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केरल में गरजीं प्रियंका गांधी, PM Modi और LDF पर लगाए गंभीर आरोप, विजयन को बताया ‘मोदी की बी-टीम’


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Kerala elections: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को केरल के चिरयिन्कीझू में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केरल के लोगों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि केरल स्वतंत्र अभिव्यक्ति, शिक्षा, समानता और करुणा की परंपराओं का प्रतीक है, जो “भारत की सच्ची भावना” को प्रतीक है।

‘केरल की भावना ही भारत की सच्‍ची भावना है’

गांधी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “यह नारायण गुरुजी जैसे क्रांतिकारी विचारकों की भूमि है। वे महात्मा गांधी जी की महान प्रेरणाओं में से एक थे और कई मायनों में, आप आज भी उन परंपराओं को जीते हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि केरल स्वतंत्र अभिव्यक्ति, शिक्षा, समानता और करुणा की परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि केरल की भावना ही भारत की सच्ची भावना है।” उन्होंने कहा कि आज भी केरल के लोग इन मूल्यों को जीते हैं, जो पूरे भारत के लिए उदाहरण हैं।

Kerala elections

पीएम मोदी की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल

पश्चिम एशिया के मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री Narendra Modi की अनुपस्थिति को लेकर प्रियंका गांधी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण चर्चा थी, लेकिन प्रधानमंत्री का उसमें शामिल न होना दर्शाता है कि वे इसे गंभीरता से नहीं लेते।

केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता किया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के फैसलों का असर आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री पर कड़ा हमला बोला और उनके नेतृत्व पर सवाल उठाए।

केरल सरकार पर भी निशाना

कांग्रेस नेता ने केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज कर रही है और भाजपा के साथ मिलीभगत कर रही है।

रोजगार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जताई चिंता

प्रियंका गांधी ने राज्य में रोजगार की कमी, खासकर नर्सों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कम वेतन और अवसरों की कमी के कारण लोगों को राज्य छोड़ना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था में कर्मचारियों की कमी और गिरती स्थिति का भी मुद्दा उठाया।

किसानों और मजदूरों की समस्याएं की उजागर

उन्होंने कहा कि चाय, कॉफी, केला और डेयरी जैसे क्षेत्र महंगाई और सरकारी समर्थन की कमी के कारण संकट में हैं। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लंबे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया।

चिरयिन्कीझू क्‍यों है अहम? जहां रैली करने पहुंची प्रियंका गांधी

चिरयिन्कीझू विधानसभा क्षेत्र, जो केरल के 140 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है और अटिंगल संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है, पिछले तीन विधानसभा चुनावों से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के कब्जे में है। आगामी चुनावों में यहां से यू.डी.एफ. उम्मीदवार रम्या हरिदास हैं, जो 2019 से 2024 तक पलक्कड़ के अलथूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद थीं। हरिदास का मुकाबला सीपीआई के मनोज बी. एडामन्ना और भाजपा के बी.एस. अनूप से होगा। गौरतलब है कि अनूप ने 2021 के विधानसभा चुनाव में चिरयिन्कीझू सीट से यू.डी.एफ. के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

UDF का घोषणापत्र ने किए हैं ये वादे

इस बीच कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 2026 केरल चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। विपक्ष के नेता V. D. Satheesan की मौजूदगी में जारी इस घोषणापत्र में कई बड़े वादे किए गए हैं:

  • महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
  • कल्याण पेंशन को ₹3000 तक बढ़ाना
  • छात्राओं को ₹1000 मासिक सहायता
  • ₹25 लाख तक की बीमा योजना
  • रोजगार और किसानों पर फोकस
  • घोषणापत्र में पांच साल में 5 लाख नौकरियां देने का वादा किया गया है।
  • किसानों के लिए रबर और धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की भी बात कही गई है।
  • गरीब परिवारों के लिए NYAY योजना के तहत ₹6000 मासिक सहायता का प्रस्ताव भी शामिल है।

कब है केरल में चुनाव?

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल 2026 को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है



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विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस- दिल्ली का सफदरजंग मकबरा जगमगाया: दुनिया में चल रहे ‘ लाइट इट अप ब्लू’ के तहत आयोजन, भारत में 2 करोड़ पीड़ित


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नई दिल्ली26 मिनट पहले

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विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के मौके पर दिल्ली के सफदरजंग का मकबरे को बुधवार शाम नीली रोशनी से सजाया गया। यह पहल गुरुग्राम स्थित ऑटिज्म सेंटर फॉर एक्सीलेंस (ACE) की ओर से की गई।

ये आयोजन दुनिया भर में चल रहे लाइट इट अप ब्लू (LightItUpBlue) अभियान के तहत किया गया, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख स्मारकों को नीले रंग में रोशन किया जाता है। इसका उद्देश्य ऑटिज्म से जुड़े लोगों के प्रति जागरूकता और स्वीकृति बढ़ाना है।

