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LPG Crisis: ‘डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचें’, पेट्रोल-गैस सप्लाई पर नए नियम; जानें जरूरी सवालों के जवाब


क्या होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण देश में ईंधन का संकट गहराने वाला है? इस पर स्थिति साफ करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण सप्लाई चेन को सुव्यवस्थित रखने के लिए गैस बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। 

आइए, जरूरी सवालों के जवाब के जरिए आसान भाषा में समझते हैं इन बदलावों का आम आदमी पर क्या असर होगा?

सवाल: क्या देश में पेट्रोल-डीजल या रसोई गैस की किल्लत होने वाली है?

जवाब: नहीं, वर्तमान में देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में पेट्रोल-डीजल की खरीदारी या एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग न करें। भू-राजनीतिक हालात के कारण सप्लाई पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। आपूर्ति की स्थिरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 4 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को देशभर में 55 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए।

सवाल: गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से क्यों मना किया जा रहा है और बुकिंग के नए नियम क्या हैं?

जवाब: सरकार ने नागरिकों को स्पष्ट सलाह दी है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचें और गैस बुकिंग के लिए केवल डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें। वर्तमान में इंडस्ट्री के स्तर पर 94% एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। मांग को नियंत्रित करने के लिए, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 45 दिन तक कर दिया गया है। डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी को फरवरी 2026 के 53% से बढ़ाकर 86% कर दिया गया है।



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Indian Pharma: FY26 में फरवरी तक भारतीय फार्मा क्षेत्र ने 28 अरब डॉलर का निर्यात दर्ज किया, जानिए क्या आंकड़े


सरकार ने एक शीर्ष अधिकारी ने शनिवार को बताया कि इस वित्तीय वर्ष में फरवरी तक भारतीय दवाओं का निर्यात 28 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में पांच प्रतिशत ज्यादा है।

फार्मास्युटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) के महानिदेशक के राजा भानु के अनुसार, वर्तमान में लगभग 60 अरब अमेरिकी डॉलर के इस क्षेत्र के 2030 तक बढ़कर 130 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।

उन्होंने कहा, “वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, दवा निर्यात उन चुनिंदा क्षेत्रों में से एक रहा है जिसने अपनी विकास गति को बनाए रखा है। वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-फरवरी की अवधि के दौरान दवा निर्यात 28.29 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें वित्त वर्ष 2025 की इसी अवधि की तुलना में 5.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इस वृद्धि में फॉर्मूलेशन, बायोलॉजिकल, टीके और आयुष उत्पादों का अहम योगदान रहा।”

अधिकारी ने आगे कहा कि वैश्विक मूल्य दबाव और व्यापार अस्थिरता के बावजूद, वित्त वर्ष 2024-25 में निर्यात 30.47 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.4 प्रतिशत अधिक है।



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LPG: कमर्शियल एलपीजी के नए नियम, दिल्ली में कारोबारियों के लिए पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य


दिल्ली सरकार ने राजधानी में व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति के नियमों को सख्त कर दिया है। खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से 2 अप्रैल को एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया। इसके तहत, अब उन इलाकों में जहां पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, वहां व्यवसायों के लिए कमर्शियल एलपीजी प्राप्त करना तभी संभव होगा, जब उनके पास पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का कनेक्शन हो या उन्होंने इसके लिए आवेदन कर दिया गया हो। सरकार ने हाल ही में अधिसूचित कमर्शियल एलपीजी वितरण नीति से जुड़े एक प्रमुख नियम में यह संशोधन किया है। 

क्या हैं नए नियम और अनुपालन?

संशोधित नियमों के तहत, कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ता अब एलपीजी आपूर्ति प्राप्त करने के पात्र तभी माने जाएंगे, जब वे संबंधित तेल विपणन कंपनी (ओएमसी) के साथ पंजीकृत होंगे और नेटवर्क मौजूद होने की स्थिति में उन्होंने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया होगा। 

आदेश में उन क्षेत्रों के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं जहां पीएनजी इन्फ्रास्ट्रक्चर अभी तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक आवेदन जमा करना होगा, जिसमें पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध होने पर उस पर स्विच करने की मंशा साफ की गई हो।

ओएमसी और आईजीएल की भूमिका

इस नीति को धरातल पर उतारने के लिए तेल और गैस कंपनियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है:


  • दस्तावेजों का सत्यापन: कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को आपूर्ति करते समय ओएमसी (ओएमसी) को कम से कम एक बार यह सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेज एकत्र करने होंगे कि उपभोक्ता पंजीकृत है और उसने पीएनजी के लिए आवेदन या मंशा पत्र जमा कर दिया है।

