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PM Modi की गोद में कौन है ये प्‍याारा बच्‍चा? जिसे प्रधानमंत्री ने बताया अपना ‘नन्‍हा दोस्‍त’, फोटो वायरल


India

oi-Bhavna Pandey

PM Modi Viral Photo: सोशल मीडिया पर आज सुबह से एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi एक छोटे बच्चे को अपनी गोद में बैठाकर स्नेहपूर्वक खेलते नजर आ रहे हैं। इस भावुक और सहज क्षण ने लोगों का ध्यान खींच लिया है, और हर कोई जानना चाहता था कि आखिर यह नन्हा बच्चा कौन है, जिसे देश के सबसे प्रभावशाली नेता के इतने करीब आने का अवसर मिला।

कौन है आज का छोटा हीरो?

प्रधानमंत्री की गोद में नजर आ रहे बच्‍चे का नाम OMy है, जो केरल के प्रसिद्ध अभिनेता और भाजपा से जुड़े नेता Krishna Kumar का पोता है। कृष्ण कुमार मलयालम सिनेमा में एक जाना-पहचाना नाम हैं और हाल के वर्षों में राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। Omy की मां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दिव्‍या कृष्‍णा है। इस मुलाकात के दौरान उनका पूरा परिवार भी प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचा था।

PM Modi s Viral Photo with Little Boy Omy

पीएम मोदी से मिला पूरा परिवार

इस खास अवसर पर कृष्ण कुमार अपनी पत्नी सिंधु कृष्णा, चारों बेटियों-अहाना, दिव्या, ईशानी और हँसिका-और दामाद अश्विन के साथ प्रधानमंत्री से मिले। मुलाकात का माहौल बेहद आत्मीय और पारिवारिक रहा, जिसका सबसे प्यारा दृश्य वही था जब प्रधानमंत्री मोदी छोटे OMy के साथ खेलते नजर आए।

फोटो ने जीता लोगों का दिल

इस तस्वीर ने न केवल राजनीतिक बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी लोगों को प्रभावित किया है। कई लोगों ने इसे “परिवार जैसा अपनापन” बताया। इस दृश्य को देखकर यह भावना भी उभरकर सामने आई कि प्रधानमंत्री केवल एक नेता नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के परिवार का हिस्सा हैं।

सोशल मीडिया पर लोग बच्‍चे पर उड़ा रहे प्‍यार

तस्वीर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोग OMy को “आज का हीरो” बता रहे हैं और इस पल को सादगी, स्नेह और भारतीय पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक मान रहे हैं।



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Bengal Chunav में बड़ा दांव! RG Kar पीड़िता की मां को टिकट दे सकती है BJP, ममता के गढ़ में भावनात्मक मुकाबला?


India

oi-Pallavi Kumari

West Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक समीकरण भी तेजी से बदलते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब तक दो सूचियों में 255 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन नॉर्थ 24 परगना की पानीहाटी सीट पर सस्पेंस बरकरार है।

यही सस्पेंस अब एक बड़ी राजनीतिक कहानी की ओर इशारा कर रहा है। चर्चा है कि इस सीट से कोलकाता के चर्चित RG Kar मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की पीड़िता डॉक्टर की मां को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

West Bengal Chunav 2026 RG Kar

पीड़िता की मां क्यों बनीं चर्चा का केंद्र?

स्थानीय स्तर पर यह बात तेजी से फैल रही है कि पीड़िता की मां खुद चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वह अपनी बेटी के लिए न्याय चाहती हैं और इसके लिए अब राजनीतिक मंच पर उतरने को तैयार हैं। उनका मानना है कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच में बाधाएं डालीं, इसलिए अब बदलाव जरूरी है। पहले जब उन्हें BJP की ओर से प्रस्ताव मिला था, तब वह मानसिक रूप से तैयार नहीं थीं, लेकिन अब उन्होंने चुनाव लड़ने का मन बना लिया है।

मोदी की रैली और महिला सुरक्षा का मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में हुई परिवर्तन यात्रा की रैली में महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाया था। RG Kar कांड को लेकर भी उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा था। ऐसे में अगर पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया जाता है, तो यह BJP की ओर से एक मजबूत और भावनात्मक संदेश देने की रणनीति मानी जा रही है।

पानीहाटी सीट का गणित क्या कहता है? (Panihati Seat Equation)

पानीहाटी विधानसभा सीट फिलहाल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कब्जे में है। 2011 से यह सीट लगातार TMC के पास रही है। 2021 के चुनाव में भी पार्टी ने करीब 50% वोट हासिल कर 25,177 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इस बार TMC ने मौजूदा विधायक निर्मल घोष का टिकट काटकर नए चेहरे तीर्थांकर घोष पर दांव लगाया है। इससे साफ है कि TMC भी इस सीट को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

क्या बदलेगा चुनावी खेल?

