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Land For Jobs Case में लालू यादव को बड़ा झटका! FIR रद्द करने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, HC ने क्यों कहा NO?


Bihar

pti-Pallavi Kumari

Land For Jobs Case Lalu Prasad Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को ‘लैंड फॉर जॉब्स’ मामले में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार (24 मार्च) को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने CBI द्वारा दर्ज FIR और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने साफ कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।

इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस रविंदर दुडेजा ने अपने फैसले में कहा कि लालू यादव की दलील कानूनी रूप से टिकती नहीं है। दरअसल लालू यादव ने दलील दी थी कि CBI ने जांच शुरू करने से पहले भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 17A के तहत अनुमति नहीं ली, इसलिए पूरी कार्रवाई अवैध है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि यह धारा 2018 में लागू हुई थी, जबकि यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है। इसलिए यह कानून इस केस पर लागू ही नहीं होता।

Land For Jobs Case Lalu Prasad Yadav

अपने फैसले में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार देश की संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए ऐसे मामलों में कानून की व्याख्या इस तरह की जानी चाहिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई मजबूत हो, न कि कमजोर।

क्या है ‘लैंड फॉर जॉब्स’ का पूरा मामला? (What is Land-for-Jobs Case)

यह मामला उस समय का है जब लालू यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान भारतीय रेलवे के वेस्ट सेंट्रल जोन, जबलपुर में ग्रुप D की भर्तियों में गड़बड़ी हुई।

CBI के मुताबिक, नौकरी देने के बदले उम्मीदवारों से जमीन के टुकड़े लिए गए, जिन्हें यादव परिवार या उनके करीबियों के नाम पर ट्रांसफर कराया गया। इसी आरोप के आधार पर 18 मई 2022 को केस दर्ज किया गया था।

इस केस में लालू यादव के साथ उनकी पत्नी और बेटियां भी आरोपी हैं, साथ ही कुछ सरकारी अधिकारी और निजी लोग भी शामिल हैं। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।

Section 17A पर कोर्ट का बड़ा बयान (Section 17A Explained)

कोर्ट ने साफ किया कि धारा 17A केवल उन मामलों में लागू होती है, जहां कोई सरकारी अधिकारी अपने आधिकारिक फैसलों या सिफारिशों के तहत कार्रवाई करता है।

यहां कोर्ट ने कहा कि लालू यादव सीधे नियुक्ति करने की स्थिति में नहीं थे, बल्कि अधिकतम प्रभाव डाल सकते थे। इसलिए यह मामला उस दायरे में नहीं आता, जहां 17A लागू हो। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित रेलवे अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक मंजूरी ली जा चुकी थी, जिससे यह तर्क और कमजोर हो जाता है।

देरी से याचिका दाखिल करने पर भी सवाल (Delay in Filing Plea)

CBI ने कोर्ट में यह भी तर्क दिया कि यह याचिका काफी देर से दाखिल की गई, जब मामला ट्रायल के अहम चरण में पहुंच चुका है। कोर्ट ने इस बात से सहमति जताई और कहा कि इस तरह की तकनीकी दलील पर इतनी देर से केस को रोकना न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करेगा।

कोर्ट ने यह भी कहा कि लालू यादव पहले ही जांच में शामिल हो चुके हैं और कई कानूनी विकल्प इस्तेमाल कर चुके हैं, ऐसे में अब इस स्तर पर केस को रद्द नहीं किया जा सकता।

इस मामले में CBI ने 2022, 2023 और 2024 में तीन चार्जशीट दाखिल की हैं। ट्रायल कोर्ट ने 9 जनवरी को आरोप तय करने का आदेश दिया था और 16 फरवरी को औपचारिक रूप से भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरोप तय कर दिए गए। हालांकि, लालू यादव ने खुद को निर्दोष बताया है और उनका कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। उनकी चार्ज फ्रेमिंग को चुनौती देने वाली याचिका अभी हाईकोर्ट में लंबित है।

आगे क्या होगा? (What Next)

दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब ट्रायल आगे बढ़ेगा। लालू यादव और अन्य आरोपियों को कोर्ट में अपने बचाव के लिए सबूत पेश करने होंगे। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों ही स्तर पर अहम बना हुआ है, और आने वाले समय में इस पर और बड़ी सुनवाई हो सकती है।