  • आईजीएल के साथ डेटा साझाकरण: पीएनजी पर शिफ्ट होने की इच्छा जताने वाले उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड आगे की कार्रवाई के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) के साथ साझा किया जाएगा।

दोहरे उपयोग के लिए मिलेगी छूट

सरकार ने उन व्यवसायों को लचीलापन भी प्रदान किया है जिन्हें अपने संचालन के लिए पीएनजी के साथ-साथ एलपीजी की भी आवश्यकता होती है। 



ऐसे कारोबारी अपनी जरूरतों का स्पष्टीकरण देते हुए विभाग के अतिरिक्त आयुक्त को आवेदन कर सकते हैं। ओएमसी भी इस तरह के आवेदनों को एकत्र करके त्वरित निर्णय के लिए अतिरिक्त आयुक्त को सौंप सकती हैं। आदेश के अनुसार, “अतिरिक्त आयुक्त तीनों तेल विपणन कंपनियों के परामर्श से इन आवेदनों का जल्द निपटारा करेंगे”।

आगे का आउटलुक

यह नया आदेश 26 मार्च को अनुपूरक के साथ अधिसूचित की गई मूल नीति का हिस्सा है। इस नीति के बाकी नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार के इस कदम से साफ है कि दिल्ली सरकार वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में पारंपरिक सिलिंडरों के उपयोग को व्यवस्थित करते हुए पीएनजी के उपयोग को अनिवार्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।





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TMC का आरोप-भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी: हटाने की मांग की; इस सीट से भाजपा नेता और CM ममता में मुकाबला




पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कोलकाता की भवानीपुर सीट के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को हटाने की मांग की है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी बीजेपी नेता शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी है। TMC के मुताबिक, RO की शुवेंदु अधिकारी से नजदीकी से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं और वे नंदीग्राम से भी उम्मीदवार हैं। चुनाव से जुड़े अपडेट्स



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Fuel Crisis: ‘चीन की ओर नहीं मुड़ा ईरान से आ रहा कोई जहाज’, सरकार ने भुगतान से जुड़ी खबरों को बताया बेबुनियाद


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईरानी कच्चे तेल की खेप को लेकर फैल रही खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को सिरे से खारिज किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि भुगतान संबंधी दिक्कतों के कारण गुजरात के वडीनार से ईरान का कच्चा तेल चीन की ओर मोड़ा गया।

भारत की कच्चे तेल की आवश्यकता पूरी तरह सुरक्षित है

मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी कच्चे तेल की जरूरतों को सुरक्षित कर लिया है, जिसमें ईरान से आयात भी शामिल है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ईरानी कच्चे तेल के भुगतान को लेकर किसी तरह की कोई बाधा नहीं है, जैसा कि कुछ अफवाहों में दावा किया जा रहा है। सरकार ने दोहराया कि आने वाले महीनों के लिए भारत की कच्चे तेल की आवश्यकताएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सप्लाई को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है।

क्या था मामला?

दरअसल, तेल बाजार पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर ने दावा किया था कि ईरान से लगभग 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा एक जहाज अचानक अपना मार्ग बदलकर चीन की दिशा में बढ़ गया । यह जहाज, जिसका नाम ‘पिंग शुन’ है, गुरुवार रात तक अरब सागर में भारत के रास्ते पर था और इसके गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी।

 केप्लर में रिफाइनरी और ऑयल मार्केट मॉडलिंग के मैनेजर सुमित रितोलिया ने बताया था कि यह जहाज पिछले तीन दिनों से वाडिनार की ओर बढ़ रहा था, लेकिन मंजिल के करीब पहुंचने से ठीक पहले इसने अपनी दिशा बदल दी। उन्होंने कहा था कि जहाज ने अब अपने घोषित गंतव्य भारत से बदलकर चीन की ओर संकेत देना शुरू कर दिया है, जिससे इस अचानक बदलाव को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।



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Raghav Chadha के सपोर्ट में उतरीं दिशा पाटनी की बहन खुशबू! बोलीं- ‘हम आपके साथ जुड़ना चाहेंगे’


India

oi-Divyansh Rastogi

Khushboo Patani Supports Raghav Chadha: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों पूरे देश की चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया। इसके बाद राघव ने एक भावुक वीडियो जारी किया। उसमें उन्होंने पूछा कि क्या जनता की आवाज उठाना गलत है? और कहा कि मेरी चुप्पी को हार मत समझना… मैं अभी नदी की तरह शांत हूं, लेकिन जरूरत पड़ी तो बाढ़ की तरह उफान पर आ सकता हूं।

इस वीडियो पर देशभर से समर्थन मिल रहा है। अब बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी भी राघव चड्ढा के खुलकर सपोर्ट में आ गई हैं। साथ ही खुशबू ने कहा कि हम आपके साथ जुड़ना चाहेंगे। आइए जानते हैं और क्या-क्या कहा?