अगर BJP सच में पीड़िता की मां को मैदान में उतारती है, तो यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी बन सकता है। एक तरफ न्याय की मांग और संवेदनशील मुद्दा होगा, तो दूसरी तरफ सत्ता में बैठी पार्टी की साख दांव पर होगी। यह मुकाबला सीधे तौर पर ममता सरकार की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के रिकॉर्ड पर सवाल खड़ा कर सकता है।

RG Kar केस: जिसने देश को झकझोरा

कोलकाता के RG Kar मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त की रात एक महिला डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या की घटना ने पूरे देश को हिला दिया था। बाद में इस केस की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई थी। इस घटना ने बंगाल की राजनीति में महिला सुरक्षा को बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया।

पानीहाटी सीट पर BJP का यह संभावित दांव सिर्फ एक उम्मीदवार का चयन नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश हो सकता है। अगर पीड़िता की मां चुनाव लड़ती हैं, तो यह सीट 2026 के चुनाव की सबसे चर्चित और संवेदनशील सीट बन सकती है। अब सबकी नजर BJP के अंतिम फैसले पर टिकी है कि क्या वह इस भावनात्मक कार्ड को सच में खेलेगी या नहीं।



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IND vs AUS: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच होगी 5 टेस्ट की सीरीज, कब और कहां खेले जाएंगे मुकाबले


Cricket

oi-Naveen Sharma

IND vs AUS: क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 2026-27 सीजन का शेड्यूल जारी कर दिया है और इसमें भारत के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस बार दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी, जो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का हिस्सा होगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हाई-वोल्टेज सीरीज जनवरी 2027 के आसपास शुरू हो सकती है। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी काफी अहम मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए काम आसान नहीं रहने वाला है। टीम को इस सीरीज से पहले बेहद व्यस्त शेड्यूल से गुजरना होगा।

ind vs aus

ऑस्ट्रेलिया को दिसंबर से मार्च के बीच 14 हफ्तों में 10 टेस्ट मैच खेलने हैं। अलग-अलग टीमों के खिलाफ लगातार सीरीज के चलते खिलाड़ियों को आराम का ज्यादा मौका नहीं मिलेगा ऐसे में भारत के खिलाफ टीम की फिटनेस और फॉर्म दोनों बड़ी चुनौती बन सकती है।

शेड्यूल है काफी ज्यादा टाइट

  • अगस्त 2026 से शुरू होकर यह सीजन मार्च 2027 तक चलेगा।
  • इसमें कई बड़ी टीमों के खिलाफ सीरीज शामिल हैं।
  • भारत दौरा इस पूरे शेड्यूल का सबसे अहम और मुश्किल हिस्सा माना जा रहा है।

क्यों खास है भारत और ऑस्ट्रेलिया मुकाबला?

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज को बॉर्डर-गावस्कर सीरीज माना जाता है, एशेज के बाद यह एक अहम टेस्ट सीरीज है। इस बार 5 टेस्ट मैचों की सीरीज होने से मुकाबला और भी लंबा और दिलचस्प होने वाला है, जहां दोनों टीमें अपनी पूरी ताकत झोंक देंगी।

कब होगा पूरा शेड्यूल घोषित

कुल मिलाकर, 2026-27 का सीजन ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाला है और भारत के खिलाफ होने वाली 5 टेस्ट मैचों की सीरीज इस पूरे कैलेंडर का सबसे बड़ा आकर्षण होगी। फैंस को एक बार फिर क्लासिक टेस्ट क्रिकेट का मजा मिलने वाला है। भारत के किन शहरों में मैच होंगे, इसको लेकर जानकारी बाद में आएगी।



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प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने जिसे बुलाया उसी ने मारा: घर घुसकर गला घोंटा, 10 लाख कैश-35 तोला सोना लेकर भागे; अहमदाबाद से पकड़ाया आरोपी – Chhattisgarh News


घर घुसकर आरोपियों ने महिला का गला घोंटा था। पैसे और ज्वेलरी लेकर भाग गए थे।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साल 2021 में हुई हत्या का आरोपी अहमदाबाद में पकड़ा गया है। टिकरापारा की रहने वाली महिला ने पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए अजय कुमार को 4 लाख दिए थे, लेकिन अजय ने उसी महिला को मारकर घर से 10 लाख कैश और 35 तोला सोना चुरा

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21 मार्च 2026 को गुजरात की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा है। सूचना पर रायपुर पुलिस अहमदाबाद रवाना हुई है।

महिला की हत्या होने की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी जांच करते हुए।

शकुंतला देवी हत्याकांड की पूरी कहानी जानिए

दरअसल, यह मामला अक्टूबर 2021 का है। रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान में शकुंतला देवी (पति स्व. अमर यादव) का शव संदिग्ध हालत में मिला था।

जांच में पता चला कि शकुंतला का अपने बड़े बेटे अजय यादव के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए शकुंतला और उनके छोटे बेटे अमित यादव ने अजय कुमार मिश्रा से मदद मांगी थी।