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IPL 2026 के लिए LSG की टीम कितनी तैयार? कप्तान Rishabh Pant के मुरीद हुए लैंगर! टूर्नामेंट से पहले भरी हुंकार


Cricket

oi-Amit Kumar

IPL 2026, Rishabh Pant: आईपीएल के इतिहास में 27 करोड़ की सबसे भारी-भरकम कीमत पाने वाले ऋषभ पंत के लिए पिछला सीजन (2025) उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था। लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही थी। लेकिन टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर को भरोसा है कि इस बार कहानी अलग होगी। लैंगर का मानना है कि कप्तानी के दूसरे साल में पंत अब ज्यादा आक्रामक नजर आएंगे।

कोच जस्टिन लैंगर ने बताया प्लान (IPL 2026, Rishabh Pant)

जियो-हॉटस्टार से बातचीत में जस्टिन लैंगर ने कहा कि पिछले साल ऋषभ एक नई फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े थे। लिहाजा वे खुद को साबित करने के दबाव में थे। लैंगर के मुताबिक जब ऋषभ हंसते हैं, मुस्कुराते हैं और खेल का आनंद लेते हैं, तब वे दुनिया के सबसे रोमांचक खिलाड़ी और एक शानदार कप्तान बन जाते हैं। पिछले साल वे सबको प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस बार हम एक अलग और हल्के-फुल्के ऋषभ को देख रहे हैं।

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पिछले सीजन से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश

लैंगर ने आगे कहा कि पंत अब खिलाड़ियों को बेहतर समझते हैं और टीम का उन पर पूरा भरोसा है। लैंगर ने स्वीकार किया कि पिछले साल मिशेल मार्श, एडेन मार्करम और निकोलस पूरन जैसे दिग्गजों के होने से लखनऊ की बैटिंग लाइनअप प्रतियोगिता में नंबर-1 थी। लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। इस कमी को दूर करने के लिए इस साल नीलामी में बड़े बदलाव किए गए हैं।

गेंदबाजों के चोटिल होने से परेशान थी टीम

टीम के लिए सबसे बड़ी मजबूती अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का जुड़ना है। लैंगर ने बताया कि टीम लंच के दौरान जब शमी बात करते हैं तो युवा खिलाड़ी उनकी हर बात को बड़े गौर से सुनते हैं। वे टीम में एक बड़े भाई और गुरु (मास्टर-अप्रेंटिस) की भूमिका निभा रहे हैं। लखनऊ की टीम पिछले कुछ समय से मयंक यादव जैसे तेज गेंदबाजों की चोटों से परेशान रही है। इस समस्या से निपटने के लिए फ्रेंचाइजी ने पैट्रिक फारहार्ट के नेतृत्व में एक मेडिकल विभाग तैयार किया है।



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MP के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़: अफवाह से मची अफरा-तफरी, टंकियां फुल कराने दौड़े लोग, कई जगह पेट्रोल खत्म – Madhya Pradesh News




मध्यप्रदेश के नीमच, झाबुआ, आगर मालवा और शाजापुर समेत कई शहरों में मंगलवार शाम अचानक पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पेट्रोल खत्म होने और कीमतें बढ़ने की अफवाह फैलते ही लोग टंकियां फुल कराने के लिए पंपों की ओर दौड़ पड़े। हालात ऐसे बने कि कई जगह लंबी कतारें लग गईं, धक्का-मुक्की और विवाद तक की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में लोग बोतल और कुप्पियों में पेट्रोल स्टॉक करने भी पहुंच गए। अफवाह से बढ़ा दबाव, कई जगह स्टॉक खत्म पंप संचालकों के मुताबिक, सामान्य सप्लाई होने के बावजूद अचानक बढ़ी मांग के कारण कई पंपों पर शाम तक पेट्रोल खत्म होने की स्थिति बन गई। स्थिति संभालने के लिए कुछ पंपों ने राशनिंग शुरू कर दी, जहां एक वाहन को केवल 1 लीटर पेट्रोल दिया जा रहा है। झाबुआ में पुलिस तैनात, आगर-शाजापुर में भी यही हाल झाबुआ के पुलिस वेलफेयर पंप सहित कई स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। मेघनगर नाका चौराहे के पंपों पर देर रात तक लंबी लाइनें लगी रहीं। आगर मालवा और शाजापुर में भी लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल भरवाने पहुंचे। यहां भी पंपों पर लंबा इंतजार करना पड़ा और भीड़ लगातार बढ़ती रही।



