरलाइन के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



Source link

Assam Opinion Poll 2026: भाजपा VS कांग्रेस, असम में किसकी सरकार? क्या कहता है सर्वे?


India

oi-Ankur Sharma

Assam Opinion Poll 2026: असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा, जिसके लिए सभी राजनेताओं ने एड़ी-चोटी का दम लगा दिया है। हर किसी के मन में ये सवाल चल रहा है कि असम में किसकी सरकार बनेगी? तो वहीं इस बारे में मैट्रिज ने सर्वे ने किया है, जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं।

Matrize के मुताबिक असम में BJP+ को इस विधानसभा चुनाव में 92-102 सीटें मिल रही हैं, तो वहीं कांग्रेस+ को 22-32 सीटों पर संतोष करना पड़ेगा जबकि अन्य के खाते में 4-7 सीटें आती दिख रही हैं। सर्वे के मुताबिक असम में कमल की वापसी हो रही है।

Assam Opinion Poll 2026

असम विधानसभा चुनाव 2026: किसको-कितनी सीटें?

  • BJP+: 92-102 सीटें
  • Congress+: 22-32 सीटें
  • अन्य: 4-7 सीटें

वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी प्लस को 46% वोट मिलते दिख रहे हैं तो वहीं कांग्रेस प्लस को 36% सीटें मिलती दिख रही हैं तो वहीं अन्य की झोली में 18 प्रतिशत वोट आ रहे हैं।

Matrize Survey: वोट शेयर में बढ़त (मैट्रिज़)

  • BJP+: 46%
  • Congress+: 36%
  • अन्य: 18%

वोट शेयर के आंकड़े BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन की मजबूत बढ़त को दिखा रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन, अपनी अच्छी-खासी मौजूदगी बनाए रखने के बावजूद, काफ़ी बड़े अंतर से पीछे दिख रहा है। दूसरी पार्टियों का हिस्सा काफी कम है, कुल मिलाकर सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है।

क्या था असम विधानसभा चुनाव 2021 का परिणाम?

असम विधानसभा चुनाव 2021 तीन चरणों (27 मार्च से 6 अप्रैल तक) में चुनाव हुए थे जबकि परिणाम 2 मई को घोषित किए गए थे। असम की 14वीं विधानसभा का कार्यकाल 31 मई 2021 को समाप्त हुआ था, इस चुनाव में सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 75 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी, इसमें 60 सीटें अकेली बीजेपी की थीं।

Assam Polls 2026: असम में कब है चुनाव?

असम विधानसभा के 126 सदस्यों के चुनाव के लिए 9 अप्रैल 2026 को असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं । वोटों की गिनती और परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त होने वाला है।



Source link

पश्चिम बंगाल चीफ सेक्रेटरी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार: कहा- मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर हमले वाले दिन फोन क्यों नहीं उठाया; जांच NIA को


नई दिल्ली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

पश्चिम बंगाल के मालदा में 1 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ ऑफिस घेरा। वहीं गुरुवार को सड़क पर आगजनी की।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में लगे 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव और उन पर हमले के मामले में राज्य के चीफ सेक्रेटरी दुष्यंत नारियाला को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सोमवार को अपने प्लेनरी पावर (संविधान की धारा 142 के तहत मिले अधिकार) का इस्तेमाल करते हुए मामले की जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी।

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि जब न्यायिक अधिकारियों पर हमला हुआ (1 अप्रैल) तब चीफ सेक्रेटरी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन नहीं उठाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यह प्रशासन की बड़ी विफलता है। कोर्ट ने पूछा कि जब प्रशासन को घेराव के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था तो सुरक्षा के प्रभावी उपाय क्यों नहीं किए गए? घटना सोची-समझी साजिश लगती है।

सरकारी दफ्तरों में राजनीति का असर बढ़ रहा

कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा कम हो रहा है और सरकारी दफ्तरों में राजनीति का असर बढ़ रहा है।

कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि इस मामले में राज्य पुलिस ने जिन 26 लोगों को गिरफ्तार किया है उनसे NIA पूछताछ करेगी, चाहे वे जेल (न्यायिक हिरासत) में ही क्यों न हों।

60 लाख दावे-आपत्तियों का निपटारा आज

कोर्ट ने बताया कि पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके लगभग 60 लाख दावे और आपत्तियां आज ही निपटा दी जाएंगी। 6 अप्रैल दोपहर तक लगभग 59.15 लाख मामलों का निपटारा हो चुका है।

