केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) प्रमुख शरद पवार समेत 19 नए और दोबारा चुने गए राज्यसभा सदस्यों ने सोमवार को शपथ ली। शरद पवार व्हीलचेयर पर शपथ लेने के लिए संसद पहुंचे। शपथ लेने वालों में 5 महाराष्ट्र, 3 ओडिशा, 6 तमिलनाडु और 5 पश्चिम बंगाल के सदस्य है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में सभी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। दरअसल, 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटें 2 अप्रैल को खाली हुई थीं। इन सीटों के 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे, जबकि बाकी 11 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग हुई। शपथग्रहण की दो तस्वीरें… इन सदस्यों ने शपथ ली… 16 अप्रैल से राज्यसभा का विशेष सत्र सांदसों के शपथ ग्रहण का आयोजन ऐसे समय हुआ, जब संसद का सत्र नहीं चल रहा है। हालांकि इस मौके पर उप सभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू भी मौजूद थे। किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सभी दलों से साथ आने की अपील की। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से बुलाया जाएगा। 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50% की बढ़ोतरी के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (करीब एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। उसी दौरान इस बिल को आधिकारिक रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा गया। किरेन रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस और कुछ अन्य दल अभी आगे नहीं आए हैं, लेकिन उनसे विरोध की उम्मीद नहीं है। 16 मार्च: राज्यसभा चुनाव में NDA ने 11 में 9 सीटें जीतीं, 26 सांसद निर्विरोध चुने गए थे हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुआ था। इनमें 9 सीटों पर NDA कैंडिडेट्स या NDA समर्थित कैंडिडेट्स ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। राज्यवार सीटों की बात करें तो बिहार की सभी पांचों सीटों पर NDA प्रत्याशी विजयी रहे। ओडिशा की 4 सीटों में से 3 NDA और 1 बीजद उम्मीदवार ने जीती। हरियाणा की दो सीटों में से एक पर भाजपा और एक पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव:इनमें 25 सीटें विपक्ष, एनडीए की 12; पवार, सिंघवी का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। जो सीटें खाली हो रही हैं उनमें 12 एनडीए के पास हैं, 25 पर विपक्ष का कब्जा है। पूरी खबर पढ़ें…
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राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने शपथ ली: शरद पवार व्हीलचेयर पर पहुंचे; 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र
बेंगलुरू में DRDO की लैब को बम से उड़ाने की मिली धमकी, तमिलनाडु सीएम के पोते का भी है जिक्र, बढ़ाई गई सुरक्षा
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दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोड़कर घुसी कार: VIP गेट से एंट्री की, ड्राइवर ने स्पीकर की गाड़ी पर स्याही फेंकी, फरार हुआ
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर चूक हुई है। अज्ञात कार सवार गेट नंबर 2 की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसी। सूत्रों के मुताबिक, कार चालक ने विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की कार पर स्याही फेंकी और मौके से फरार हो गया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
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Iran Vs America War: अमेरिका की शर्मनाक हरकत! तेहरान की यूनिवर्सिटी पर किया मिसाइल अटैक, लाशों की लगी ढ़ेर
International
oi-Sumit Jha
US Airstrike on Iran University: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को अमेरिकी हवाई हमलों ने ईरान की राजधानी तेहरान स्थित प्रतिष्ठित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को अपना निशाना बनाया। इस दर्दनाक हमले में कम से कम 13 लोगों की जान जाने की खबर है।
शिक्षा के केंद्र पर इस तरह का हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह युद्ध की विभीषिका का एक शर्मनाक चेहरा भी पेश करता है। तेहरान के आसमान में रात भर धमाकों की गूंज और लड़ाकू विमानों का शोर सुनाई देता रहा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है।