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Crime News | Strange Crime | Unusual Crime Story – अच्छा खाना, इलाज और सैलरी मिले, जेल जाना पसंद है, पढ़ें चोर की द‍िलचस्‍प कहानी


नई द‍िल्‍ली. केरल के कोवलम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चोर को जेल की जिंदगी इतनी पसंद आ गई कि उसने बाहर आने के बाद फिर से चोरी की वारदातों को अंजाम दिया सिर्फ इसलिए ताकि वह दोबारा जेल जा सके. यह मामला न सिर्फ पुलिस के लिए चौंकाने वाला है,बल्कि यह समाज के उस पहलू को भी उजागर करता है, जहां कुछ लोगों के लिए जेल की जिंदगी बाहर की मुश्किलों से आसान लगने लगती है.

क्या है पूरा मामला?
कोवलम इलाके के टुंडुविला निवासी 46 वर्षीय दिलीप खान को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है. दिलीप हाल ही में एक चोरी के मामले में जेल से छूटकर बाहर आया था लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसने फिर से चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया. जांच के दौरान जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसका जवाब सुनकर सभी हैरान रह गए. दिलीप ने कबूल किया कि उसने जानबूझकर चोरी की ताकि उसे फिर से जेल भेज दिया जाए.

जेल की जिंदगी क्यों आई पसंद?

पुलिस के अनुसार, दिलीप खान जेल में किचन में सीनियर कुक के तौर पर काम करता था. उसे वहां रहने के लिए जगह, साफ-सुथरा खाना, नियमित इलाज और कुछ सैलरी भी मिलती थी. दिलीप ने बताया कि बाहर की जिंदगी उसके लिए मुश्किल भरी है न रहने की सही व्यवस्था, न नियमित भोजन और न ही आय का कोई स्थायी स्रोत. इसके मुकाबले जेल की जिंदगी उसे ज्यादा सुरक्षित और स्थिर लगी. यही वजह रही कि उसने खुद ही वापस जेल जाने का रास्ता चुना.

किन जगहों पर की चोरी?

कोवलम SHO जेपी अरुणकुमार के मुताबिक, आरोपी ने कोवलम और विझिनजाम इलाके में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया.

  • – हार्बर रोड स्थित एक सुपरमार्केट से 40,000 रुपये और DVR चोरी
  • – एक व्यक्ति से चाकू दिखाकर 5000 रुपये का मोबाइल फोन छीना
  • – कोवलम की एक चिकन शॉप से 4000 रुपये और 8000 रुपये का मोबाइल फोन चोरी

इन सभी घटनाओं को आरोपी ने कुछ ही दिनों के भीतर अंजाम दिया.

CCTV से हुई पहचान
चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले. फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया जिसकी पहचान बाद में दिलीप खान के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस टीम जिसमें SI साजू, नौशाद, CPO सेलवन, अभिलाष और राजेश बाबू शामिल थे ने उस चोर को गिरफ्तार कर लिया.

21 से ज्यादा मामलों में शामिल
पुलिस के मुताबिक, दिलीप खान कोई नया अपराधी नहीं है. वह पहले भी 21 से ज्यादा छोटी-बड़ी चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुका है. इससे साफ है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और जेल आना-जाना उसके लिए नया नहीं है.



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Oil Price Surge: पेट्रोल की कीमतों पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का दावा, ‘चुनाव के बाद महंगा होगा तेल’


India

oi-Smita Mugdha

Oil Price Surge: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। अब इसका असर भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नजर आ रहा है। TV9 Bharatvarsh के कार्यक्रम में बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने देश की विदेश नीति, ऊर्जा निर्भरता और मौजूदा पेट्रोलियम संकट पर सरकार की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह संकट वैश्विक है और अब तक सरकार की तरफ से न तो प्रधानमंत्री और न ही किसी और मंत्री ने इस पर खुलकर कुछ कहा है।

सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार का फोकस सिर्फ चुनाव पर है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि एक बार 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव हो जाएंगे, उसके बाद सरकार कीमतें बढ़ा देगी। उन्होंने एलपीजी संकट पर भी कहा कि इसका असर भारत के हर हिस्से में नजर आ रहा है।