इस पहल में सब्यता फाउंडेशन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भी सहयोग किया।

‘हर जीवन का महत्व’ थीम पर आयोजन

हर साल 2 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस दिन की थीम इस बार ‘ऑटिज्म और मानवता-हर जीवन का मूल्य’ रखी गई थी। नीली रोशनी, जो ऑटिज्म जागरूकता का वैश्विक प्रतीक मानी जाती है, शांति, स्वीकृति और समझ का संदेश देती है।

स्मारक की नीली रोशनी ने समाज को यह संदेश दिया कि ऑटिज्म से जुड़े लोगों को समझना, स्वीकार करना और उन्हें समान अवसर देना जरूरी है।

11 साल से काम कर रहा है ACE

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ACE पिछले 11 साल से ऑटिज्म से जुड़े बच्चों और युवाओं के लिए काम कर रहा है। यह संस्था व्यक्तिगत और वैज्ञानिक तरीकों से शिक्षा और जीवन कौशल विकसित करने में मदद करती है।

आयोजन पर संस्था की संस्थापक डॉ. अर्चना नायर ने कहा कि हर व्यक्ति में समाज का हिस्सा बनने की क्षमता होती है और ऑटिज्म से जुड़े लोग जीवन में खुशी और संतुलन लाते हैं।

इस आयोजन में शिक्षकों, परिवारों, समर्थकों और समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। इस तरह की पहल के जरिए समाज में जागरूकता बढ़ाने और ऑटिज्म से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जा रही है।

क्या है ऑटिज्म?

ऑटिज्म एक दिमागी स्थिति है जो बचपन से विकसित होती है और पूरी उम्र रहती है। इसमें व्यक्ति को दूसरों से बातचीत करने, अपनी बात समझाने और सामाजिक रिश्ते बनाने में कठिनाई होती है। ऑटिज्म से प्रभावित व्यक्ति अक्सर एक ही काम या व्यवहार को बार-बार दोहराते हैं।

भारत में लगभग 1.8 से 2 करोड़ लोग ऑटिज्म से प्रभावित हैं। दुनिया भर में हर 100 में से 1 बच्चा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम पर है।

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जरूरत की खबर- गैस स्टोव से घर की हवा प्रदूषित:जानें नुकसान, हवा साफ रखने के लिए करें ये 8 काम, बरतें 7 सावधानियां

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भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) उपभोक्ता देश है। भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में 33 करोड़ घरेलू एलपीजी कंज्यूमर्स हैं। यानी कुल आबादी का बड़ा हिस्सा खाना पकाने के लिए इस पर निर्भर है। पूरी खबर पढें…



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Sameer Rizvi IPL 2026 salary: DC को जीत दिलाने वाले समीर रिजवी की सैलरी कितनी? कभी CSK ने दिए थे 8.4 करोड़


Cricket

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Sameer Rizvi IPL 2026 salary: आईपीएल 2026 (IPL 2026) के पांचवें मुकाबले में बुधवार को समीर रिजवी ने दिल्ली कैपिटल्स को एक धमाकेदार जीत दिलाई। उत्तर प्रदेश के इस 22 वर्षीय युवा बल्लेबाज ने इकाना स्टेडियम की मुश्किल पिच पर उस वक्त दिल्ली कैपिटल्स (DC) की कमान संभाली। जब टीम 142 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 26 रन पर 4 विकेट खोकर हार की कगार पर खड़ी थी।

रिजवी ने अर्धशतकीय पारी खेल टीम को दिलाई जीत (Sameer Rizvi IPL 2026 salary)

मैच के चौथे ओवर में जब समीर रिजवी इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर आए। तब दिल्ली का स्कोर 21/2 था। अगले 6 गेंदों के भीतर स्कोर 26/4 हो गया। बड़े-बड़े धुरंधर पवेलियन लौट चुके थे, लेकिन रिज़वी ने दबाव को सोखा और अपनी तकनीक का लोहा मनवाया। रिजवी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।

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चेन्नई ने दिए थे 8 करोड़ से अधिक पैसे

उन्होंने पांचवें विकेट के लिए 119 रनों की अटूट साझेदारी कर दिल्ली को 17 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। खास बात यह है कि कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने उन्हें अपनी प्लेइंग-11 या इम्पैक्ट प्लेयर की लिस्ट में जगह तक नहीं दी थी। समीर रिज़वी के लिए आईपीएल का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है। चेन्नई सुपर किंग्स ने साल 2024 में उन पर 8.4 करोड़ की भारी-भरकम राशि खर्च की थी, लेकिन उन्हें केवल 5 पारियों में 43 गेंदें खेलने का मौका मिला।