Sharif University Attack: रात भर गूंजते रहे धमाके
सोमवार की रात तेहरान के निवासियों के लिए किसी भयावह सपने जैसी थी। शरीफ यूनिवर्सिटी और उसके आसपास के इलाकों में घंटों तक रुक-रुक कर धमाके होते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लड़ाकू विमान इतनी कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे कि उनकी आवाज से घरों की खिड़कियां तक थरथरा रही थीं। इस हमले ने पूरे दक्षिण-पश्चिम तेहरान को हिला कर रख दिया है और लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
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Tehran Missile Strike: यूनिवर्सिटी को क्यों बनाया निशाना?
शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमले के पीछे अमेरिका और उसके सहयोगियों का तर्क है कि यहाँ सैन्य गतिविधियाँ चल रही थीं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस यूनिवर्सिटी का इस्तेमाल ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के लिए किया जा रहा था। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ यूनिवर्सिटी के कथित संबंधों के कारण कई देश पहले ही इस संस्थान पर प्रतिबंध लगा चुके हैं, जिसे अब हमले का आधार बनाया गया है।
Iran America Conflict News Hindi: छात्रों की सुरक्षा और ऑनलाइन क्लासेस
राहत की बात यह रही कि हमले के समय कैंपस में छात्र मौजूद नहीं थे। युद्ध की स्थिति को देखते हुए ईरान ने पहले ही सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया था और पढ़ाई ऑनलाइन मोड पर चल रही थी। हालांकि, यूनिवर्सिटी के स्टाफ और वहां मौजूद अन्य लोग इस हमले की चपेट में आ गए। अगर छात्र वहां मौजूद होते, तो मरने वालों का आंकड़ा और भी भयावह हो सकता था।
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गैस सप्लाई और बुनियादी ढांचे को नुकसान
मिसाइल हमले में केवल यूनिवर्सिटी की इमारतों को ही नुकसान नहीं पहुंचा, बल्कि पास ही स्थित एक प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र (गैस स्टेशन) को भी निशाना बनाया गया। तेहरान के ‘डिस्ट्रिक्ट 9’ के प्रशासन के अनुसार, इस हमले की वजह से शरीफ इलाके में गैस की सप्लाई ठप हो गई है। बुनियादी सुविधाओं पर इस तरह के प्रहार ने आम नागरिकों की मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं।
पवित्र शहर कोम पर भी हुआ हमला
तेहरान के अलावा, शिया समुदाय के पवित्र शहर कोम में भी हवाई हमले की खबरें आई हैं। बताया जा रहा है कि वहां एक रिहायशी इलाके में हुई बमबारी में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। ईरान सरकार ने अभी तक युद्ध में हुए कुल नुकसान के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन हमलों में निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
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भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी:स्टोर रूम में रखी शील्ड-ट्रॉफियां ले गए चोर; आसपास सीसीटीवी नहीं लगे थे
मध्य प्रदेश के खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी हो गई है। बंगला परिसर में बने स्टोर रूम से अज्ञात चोर ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड उड़ा ले गए हैं। वारदात 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात की है। इसका खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ है। टीटीनगर पुलिस के मुताबिक, 3 अप्रैल की सुबह बंगले के स्टोर रूम का ताला टूटा मिला। सिक्योरिटी गार्ड ने देखा तो सामान गायब था। टीटी नगर थाना पुलिस कर रही जांच थाना प्रभारी गौरव दोहरे ने बताया कि चोरी गईं ट्रॉफियां, मोमेंटो और शील्ड मंत्री सारंग को अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मान स्वरूप मिले थे। फिलहाल, इनकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि जिस स्टोर रूम में चोरी हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इससे आरोपियों की पहचान में दिक्कत आ रही है। दोहरे ने कहा- पुलिस आसपास की सड़कों और मकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में दिग्विजय के विधायक बेटे के बंगले में चोरी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के विधायक बेटे जयवर्धन सिंह के चार इमली स्थित बंगले पर चोरी हो गई है। बदमाश यहां से नकदी और जेवरात लेकर भागे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस एक शख्स से पूछताछ कर रही है। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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क्यों जाना विदेश? भारत में ही मिलगा स्कॉटलैंड वाला मजा, हनीमून के लिए है बेस्ट डिस्टिनेशन
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गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश में निकल पड़ते हैं. भारत में ऐसी कई शानदार डेस्टिनेशन हैं, जहां आप गर्मियों में घूमकर अपनी छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं. इन्हीं में से एक बेहद खूबसूरत जगह है Meghalaya, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के लिए जानी जाती है. यहां देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.
अगर आप इस बार गर्मियों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मेघालय आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यहां कई ऐसी जगहें हैं, जहां का नजारा आपको मंत्रमुग्ध कर देगा.
मेघालय की राजधानी Shillong एक शानदार हिल स्टेशन है. यहां की हरियाली और झरने देवदार के पेड़ पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं. शांत और ठंडा माहौल इसे गर्मियों के लिए परफेक्ट बनाता है.