Oil Price Surge owaisi

Oil Price Surge: भारत की ऊर्जी निर्भरता पर उठाए सवाल

ओवैसी ने अपने बयान में भारत की ऊर्जा निर्भरता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 60% और गैस की 90% जरूरत मिडिल ईस्ट के देशों से पूरी करता है। ऐसे में जब सरकार “हम भारत के साथ हैं” जैसे बयान देती है, तो यह आर्थिक वास्तविकताओं से अलग नजर आता है। उन्होंने तर्क दिया कि यह निर्भरता सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर असर डालती है।

उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि मस्जिद-ए-अक्सा मुसलमानों के लिए तीसरी सबसे पवित्र इबादतगाह है, और इस विषय पर भारत के रुख पर भी उन्होंने टिप्पणी की।

Asaduddin Owaisi ने कहा, ‘सरकार ठोस कदम उठाए’

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर परिवहन लागत से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों तक पड़ता है। इसके साथ ही देश में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर भी दबाव की स्थिति बन रही है। ओवैसी ने चेतावनी दी कि अगर सप्लाई चेन में व्यवधान बढ़ता है, तो एलएनजी, यूरिया और हीलियम जैसी जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इससे कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर व्यापक असर पड़ सकता है।

PM Modi ने संसद में दिया पर्याप्त भंडार का आश्वासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के दोनों सदनों में कहा कि मौजूदा संघर्ष के हालात में भी भारत की स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘भारत को अपनी ऊर्जा रणनीति में विविधता लाने की जरूरत थी और इसे समझते हुए हमने अपनी रणनीति बदली। अब किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता नहीं है। हम वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) समेत दूसरे उपायों पर जोर दे रहे हैं।’ हालांकि, इसके बावजूद ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट में तनाव भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहे हैं। आने वाले समय में सरकार के फैसले इस चुनौती से निपटने में निर्णायक साबित होंगे।



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Iran America War: ईरानी राजदूत से विदेश मंत्री जयशंकर ने की मुलाकात, क्या हुई सीक्रेट बात?


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oi-Sumit Jha

Iran America War: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति पर चर्चा करना था।

जयशंकर ने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए ईरानी सरकार का आभार व्यक्त किया। यह मुलाकात भारत और ईरान के बीच मजबूत होते राजनयिक संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आपसी सहयोग को दर्शाती है।

Iran America War

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विस्तार से बात की। इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता भारत और ईरान दोनों के लिए चिंता का विषय है। एस. जयशंकर और डॉ. फताली ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत के जरिए शांति बहाली जरूरी है। इस चर्चा का उद्देश्य न केवल सुरक्षा स्थिति को समझना था, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना था कि क्षेत्र में हो रही घटनाओं का असर द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक हितों पर न पड़े।

S Jaishankar Met Iran Ambassador to India: भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर आभार

विदेश मंत्री ने ईरान में रहने वाले भारतीय समुदाय का विशेष जिक्र किया। मुश्किल वक्त में ईरानी अधिकारियों ने भारतीयों को जो सहयोग और सुरक्षा प्रदान की, उसके लिए जयशंकर ने राजदूत को धन्यवाद दिया। विदेशी धरती पर अपने नागरिकों की सलामती भारत सरकार की प्राथमिकता है। ईरान ने इस मामले में एक भरोसेमंद दोस्त की भूमिका निभाई है, जिससे दोनों देशों के बीच मानवीय स्तर पर आपसी विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

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भारत-ईरान राजनयिक संबंधों की मजबूती

दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में हुई यह मुलाकात प्रतीकात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। यह दिखाती है कि वैश्विक दबाव और क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत और ईरान अपने पुराने रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच चाबहार पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इस तरह की उच्च स्तरीय मुलाकातें यह संदेश देती हैं कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है और वह अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ लगातार संवाद बनाए रखता है।

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शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रयास

अंत में, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि दुनिया के इस हिस्से में शांति बनाए रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी जरूरी है। भारत ने हमेशा से तनाव कम करने और कूटनीति का रास्ता अपनाने की वकालत की है। राजदूत डॉ. फताली के साथ हुई यह बातचीत भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोल सकती है। दोनों देश आने वाले समय में सुरक्षा और व्यापारिक मुद्दों पर और भी करीब आकर काम करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।