कोर्ट ने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल पश्चिम बंगाल से नहीं हटाए जाएंगे। CJI ने यह भी कहा कि अगर राज्य की व्यवस्था ठीक से काम नहीं करती है, तो कोर्ट आगे कार्रवाई पर विचार करेगा।

दरअसल, 7 न्यायिक अधिकारी 1 अप्रैल को मालदा के बीडीओ ऑफिस पहुंचे थे। इनमें तीन महिलाएं थीं। तभी वोटर लिस्ट में नाम कटने के विरोध में हजारों लोगों ने ऑफिस को घेर लिया।पुलिस ने इस मामले में 35 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

मालदा हमले के गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को हमले के आरोपी मोफक्करुल इस्लाम (ब्लैक जैकेट) और उसके साथी एकरामुल बागनी को अरेस्ट किया है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को हमले के आरोपी मोफक्करुल इस्लाम (ब्लैक जैकेट) और उसके साथी एकरामुल बागनी को अरेस्ट किया है।

गुरुवार को मालदा घटना से जुड़ी करीब 18 आरोपियों को अरेस्ट किया गया था। अब तक कुल 35 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

गुरुवार को मालदा घटना से जुड़ी करीब 18 आरोपियों को अरेस्ट किया गया था। अब तक कुल 35 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

मालदा हिंसा, 2 दिन का घटनाक्रम…

1 अप्रैल: दोपहर में प्रदर्शन, शाम को अधिकारी बंधक बनाए गए

एक अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया था। जब उन्हें पुलिस ने बाहर निकाला तो रास्ता रोकने की कोशिश की गई।

एक अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया था। जब उन्हें पुलिस ने बाहर निकाला तो रास्ता रोकने की कोशिश की गई।

एक अप्रैल को मालदा में विरोध प्रदर्शन दिन में पहले कालियाचक 2 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के बाहर शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने शुरू में न्यायिक अधिकारियों से मिलने की मांग की। अंदर जाने की परमिशन न मिलने पर, उन्होंने शाम करीब 4 बजे प्रदर्शन शुरू कर दिया और परिसर का घेराव कर लिया। अधिकारियों को 9 घंटे से ज्यादा समय तक बंधक बनाकर रखा गया था।

इस मामले में पुलिस ने 2 अप्रैल को 18 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक चुनावी उम्मीदवार भी शामिल है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और 16 लोगों को गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

2 अप्रैल: कई जिलों में विरोध, सड़कें जाम कीं, आगजनी हुई

2 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 जाम किया। टायरों में आग लगा दी।

2 अप्रैल को प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 जाम किया। टायरों में आग लगा दी।

कलियाचक की घटना के बाद मालदा में 2 अप्रैल को भी विरोध प्रदर्शन हुआ। गुरुवार को नारायणपुर में BSF कैंप के सामने भीड़ इकठ्ठा हो गई। लोगों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया। सड़क पर टायरों में आग लगा दी गई।

मालदा, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और पुरबा बर्धमान में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, सड़कें जाम कीं और मौन जुलूस निकाले; इन जगहों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, CJI बोले- हमें पता है उपद्रवी कौन

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक्शन लिया और घटना को न्याय प्रशासन में बाधा डालने का एक ‘दुस्साहसी और जानबूझकर किया गया प्रयास’ बताया। CJI सूर्यकांत की बेंच ने इस बात पर चिंता जताई कि पहले से पता होने के बावजूद, राज्य के अधिकारी समय पर सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहे, जिसके कारण अधिकारियों को घंटों तक बिना खाना-पानी के रहना पड़ा।

यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। पूरी खबर पढ़ें…

6 21775112928 1775179212

—————-

ये खबर भी पढ़ें…

पश्चिम बंगाल में 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर बंधक, सुप्रीम कोर्ट नाराज:कहा- हमें पता है उपद्रवी कौन; वोटर लिस्ट से नाम कटने पर लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन

comp 133 1775121877

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बनाए जाने की घटना पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

IPL की चकाचौंध के बीच मैदान पर पसरा मातम! रन आउट के फैसले पर भड़के खिलाड़ी, अंपायर को उतारा मौत के घाट