सेटलमेंट के लिए 4 लाख दिए

आरोपी अजय और शकुंतला का बेटा अमित पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम करते थे। बड़े भाई से संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए अमित ने आरोपी अजय को सेटलमेंट के लिए 4 लाख कैश दिए और 10 हजार एडवांस दिए गए थे।

लेकिन आरोपी पैसे लेकर भाग निकला, जिसके बाद शकुंतला उसके गांव तक पहुंच गई थी। बदला लेने और लूट के इरादे से आरोपी अजय अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर आया और शकुंतला के घर पर ही रुका। मौका मिलते ही दोनों ने महिला का गला घोंट दिया।

मृतिका का शव रस्सी से बांधकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था।

मृतिका का शव रस्सी से बांधकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था।

10 लाख कैश और 35 तोला सोना

अहमदाबाद पुलिस के सामने आरोपी ने कबूल किया कि, हत्या के बाद उसने घर से 10 लाख रुपए कैश और करीब 30-35 तोला सोना लूटा था। इस सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक सराफा कारोबारी को बेच दिया।

अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल फोन, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था। वह लगातार ठिकाने बदलता रहा पहले गोवा, फिर अहमदाबाद और फिर मुंबई में छिपा रहा।

महिला की हत्या करने के बाद घटनास्थल पर पुलिस टीम निगरानी करते हुए।

महिला की हत्या करने के बाद घटनास्थल पर पुलिस टीम निगरानी करते हुए।

3 साल तक दबी रही फाइल, कई थानेदार बदले

रायपुर के टिकरापारा थाने में हत्या का मामला दर्ज था। पुलिस इस ब्लाइंड केस की छानबीन कर रही थी। इस दौरान थाने के कई टीआई (TI) बदल गए, लेकिन पुलिस कातिल तक नहीं पहुंच सकी।

डायरी में केवल एक संदेही का जिक्र था। अब गुजरात पुलिस ने सूचना ही है कि आरोपी पकड़ा गया है। इस इनपुट के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोली है।

टिकरापारा थाना से पुलिस टीम रवाना हुई है।

टिकरापारा थाना से पुलिस टीम रवाना हुई है।

रायपुर पुलिस की टीम अहमदाबाद रवाना

अहमदाबाद पुलिस की इस गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस एक्टिव हो गई है। एडिशनल डीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा के मुताबिक, एक विशेष टीम को अहमदाबाद भेजा गया है।

वहां आरोपी से पूछताछ के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जाएगा, जिससे हत्या और लूट के इस पूरे मामले का खुलासा होगा।

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अब पढ़ें पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा

रायपुर कमिश्नरेट के एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने टिकरापारा हत्याकांड के संदेही को पकड़ने की सूचना भेजी थी। सूचना पर टीम रवाना किया गया है। मामले में अभी कुछ कहना ठीक नहीं है। टीम पहुंने के बाद विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।

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रायपुर सूटकेस हत्याकांड…इन 6 बड़ी वजहों से फंसे आरोपी: खून नहीं रोक पाए, पेटी में नाम लिखा मिला, फर्जी आधार-कार्ड दिया, लेकिन पेमेंट ऑनलाइन किया

तीसरी मंजिल के इसी गलियारे से लाश को लिफ्ट के माध्यम से नीचे उतारा गया था।

तीसरी मंजिल के इसी गलियारे से लाश को लिफ्ट के माध्यम से नीचे उतारा गया था।

रायपुर सूटकेस हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी घटना में पुलिस को कई अहम सबूत और गवाह मिले हैं, जिनकी मदद से पुलिस 24 घंटे के अंदर ही आरोपियों तक पहुंच गई। पढ़ें पूरी खबर…



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Iran Hormuz Toll Plan: होर्मुज के बहाने ईरान करेगा दुनिया को ब्लैकमेल? टोल वसूली के बाद अगला प्लान तैयार


International

oi-Smita Mugdha

Iran Hormuz Toll Plan: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नई रणनीति तैयार कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, तेहरान एक ऐसी योजना पर काम कर रहा है, जो वैश्विक व्यापार और समुद्री अर्थव्यवस्था की दिशा बदल सकती है। ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या ट्रांजिट चार्ज लगाने की योजना पर विचार कर रहा है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया के तेल, गैस और व्यापारिक सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल और लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का बदलाव अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को सीधे प्रभावित करता है।

Iran Hormuz Toll Plan

Iran Hormuz Toll Plan: होर्मुज की स्थिति संवेदनशील

पश्चिम एशिया में हालिया तनाव, खासकर इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है। साउथ पार्स गैस फील्ड, जो कतर और ईरान के बीच स्थित है, इस समय रणनीतिक रूप से बेहद अहम बन गया है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार माना जाता है।