दिल्ली से मिलती है इतनी सैलरी

चेन्नई द्वारा रिलीज किए जाने के बाद साल 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख में खरीदा। साल 2026 के लिए भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें इसी कीमत पर रिटेन किया। यानी जिस खिलाड़ी को कभी करोड़ों मिले थे, वह अब एक लाख से भी कम की आईपीएल सैलरी (बेस प्राइस के अनुपात में) पर दिल्ली के लिए एक्स-फैक्टर साबित हो रहा है।

पिछले दो सीजन में रिज़वी ने कुल मिलाकर जितनी गेंदें (43 और 79) खेली थीं, इस बार उन्होंने पहले ही मैच में 47 गेंदें खेलकर अपनी अहमियत साबित कर दी है। 2025 में उन्होंने 4 पारियों में 153.16 के स्ट्राइक रेट से 121 रन बनाए थे, लेकिन इस बार वे नंबर-4 पर टीम की रीढ़ बनते दिख रहे हैं।



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Bengal Election 2026: ‘मुझसे छीन ली गई सत्ता’ मालदा कांड पर ममता बनर्जी का पलटवार, EC पर लगाया बड़ा आरोप


India

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Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। मालदा जिले में 7 न्यायिक अधिकारियों (जजों) को, और तीन महिलाओं को उग्र भीड़ ने करीब 9 घंटे तक बंधक बनाए रखा।

इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए बंगाल सरकार को जमकर फटकार लगाई है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुरुवार 2 अप्रैल को बयान दिया जो अब चर्चा के केंद्र में आ गया है।

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वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका ठीकरा चुनाव आयोग (EC) के सिर फोड़ते हुए इसे ‘सुपर राष्ट्रपति शासन’ करार दिया है।

Mamata Banerjee का पलटवार, कहा- ‘मुझे जानकारी ही नहीं दी गई’

एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें इस गंभीर घटना की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, मालदा में जो हुआ, उसके बारे में मुझे नहीं पता था। किसी ने मुझे सूचना तक नहीं दी। रात में लोगों ने जज के घर का घेराव कर लिया।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य का प्रशासन अब उनके नियंत्रण में नहीं है और चुनाव आयोग (EC) पूरी व्यवस्था संभाल रहा है। उन्होंने कहा, मेरे सभी अधिकार चुनाव आयोग को दे दिए गए हैं। यह ‘सुपर प्रेसिडेंट्स रूल’ जैसा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों के बाद हालात बिगड़े हैं। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “वे गृह मंत्री अमित शाह की सुनते हैं, राज्य सरकार की नहीं।”

Malda Judicial Officers Hostage Case: क्या है पूरा मामला? क्यों भड़की भीड़?

बंगाल में इस महीने दो चरणों में होने वाले चुनाव से पहले चुनाव आयोग के आदेश पर ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का काम चल रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर उनके समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं।

बुधवार, 1 अप्रैल को मालदा में तब स्थिति बेकाबू हो गई जब बड़ी संख्या में लोगों ने पाया कि उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं। वोटर लिस्ट में सुधार और आपत्तियों के निस्तारण का काम कर रहे 7 न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया और उन्हें बंधक बना लिया।

यह बंधक संकट रात 1 बजे तक चला, जब पुलिस और अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी ने हस्तक्षेप कर अधिकारियों को सुरक्षित निकाला। इस दौरान भीड़ ने जजों की गाड़ियों पर पथराव भी किया, जिसमें एक कार के शीशे चकनाचूर हो गए।

चुनाव से पहले उठा सियासी उबाल और SIR का विवाद

23 अप्रैल से शुरू होने वाले मतदान से पहले न्यायिक अधिकारी समय के खिलाफ दौड़ रहे हैं ताकि वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को सुधारा जा सके। लेकिन मालदा की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने इस घटना को ‘जंगलराज’ का सबूत बताया है, जबकि टीएमसी का दावा है कि चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के कारण कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।



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NCP संभालने के बाद सुनेत्रा पवार का बड़ा एक्शन, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, भुजबल समेत दिग्गज नेता यहां से आउट


Maharashtra

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NCP internal conflict: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार पार्टी की कमान संभलने के बाद बड़ा एक्‍शन लिया है। एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को एक पत्र भेजा है। जिसमें NCP के अहम पद संभाल रहे वरिष्ठ नेताओं दिग्गज का नाम शामिल नहीं किया है।

दरअसल, अजित पवार के निधन के बाद सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनीं सुनेत्रा पवार ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को 14 पदाधिकारियों की सूची भेजी, लेकिन इसमें प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल जैसे दिग्गजों का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं था। इससे पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस और मतभेद सामने आए हैं।