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शादी-तलाक पर एक नियम,बेटियों को संपत्ति में हिस्सेदारी,लिव-इन का रजिस्ट्रेशन—गुजरात UCC बिल के 5 बड़े फैसले


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oi-Pallavi Kumari

Gujarat Uniform Civil Code ( UCC) Bill 2026: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC बिल 24 मार्च को पेश किया। इसे सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि “समानता और एकरूपता” की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह बिल समाज में लंबे समय से चले आ रहे अलग-अलग निजी कानूनों की जगह एक समान व्यवस्था लाएगा, जिससे खासतौर पर महिलाओं को बड़ा फायदा होगा।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए बड़े फैसलों-अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक कानून और राम मंदिर निर्माण-का जिक्र करते हुए कहा कि UCC उसी कड़ी का अगला कदम है। उन्होंने साफ कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 में सभी नागरिकों को समानता का अधिकार दिया गया है, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण अब तक इसे लागू नहीं किया जा सका। आइए जानें 5 बड़े फैसले।

Gujarat Uniform Civil Code top 5 decisions UCC bill

🟠 एक कानून, सब पर लागू (One Law for All)

इस बिल का सबसे बड़ा संदेश यही है कि अब शादी, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में अलग-अलग नियम नहीं, बल्कि एक समान कानून लागू होगा। यानी धर्म के आधार पर अलग-अलग पर्सनल लॉ की जगह एक ही नियम सबके लिए होगा। हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि कुछ पारंपरिक प्रथाओं, जैसे कजिन मैरिज, को फिलहाल बरकरार रखा गया है और आदिवासी समुदायों को इस बिल से बाहर रखा गया है।

🟠 शादी-तलाक और लिव-इन पर सख्ती (Marriage, Divorce & Live-in Rules)

UCC बिल में सबसे बड़ा बदलाव रिश्तों को लेकर आया है। अब शादी, तलाक और यहां तक कि लिव-इन रिलेशनशिप का भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। अगर कोई लिव-इन में रहता है और रजिस्ट्रेशन नहीं कराता, तो उसे 3 महीने तक की सजा हो सकती है।

साथ ही, कोर्ट के बाहर होने वाला तलाक अमान्य माना जाएगा और नियम तोड़ने पर 3 साल तक की सजा का प्रावधान है। जबरन शादी और बहुविवाह पर भी सख्त कार्रवाई करते हुए 7 साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है।

🟠 बेटियों को बराबरी का हक (Equal Property Rights for Daughters)

इस बिल का सबसे बड़ा असर महिलाओं पर दिखेगा। अब बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलेगा।

अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना वसीयत के हो जाती है, तो उसकी संपत्ति माता-पिता, पति/पत्नी और बच्चों में समान रूप से बांटी जाएगी। इससे उन मामलों में भी पारदर्शिता आएगी, जहां पहले विवाद और भेदभाव देखने को मिलता था।

🟠 रजिस्ट्रेशन नहीं तो जुर्माना (Mandatory Registration & Penalty)

सरकार ने विवाह पंजीकरण को पूरी तरह अनिवार्य बनाने का फैसला किया है। हालांकि अगर कोई शादी रजिस्टर नहीं कराता, तो उसे अवैध नहीं माना जाएगा, लेकिन 10 हजार से 25 हजार रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

इसके साथ ही, UCC लागू होने से पहले हुए विवाहों के लिए भी एक विशेष रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तय की जाएगी, ताकि पुराने मामलों को भी सिस्टम में लाया जा सके।

🟠 महिलाओं के लिए बड़ा बदलाव या राजनीति? (Women Empowerment or Politics?)

राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने इसे “स्वर्णिम दिन” बताते हुए कहा कि आजादी के बाद भी अलग-अलग कानूनों के कारण सबसे ज्यादा नुकसान महिलाओं को हुआ। उनके मुताबिक, UCC के लागू होने से अब सभी नागरिक मामलों में समान नियम लागू होंगे और महिलाओं को न्याय मिलेगा।

वहीं, कांग्रेस ने इस बिल का विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि इसे जल्दबाजी में लाया गया और पहले इसे समिति के पास भेजा जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि यह कदम राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया है और कुछ समुदायों को बाहर रखने से समानता के सिद्धांत पर सवाल उठते हैं।

🔵 आगे क्या होगा?