Hormuz Strait Toll: ईरानी संसद में होर्मुज पर चर्चा

– इन घटनाओं के बीच, ईरानी संसद एक ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है जो सैन्य कार्रवाई से आगे जाकर आर्थिक दबाव बनाने पर केंद्रित है।

– रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित नीति के तहत उन देशों और कंपनियों से शुल्क लिया जा सकता है, जो इस जलमार्ग का इस्तेमाल अपने शिपिंग, ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति के लिए करते हैं।

– ईरान के शीर्ष नेतृत्व के करीबी सूत्रों के मुताबिक, यह योजना केवल राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए भी तैयार की जा रही है।

– यह कदम उन देशों के खिलाफ आर्थिक दबाव बनाने का एक तरीका भी हो सकता है, जिन्होंने ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं।

Middle East Conflict: इकोनॉमिक वॉरफेयर का हिस्सा बन सकता है होर्मुज

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति पारंपरिक युद्ध से हटकर ‘इकोनॉमिक वॉरफेयर’ का हिस्सा हो सकती है। अगर जहाजों को सुरक्षित मार्ग के लिए शुल्क देना पड़ता है, तो यह शिपिंग कंपनियों के लिए एक नया समीकरण बना देगा। एक ओर वे जोखिम भरे रास्ते पर बिना शुल्क के जा सकते हैं, जहां सुरक्षा और बीमा की लागत ज्यादा होगी, वहीं दूसरी ओर वे शुल्क देकर अधिक सुरक्षित मार्ग चुन सकते हैं। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता भी बढ़ रही है।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों पर होगा असर

अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों पर फ्री नेविगेशन (Free Navigation) के सिद्धांत को यह चुनौती दे सकता है। अगर होर्मुज जैसे अहम मार्ग पर टोल लागू होता है, तो यह वैश्विक व्यापार के नियमों में बड़ा बदलाव ला सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव कब और किस रूप में लागू होगा? इतना तय है कि अगर यह नीति हकीकत बनती है, तो समुद्री व्यापार, ऊर्जा बाजार और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर इसका दूरगामी असर देखने को मिलेगा।



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Dhurandhar 2:’घर की याद नहीं आई जस्सी’,थिएटर हिलाने वाला Pinda असल में जिंदा है या मर गया? जानिए इसकी हिस्ट्री


Entertainment

oi-Pallavi Kumari

Dhurandhar 2 Pinda Real Story: ‘घर की याद नहीं आई तूझे जस्सी…’, स्पाई थ्रिलर फिल्म Dhurandhar 2: The Revenge में इंटरवल इस लाइन पर आता है। फिल्म धूरंधर -2 का सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि आखिर Pinda यानी गुरबाज सिंह का क्या हुआ? क्या ये रियल कैरेक्टर था? फिल्म में रणवीर सिंह यानी जसकीरत सिंह रंगी का बचपन का दोस्त पिंडा जब उससे पाकिस्तान में अचानक मिलता है तो पूरा थिएटर हिल जाता है और वहीं इंटरवल शुरू होता है।

फिल्म में दिखाया गया है कि पाकिस्तान के लियारी इलाके में गैंग ज्वाइन करने से पहले जसकीरत भारतीय सेना में जाने की तैयारी कर रहा था। लेकिन एक दर्दनाक घटना ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी। परिवार के साथ हुई हिंसा और अपमान के बाद वह बदले की आग में जलने लगा और आखिरकार एक MLA के परिवार की हत्या के आरोप में जेल पहुंच गया। Pinda यानी गुरबाज सिंह फिल्म में ना सिर्फ जसकीरत का दोस्त रहता है बल्कि उसकी बहन का पति भी रहता है। बाद में वो पंजाब में ड्रग्स सप्लाई करने के काले धंधे में चला जाता है। तो सवाल उठता है कि क्या Pinda यानी गुरबाज सिंह किरदार रियल था।

Dhurandhar 2 Pinda Real Story

Pinda का किरदार असल में किस पर आधारित है? (Real Story Behind Pinda)

फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर ने कई किरदारों को असल जिंदगी से प्रेरित होकर बनाया है। Pinda यानी गुरबाज सिंह का किरदार भी पूरी तरह काल्पनिक नहीं है। इसे पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा (Harwinder Singh Sandhu Rinda) से प्रेरित बताया जा रहा है। रिंदा का नाम भारत सरकार की आतंकवादियों की सूची में शामिल रहा है।

पंजाब के तरनतारन जिले के एक छोटे से गांव सरहाली में रहने वाला लड़का – हरविंदर सिंह संधू, जिसे बाद में लोग ‘रिंदा’ के नाम से जानने लगे। शुरुआत में उसकी जिंदगी आम लोगों जैसी ही थी, लेकिन धीरे-धीरे उसका नाम गलत कामों से जुड़ने लगा।