Sunetra Pawar

अजित पवार के बाद बदला समीकरण

2023 के विभाजन के बाद अजित पवार पार्टी प्रमुख बने थे, लेकिन 28 जनवरी को एक विमान हादसे में उनके निधन के बाद नेतृत्व का संतुलन पूरी तरह बदल गया। 26 फरवरी को सुनेत्रा पवार को कमान सौंपी गई, मगर उनके नेतृत्व को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।

ECI को पत्र बना विवाद की जड़

सुनेत्रा पवार ने अपने पत्र में यह भी निर्देश दिया कि 28 जनवरी से 26 फरवरी के बीच पार्टी की ओर से भेजे गए किसी भी संचार को मान्य न माना जाए। इस कदम को पार्टी के अंदरूनी सत्ता संघर्ष और नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

‘कमज़ोर नेतृत्व’ की धारणा

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कई अहम फैसले अब भी प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं के हाथ में हैं। वहीं, सुनेत्रा पवार की सीमित सार्वजनिक सक्रियता-न प्रेस कॉन्फ्रेंस, न बयान-उनकी ‘लो-प्रोफाइल’ छवि को और मजबूत कर रही है।

NDA नेताओं से मुलाकात के संकेत

दिल्ली पहुंचीं सुनेत्रा पवार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) नेताओं से संभावित मुलाकात ने सियासी हलचल तेज कर दी है। इसे भविष्य की रणनीति और गठबंधन राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

विलय पर बदला तटकरे का रुख

इस बीच, सुनील तटकरे ने बड़ा खुलासा करते हुए माना कि अजित पवार के जीवित रहते NCP के दोनों गुटों के बीच विलय पर बातचीत चल रही थी। उनके इस बयान ने पहले के इनकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सियासी चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है।

शरद पवार गुट पर हमला

तटकरे ने शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अजित पवार के निधन के बाद जल्दबाजी में विलय की बात उठाई गई और सुनेत्रा पवार को समर्थन नहीं दिया गया।

शिंदे की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विलय की चर्चा पहले से चल रही थी और अब तटकरे को पूरी सच्चाई सामने रखनी चाहिए।

अंदरूनी कलह या शक्ति प्रदर्शन?

ECI को भेजा गया पत्र सुनेत्रा पवार के लिए ‘बोल्ड स्टेप’ माना जा रहा है, लेकिन यह भी साफ है कि NCP के भीतर सत्ता का संघर्ष अभी खत्मनहीं हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी एकजुट होती है या दरारें और गहरी होती हैं।



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दिल्ली हाईकोर्ट में ANI-OpenAI केस का फैसला सुरक्षित: न्यूज एजेंसी ने खबरों के इस्तेमाल का आरोप लगाया, OpenAI बोला- ChatGPT पूरा आर्टिकल कॉपी नहीं करता


नई दिल्ली13 मिनट पहले

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दिल्ली हाईकोर्ट ने ANI और OpenAI से जुड़े मामले में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। ANI ने OpenAI पर चैटजीपीटी (ChatGPT) को ट्रेन करने के लिए उसकी खबरों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।

ANI का आरोप है कि OpenAI ने वेब टूल्स के माध्यम से उसका कंटेंट इकट्ठा किया और बिना परमिशन-भुगतान उसकी खबरों का इस्तेमाल कर ChatGPT को ट्रेन किया। ANI के मुताबिक यह फेयर डीलिंग के नियमों में नहीं आता, क्योंकि इसका उपयोग कमाई और व्यवसाय के लिए किया जा रहा है।

वहीं OpenAI ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि सिस्टम सिर्फ इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी से पैटर्न सीखता है। मॉडल पूरा आर्टिकल कॉपी नहीं करता। OpenAI ने कहा कि आगे की ट्रेनिंग के लिए ANI की वेबसाइट ब्लॉक कर दी गई है।

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AI ट्रेनिंग और कॉपीराइट कानून से जुड़ा पहला बड़ा मामला

इस मामले का सबसे बड़ा मुद्दा भारतीय कानून में फेयर डीलिंग की सही व्याख्या है। भारत में AI ट्रेनिंग और कॉपीराइट कानून से जुड़ा यह पहला बड़ा मामला माना जा रहा है। यह मामला 19 नवंबर 2024 को कोर्ट में आया था। तब से लेकर 27 मार्च तक इस पर कुल 32 बार सुनवाई हो चुकी है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस अमित बंसल ने AI और कॉपीराइट से जुड़े कई जरूरी कानूनी सवालों पर विचार किया। इस मामले में कई मीडिया संस्थानों और दूसरे संगठनों ने भी अपनी बात रखी।

कुछ मीडिया समूहों ने ANI का समर्थन करते हुए कॉपीराइट की सुरक्षा की मांग की, जबकि कुछ पक्षों ने OpenAI का समर्थन किया और कहा कि मौजूदा कानून AI ट्रेनिंग की अनुमति देता है।