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खुशबू पाटनी का दिल छू लेने वाला कमेंट

खुशबू, जो भारतीय सेना में पूर्व मेजर रह चुकी हैं, राघव के वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा- ‘राघव जी, आप एक पढ़े-लिखे, सुलझे नेता हैं। हमारे देश को आप जैसे नेता की बहुत जरूरत है। मुझे यकीन है आने वाले वक्त में आप अपनी पार्टी बनाएंगे। हम सब आपके साथ जुड़ना चाहेंगे, क्योंकि आप देश के साथ चलना चाहते हैं। जय हिंद।’

यह कमेंट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खुशबू की इस खुली बात ने राघव चड्ढा के लाखों समर्थकों को नई ऊर्जा दे दी है।

Who Is Khushboo Patani: खुशबू पाटनी कौन हैं?

खुशबू पाटनी, बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बड़ी बहन हैं। जहां दिशा पाटनी फिल्मों और ग्लैमर वर्ल्ड में अपनी पहचान बना चुकी हैं, वहीं खुशबू ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना और सेना में जाकर देश सेवा की। दोनों बहनों के करियर अलग हैं, लेकिन अपनी-अपनी जगह दोनों ने मजबूत पहचान बनाई है। खुशबू पाटनी भारतीय सेना में मेजर के पद पर रह चुकी हैं। आर्मी में उनका अनुभव उन्हें एक मजबूत, अनुशासित और ग्राउंड-लेवल समझ रखने वाली शख्सियत बनाता है।

सेना में काम करने के दौरान उन्होंने देश सेवा के साथ-साथ नेतृत्व और जिम्मेदारी को करीब से समझा, जिसका असर उनके विचारों में साफ नजर आता है। हर बड़े मुद्दे पर रखती हैं खुलकर राय खुशबू पाटनी की एक खास बात यह है कि वह देश से जुड़े बड़े मुद्दों पर खुलकर बोलती हैं। चाहे बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, युवाओं की भूमिका की या समाज में बदलाव की। वह अपने विचार बिना झिझक सामने रखती हैं।

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राघव चड्ढा ने संसद में उठाए ये अहम मुद्दे

राघव चड्ढा हमेशा आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। कुछ यादगार उदाहरण:-

  • एयरपोर्ट पर महंगे खाने-पीने की चीजों का मुद्दा उठाया। सरकार ने तुरंत एक्शन लिया।
  • पितृत्व अवकाश (पैटरनिटी लीव) का मुद्दा उठाया। कहा कि बच्चे के जन्म के बाद मां-बाप दोनों की बराबर जिम्मेदारी होती है
  • मध्यम वर्ग पर टैक्स का बोझ, डेटा एक्सपायरी, हवाई अड्डों पर सामान शुल्क जैसे मुद्दे
  • इन मुद्दों पर उनकी पत्नी परिणीति चोपड़ा भी कई बार खुशी जताती दिखी हैं। परिणीति राघव के वीडियो पर प्यारे-प्यारे कमेंट्स करती रहती हैं।

अभी क्या होगा?

राघव चड्ढा फिलहाल राज्यसभा में कुछ दिन कम बोल पाएंगे, लेकिन उनका संदेश साफ है- ‘मैं जनता की आवाज बनकर रहूंगा।’ खुशबू पाटनी जैसे लोग अब खुलकर उनके साथ खड़े हो रहे हैं। देश के युवा और आम नागरिक राघव के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

खुशबू का यह कमेंट सिर्फ एक समर्थन नहीं, बल्कि देश के उन लाखों लोगों की आवाज है जो राघव चड्ढा में एक सच्चे, पढ़े-लिखे और निडर नेता को देखते हैं।



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पंजाब सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता योजना लागू की


India

-Oneindia Staff

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना के क्रियान्वयन की घोषणा की है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत अधिकांश महिलाओं को ₹1,000 और अनुसूचित जातियों की महिलाओं को ₹1,500 दिए जाएंगे। यह पहल 2022 के पंजाब चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा किए गए एक प्रमुख वादे के अनुरूप है।