समय के साथ रिंदा पर कई गंभीर आरोप लगे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह हत्या, हत्या की कोशिश, सुपारी लेकर अपराध करना, लूट और उगाही जैसे मामलों में शामिल रहा। सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में भी उसके खिलाफ केस दर्ज हुए।

Dhurandhar 2 Pinda Real Story

फिर एक समय ऐसा आया जब रिंदा भारत छोड़कर पाकिस्तान चला गया। वहां वह लाहौर में रहने लगा और कहा जाता है कि उसे सीमा पार से काम करने वाली एजेंसियों का समर्थन मिलने लगा। यहीं से उसका नाम एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़ गया।

सरकार के मुताबिक, रिंदा का संबंध ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ नाम के संगठन से था, जिसे भारत में आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। उस पर आरोप था कि वह सीमा पार से हथियार, गोलाबारूद और ड्रग्स की तस्करी में शामिल था। उसकी गतिविधियां सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा मानी गईं।

इसी वजह से इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस भी जारी किया, ताकि उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ढूंढा जा सके और गिरफ्तार किया जा सके।

Dhurandhar 2 Pinda Real Story

आखिरकार, भारत सरकार ने यह तय किया कि रिंदा को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया जाए। इसके लिए में उसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत उसे आतंकियों की सूची में शामिल कर दिया गया। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके और उसकी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

साल 2022 में उसकी मौत ड्रग ओवरडोज से होने की खबर आई थी, लेकिन इस पर कई सवाल भी उठे थे। भारत सरकार की ओर से रिंदा जिंदा है या मर गया है,इसपर कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है।

Dhurandhar 2 में Pinda की मौत

Dhurandhar 2 में Pinda और जस्सी का आमना-सामना कई साल बाद होता है। Pinda उसे पहचान लेता है और एक पार्टी के दौरान दोनों के बीच टकराव होता है। इस सीन में ड्रग्स और हिंसा दोनों का इस्तेमाल दिखाया गया है।

बाथरूम में हुई इस भिड़ंत में दोनों के बीच जबरदस्त लड़ाई होती है। आखिरकार Pinda की मौत हो जाती है। फिल्म में इसे ड्रग ओवरडोज बताया गया है, लेकिन जिस तरह से सीन दिखाया गया है, उससे यह साफ है कि उसकी मौत सीधे टकराव का नतीजा थी।

Dhurandhar 2 Pinda Real Story

Dhurandhar 2 में पिंडा का रोल किसने निभाया?

Pinda का किरदार निभाने वाले अभिनेता उदयबीर संधू ने इस रोल के लिए जबरदस्त मेहनत की। उन्होंने अपने किरदार को असली दिखाने के लिए 15 किलो वजन बढ़ाया और फिर घटाया। उन्हें एक ही फिल्म में 20 साल के युवक और 40 साल के व्यक्ति दोनों को दिखाना था, जो आसान नहीं था। उनकी इस मेहनत ने किरदार को और भी दमदार बना दिया, जिसकी वजह से Pinda फिल्म का सबसे चर्चित किरदार बन गया।

जिंदा है या मर गया रिंदा?

अगर सीधे जवाब की बात करें तो फिल्म की कहानी में Pinda मर चुका है। लेकिन जिस तरह से इसे ड्रग ओवरडोज के रूप में दिखाया गया है और असल जिंदगी के रिंदा के साथ कनेक्शन जोड़ा गया है, उससे सस्पेंस बना रहता है। यही वजह है कि दर्शकों के बीच यह सवाल लगातार बना हुआ है कि क्या यह सच में अंत था या आगे कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है।



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Mumbai weather: मुंबई में बढ़ी गर्मी और उमस, 35°C पहुंचा पारा, IMD ने जारी किया अलर्ट, क्‍या होगी बारिश?


Maharashtra

oi-Bhavna Pandey

Mumbai weather: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लोग तेज गर्मी से बेहाल हैं। मायानगरी में दिन का पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया है। हालांकि रविवार की सुबह साफ आसमान देखा गया। साल के इस समय में मध्यम आर्द्रता और बादलों से मुक्त साफ आसमान सामान्य होता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 मार्च को मुंबई में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया था।

एक मौसम बुलेटिन के अनुसार, रविवार को मुंबई में अधिकतम तापमान लगभग 35°C और न्यूनतम अनुमानित 23°C रहा। हालांकि दोपहर में मौसम गर्म रहा, लेकिन सुबह और देर शाम अपेक्षाकृत आरामदायक महसूस हुई।

Mumbai weather

मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए येलो अलर्ट

23 मार्च, सोमवार को IMD ने मुंबई और आसपास के इलाकों में गर्म व आर्द्र मौसम का अनुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मुंबई, ठाणे और पालघर में अलग-अलग स्थानों पर ऐसी स्थितियां संभावित हैं। रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग समेत महाराष्ट्र के कुछ अन्य हिस्सों के लिए भी समान चेतावनी जारी हुई है।

मुंबई में क्‍या होगी बारिश?