मेघालय का चेरापूंजी (Cherrapunji) भी काफी मशहूर पर्यटन स्थल है. यह जगह दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश होने वाले क्षेत्रों में गिनी जाती है. यहां की साफ हवा, हरियाली और झरने हर किसी को अपनी ओर खींच लेते हैं. यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताना चाहते हैं. यहां की हरियाली और शांत वातावरण पर्यटकों को बार-बार आने के लिए मजबूर कर देता है.

मेघालय में स्थित एलिफेंट फॉल्स अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है. यह झरना पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित है और शिलांग शहर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर है. तीन स्तरों में गिरने वाला यह खूबसूरत जलप्रपात देखने में बेहद आकर्षक लगता है. खास बात यह है कि इस फॉल्स का नाम पहले यहां मौजूद हाथी के आकार की एक चट्टान के कारण पड़ा था, जो वर्ष 1897 के भूकंप में नष्ट हो गई थी. आज भी यह स्थल अपनी हरियाली और मनमोहक दृश्य के लिए जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित छोटा सा सीमावर्ती कस्बा डाउकी अपनी अनोखी प्राकृतिक खूबसूरती को लेकर पर्यटकों के बीच आकर्षण बना रहता है. यहां बहने वाली उमंगोट नदी अपनी क्रिस्टल क्लियर पानी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है. उमंगोट नदी का पानी इतना साफ है कि इसमें चलने वाली नावें हवा में तैरती हुई नजर आती हैं, जो पर्यटकों को हैरान कर देता है. यही वजह है कि यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.

मेघालय का सेवन सिस्टर्स वॉटरफॉल अपनी शानदार प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पर्यटकों के बीच खास आकर्षण बना हुआ है. इसे Nohsngithiang Falls के नाम से भी जाना जाता है और यह देश के सबसे ऊंचे झरनों में गिना जाता है. करीब 315 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाला यह झरना सात अलग-अलग धाराओं में नीचे आता है, जो इसे बेहद खास बनाता है. खासकर मानसून के मौसम में यह झरना अपने पूरे उफान पर होता है और चूना पत्थर की चट्टानों से गिरता हुआ मनमोहक दृश्य पेश करता है.

मेघालय के Cherrapunji (सोहरा) के पास स्थित नोंगरियात गांव में बना उमशियांग डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज अपनी अनोखी बनावट और इतिहास के कारण आकर्षण का केन्द्र है. यह पुल प्राकृतिक और मानव-निर्मित इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण माना जाता है. करीब 250 साल से भी ज्यादा पुराना यह ब्रिज रबर के पेड़ों की जड़ों को जोड़कर तैयार किया गया है, जो इसे पूरी तरह प्राकृतिक बनाता है. इसकी मजबूती और बनावट लोगों को हैरान कर देती है. इस अद्भुत पुल तक पहुंचने के लिए करीब 3,000 से 7,000 सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं, जिसमें लगभग 1.5 से 2 घंटे का ट्रेक लगता है. हालांकि यह सफर थोड़ा कठिन होता है, लेकिन रास्ते में मिलने वाले खूबसूरत नजारे इसे यादगार बना देते हैं.

मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित मावलिननॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई और सुंदरता के लिए देश-दुनिया में मशहूर है. इसे साल 2003 में ‘डिस्कवर इंडिया’ मैगजीन ने ‘एशिया का सबसे स्वच्छ गांव’ घोषित किया था. इस गांव की खासियत यह है कि यहां स्वच्छता सिर्फ नियम नहीं, बल्कि लोगों की परंपरा और जीवनशैली का हिस्सा है. गांव के हर घर के सामने बांस से बने डस्टबिन और रंग-बिरंगे फूल इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं. मावलिननॉन्ग में रहने वाले लोग मिलकर सफाई का खास ध्यान रखते हैं, यही वजह है कि यह गांव आज भी स्वच्छता की मिसाल बना हुआ है.

मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज अपनी अनोखी बनावट और प्राकृतिक इंजीनियरिंग के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. मेघालय का सिंगल लिविंग रूट ब्रिज मावलिननॉन्ग के पास हैं. ये पुल फिकस इलास्टिका यानी रबर के पेड़ों की जड़ों से बना है. खास बात यह है कि इन्हें स्थानीय खासी जनजाति ने पारंपरिक तकनीक से विकसित किया है, जो टिकाऊ इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है. सदियों पुराने ये लिविंग रूट ब्रिज 100 साल से भी अधिक समय तक टिके रह सकते हैं. यहां की खूबसूरती ऐसी है कि आपको यहां से वापस आने का मन नहीं करेगा.
राधानगर से कन्याकुमारी तक: जब समंदर में उतरता है सूरज… 8बीच जहां सूर्यास्त होता है यादगार
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Best Sunset Beaches India: शाम ढलने का वो वक्त जब दिन धीरे-धीरे रात में बदलता है अक्सर हमारी रोज़मर्रा की भागदौड़ में कहीं खो जाता है. लेकिन अगर आप कभी समुद्र किनारे बैठे हों, हवा में नमक की हल्की खुशबू हो और सामने सूरज धीरे-धीरे पानी में उतरता दिखे, तो ये पल साधारण नहीं रहता. भारत के अलग-अलग हिस्सों में फैले समुद्र तट इस अनुभव को बिल्कुल अलग रंग देते हैं. कहीं शांति है, कहीं हलचल; कहीं पहाड़ों की परछाइयां हैं, तो कहीं खुला आसमान. यही वजह है कि भारत में सूर्यास्त देखना सिर्फ एक दृश्य नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बन जाता है हर जगह थोड़ा अलग, थोड़ा खास.
अलग-अलग तट, एक ही सूरज पर अनुभव बिल्कुल अलग राधानगर बीच, अंडमान अंडमान का राधानगर बीच उन जगहों में से है जहां प्रकृति अपनी सबसे सादगी भरी खूबसूरती दिखाती है. यहां कोई शोर नहीं, कोई भीड़ नहीं बस सफेद रेत और दूर तक फैला नीला पानी. सूर्यास्त के समय यहां रंगों का बदलाव बहुत नर्म और शांत होता है, जैसे कोई धीरे-धीरे कहानी सुना रहा हो.

वर्कला बीच, केरल वर्कला बीच का अनुभव बाकी जगहों से थोड़ा अलग है. यहां आप रेत पर नहीं, बल्कि ऊंची चट्टानों पर बैठकर सूर्यास्त देखते हैं. नीचे टकराती लहरें और ऊपर कैफे की हल्की चहल-पहल ये संयोजन इसे खास बना देता है. यहां लोग जल्दी में नहीं होते, बल्कि हर पल को महसूस करते हैं.

पालोलेम बीच, गोवा गोवा का नाम आते ही पार्टी याद आती है, लेकिन पालोलेम बीच इस छवि को थोड़ा बदल देता है. इसका घुमावदार आकार ऐसा है कि सूरज बिल्कुल सामने डूबता दिखता है. यहां का माहौल सुकून भरा है, जहां लोग चुपचाप बैठकर इस पल को जीते हैं.
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ओम बीच और कुडले बीच, कर्नाटक गोकर्ण के ये बीच थोड़े अलग हैं यहां पहुंचने के लिए थोड़ा चलना पड़ता है, लेकिन शायद यही वजह है कि यहां भीड़ कम होती है. शाम होते-होते लोग छोटे-छोटे समूहों में बैठ जाते हैं. कोई बात कर रहा होता है, कोई बस चुपचाप देख रहा होता है और यही इसकी खूबसूरती है.

कन्याकुमारी बीच, तमिलनाडु देश के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित कन्याकुमारी का सूर्यास्त भौगोलिक रूप से भी खास है. यहां तीन समुद्र मिलते हैं, और यह संगम सूर्यास्त को और भी रोचक बना देता है. भीड़ होती है, लेकिन एक अनुशासन के साथ जैसे हर कोई इस पल को साझा करना चाहता हो.