IPL 2026 Local Umpire Death: क्रिकेट के खेल को जेंटलमैन गेम कहा जाता है। लेकिन इस खेल को शर्मसार करने वाली एक खबर सामने आई है।



Source link

तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस- 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा: कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताया; 6 साल पहले पिता-पुत्र की हिरासत में मौत हुई थी




तमिलनाडु के मदुरै सेशन कोर्ट ने सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानते हुए अत्यधिक बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताया। यह मामला 2020 में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत से जुड़ा है। छह साल तक सुनवाई चली। फर्स्ट एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज जी. मुथुकुमारन ने CBI की दलील को माना कि हिरासत में दोनों को योजनाबद्ध तरह से टॉर्चर किया गया। इसलिए अधिकतम सजा दी गई। दरअसल,19 जून 2020 को पुलिस ने व्यापारी पी. जयराज (59) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) को हिरासत में लिया था। आरोप था कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान दुकान खुली रखी थी। दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जहां कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों के साथ थाने में रातभर मारपीट की गई। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान और खून बहने के निशान थे। CBI जांच में हिरासत में पिटाई की पुष्टि हुई मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच राज्य की CB-CID से लेकर CBI को सौंपी गई। एजेंसी ने एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान एक महिला कांस्टेबल ने बयान दिया कि पिता-पुत्र को पूरी रात पीटा गया था। थाने में टेबल और लाठियों पर खून के निशान थे। यह गवाही मामले में अहम सबूत बनी। जांच में यह भी सामने आया कि सथानकुलम थाने का CCTV फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया। रिकॉर्डिंग रोजाना अपने आप डिलीट हो जाती थी, जिससे महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिल पाए। इन 9 पुलिसकर्मियों को सजा दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश और के. बालकृष्णन, हेड कॉन्स्टेबल एस. मुरुगन और ए. समदुरई है। साथ ही कॉन्स्टेबल एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस और एस. वेलुमुथु शामिल हैं। मामले में 10वें आरोपी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पॉलदुरई की ट्रायल के दौरान कोविड से मौत हो गई थी। ———- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- हिरासत में मौतें बर्दाश्त नहीं:दैनिक भास्कर की खबर पर केंद्र-राज्य को नोटिस; थानों में CCTV पर 16 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पुलिस हिरासत में होने वाली मौतें सिस्टम पर धब्बा है और अब देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र की ओर से थानों में CCTV को लेकर मांगी गई रिपोर्ट न सौंपने पर नाराजगी जताई। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

Iran USA War: ट्रंप की डेडलाइन को ईरान ने दिखाया ठेंगा, होर्मुज स्ट्रेट पर लिया सबसे बड़ा फैसला, तबाह तय!


International

oi-Sumit Jha

Iran vs USA War News: राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा मंगलवार रात 8 बजे तक की दी गई डेडलाइन को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिका की ओर से भारी तबाही की धमकी मिलने के बावजूद, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने से साफ मना कर दिया है।

ईरान का कहना है कि वह ‘टेम्पररी सीज़फ़ायर’ (अस्थाई युद्धविराम) के झांसे में नहीं आएगा, क्योंकि उसे वाशिंगटन की नीयत पर भरोसा नहीं है। ईरान के इस कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह झुकने के बजाय टकराने को तैयार है। इस फैसले से मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल घने हो गए हैं और दुनिया की धड़कनें बढ़ गई हैं।

Iran vs USA War

Strait of Hormuz News: ट्रंप का अल्टीमेटम और युद्ध की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बेहद कड़े लहजे में ईरान को चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार रात 8 बजे तक समुद्री रास्ता नहीं खुला, तो अंजाम बुरा होगा। ट्रंप का मानना है कि ईरान वैश्विक व्यापार को बंधक बना रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका अब बातचीत के मूड में नहीं है और अगर समय सीमा खत्म हुई, तो ईरान को ऐसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जो उसने पहले कभी नहीं देखी होगी। यह सीधी जंग की शुरुआत का संकेत है।

ये भी पढ़ें: China-Taiwan Conflict: अचानक चीन ने 40 दिनों के लिए बंद किया अपना एयरस्पेस, क्या ताइवान पर हमले की है तैयारी?