सोमवार, 23 मार्च को इन सभी जिलों के लिए भी ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, इससे साफ है कि जहाँ एक ओर मुंबई में गर्मी व उमस है, वहीं दूसरी ओर कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना भी बनी हुई है।

महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आंधी, बारिश का अलर्ट

इस बीच, IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 मार्च को महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। अहिल्यानगर, पुणे, सतारा, सांगली, सोलापुर, लातूर और धाराशिव जैसे जिलों में बिजली चमकने, हल्की/मध्यम बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक की आशंका है।

मुंबई की एयर क्‍वालिटी में हुआ सुधार

वहीं मुंबई में बढ़ती गर्मी के बावजूद, शहर की एयर क्‍वालिटी में पिछले 24 घंटों में सुधार हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के अनुसार, रविवार को मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 78 दर्ज किया गया, जिसे ‘संतोषजनक’ श्रेणी में माना गया है। मौसम विभाग ने पूरे दिन साफ आसमान रहने का अनुमान जताया था।

महाराष्‍ट्र के अन्‍य शहरों में कैसी रही एयर क्‍वालिटी?

शहर के विभिन्न हिस्सों में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (89), बोरीवली पूर्व (93), बायकुला (84), मलाड पश्चिम (78) और कोलाबा (71) में ‘संतोषजनक’ वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। य

हालांकि, अंधेरी (110) और देवनार (103) में वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में थी। मुंबई से सटे इलाकों में भी AQI संतोषजनक रहा; रविवार सुबह ठाणे में 84 और कल्याण में 98 (दोनों संतोषजनक) पाया गया। वहीं, नवी मुंबई में 108 AQI के साथ इसे ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा गया।



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समोसे के शौकीन ठहरें, जरा जान लें ये हकीकत, पुलिस रेड ने खोला घिनौना राज


हैदराबाद: अगर आप भी शाम की चाय के साथ गरमा-गरम समोसे खाने के शौकीन हैं तो यह खबर आपके लिए एक चेतावनी है. हैदराबाद की फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) और कुलसुमपुरा पुलिस ने जियागुडा इलाके में एक ऐसी अवैध समोसा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है जिसकी हकीकत जानकर आपका कलेजा कांप जाएगा. यहां बेहद खराब परिस्थितियों में भारी मात्रा में समोसे तैयार किए जा रहे थे जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ था.

फैक्ट्री में मिला बीमारी का सामान
पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की छापेमारी में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं:

· सड़े हुए अंडे और घटिया तेल: जांच में पाया गया कि समोसे भरने के लिए सड़े हुए उबले अंडों का इस्तेमाल किया जा रहा था. साथ ही, वही तेल बार-बार गर्म करके इस्तेमाल हो रहा था जो कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है.

· बिना लाइसेंस का खेल: 73 वर्षीय अब्दुल रशीद द्वारा संचालित इस यूनिट के पास न तो FSSAI का लाइसेंस था न ही ट्रेड लाइसेंस या फायर सेफ्टी क्लीयरेंस.

· 5 लाख का माल जब्त: पुलिस ने मौके से लगभग 5 लाख रुपये मूल्य के मिलावटी खाद्य पदार्थ, मैदा, स्वीट कॉर्न और समोसा बनाने वाली मशीनें जब्त की हैं.

· अत्यधिक गंदगी: अधिकारियों ने फैक्ट्री की स्थिति को अत्यधिक घिनौना बताया है, जहां साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं था.

आपकी प्लेट में स्लो पॉइजन
समोसा जैसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड की भारी मांग का फायदा उठाकर ये अवैध इकाइयां फल-फूल रही हैं. यहां इस्तेमाल होने वाला बार-बार गर्म किया गया तेल शरीर में ट्रांस फैट्स और फ्री रेडिकल्स पैदा करता है जो दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है. वहीं, सड़े हुए अंडों और घटिया मैदा का उपयोग गंभीर फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड और लिवर इन्फेक्शन का खतरा पैदा करता है.

सवालों के घेरे में आपकी सेहत
बाहर समोसे खाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

हमेशा दुकान की साफ-सफाई और वहां इस्तेमाल हो रहे तेल के रंग पर ध्यान दें. यदि तेल बहुत काला या गाढ़ा दिख रहा है, तो वहां से कुछ भी न खाएं. इसके अलावा, दुकानदार से उसका FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर पूछना आपका अधिकार है.

क्या पुलिस ऐसी अन्य यूनिट्स पर भी कार्रवाई कर सकती है?

जी हां, हैदराबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि खाद्य मिलावट के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उनके आसपास ऐसी कोई संदिग्ध या गंदगी वाली जगह पर खाना बनते देखें, तो तुरंत सूचना दें. आरोपी अब्दुल रशीद को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.