 पंजाब ने महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता शुरू की

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18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं, जो पंजाब में पंजीकृत मतदाता हैं और जिनके पास वैध आधार और मतदाता पहचान पत्र हैं, इस योजना के लिए योग्य हैं। हालांकि, कुछ श्रेणियों को बाहर रखा गया है, जिनमें सरकारी निकायों के नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारी, पिछले वित्तीय वर्ष के आयकरदाता, और सेवारत मंत्रियों, सांसदों या विधायकों के जीवनसाथी शामिल हैं।

वित्तीय सहायता का वितरण

वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। उच्च-स्तरीय कार्यान्वयन समिति इन भुगतानों के कार्यक्रम और आवृत्ति का निर्धारण करेगी। वितरण पद्धति में कोई भी बदलाव मुख्यमंत्री की मंजूरी आवश्यक होगी।

कार्यान्वयन और पंजीकरण

सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग योजना के कार्यान्वयन की देखरेख करेगा। निर्दिष्ट केंद्रों पर पंजीकरण निःशुल्क है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि लाभार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। योजना का उद्देश्य पूरे पंजाब में महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और स्वतंत्रता को बढ़ाना है।

With inputs from PTI



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बिहार में जहरीली शराब त्रासदी में पांच लोगों की मौत; विपक्ष द्वारा एनडीए सरकार की आलोचना के बीच बारह लोगों को गिरफ्तार किया गया।


India

-Oneindia Staff

अधिकारियों के अनुसार, बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में कथित तौर पर अवैध शराब पीने से शुक्रवार को चार लोगों की मौत हो गई, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा पांच हो गया। पहली मौत गुरुवार को हुई थी। पूर्वी चंपारण के जिला मजिस्ट्रेट सौरभ जोरवाल ने बताया कि अधिकारियों ने मोतीहारी के तुरकौलिया और रघुनाथपुर इलाकों में मौतों से जुड़े 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।

 बिहार जहरीली शराब त्रासदी: पांच की मौत, बारह गिरफ्तार

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पुलिस ने पुष्टि की कि मृतकों के परिवारों की शिकायतों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में, पांच व्यक्ति अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि सात को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। जोरवाल ने कहा, “मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मौत का सही कारण पता चल जाएगा।” तुरकौलिया पुलिस स्टेशन के एसएचओ को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने घोषणा की कि घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि पहले पीड़ित ने रघुनाथपुर में अवैध शराब का सेवन किया था। शराब आपूर्तिकर्ता की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जिला पुलिस और एंटी-लिकर टास्क फोर्स (ALTf) की एक टीम पारसौन, मश्हरी टोला और तुरकौलिया में तलाशी अभियान चला रही है। प्रभात ने गुरुवार को बताया कि घटना की उच्च-स्तरीय जांच का भी आदेश दिया गया है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इन मौतों ने बिहार में राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जहां 2016 से शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने निषेध कानून और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने में एनडीए सरकार की विफलता की आलोचना की। एक्स पर एक पोस्ट में, उन्होंने बताया कि अप्रैल 2016 से मिलावटी शराब पीने से 1,300 से अधिक लोग मर चुके हैं।

यादव ने आरोप लगाया कि निषेध कानून सत्ताधारी भाजपा-जदयू गठबंधन के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनकी सुरक्षा में काम करने वाले शराब माफिया के लिए एक लाभदायक उद्यम बन गया है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की मिलीभगत से खुलेआम मिलावटी शराब का उत्पादन और बिक्री हो रही है।

सरकार की आलोचना

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राज्य की निषेध कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में असमर्थता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पटना में संवाददाताओं से कहा, “राज्य सरकार द्वारा अप्रैल 2016 में लागू किया गया निषेध कानून अच्छा है… लेकिन मुझे कहना होगा कि राज्य तंत्र इसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहा है।”

जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने शुक्रवार को तुरकौलिया गांव का दौरा कर मृतकों के परिवारों और भर्ती लोगों से मुलाकात की। उन्होंने निषेध कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने में राज्य सरकार की विफलता की आलोचना की।

ऐतिहासिक संदर्भ

हाल की यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है; अकेले 2023 में, मोतिहारी में मिलावटी शराब पीने से 44 लोगों की मौत हो गई थी। यह जारी मुद्दा बिहार में शराब निषेध कानूनों को लागू करने में महत्वपूर्ण चुनौतियों को उजागर करता है।

With inputs from PTI



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Kal Ka Match Kon Jeeta 3 April: CSK vs PBKS, कल का मैच कौन जीता?