Trump Deadline Iran: ईरान ने ठुकराया ‘टेम्पररी सीज़फ़ायर’

रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान के सीनियर अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल कुछ समय की शांति (टेम्पररी सीज़फ़ायर) के बदले होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोलेंगे। ईरान का मानना है कि अमेरिका सिर्फ अपना रास्ता साफ करने के लिए कुछ समय का दिखावा कर रहा है और वह ‘परमानेंट सीज़फ़ायर’ (स्थाई शांति) के लिए कभी तैयार नहीं होगा। तेहरान ने साफ कह दिया है कि बिना किसी ठोस और स्थाई समाधान के वह पीछे हटने वाला नहीं है।

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का अड़ियल रुख

ईरान ने इस बार अपनी रणनीति बदल ली है और वह अमेरिकी धमकियों को “ठेंगा” दिखा रहा है। ईरान के सैन्य कमांडरों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसे खोलकर वे अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। ईरान का यह सबसे बड़ा फैसला है क्योंकि वह जानता है कि रास्ता बंद रहने से तेल की किल्लत होगी, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बढ़ेगा। वह इस रास्ते को सौदेबाजी के बड़े हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

ये भी पढ़ें: Trump Iran threat: ‘अल्लाह’ का नाम लेकर ट्रंप ने ऐसा क्या कहा, पूरे दुनिया में मचा बवाल

क्या दुनिया महायुद्ध की ओर बढ़ रही है?

ट्रंप की डेडलाइन और ईरान की नाफरमानी ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। अगर मंगलवार रात तक कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता, तो अमेरिकी सेना खाड़ी क्षेत्र में हमला बोल सकती है। जानकारों का कहना है कि यह टकराव केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकता है। तेल की सप्लाई रुकने से भारत समेत कई देशों में महंगाई का तूफान आ सकता है और स्थिति बेकाबू हो सकती है।



Source link

China-Taiwan Conflict: अचानक चीन ने 40 दिनों के लिए बंद किया अपना एयरस्पेस, क्या ताइवान पर हमले की है तैयारी?


International

oi-Sumit Jha

China Taiwan conflict: ईरान और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, चीन की हालिया गतिविधियों ने पूरी दुनिया का ध्यान ताइवान की ओर खींच लिया है। चीन ने बिना किसी ठोस कारण के 40 दिनों के लिए अपने हवाई क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को बंद कर दिया है, जिसे विशेषज्ञ बेहद असामान्य मान रहे हैं।

ताइवान के पास चीनी युद्धपोतों और फाइटर जेट्स की बढ़ती मौजूदगी ने इस आशंका को जन्म दे दिया है कि क्या बीजिंग वैश्विक अस्थिरता का फायदा उठाकर ताइवान पर कोई बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।

China Taiwan conflict

China airspace Closure: 40 दिनों की रहस्यमयी पाबंदी

चीन ने 27 मार्च से 6 मई तक के लिए ‘नोटिस टू एयर मिशन्स’ (NOTAM) जारी किया है। आमतौर पर सैन्य अभ्यास के लिए हवाई क्षेत्र को सिर्फ 1 से 3 दिनों के लिए बंद किया जाता है, लेकिन 40 दिनों की यह लंबी अवधि किसी बड़े खतरे या गुप्त मिशन का संकेत देती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, बिना किसी आधिकारिक अभ्यास की घोषणा के इतने लंबे समय तक आसमान को ब्लॉक करना चीन की किसी नई और खतरनाक मिसाइल तकनीक के परीक्षण या बड़े युद्ध अभ्यास की तैयारी हो सकती है।

Iran war impact on Taiwan: ताइवान की सीमा में चीनी घुसपैठ

ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने हाल ही में अपने इलाके में चीनी सैन्य विमानों, नौसैनिक जहाजों और सरकारी जहाजों की भारी मौजूदगी दर्ज की है। चीन के फाइटर जेट्स ने ‘मीडियन लाइन’ (दोनों देशों के बीच की अनौपचारिक सीमा) को पार कर ताइवान के हवाई रक्षा क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश किया। यह घुसपैठ न केवल ताइवान की संप्रभुता को चुनौती देती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि चीन लगातार ताइवान की रक्षा तैयारियों और प्रतिक्रिया देने की क्षमता को परखने में जुटा है।

ये भी पढे़ं: Iran Vs America War: ट्रंप की जा सकती है कुर्सी? ईरान को गाली देना पड़ा भारी, क्या कहता है अमेरिका का संविधान?

क्या यह युद्ध की रिहर्सल है?