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Mumnbai local train: खडावली स्‍टेशन में क्रेन अटकी, थमा ट्रेनों का संचालन, घंटों फंसे रहे यात्री


Maharashtra

oi-Bhavna Pandey

Mumbai local train: सेंट्रल रेलवे लाइन पर 15-कोच वाली मुंबई लोकल ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म विस्तार का काम सुबह के शुरुआती घंटों में खडावली स्टेशन के पास बाधित हो गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एक रेल क्रेन ओवरहेड तारों में उलझ गई, जिससे निर्धारित रखरखाव कार्यों में देरी हुई। यह कार्य कसारा-कल्याण खंड में लंबी ट्रेनों को समायोजित करने के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।

क्रेन ब्लॉक के कारण हुई देरी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्लेटफार्म विस्तार हेतु सुबह 2:45 बजे से 4 बजे तक का ब्लॉक निर्धारित था। यद्यपि, क्रेन का जिप वायर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) में उलझने से ऑपरेशन निर्धारित समय से ऊपर चला गया। मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा, “प्लेटफॉर्म विस्तार हेतु क्रेन ब्लॉक सुबह 2:45 बजे से 4 बजे तक दिया गया था, लेकिन चूंकि क्रेन का जिप ओवरहेड इक्विपमेंट में उलझ गया, इसलिए ब्लॉक का समय बढ़ गया।”

Mumbai local train

घंटों रुकी रहीं ट्रेनें

स्थिति को संभालने और बाधा हटाने हेतु दुर्घटना राहत ट्रेन (ART) तुरंत भेजी गई। मध्य रेलवे की टीमों ने समस्या को तेजी से सुलझाया और लगभग 5:40 बजे तक दोनों लाइनें साफ कर दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन परिचालन जल्द ही फिर से शुरू हो गया और सुबह 6 बजे तक सामान्य सेवाएं बहाल हो गईं। घटना में कोई चोटिल नहीं हुआ।

ठाणे और डोम्बिवली स्टेशनों पर आगामी प्लेटफॉर्म विस्तार

मध्य रेलवे ने पहले घोषणा की थी कि वह 15-कोच वाली ट्रेनों के लिए ठाणे और डोम्बिवली स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार हेतु रविवार, 22 मार्च को मुंबई उपनगरीय खंडों पर 10 घंटे का विशेष ट्रैफिक और पावर ब्लॉक चलाएगा।

विशेष ट्रैफिक और पावर ब्लॉक की योजना

मध्य रेलवे द्वारा शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार, यह ब्लॉक मुलुंड-ठाणे और दिवा-डोम्बिवली के बीच UP व DOWN स्लो लाइनों पर किए जाने की योजना थी। इससे मुंबई लोकल के साथ-साथ मेल और एक्सप्रेस सेवाएं भी प्रभावित होंगी। ब्लॉक अवधि में उपनगरीय सेवाएं बीच-बीच में रद्द रहेंगी।

वीकेंड पर बाधित रहीं ये ट्रेनें

वहीं शनिवार देर रात से रविवार सुबह के बीच परेल और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से कई DOWN स्लो सेवाओं को मुलुंड में फास्ट लाइन पर डायवर्ट कर ठाणे में पुनः स्लो लाइन पर मोड़ा गया। दिवा के रास्ते डायवर्ट होने पर ये ट्रेनें कोपर और ठाकुरली स्टेशनों पर नहीं रुकी

कल्याण से शनिवार देर रात और रविवार सुबह के बीच UP स्लो सेवाओं को भी फास्ट लाइन पर डायवर्ट किया गया। ये ठाकुरली और कोपर स्टेशनों पर ठहराव नहीं लेंगी; बल्कि इन्हें दिवा व ठाणे तथा फिर ठाणे व मुलुंड के बीच पुनः डायवर्ट किया जाएगा।



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गुजरात CM से भारत के PM तक, 24 साल की लगातार ड्यूटी: Narendra Modi के ‘अटूट समर्पण’ की क्या है कहानी?


India

oi-Divyansh Rastogi

Narendra Modi Time Travel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वे अब देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित सरकार प्रमुख बन गए हैं। 22 मार्च 2026 को उन्होंने कुल 8,931 दिन का कार्यकाल पूरा किया, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में बिताया गया समय शामिल है। इस तरह, उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

यह मील का पत्थर सिर्फ संख्या का खेल नहीं है, बल्कि दशकों की निरंतर, अटूट और समर्पित जनसेवा की कहानी है। प्रधानमंत्री मोदी ने 24 साल से अधिक समय तक बिना एक भी छुट्टी लिए देश की सेवा की है।

Narendra Modi 24 Years Service

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ‘अटूट समर्पण’ का प्रतीक बताया है। शाह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि मोदी जी की सेवा ने एक पूरा युग रच दिया है। गरीबों को अधिकार दिलाने से लेकर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने और वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ाने तक। उन्होंने कहा, ’24 वर्षों से अधिक समय तक बिना कोई छुट्टी लिए राष्ट्र और उसके लोगों की सेवा करना उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।’

नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर: शुरुआत से अब तक

नरेंद्र मोदी का नेतृत्व का सफर 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने। उस समय राज्य कई चुनौतियों से जूझ रहा था। उन्होंने 22 मई 2014 तक इस पद पर बने रहे। कुल 13 साल से अधिक समय। इस दौरान वे गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे और चार बार लगातार चुनाव जीते। गुजरात में विकास के मॉडल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

26 मई 2014 को वे भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने। वे पहले गैर-कांग्रेसी नेता रहे, जिन्होंने लोकसभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उनकी अगुवाई में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत जीता। वे लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बने-यह गैर-कांग्रेसी नेता के लिए पहली बार हुआ।

वे स्वतंत्र भारत में जन्मे (17 सितंबर 1950 को जन्म) पहले प्रधानमंत्री हैं। उनका यह सफर राजनीतिक दीर्घायु, जनसमर्थन और निरंतर नेतृत्व का प्रतीक है। गुजरात सीएम के रूप में सबसे लंबा पूर्व अनुभव वाला प्रधानमंत्री बनना भी उनका अनोखा रिकॉर्ड है।

डिजिटल दुनिया में मोदी की मजबूत पकड़

प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जो उनकी जन-जुड़ाव की रणनीति को दर्शाती है।

  • यूट्यूब: मार्च 2026 की शुरुआत में उनके चैनल पर 30 मिलियन (3 करोड़) सब्सक्राइबर हो गए। वे वैश्विक नेताओं में सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले हैं। दूसरे स्थान पर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो हैं, जिनके सब्सक्राइबर मोदी जी के एक-चौथाई से भी कम हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुकाबले मोदी जी के सब्सक्राइबर सात गुना से अधिक हैं। यह उनकी डिजिटल पहुंच और वैश्विक प्रभाव को दिखाता है।
  • इंस्टाग्राम: फरवरी 2026 में उन्होंने 100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया। वे इस प्लेटफॉर्म पर 100 मिलियन फॉलोअर्स पार करने वाले पहले सेवारत विश्व नेता और राजनेता बने। 2014 में जुड़ने के बाद से उनकी सक्रियता बढ़ती गई। वर्तमान में उनके फॉलोअर्स 101 मिलियन से अधिक हैं।
  • एक्स (पूर्व ट्विटर): यहां उनके 106.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो उन्हें दुनिया के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले नेताओं में शुमार करता है।

ये आंकड़े बताते हैं कि नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया को सिर्फ संचार का माध्यम नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़ने और नीतियों को पहुंचाने का प्रभावी टूल बनाया है।

अमित शाह की प्रशंसा: ‘प्रधानसेवक मोदी’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इस उपलब्धि पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोदी जी के 8,931 दिन ‘राष्ट्र-प्रथम’ शासन, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं। शाह ने लिखा, ‘मोदी युग ने भारत को पूरी तरह बदल दिया है। गरीबों को अधिकार मिले, विकास के नए मानक बने और वैश्विक मंच पर देश का सम्मान बढ़ा। इस नए भारत को गढ़ने के लिए जीवन भर का प्रयास चाहिए था, और प्रधानमंत्री जी ने वह किया।’

शाह ने जोर दिया कि बिना छुट्टी के 24 साल से अधिक सेवा करना अभूतपूर्व है। लोगों का विश्वास, स्नेह और समर्थन हर दिन बढ़ता गया-तीन बार गुजरात सीएम और तीन बार प्रधानमंत्री बनना इसका प्रमाण है।

यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है?

यह रिकॉर्ड सिर्फ समय की गिनती नहीं, बल्कि स्थिरता, समर्पण और जन-विश्वास की कहानी है। भारतीय राजनीति में लगातार इतने लंबे समय तक उच्च पद पर बने रहना दुर्लभ है। मोदी जी ने चुनौतियों-आर्थिक सुधार, कोविड जैसी महामारी, वैश्विक संकट-के बावजूद नेतृत्व बनाए रखा।

उनकी सेवा का फोकस ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ पर रहा। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों का जीवन बदला। वैश्विक स्तर पर भारत की छवि मजबूत हुई-जी-20 की मेजबानी से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रियता तक।

यह मील का पत्थर प्रधानमंत्री मोदी के ‘प्रधानसेवक’ बनने की भावना को रेखांकित करता है। जहां राजनीति में अक्सर परिवारवाद और सत्ता की होड़ दिखती है, वहां मोदी जी का मॉडल राष्ट्र-केंद्रित, मेहनत और समर्पण पर टिका है।

24 साल, एक भी छुट्टी नहीं-यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। मोदी जी की यह यात्रा बताती है कि सच्चा नेतृत्व समय की कसौटी पर खरा उतरता है। आने वाले समय में भी उनका यह समर्पण भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।



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