फिलहाल यह बिल विधानसभा में पेश किया गया है और आने वाले दिनों में इस पर विस्तृत चर्चा और बहस होने की संभावना है। अगर यह कानून लागू होता है, तो गुजरात उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां नागरिक मामलों में एक समान कानून लागू होगा।

यह सिर्फ एक राज्य का फैसला नहीं, बल्कि पूरे देश में UCC को लेकर चल रही बहस को भी नई दिशा दे सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मॉडल दूसरे राज्यों और केंद्र स्तर पर किस तरह असर डालता है।

गुजरात का UCC बिल सिर्फ कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक ढांचे को बदलने की कोशिश है। शादी, तलाक, संपत्ति और लिव-इन जैसे निजी मामलों में एकरूपता लाने का यह कदम जितना बड़ा है, उतना ही विवादित भी। अब सवाल यही है-क्या यह सच में समानता लाएगा या राजनीतिक बहस को और तेज करेगा? जवाब आने वाले दिनों में ही मिलेगा।



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Hyderabad Bengaluru Bullet Train: हाई स्पीड प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, भूमि अधिग्रहण के लिए ब्लूप्रिंट तैयार


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oi-Smita Mugdha

Hyderabad Bengaluru Bullet Train: दक्षिण भारत की बहुप्रतीक्षित हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर 24 मार्च 2026 तक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। खास तौर पर कर्नाटक में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया को लेकर सरकार ने सक्रियता बढ़ा दी है, जिससे इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के जल्द शुरू होने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।

जानकारी के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 176 हेक्टेयर भूमि की पहचान कर ली है। यह जमीन बुलेट ट्रेन के एलाइनमेंट (Alignment) और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए आवश्यक होगी। इस कदम को परियोजना के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि भूमि अधिग्रहण अक्सर ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सबसे बड़ी चुनौती होता है।

Hyderabad Bengaluru Bullet Train

Hyderabad Bengaluru Bullet Train: भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज

– केंद्र सरकार के अनुरोध पर कर्नाटक के बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एम. बी. पाटिल ने भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक मंजूरियों में तेजी लाने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की जानकारी दी है।

– इससे उम्मीद की जा रही है कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और परियोजना की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ेगी। भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा समेत दूसरे सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

High Speed Rail Project: दो प्रमुख आईटी सिटी के बीच तेज कनेक्टिविटी

यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे दो प्रमुख आईटी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अंतिम रूप दे दिया गया है। जमीन अधिग्रहण की दिशा में हो रही प्रगति से साफ संकेत मिलते हैं कि सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता दे रही है।

अगर भूमि अधिग्रहण और मंजूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो यह परियोजना दक्षिण भारत के परिवहन ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। आने वाले महीनों में इस प्रोजेक्ट से जुड़े और भी ठोस अपडेट्स सामने आने की संभावना है।



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Trump PM Modi Talks: ‘होर्मुज’ तेल के रास्ते पर ट्रंप ने PM मोदी से क्या-क्या कहा? US-Iran तनाव के बीच मंथन


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Donald Trump PM Modi Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में चल रहे US-इजरायल-ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर चर्चा हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब ट्रंप ने ईरान पर हमलों को पांच दिन के लिए टाल दिया है, लेकिन तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत के दावों पर विरोधाभासी बयान आ रहे हैं।

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अमेरिकी राजदूत ने क्या बताया?

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की। दोनों ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है।’

यह फोन कॉल प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के ठीक बाद आया, जिसमें उन्होंने होर्मुज में किसी भी प्रकार की बाधा को ‘अस्वीकार्य’ बताया था।

President Donald Trump just spoke with Prime Minister Modi. They discussed the ongoing situation in the Middle East, including the importance of keeping the Strait of Hormuz open.

— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) March 24, 2026 “>

PM मोदी ने संसद में क्या कहा?