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपनी ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’ (PLA) की युद्धक क्षमताओं को जांच रहा है। इस 40 दिन के ब्लॉक के दौरान वायुसेना, नौसेना और मिसाइल फोर्स का संयुक्त अभ्यास होने की संभावना है। इसे ‘सर्फेस-टू-एयर’ इंटरैक्शन कहा जाता है, जिसमें जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और विमानों के बीच तालमेल बिठाया जाता है। यह सब ताइवान को डराने और भविष्य में संभावित हमले की एक बड़ी ‘फुल-स्केल रिहर्सल’ जैसा दिखाई दे रहा है।

ये भी पढ़ें: Trump Iran threat: ‘अल्लाह’ का नाम लेकर ट्रंप ने ऐसा क्या कहा, पूरे दुनिया में मचा बवाल

ईरान संकट और चीन का मौका

दुनिया का ध्यान इस समय ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव पर है। अमेरिका और पश्चिमी देश मध्य पूर्व की स्थिति को संभालने में व्यस्त हैं। इतिहास गवाह है कि जब बड़ी ताकतें एक जगह उलझी होती हैं, तो दूसरे देश अपने क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने की कोशिश करते हैं। चीन का यह कदम इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव कम होने पर वह ताइवान जलडमरूमध्य (Taiwan Strait) में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।

ये भी पढ़ें: Iran Vs America War: अमेरिका की शर्मनाक हरकत! तेहरान की यूनिवर्सिटी पर किया मिसाइल अटैक, लाशों का लगा ढेर

चीन-ताइवान विवाद की जड़ें

चीन ताइवान को अपना एक प्रांत मानता है और उसने 2027 तक इसे मुख्य भूमि में मिलाने का लक्ष्य रखा है। दूसरी ओर, ताइवान खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश मानता है जिसकी अपनी सरकार और सेना है। 1949 के गृहयुद्ध के बाद से ही दोनों के बीच विवाद बना हुआ है। हाल के वर्षों में चीन ने ताइवान पर दबाव बढ़ाने के लिए सैन्य और आर्थिक हथकंडे अपनाए हैं, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में युद्ध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।



Source link

लद्दाख ट्रिप के लिए कर लें तैयारी, दिल्ली से रोज है 13 फ्लाइटें, बसों की भी कमी नहीं, यात


Last Updated:

Ready to Ladakh Trip: नीला आसमान, बर्फ से ढकी चोटियां और ऊंचे दर्रों के बीच से गुजरती सड़कें यानी  जन्नत का दूसरा नाम लद्दाख. इस शब्द को सुनकर किसका दिल नहीं धड़केगा. रोमांच और अद्भुत रहस्यों से भरा लद्दाख में घूमने का टाइम आ गया है. अप्रैल से लद्दाख पर्यटकों के लिए खोल दिया जाता है. लद्दाख घूमना जिंदगी का लाइव टाइम अचीवमेंच है. यहां के हर लम्हें को जिंदगी भर यादों के दस्तावेजों के लिए संजोया जा सकता है. ऐसे में यदि आप भी इस लाइफटाइम अचीवमेंट को अचीव करने की सोच रहे हैं तो इस बार शानदार मौका है क्योंकि इस बार दिल्ली से 18 फ्लाइटें रोज हैं और सड़क मार्ग से जाने के लिए बसों की कोई कमी नहीं है.

लद्दाख इस बार रिकॉर्ड पर्यटकों को बुलाने की योजना बना लिया है. लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि लेह एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या बढ़ा दी गई है. अब यहां 2 अप्रैल से उड़ानों की संख्या रोजाना 18 कर दी गई है. लेफ्टिनेंट गवर्नर ने सोशल मीडिया पर लिखा है लद्दाख इस बार रिकॉर्ड पर्यटकों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है. टूरिज्म का सीजन शुरू हो चुका है. इस तरह ज्यादा पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए इस बार हवाई सेवाओं में बड़ा सुधार किया गया है. 