पुरी बीच, ओडिशा पुरी बीच पर सूर्यास्त का मतलब है जीवन से भरा माहौल. बच्चे खेलते हैं, विक्रेता आवाज़ लगाते हैं, और बीच-बीच में ऊंट भी दिख जाते हैं. यहां शांति नहीं, बल्कि ऊर्जा है और यही इसे अलग बनाता है.

तारकर्ली बीच, महाराष्ट्र तारकर्ली अभी भी अपनी सादगी को बचाए हुए है. यहां का साफ पानी सूर्यास्त के रंगों को दोगुना खूबसूरत बना देता है. अगर आप शोर से दूर कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए है.

मरीना बीच, चेन्नई मरीना बीच इस बात का उदाहरण है कि एक व्यस्त शहर में भी प्रकृति कैसे अपनी जगह बना लेती है. यहां सूर्यास्त के समय लोगों की भीड़, स्ट्रीट फूड और समुद्र का विशाल दृश्य सब मिलकर एक जीवंत अनुभव बनाते हैं.
बोट राइडिंग का लेना है मजा… तो बरतें ये सावधानियां, छोटी गलती बन सकती है हादसे की वजह
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Boat Riding: गर्मी के मौसम में लोग ठंडी जगहों की तलाश में पहाड़ों और नदियों की ओर घूमने निकलते है. इस दौरान बोट राइडिंग का रोमांच भी काफी आकर्षित करता है. लेकिन छोटी-छोटी लापरवाहियां हादसों का कारण बन सकती है. कई बार बिना लाइफ जैकेट के नाव में बैठना, ओवरलोडिंग करना या खड़े होकर फोटो खिंचवाना खतरनाक साबित होता है. बोट राइडिंग करते समय हमेशा लाइफ जैकेट पहनें और नाविक के निर्देशों का पालन करें. तेज हवा या खराब मौसम में राइड से बचना चाहिए. नाव में इधर-उधर झुकने या हाथ पानी में डालने से भी संतुलन बिगड़ सकता है. बच्चों को अकेला न छोड़ें और मोबाइल के चक्कर में सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज न करें. सतर्कता बरतने से बोट राइडिंग का आनंद सुरक्षित और यादगार बन सकता है.
नाव चलाने वाले एक्सपर्ट गिरीश कुमार बताते है कि जब भी आप वोट रीडिंग करने जा रहे है तो उसे समय सबसे पहले आपको लाभ लाइफ जैकेट का प्रयोग जरूर करना है क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में यदि वोट संतुलन बिगाड़ देती है. तो ऐसे में लाइफ जैकेट आपको पानी में डूबने से बचाएगा और या वोटर आईडी के सुरक्षा उपकरणों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.

जब भी आप बोट राइडिंग करने जा रहे है तो बोट राइडिंग करने से पहले आपको मौसम की जानकारी जरूर कर लेना है. इससे यह फायदा होगा कि आप अधिक बारिश वाले मौसम में बोट राइडिंग करने से बच सकते है. खराब मौसम में पानी की लहरें तेज हो जाती है. जिससे बोट असंतुलित हो सकती है. इसलिए हमेशा मौसम विभाग की चेतावनी और स्थानीय लोगों की सलाह को ध्यान में रखे. अगर मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किनारे की ओर लौटना चाहिए.

बोट राइडिंग करने से पहले आपको बोर्ड की क्षमता का आकलन कर लेना है यानी कि यदि किसी बोट में आठ लोगों के बैठने की क्षमता है तो उसमें आठ लोग से अधिक ना हो वरना बोट का संतुलन बिगड़ सकता है और बोट पलट भी सकती है. इसके साथ ही बोट की क्षमता लोगों की संख्या के साथ-साथ उनके वजन पर भी निर्भर करती है क्योंकि कुछ लोगों का वजन अधिक होता है. ऐसे में जब भी आप बोट राइडिंग कर रहे हों तो आपको बोट की क्षमता का ध्यान जरूर रखना है.
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बोट राइडिंग करने के पहले और करते समय हमें वोट राइडर के सुरक्षा निर्देशों का पालन अवश्य करना चाहिए क्योंकि यदि हम सुरक्षा के दिशा-निर्देश का पालन करते हैं तो हमें बोट राइडिंग के दरमियान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है. ये निर्देश आपकी सुरक्षा के लिए होते हैं, जैसे कि बैठने का तरीका, संतुलन बनाए रखना और आपात स्थिति में क्या करना है. कई लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जो गलत है. सही जानकारी और सावधानी से आप दुर्घटनाओं से खुद को बचा सकते हैं.