लोकसभा और राज्यसभा में बोलते हुए PM मोदी ने कहा-

  • ‘वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में व्यवधान अस्वीकार्य हैं।’
  • ‘युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है और ईंधन, पेट्रोल-डीजल, गैस तथा उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।’
  • ‘भारत कूटनीति के जरिए भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।’
  • ‘सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और देश पर इसके प्रभाव को कम करने के कदम उठा रही है।’

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल परिवहन का करीब 20% हिस्सा संभालता है। इसका बंद होना या बाधित होना भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

US-ईरान तनाव और ट्रंप का अल्टीमेटम

28 फरवरी 2026 को शुरू हुए US-इजरायल-ईरान युद्ध में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। ईरान में 1,500 से अधिक, लेबनान में 1,000 से अधिक मौतें हुई हैं। ट्रंप ने शनिवार (21 मार्च) को ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था – होर्मुज को पूरी तरह खोलो, वरना ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला होगा।

24 मार्च को ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ ‘बहुत अच्छी’ बातचीत हुई है, इसलिए पावर प्लांट्स पर हमले को पांच दिन के लिए टाल दिया गया है। ईरान ने इन दावों से इनकार किया है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने ट्रंप के बयान को ‘फर्जी खबर’ बताया और कहा कि इसका मकसद तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर करना है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कई देशों (पाकिस्तान, तुर्की, ओमान, रूस आदि) से संपर्क कर रहे हैं। पाकिस्तान सहित कुछ देश मध्यस्थता की भूमिका में बताए जा रहे हैं।

भारत की स्थिति क्या?

भारत ने युद्ध में नागरिकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की है। PM मोदी ने पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी बात की थी। भारत की चिंता मुख्य रूप से ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर है। यह फोन कॉल दिखाता है कि भारत इस संकट में कूटनीतिक रूप से सक्रिय है और होर्मुज जैसी महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों की खुली रखरखाव को वैश्विक प्राथमिकता मानता है।





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IPL 2026 से ठीक पहले Delhi Capitals को लगा बड़ा झटका, बेन डकेट ने छोड़ा साथ, लगेगा 3 साल का बैन!


Cricket

oi-Amit Kumar

IPL 2026, Delhi Capitals: आईपीएल 2026 के आगाज होने में महज चार दिन बचे हैं। इस बीच दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीम से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। इंग्लैंड के स्टार सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने आईपीएल 2026 से अपना नाम वापस ले लिया है। डकेट को पिछले साल हुई नीलामी में दिल्ली ने 2 करोड़ में खरीदा था और वे कप्तान केएल राहुल के साथ ओपनिंग के मुख्य दावेदार माने जा रहे थे।

अचानक क्यों छोड़ा टीम का साथ (IPL 2026, Delhi Capitals)

डकेट के इस अचानक लिए गए फैसले ने दिल्ली की बल्लेबाजी रणनीति को संकट में डाल दिया है। बीसीसीआई (BCCI) के नए नियमों के तहत उन पर 3 साल का कड़ा प्रतिबंध लगने की संभावना भी प्रबल हो गई है। ‘टेलीग्राफ स्पोर्ट्स’ से बातचीत में बेन डकेट ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह फैसला अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और इंग्लैंड टीम पर अधिक ध्यान देने के लिए लिया है।

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दिल्ली कैपिटल्स के मैनजमेंट और फैंस से मांगी माफी

डकेट ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत कठिन निर्णय था। मैं दिल्ली कैपिटल्स के मैनजमेंट और फैंस से माफी मांगता हूं। जब मैंने नीलामी में अपना नाम दिया था, तब मैं बहुत उत्साहित था, लेकिन मौजूदा समय में मुझे लगता है कि मेरे करियर के लिए यही सही कदम है। डकेट ने आगे यह भी स्वीकार किया कि 31 साल की उम्र में शायद उन्होंने आईपीएल के दरवाजे हमेशा के लिए बंद कर लिए हैं, लेकिन वे भविष्य में कभी दिल्ली की तरफ से खेलने की उम्मीद रखते हैं।

क्या लगेगा 3 साल का बैन?

बीसीसीआई ने पिछले साल ही विदेशी खिलाड़ियों के लिए नियम सख्त किए थे। नए नियमों के मुताबिक यदि कोई खिलाड़ी नीलामी में खरीदे जाने के बाद बिना किसी ठोस मेडिकल कारण के टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले नाम वापस लेता है तो उस पर अगले तीन सीजन के लिए आईपीएल नीलामी में शामिल होने पर बैन लगा दिया जाएगा। चूंकि डकेट ने व्यक्तिगत प्राथमिकता का हवाला दिया है, इसलिए उन पर इस गाज का गिरना लगभग तय माना जा रहा है।



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