2 अप्रैल से लेह एयरपोर्ट पर रोज़ाना उड़ानों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है. धीरे-धीरे इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है. अब लेह का सीधा संपर्क दिल्ली,मुंबई, श्रीनगर और चंडीगढ जैसे बड़े शहरों से हो गया है. जल्द ही 2 और उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में और सुविधा मिलेगी. उड़ानों की संख्या बढ़ने से ज्यादा पर्यटक आएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

2 अप्रैल से लेह एयरपोर्ट पर रोज़ाना उड़ानों की संख्या 8 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है. धीरे-धीरे इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है. अब लेह का सीधा संपर्क दिल्ली,मुंबई, श्रीनगर और चंडीगढ जैसे बड़े शहरों से हो गया है. जल्द ही 2 और उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में और सुविधा मिलेगी. उड़ानों की संख्या बढ़ने से ज्यादा पर्यटक आएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. @lg_ladakh के X हैंडल से ली गई तस्वीर.

लद्दाख जाने वाले पर्यटकों की भारी संख्या को देखते हुए विमानन कंपनियों पहले से ही तैयार हो गई है. उदाहरण के लिए 24 अप्रैल को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से लेह एयरपोर्ट के लिए 13 फ्लाइटें हैं. इकोनोमिक क्लास में 7 हजार रुपये से किराया शुरू हो जाता है. वहीं इसका अधिकतम किराया 11 हजार तक है. बिजनेस क्लास में भी यह 10 हजार से शुरू हो जाता है. फ्लाइटों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है. @lg_ladakh के X हैंडल से ली गई तस्वीर.

लद्दाख जाने वाले पर्यटकों की भारी संख्या को देखते हुए विमानन कंपनियों पहले से ही तैयार हो गई है. उदाहरण के लिए 24 अप्रैल को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से लेह एयरपोर्ट के लिए 13 फ्लाइटें हैं. इकोनोमिक क्लास में 7 हजार रुपये से किराया शुरू हो जाता है. वहीं इसका अधिकतम किराया 11 हजार तक है. बिजनेस क्लास में भी यह 10 हजार से शुरू हो जाता है. फ्लाइटों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है. @lg_ladakh के X हैंडल से ली गई तस्वीर. 

Add News18 as
Preferred Source on Google

दिल्ली से लेह के लिए डाइरेक्ट बस सेवा भी है. हालांकि यह संभवतः मई से शुरू होगी क्योंकि वर्तमान में सड़कों से बर्फ हटाने का काम हो रहा है. बस से लेह जाने के लिए दो रास्ते हैं. मनाली से लेह जाने वाली सड़क छोटी है और इसी रास्ते हिमाचल परिवहन की बसें सीधी चलती है. यह बस दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डा से खुलती है. 1000 किलोमीटर लंबी इस सड़क मार्ग से बस का न्यूनतम किराया 1700 से 1800 के आसपास है जबकि वॉल्वो बस में किराया 2500 रुपये तक हो सकता है. दूसरा रास्ता श्रीनगर से होकर है लेकिन इस रास्ते से डाइरेक्ट नहीं है. इसके लिए आपको पहले श्रीनगर जाना होगा फिर वहां से आपको लेह के लिए दूसरी बस पकड़नी होगी. @lg_ladakh के X हैंडल से ली गई तस्वीर.

दिल्ली से लेह के लिए डाइरेक्ट बस सेवा भी है. हालांकि यह संभवतः मई से शुरू होगी क्योंकि वर्तमान में सड़कों से बर्फ हटाने का काम हो रहा है. बस से लेह जाने के लिए दो रास्ते हैं. मनाली से लेह जाने वाली सड़क छोटी है और इसी रास्ते हिमाचल परिवहन की बसें सीधी चलती है. यह बस दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डा से खुलती है. 1000 किलोमीटर लंबी इस सड़क मार्ग से बस का न्यूनतम किराया 1700 से 1800 के आसपास है जबकि वॉल्वो बस में किराया 2500 रुपये तक हो सकता है. दूसरा रास्ता श्रीनगर से होकर है लेकिन इस रास्ते से डाइरेक्ट नहीं है. इसके लिए आपको पहले श्रीनगर जाना होगा फिर वहां से आपको लेह के लिए दूसरी बस पकड़नी होगी. @lg_ladakh के X हैंडल से ली गई तस्वीर.