जब भी आप बोट राइडिंग कर रहे हो तो ऐसे में आपको शराब और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए. क्योंकि बोट राइडिंग में लहरों का संतुलन बिगड़ता है. इससे नाव का हिलाव डुलाव काफी अधिक होता है. अगर आप शराब पिए रहेंगे या फिर किसी प्रकार का नशा किए रहेंगे तो आप असंतुलित होकर नाव से नीचे गिर सकते है जो कि आपकी जान के लिए खतरा भी है. ऐसे में आपको शराब और नशे से दूर रहकर ही बोट राइडिंग करना चाहिए.

बोट राइडिंग के दरमियान आपके बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि बच्चे उतने जागरूक नहीं होते और बोट के खिलाफ डोलो की वजह से उनका संतुलन बिगड़ सकता है. ऐसे में बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. बच्चों को हमेशा लाइफ जैकेट पहनाएं और उन्हें अकेला न छोड़ें. वे उत्साह में आकर खड़े हो जाते हैं और पानी में हाथ डाल सकते हैं. जिससे खतरा बढ़ जाता है.
अचानक न खड़े हों

बोट में मौजूद आपातकालीन साधनों जैसे लाइफ बॉय, फर्स्ट एड किट और अलार्म आदि की जानकारी होना जरूरी है. अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो तुरंत इनका उपयोग किया जा सकता है. बोट पर चढ़ते समय यह जरूर देखें कि ये सभी उपकरण मौजूद हैं और काम कर रहे हैं. साथ ही, यह भी जानें कि जरूरत पड़ने पर सहायता कैसे प्राप्त करनी है. थोड़ी सी तैयारी और जानकारी आपकी और दूसरों की जान बचा सकती है.

बोट में बैठे हुए अचानक खड़े होना या इधर-उधर ज्यादा हिलना-डुलना खतरनाक हो सकता है. इससे बोट का संतुलन बिगड़ सकता है और वह पलट भी सकती है. खासकर जब बोट छोटी हो.इसलिए हमेशा शांत बैठें और जरूरत होने पर धीरे-धीरे हिलें. बच्चों को भी समझाएं कि वे बोट में उछल-कूद न करें.
Hyderabad Infra News: KBR पार्क को बचाने के लिए बन रही 10 किमी लंबी सुरंग, ट्रायल रन हुआ पूरा
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oi-Smita Mugdha
Hyderabad Infra News: हैदराबाद के बंजारा हिल्स और जुबली हिल्स इलाके में प्रस्तावित 10 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल परियोजना को लेकर अप्रैल 2026 तक कई अहम प्रगति सामने आई हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम कम करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
यह टनल Jubilee Hills रोड नंबर 45 जंक्शन से Banjara Hills रोड नंबर 12 जंक्शन तक प्रस्तावित है। परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य केबीआर नेशनल पार्क (KBR National Park) के आसपास मौजूद लगभग 1,500 पेड़ों को कटने से बचाना है, जो पहले मल्टी-लेवल फ्लाईओवर योजना के कारण खतरे में थे। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास के संतुलन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Hyderabad Infra News: ट्रैफिक नियंत्रण के साथ पर्यावरण सुरक्षा
– परियोजना की व्यवहार्यता जांच (Feasibility Study) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) को दी गई है।
– टनल के निर्माण के लिए आधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे सतह पर ट्रैफिक और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।
Hyderabad Tunnel News: ट्रैफिक का ट्रायल रन सफल
ताजा घटनाक्रम के तहत 5 और 6 अप्रैल 2026 को KBR पार्क के आसपास एकतरफा ट्रैफिक का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया गया। यह ट्रायल H-CITI प्रोजेक्ट के तहत बन रहे स्टील फ्लाईओवर और अंडरपास के कारण किया गया था। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने संभावित जाम और बॉटलनेक्स की पहचान की, ताकि भविष्य की योजना को और बेहतर बनाया जा सके।
Hyderabad Infra Project: पिलर निर्माण का काम हो चुका शुरू
जुबली हिल्स चेक पोस्ट और बंजारा हिल्स रोड नंबर 2 जैसे प्रमुख इलाकों में पिलर निर्माण और खुदाई का काम पहले ही शुरू हो चुका है। इसके चलते नागरिकों के लिए वैकल्पिक मार्ग और ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है। करीब 10 किलोमीटर लंबी यह चार-लेन टनल KBR पार्क जंक्शन, NFCL जंक्शन (पंजागुट्टा) और जुबली हिल्स चेक पोस्ट जैसे अहम पॉइंट्स को जोड़ेगी। इसके पूरा होने के बाद जुबली हिल्स और बंजारा हिल्स के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी और ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम होगा।
यह परियोजना पूरी होने के बाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग से भी लंबी शहरी सड़क सुरंग बन सकती है, जो इसे देश की सबसे लंबी टनल का दर्जा दिला सकती है। यह प्रोजेक्ट हैदराबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी बेहतरीन उदाहरण बन सकता है।
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Amit Jogi: कौन है अमित जोगी, जिन्हें 23 साल पुराने जग्गी हत्याकांड में हुई उम्रकैद, हाईकोर्ट ने बदला फैसला
India
oi-Kumari Sunidhi Raj
Amit Jogi: छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में न्यायपालिका ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे और पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। इस फैसले में अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का कड़ा आदेश दिया है।