कोर्ट रूम में ANI और OpenAI की दलीलें…

  • ANI- कॉपीराइट का उल्लंघन उसी समय शुरू हो जाता है, जब ट्रेनिंग के लिए डेटा इकट्ठा किया जाता है। ChatGPT के कुछ जवाबों में पेड कंटेंट जैसी सामग्री दिखाई दी है।
  • OpenAI- AI मॉडल पूरे आर्टिकल्स को सेव नहीं करते। वे सिर्फ भाषा और डेटा के पैटर्न को सीखते हैं। अस्थायी रूप से डेटा का उपयोग करना कॉपी करना नहीं माना जाना चाहिए।
  • ANI- AI कंपनियों को इसका फायदा नहीं मिलना चाहिए।
  • OpenAI- AI ट्रेनिंग एक रिसर्च गतिविधि की तरह है और इसे अनुमति मिलनी चाहिए।

इस मामले में अब कोर्ट तय करेगी कि AI मॉडल की ट्रेनिंग में कंटेंट का इस्तेमाल कॉपीराइट कानून के तहत कॉपी माना जाएगा या नहीं। यह फैसला भारत में AI और कॉपीराइट नियमों की दिशा तय करने में अहम होगा।

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चैटजीपीटी की मदद से घर ₹9.5 करोड़ में बिका:₹95 लाख ज्यादा कीमत मिली, बिना एजेंट 5 दिन में डील हुई

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अमेरिका के फ्लोरिडा में एक शख्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके अपना घर करीब 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपए) में बेच दिया है। मियामी में रहने वाले रॉबर्ट लेविन ने घर बेचने के लिए किसी रियल एस्टेट एजेंट की मदद नहीं ली, बल्कि चैटजीपीटी को अपना गाइड बनाया। पूरी खबर पढ़ें…

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Ashok Kumar Mittal Caste: मिठाई वाले का बेटा कैसे बना AAP का नया डिप्टी लीडर? क्या है जाति? पत्नी-बच्चे कौन?


Punjab

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Ashok Kumar Mittal Caste: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। पार्टी ने राघव चड्ढा को उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया और उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक कुमार मित्तल (Ashok Kumar Mittal) को नया उपनेता बना दिया। 2 अप्रैल 2026 को AAP ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र लिखकर यह बदलाव सूचित किया। साथ ही अनुरोध किया गया कि चड्ढा को अब AAP कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।

यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर अशोक मित्तल कौन हैं, जिन्हें पार्टी ने इतनी अहम जिम्मेदारी सौंपी? उनकी जाति क्या है? और राघव चड्ढा की जगह उन्हें क्यों चुना गया?

Ashok Kumar Mittal Caste

Who Is Ashok Kumar Mittal: LPU के चांसलर से राजनेता तक, अशोक कुमार मित्तल का सफर

अशोक कुमार मित्तल (उम्र 61 वर्ष) पंजाब के जालंधर में 10 सितंबर 1964 को जन्मे। वे मूल रूप से एक शिक्षाविद् और व्यवसायी हैं। उन्होंने Lovely Professional University (LPU) की स्थापना की, जो आज पंजाब का सबसे बड़ा निजी विश्वविद्यालय और भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है।

परिवार की कहानी छोटी मिठाई की दुकान से शुरू हुई। उनके पिता बलदेव राज मित्तल ने 1961 में जालंधर में एक साधारण मिठाई की दुकान खोली। बाद में परिवार ने व्यवसाय को बढ़ाया और शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा। अशोक मित्तल ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से कानून (LLB) की पढ़ाई की। 1980 के दशक में उन्होंने परिवार के बिजनेस को संभाला और LPU को एक विशाल कैंपस वाला विश्वविद्यालय बना दिया।

Ashok Kumar Mittal Political Entry: राजनीति में एंट्री?

अशोक मित्तल ने सक्रिय राजनीति में 2022 में कदम रखा। AAP ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा। अप्रैल 2022 में वे बिना विरोध के चुने गए। तब से वे संसद की महत्वपूर्ण समितियों – रक्षा समिति, वित्त समिति और अन्य – का हिस्सा रहे। उन्होंने विदेश नीति, शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता दिखाई।

Ashok Kumar Mittal Family Tree: कौन-कौन है परिवार में?

  • पत्नी: रश्मी मित्तल – LPU की प्रो-चांसलर। वे भी शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय हैं।
  • बच्चे: एक बेटा प्रथम मित्तल और एक बेटी श्रष्टि मित्तल)
  • निवास: मुख्य रूप से फगवाड़ा (पंजाब)। LPU का विशाल कैंपस यहीं स्थित है।

Ashok Kumar Mittal Caste: अशोक कुमार मित्तल की जाति क्या है?