लेह-लद्दाख सुकून भरी शांति और और अलौकिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. अगर आप लेह की यात्रा कर रहे हैं तो आप यहां के 5 जन्नत वाले नजारे को देखना न भूलें. पहला- पैंगोंग त्सो झील. पैंगोंग झील दुनिया की सबसे बड़ी जीवंत झीलों में से एक है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पानी सूरज की रोशनी के साथ नीला से हरा और फिर लाल दिखाई देता है. बर्फीले पहाड़ों के बीच फैला यह गहरा नीला पानी किसी शांत सपने जैसा लगता है. दूसरा है नुब्रा वैली. यह लद्दाख के सबसे रोमांचक और रहस्यों से भरी घाटी है. इसे लद्दाख का बगीचा भी कहा जाता है. यहां आपको ठंडे रेगिस्तान में दो कूबड़ वाले ऊंट देखने को मिलते हैं. सफेद रेत के टीले और साथ में बहती श्योक नदी का नजारा इसे बेहद खूबसूरत बनाता है.

लेह-लद्दाख सुकून भरी शांति और और अलौकिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. अगर आप लेह की यात्रा कर रहे हैं तो आप यहां के 5 जन्नत वाले नजारे को देखना न भूलें. पहला- पैंगोंग त्सो झील. पैंगोंग झील दुनिया की सबसे बड़ी जीवंत झीलों में से एक है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पानी सूरज की रोशनी के साथ नीला से हरा और फिर लाल दिखाई देता है. बर्फीले पहाड़ों के बीच फैला यह गहरा नीला पानी किसी शांत सपने जैसा लगता है. दूसरा है नुब्रा वैली. यह लद्दाख के सबसे रोमांचक और रहस्यों से भरी घाटी है. इसे लद्दाख का बगीचा भी कहा जाता है. यहां आपको ठंडे रेगिस्तान में दो कूबड़ वाले ऊंट देखने को मिलते हैं. सफेद रेत के टीले और साथ में बहती श्योक नदी का नजारा इसे बेहद खूबसूरत बनाता है.

लेह-लद्दाख सुकून भरी शांति और और अलौकिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. अगर आप लेह की यात्रा कर रहे हैं तो आप यहां के 5 जन्नत वाले नजारे को देखना न भूलें. पहला- पैंगोंग त्सो झील. पैंगोंग झील दुनिया की सबसे बड़ी जीवंत झीलों में से एक है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पानी सूरज की रोशनी के साथ नीला से हरा और फिर लाल दिखाई देता है. बर्फीले पहाड़ों के बीच फैला यह गहरा नीला पानी किसी शांत सपने जैसा लगता है. दूसरा है नुब्रा वैली. यह लद्दाख के सबसे रोमांचक और रहस्यों से भरी घाटी है. इसे लद्दाख का बगीचा भी कहा जाता है. यहां आपको ठंडे रेगिस्तान में दो कूबड़ वाले ऊंट देखने को मिलते हैं. सफेद रेत के टीले और साथ में बहती श्योक नदी का नजारा इसे बेहद खूबसूरत बनाता है. @lg_ladakh के X हैंडल से ली गई तस्वीर.

लेह-लद्दाख सुकून भरी शांति और और अलौकिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है. अगर आप लेह की यात्रा कर रहे हैं तो आप यहां के 5 जन्नत वाले नजारे को देखना न भूलें. पहला- पैंगोंग त्सो झील. पैंगोंग झील दुनिया की सबसे बड़ी जीवंत झीलों में से एक है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका पानी सूरज की रोशनी के साथ नीला से हरा और फिर लाल दिखाई देता है. बर्फीले पहाड़ों के बीच फैला यह गहरा नीला पानी किसी शांत सपने जैसा लगता है. दूसरा है नुब्रा वैली. यह लद्दाख के सबसे रोमांचक और रहस्यों से भरी घाटी है. इसे लद्दाख का बगीचा भी कहा जाता है. यहां आपको ठंडे रेगिस्तान में दो कूबड़ वाले ऊंट देखने को मिलते हैं. सफेद रेत के टीले और साथ में बहती श्योक नदी का नजारा इसे बेहद खूबसूरत बनाता है. @lg_ladakh के X हैंडल से ली गई तस्वीर.

लेह-लद्दाख में तीसरा आकर्षण है-मैग्नेटिक हिल. यह एक जादुई अनुभव वाली जगह है. यहां गुरुत्वाकर्षण के विपरीत गाड़ियां अपने आप पहाड़ी की तरफ खिंची चली जाती हैं. आसपास के भूरे पहाड़ों का विस्तार आंखों को सुकून देता है. आप यहां आकर किसी दूसरी दुनिया में खो जाएंगे. चौथा आकर्षण है शांति स्तूप. लेह शहर की पहाड़ी पर स्थित यह सफेद गुंबद वाला स्तूप शांति का प्रतीक है. यहां से पूरे लेह शहर और सूर्यास्त का विहंगम दृश्य दिखाई देता है, जो मन को असीम शांति प्रदान करता है. इसके बाद लेह पैलेस जाना न भूलें.17वीं शताब्दी का यह महल तिब्बती वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है. इसकी ऐतिहासिक बनावट और यहाँ से दिखने वाली लद्दाख की चोटियां इसे फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतरीन जगह बनाती हैं.