4 जून 2003 को हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की हत्या ने राज्य की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। दो दशकों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को जग्गी परिवार के लिए ‘न्याय की जीत’ और अमित जोगी के राजनीतिक भविष्य के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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Amit Jogi: कौन है अमित जोगी?
अमित जोगी छत्तीसगढ़ की राजनीति का एक प्रभावशाली और विवादास्पद नाम रहे हैं। उनकी पहचान मुख्य रूप से राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) के पुत्र के रूप में है। अमित जोगी खुद भी मारवाही विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में अपनी पार्टी ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)’ के माध्यम से राजनीति में सक्रिय हैं।
हालांकि, उनका करियर विवादों से अछूता नहीं रहा है, चाहे वह अंतागढ़ टेप कांड हो या नागरिकता और जाति से जुड़े विवाद, अमित जोगी हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। रामावतार जग्गी हत्याकांड उनके जीवन का सबसे गंभीर कानूनी मामला रहा है, जिसमें अब उन्हें दोषी पाया गया है।
Ramavatar Jaggi Murder Case: क्या था पूरा मामला?
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर सरेराह हत्या कर दी गई थी। उस वक्त राज्य में अजीत जोगी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में राजनीतिक उबाल ला दिया था। शुरुआत में मामले की जांच राज्य पुलिस ने की, लेकिन जांच में पक्षपात और राजनीतिक दबाव के आरोपों के चलते मामला सीबीआई (CBI) को सौंप दिया गया। सीबीआई ने अपनी जांच में इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया था।
निचली अदालत से हाईकोर्ट तक का सफर
साल 2007 में विशेष सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में 28 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, उस समय कोर्ट ने अमित जोगी को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। सीबीआई ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। मामला कई वर्षों तक लटका रहा और सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। आखिरकार, उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर हाईकोर्ट में फिर से सुनवाई शुरू हुई, जिसका परिणाम अब सजा के रूप में सामने आया है।
Ramavatar Murder Case फैसले पर प्रतिक्रियाएं
अमित जोगी: फैसले के बाद अमित जोगी ने इसे “अचानक लिया गया निर्णय” बताया। उनका कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया और वे जल्द ही इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
जग्गी परिवार: मृतक नेता के बेटे सतीश जग्गी ने भावुक होते हुए कहा, “हमें 21 साल तक इस पल का इंतजार था। आज मेरे पिता को सही मायने में न्याय मिला है।”
With AI Inputs
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