सार्वजनिक प्रोफाइल, चुनावी हलफनामे और मीडिया रिपोर्ट्स में अशोक कुमार मित्तल की जाति का कोई स्पष्ट आधिकारिक उल्लेख नहीं है। लेकिन, ‘मित्तल’ उपनाम पंजाब के व्यवसायी परिवारों में आम है, जिसे अक्सर वैश्य/बनिया (खासकर अग्रवाल समुदाय) से जोड़ा जाता है।

AAP ने राघव चड्ढा की जगह उन्हें क्यों दी?

पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई। लेकिन अशोक मित्तल ने खुद इस बदलाव पर प्रतिक्रिया दी कि नेतृत्व पदों में ऐसे बदलाव एक निरंतर प्रक्रिया है। पहले एनडी गुप्ता जी उपनेता थे, फिर राघव जी ने पद संभाला और अब मुझे यह जिम्मेदारी दी गई है। कल किसी और को यह अवसर मिल सकता है। पार्टी चाहती है कि हर सांसद और नेता अलग-अलग भूमिकाओं में सीखे और अनुभव हासिल करे। उन्होंने राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि ‘ये सिर्फ अफवाहें हैं।’

AAP के अंदर यह बदलाव पंजाब के नेताओं को ज्यादा महत्व देने और नए चेहरों को मौका देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अशोक मित्तल शिक्षा जगत के बड़े नाम हैं, जिनकी छवि प्रशासनिक कौशल और शैक्षणिक योगदान की वजह से मजबूत है। पार्टी उन्हें संसदीय अनुभव देने और नेतृत्व की बेंच को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राघव चड्ढा 2023 में राज्यसभा उपनेता बने थे। अब 2026 में अशोक मित्तल को यह पद सौंपा गया। यह AAP की आंतरिक रणनीति का हिस्सा लगता है, जिसमें हर नेता को अलग-अलग भूमिकाओं का अनुभव दिया जा रहा है।



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Pune Weather: मौसम का यू-टर्न! दोपहर तक चुभती गर्मी के बाद बारिश-ओलों ने मचाई तबाही, 2 दिनों तक येलो अलर्ट


Maharashtra

oi-Kumari Sunidhi Raj

Pune Weather: पुणे शहर में इन दिनों मौसम अजीब करवट ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से शहरवासी दो तरह के मौसम का सामना कर रहे हैं। सुबह से दोपहर तक तेज धूप और उमस लोगों को पसीने से तरबतर कर रही है, लेकिन दोपहर के बाद अचानक नजारा बदल जाता है।

काले बादल, कड़कती बिजली और तेज हवाओं के साथ शुरू होने वाली बारिश ने लोगों को मानसून जैसा अहसास करा दिया है। सोमवार से शुरू हुआ यह सिलसिला गुरुवार, 2 अप्रैल को भी जारी रहा। जहाँ सुबह लोग गर्मी से परेशान थे, वहीं शाम की बारिश ने तापमान गिराकर राहत पहुँचाई है।

Pune Weather: मौसम का यू-टर्न! दोपहर तक चुभती गर्मी के बाद बारिश-ओलों ने मचाई तबाही, 2 दिनों तक येलो अलर्ट

पुणे के किन इलाकों में गिरे ओले

शहर के कई हिस्सों में केवल पानी ही नहीं, बल्कि ओले भी गिरे। सिंहगढ़ रोड, धनकवड़ी, कात्रज, हडपसर, लोहेगांव और खराड़ी जैसे इलाकों में जोरदार बारिश और ओलावृष्टि हुई। अचानक आए इस बदलाव की वजह से सड़क पर चलने वाले लोग जगह-जगह फंस गए और कई वाहन चालकों को सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेनी पड़ी।

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Weather Pune: कैसा रहा पिछले कुछ दिनों का हाल?

सोमवार और बुधवार: सुबह गर्मी और दोपहर बाद तेज बारिश का पैटर्न दिखा।

मंगलवार: दिन भर बादल छाए रहे लेकिन बारिश नहीं हुई।

गुरुवार: कोथरूड और कर्वे रोड पर पहले तेज धूप थी, फिर अचानक बारिश शुरू हो गई। डेक्कन और शिवाजीनगर में भी हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया।

लोहेगांव में सबसे ज्यादा बारिश

आंकड़ों की बात करें तो लोहेगांव में 32.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शहर के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। कात्रज-सतारा रोड पर भी ओले गिरने की खबर है।

पुणे के लिए IMD ने जारी किया दो दिन का अलर्ट

मौसम विभाग ने पुणे के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अगले दो दिनों तक दोपहर के बाद बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बिजली की कड़क के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