लेह-लद्दाख में तीसरा आकर्षण है-मैग्नेटिक हिल. यह एक जादुई अनुभव वाली जगह है. यहां गुरुत्वाकर्षण के विपरीत गाड़ियां अपने आप पहाड़ी की तरफ खिंची चली जाती हैं. आसपास के भूरे पहाड़ों का विस्तार आंखों को सुकून देता है. आप यहां आकर किसी दूसरी दुनिया में खो जाएंगे. चौथा आकर्षण है शांति स्तूप. लेह शहर की पहाड़ी पर स्थित यह सफेद गुंबद वाला स्तूप शांति का प्रतीक है. यहां से पूरे लेह शहर और सूर्यास्त का विहंगम दृश्य दिखाई देता है, जो मन को असीम शांति प्रदान करता है. इसके बाद लेह पैलेस जाना न भूलें.17वीं शताब्दी का यह महल तिब्बती वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है. इसकी ऐतिहासिक बनावट और यहाँ से दिखने वाली लद्दाख की चोटियां इसे फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतरीन जगह बनाती हैं.

अगर आप हवाई मार्ग से लद्दाख जा रहे हैं तो उससे पहले कुछ बातों को ध्यान अवश्य रखें. लद्दाख में जहां आप घूमने जाएंगे वहां का तापमान बहुत कम हो जाता है. ऐसे में अगर आप अचानक गर्म से ठंड वातावरण में जाएंगे तो शरीर उस हिसाब से इतने कम समय में खुद को तैयार नहीं कर पाएगा. इसलिए एहतियात जरूर बरतना चाहिए. सबसे पहले कम से कम 48 घंटे लेह में आराम करें. उसके बाद ही नुब्रा वैली या पैंगोग लेक जैसी जगहों की यात्रा करें. इससे आपका शरीर मौसम और ऊंचाई के अनुसार ढल जाएगा.

अगर आप हवाई मार्ग से लद्दाख जा रहे हैं तो उससे पहले कुछ बातों को ध्यान अवश्य रखें. लद्दाख में जहां आप घूमने जाएंगे वहां का तापमान बहुत कम हो जाता है. ऐसे में अगर आप अचानक गर्म से ठंड वातावरण में जाएंगे तो शरीर उस हिसाब से इतने कम समय में खुद को तैयार नहीं कर पाएगा. इसलिए एहतियात जरूर बरतना चाहिए. सबसे पहले कम से कम 48 घंटे लेह में आराम करें. उसके बाद ही नुब्रा वैली या पैंगोग लेक जैसी जगहों की यात्रा करें. इससे आपका शरीर मौसम और ऊंचाई के अनुसार ढल जाएगा. Photo-PTI

लेह जाने से पहले अपना परमिट जरूर बना लें. लेह यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) ऑनलाइन बनता. इसे पहले बना लें, ताकि आपको वहाँ किसी तरह की परेशानी न हो. लद्दाख पर्यावरण के हिसाब से बेहद संवेदनशील है. इसलिए वहां कुदरती चीजों का प्रयोग करें. प्लास्टिक उत्पादों से जितना संभव हो सके बचें. रियूजेबल बोतलों का इस्तेमाल करें ताकि लद्दाख की खूबसूरती में अपना योगदान दे सकें.

लेह जाने से पहले अपना परमिट जरूर बना लें. लेह यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) ऑनलाइन बनता. इसे पहले बना लें, ताकि आपको वहाँ किसी तरह की परेशानी न हो. लद्दाख पर्यावरण के हिसाब से बेहद संवेदनशील है. इसलिए वहां कुदरती चीजों का प्रयोग करें. प्लास्टिक उत्पादों से जितना संभव हो सके बचें. रियूजेबल बोतलों का इस्तेमाल करें ताकि लद्दाख की खूबसूरती में अपना योगदान दे सकें. Photo-PTI



Source link