Cricket

oi-Amit Kumar

Kal Ka Match Kon Jeeta 3 April: पंजाब किंग्स ने चेन्नई के घर में घुसकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 210 रनों के भारी-भरकम लक्ष्य को पंजाब ने 5 विकेट खोकर 8 गेंद पहले ही हासिल कर लिया। कप्तान श्रेयस अय्यर (50 रन), प्रभसिमरन (43) और प्रियांश आर्या (39) की पारियों के दम पर पंजाब ने यह करिश्मा किया। चेन्नई के लिए यह हार इसलिए भी चुभने वाली है क्योंकि वे अपने घरेलू मैदान पर लगातार छठा मैच हारे हैं, जबकि पंजाब यहाँ दो बार 200 से ज्यादा रन चेज़ करने वाली पहली टीम बन गई है।

खराब शुरुआत के बाद जोरदार वापसी (Kal Ka Match Kon Jeeta 3 April)

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की शुरुआत किसी डरावने सपने जैसी थी। स्टार खिलाड़ी संजू सैमसन (7 रन) को जेवियर बार्टलेट ने पावरप्ले में ही चलता कर दिया। इसके बाद मैदान पर म्हात्रे का तूफान आया। आयुष म्हात्रे ने महज 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 43 गेंदों में 73 रनों की बेमिसाल पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 6 चौके शामिल थे।

Kal Ka Match 1

इस पारी के साथ ही म्हात्रे ने सुरेश रैना का सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए चेपॉक पर सबसे कम उम्र में अर्धशतक जड़ने का कीर्तिमान अपने नाम किया। अंत में सरफराज खान ने 32 रनों का उपयोगी योगदान दिया, जिससे चेन्नई 20 ओवर में 209/5 तक पहुंचने में सफल रही। पंजाब के लिए विजयकुमार विशक ने 2 विकेट लिए।

प्रियांश ने सिर्फ 11 गेंदों का सामना किया और 3 चौके व 4 छक्के जड़कर 39 रन बना डाले। मैट हेनरी ने उन्हें आउट कर चेन्नई को पहली बड़ी राहत दी। आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे प्रभसिमरन सिंह (43 रन) शानदार लय में थे, लेकिन एक गलत तालमेल ने उन्हें रनआउट कर पवेलियन भेज दिया।

चेन्नई सुपर किंग्स: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), आयुष म्हात्रे, सरफराज खान, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा, प्रशांत वीर, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, मैट हेनरी, खलील अहमद

इम्पैक्ट खिलाड़ी: जेमी ओवरटन, राहुल चाहर, मैथ्यू शॉर्ट, रामकृष्ण घोष, गुरजापनीत सिंह।

पंजाब किंग्स: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, नेहल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसेन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार विशाक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल।

इम्पैक्ट खिलाड़ी: सूर्यांश शेडगे, प्रियांश आर्य, विष्णु विनोद, प्रवीण दुबे, हेमंत बराड़।



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MP News: वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य के महानाट्य से गूंजा माहौल, दर्शकों ने देखा सुशासन और वीरता का अद्भुत दृश्य


वाराणसी में तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकाव्य में विक्रमादित्य के जीवन को प्रदर्शित किया गया, जिसमें प्राचीन भारतीय परंपराओं और सुशासन पर प्रकाश डाला गया। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी और साझा दृष्टिकोण के तहत ऐतिहासिक संबंधों और राष्ट्रीय विरासत का सम्मान करते हुए सांस्कृतिक एकता पर जोर दिया गया।

India

-Oneindia Staff

धर्म नगरी वाराणसी में 3 अप्रैल को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव का अद्भुत संगम देखने को मिला। सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित भव्य महानाट्य के मंचन ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस आयोजन में प्राचीन भारतीय परंपरा, संस्कृति और सुशासन की झलक ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Vikramaditya Epic in Varanasi Brings MP and UP

तीन दिवसीय इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग बीएलडब्ल्यू मैदान में पहुंचे। मंच पर प्रस्तुत दृश्यों में घोड़े-हाथियों के साथ ऐतिहासिक प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया गया, जिसे देखकर दर्शकों ने न केवल सराहा बल्कि उसे महसूस भी किया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का जीवन भारत की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को इतिहास, आदर्शों और सुशासन की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में देश में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी मौजूद रहे। उन्होंने इस आयोजन को नई पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का अभियान है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मध्यप्रदेश सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने काशी और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नगर भारतीय परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

महानाट्य के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य की वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन ने दर्शकों को भारतीय इतिहास के स्वर्णिम काल से जोड़ने का कार्य किया।

वैदिक घड़ी भेंट

इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी प्राचीन वैदिक समय गणना प्रणाली और आधुनिक विज्ञान का समन्वय है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को भी नई दिशा देने वाला साबित हुआ।

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