With AI Inputs

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इन 5 जगहों पर मनाएं दुनिया का सबसे यादगार ‘सॉन्गक्रान’ उत्सव, यहां मिलेगी…


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Songkran 2026 Travel Spot : सोंगक्रान सिर्फ एक त्योहार नहीं है, यह एक भव्य राष्ट्रव्यापी उत्सव है जहां थाईलैंड एक विशाल जल उत्सव में तब्दील हो जाता है. थाई नव वर्ष (आमतौर पर 13-15 अप्रैल को मनाया जाता है) के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह उत्सव आध्यात्मिकता, पारिवारिक परंपराओं और सड़कों पर होने वाले बेहद मनोरंजक दृश्यों का संगम है. अगर आप 2026 में सोंगक्रान मनाने की योजना बना रहे हैं, तो यहां 2026 में सोंगक्रान मनाने के लिए सबसे अच्छी जगहों की सूची दी गई है…

बैंकॉक: अगर आप सीधे मौज-मस्ती में डूब जाना चाहते हैं, तो बैंकॉक ही वह जगह है जहां आपको सारा मज़ा मिलेगा. यह शहर एक पानी के युद्ध के मैदान में बदल जाता है, खासकर खाओ सान रोड और सिलोम रोड के आस-पास. यहां आपको DJs, फ़ोम पार्टियां, नियॉन लाइट्स और पानी की बंदूकों से लैस हज़ारों लोग मिलेंगे. फिर भी, पार्टियों से परे, बैंकॉक कई पारंपरिक अनुभव भी देता है.

चियांग माई: ज़्यादा सार्थक और यादगार अनुभव के लिए, चियांग माई जाएं. थाईलैंड की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर मशहूर यह शहर, सोंगक्रान को अपनी गहरी जड़ों वाली परंपराओं के साथ मनाता है. शहर की पुरानी खाई पानी की लड़ाइयों का मुख्य केंद्र बन जाती है; हालाँकि, आप यहां सुंदर परेड, मंदिरों में होने वाली रस्में, और बड़ों के हाथों पर सम्मान के तौर पर धीरे से पानी डालने की स्थानीय रस्म का भी आनंद ले सकते हैं. यह त्योहार अपने असली रूप को खोए बिना मनाया जाता है जो इसे उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है, जो सिर्फ़ पार्टियों से कुछ ज़्यादा चाहते हैं.

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Songkran 2026 Travel Guide: Top Destinations For The Ultimate Water Party

फुकेत: कल्पना कीजिए कि आप समुद्र के किनारे सोंगक्रान मना रहे हैं फुकेत आपको ठीक यही अनुभव देता है. पातोंग बीच और बांग्ला रोड पानी की लड़ाइयों और नाइटलाइफ़ के मुख्य केंद्र हैं. फुकेत का सोंगक्रान बहुत ही जीवंत, पर्यटकों के लिए अनुकूल और बैंकॉक की तुलना में थोड़ा ज़्यादा सुकून भरा होता है. आप समुद्र के किनारे आराम करने और पानी की लड़ाइयों व रात की पार्टियों में हिस्सा लेने के बीच अपनी पसंद के अनुसार समय बिता सकते हैं, जो इसे एक बेहतरीन और हर तरह से संपूर्ण पर्यटन स्थल बनाता है.

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Songkran 2026 Travel Guide: Top Destinations For The Ultimate Water Party

पटाया: अगर आपके लिए तीन दिन का सोंगक्रान उत्सव काफ़ी नहीं है, तो पटाया में आपके लिए और भी बहुत कुछ है. यह शहर अपने मशहूर ‘वान लाई उत्सव’ के साथ इस जश्न को और भी आगे बढ़ाता है, जो अक्सर पूरे एक हफ़्ते तक चलता है. इस लंबे चलने वाले उत्सव में समुद्र के किनारे पानी की लड़ाइयाँ, परेड और लाइव परफ़ॉर्मेंस शामिल होती हैं. पटाया उन लोगों के लिए एकदम सही है, जो इस उत्सव को और भी लंबे समय तक मनाना चाहते हैं और ऐसे माहौल का आनंद लेना चाहते हैं जो बैंकॉक की तुलना में थोड़ा कम भीड़भाड़ वाला है.

Songkran 2026 Travel Guide: Top Destinations For The Ultimate Water Party

अयोध्या: एक अविस्मरणीय अनुभव के लिए, अयोध्या जाएं. यह ऐतिहासिक शहर जो UNESCO की विश्व धरोहर स्थलों में से एक है सोंगक्रान उत्सव को एक अनोखे अंदाज़ में मनाता है. यहां तो हाथी भी पानी की लड़ाइयों में शामिल होते हैं! प्राचीन मंदिरों के खंडहरों के बीच, आप हाथियों को पर्यटकों पर पानी की बौछार करते हुए देखेंगे. यह इतिहास, संस्कृति और मनोरंजन का एक अद्भुत मेल है, जो आपको और कहीं नहीं मिलेगा.



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ये हैं गोवा के 7 सबसे खूबसूरत और ऐतिहासिक चर्च, गुड फ्राइडे पर उमड़ती है भारी भीड़!


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Good Friday 2026 :गुड फ्राइडे के मौके पर गोवा जाना, न केवल पर्यटन का अनुभव करने का, बल्कि आध्यात्मिक शांति और ऐतिहासिक भव्यता का अनुभव करने का भी एक शानदार अवसर प्रदान करता है. गोवा के चर्च पुर्तगाली वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के बेहतरीन उदाहरण हैं. यहां गोवा के 7 ऐतिहासिक चर्चों की एक सूची प्रस्तुत है, जहां गुड फ्राइडे के दिन विशेष प्रार्थनाएं और शांत वातावरण आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएंगे.

Good Friday 2026 : गुड फ्राइडे का पवित्र अवसर नज़दीक आ रहा है, और इसकी आध्यात्मिक भावना में डूबने के लिए गोवा से बेहतर कोई जगह नहीं है. अपने खूबसूरत समुद्र तटों के लिए मशहूर गोवा की एक समृद्ध औपनिवेशिक और धार्मिक विरासत भी है, जो यहां के शानदार चर्चों में झलकती है.

Beyond Beaches: Historic Churches Of Goa To Visit This Good Friday

बेसिलिका ऑफ़ बॉम जीसस: गोवा के सबसे मशहूर स्थलों में से एक, यह UNESCO विश्व धरोहर स्थल संत फ्रांसिस ज़ेवियर के पार्थिव अवशेषों का विश्राम स्थल है. चर्च की बारोक वास्तुकला और अलंकृत अंदरूनी सज्जा एक गहरा आध्यात्मिक माहौल बनाती है.

Beyond Beaches: Historic Churches Of Goa To Visit This Good Friday

से कैथेड्रल: एशिया के सबसे बड़े चर्चों में से एक, से कैथेड्रल संत कैथरीन को समर्पित है. इसका भव्य सफ़ेद बाहरी हिस्सा और विशाल अंदरूनी भाग विस्मयकारी हैं. यह कैथेड्रल अपनी “गोल्डन बेल” के लिए मशहूर है, और यहां गुड फ्राइडे पर होने वाली प्रार्थना सभाएँ विशेष रूप से मार्मिक होती हैं और भारी भीड़ को आकर्षित करती हैं.

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Beyond Beaches: Historic Churches Of Goa To Visit This Good Friday

आवर लेडी ऑफ़ द इमैकुलेट कॉन्सेप्शन चर्च: पणजी के दिल में स्थित, यह प्रतिष्ठित चर्च अपनी आकर्षक, घुमावदार सीढ़ियों के लिए मशहूर है. एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण होने के अलावा, यह गुड फ्राइडे के दौरान प्रार्थना के लिए एक शांत तीर्थस्थल में बदल जाता है, जो शहर की भागदौड़ भरी ज़िंदगी से एक शांतिपूर्ण राहत देता है.

Beyond Beaches: Historic Churches Of Goa To Visit This Good Friday

सेंट कैजेटन चर्च: अक्सर रोम के सेंट पीटर्स बेसिलिका से तुलना की जाने वाली, यह चर्च अपनी कोरिंथियन वास्तुकला और शानदार गुंबद के लिए प्रसिद्ध है. यह कुछ अन्य लोकप्रिय चर्चों की तुलना में अधिक शांत है, जो इसे गुड फ्राइडे के दौरान शांति और चिंतन का अनुभव चाहने वालों के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है.

Beyond Beaches: Historic Churches Of Goa To Visit This Good Friday

आवर लेडी ऑफ़ द माउंट चर्च: एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित, यह चर्च पुराने गोवा के शानदार मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है. यहां अन्य स्थलों की तुलना में कम भीड़ होती है, एक ऐसी विशेषता जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा देती है. गुड फ्राइडे पर यहां आने से आप आध्यात्मिक चिंतन में डूब सकते हैं और साथ ही लुभावने दृश्यों का आनंद भी ले सकते हैं.

Beyond Beaches: Historic Churches Of Goa To Visit This Good Friday

सेंट फ्रांसिस ऑफ़ असीसी चर्च: अपने खूबसूरत भित्तिचित्रों और जटिल वास्तुकला के लिए मशहूर, इस चर्च में एक संग्रहालय भी है. इसका अंदरूनी भाग गोवा के समृद्ध अतीत की कहानियां कहता है, जबकि यहां गुड फ्राइडे पर होने वाली प्रार्थनाएं एक गहरा भावनात्मक और चिंतनशील माहौल बनाती हैं.



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