Home Blog Page 379

CJI बोले- AI ज्यूडीशियरी को मजबूत करने में मदद करे: डेटा-रिकॉर्ड संभाले, पैटर्न पहचाने लेकिन फैसले सुनाने के काम में दखल न दे




CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को ज्यूडिशियल सिस्टम में इस तरह से शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह हमारी व्यवस्था को मजबूत करे, न कि उसके असली काम को ही कमजोर कर दे। CJI बोले- “AI को बड़ी मात्रा में डेटा और रिकॉर्ड को संभालने, पैटर्न पहचानने और सिस्टम में हो रही देरी को कम करने में मदद करनी चाहिए। वह फैसले सुनाने के काम में दखल न दे, बल्कि फैसले इंसानों के हाथों में ही रहना चाहिए।” चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के बेंगलुरु में हुए राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में शामिल हुए थे। जहां ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- विवादों की रोकथाम और समाधान’ विषय सेमिनार रखा गया था। CJI के AI पर बयान की बड़ी बातें… लैंगिक समानता पर बोले- सरकारी वकीलों और पैनल में 50% महिलाएं हों CJI सूर्यकांत ने कानूनी पेशे में लैंगिक समानता को लेकर भी सुझाव दिया। CJI ने कहा कि सरकारी वकीलों और मुफ्त कानूनी सहायता पैनल में कम से कम 50% महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए। देश में 45 से 50% न्यायिक अधिकारी महिलाएं हैं और कई राज्यों में यह आंकड़ा 60% तक पहुंच चुका है। कानून के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन करियर के अगले फेज में भागीदारी घट जाती है। इसके पीछे अनियमित काम के घंटे, मुवक्किलों का भरोसा कम मिलना और आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं हैं। ————————- ये खबर भी पढ़ें… CJI सूर्यकांत चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून पर सुनवाई से अलग, बोले- केस ऐसी बेंच को सौंपा जाए जिसमें जज चीफ जस्टिस बनने की कतार में न हो भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को चुनाव आयोग नियुक्ति कानून से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। CJI ने कहा, “मुझ पर हितों के टकराव का आरोप लग सकता है, इसलिए इस मामले से अलग होना उचित है।” उन्होंने सुझाव दिया कि इस केस को ऐसी बेंच को सौंपा जाए, जिसमें कोई भी जज भविष्य में चीफ जस्टिस बनने की कतार में न हो। सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली भी CJI के साथ बेंच का हिस्सा थे।पढ़ें पूरी खबर…



Source link

विदेश जाने का सपना? जानिए वो देश जहां बसने पर मिलते हैं पैसे, जमीन और खास सुविधाओं का ऑफर


Abroad Settle Opportunities: आज के दौर में बेहतर जिंदगी की तलाश हर किसी को आगे बढ़ने के लिए मजबूर करती है. कोई अच्छी नौकरी चाहता है, कोई बेहतर लाइफस्टाइल, तो कोई बच्चों के लिए अच्छा भविष्य. ऐसे में विदेश में बसने का सपना कई लोगों के दिल में होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जो खुद लोगों को अपने यहां बसने का न्योता देते हैं? सिर्फ इतना ही नहीं, ये देश कई बार पैसे, सस्ती जमीन, टैक्स में राहत और दूसरी सुविधाएं भी देते हैं ताकि लोग वहां जाकर बसें और स्थानीय आबादी को बढ़ाएं. हालांकि ये ऑफर हमेशा के लिए नहीं होते, और इनके साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी होती हैं. इसलिए सही जानकारी और सही समय बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ देशों के बारे में.

छोटे शहरों को बसाने की कोशिश
1. कनाडा का खास प्लान
कनाडा लंबे समय से इमिग्रेशन के लिए जाना जाता है, लेकिन अब वहां छोटे शहरों को बसाने पर खास फोकस है. Rural and Northern Immigration Pilot (RNIP) जैसे प्रोग्राम इसी दिशा में शुरू किए गए थे. इसका मकसद बड़े शहरों के बजाय छोटे इलाकों में आबादी बढ़ाना है. इस स्कीम के तहत अगर किसी विदेशी को वहां नौकरी मिल जाती है, तो उसे परमानेंट रेजिडेंस का मौका मिल सकता है. कई भारतीयों ने भी इस मौके का फायदा उठाया है, खासकर आईटी और हेल्थ सेक्टर में काम करने वाले लोगों ने. हालांकि यह एक पायलट प्रोजेक्ट था और समय के साथ इसमें बदलाव होते रहते हैं.

गांवों में नई जिंदगी का ऑफर
2. इटली के गांव दे रहे पैसे
इटली के कुछ छोटे गांवों में आबादी तेजी से घट रही है. ऐसे में वहां की लोकल सरकारें लोगों को बसने के लिए पैसे तक देने को तैयार हैं. प्रेसिचे और सम्बुका जैसे गांवों में घर खरीदने और उसे ठीक कराने के लिए करीब 25,000 यूरो तक की मदद दी जाती है, लेकिन यहां एक ट्विस्ट भी है. आपको वहां घर खरीदना होगा और उसे तय समय के अंदर ठीक भी करना होगा. कई लोग इसे एक मौके की तरह देखते हैं-कम खर्च में यूरोप में अपना घर, लेकिन ग्रामीण लाइफस्टाइल अपनाना हर किसी के बस की बात नहीं होती.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

खाली घर, नई शुरुआत
3. जापान का Akiya प्रोग्राम
जापान में जनसंख्या तेजी से घट रही है, खासकर गांवों में. ऐसे में वहां “Akiya” यानी खाली घरों की संख्या बढ़ रही है. सरकार और लोकल प्रशासन इन घरों को बहुत कम कीमत पर या कभी-कभी मुफ्त में देने का ऑफर देते हैं. कुछ इलाकों में बसने पर आपको आर्थिक मदद भी मिल सकती है, लेकिन यहां रहना आसान नहीं होता. आपको लोकल भाषा सीखनी होती है, गांव के माहौल में ढलना होता है और कई बार नौकरी के मौके भी सीमित होते हैं. फिर भी जो लोग शांत और सादगी भरी जिंदगी चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है.

स्किल है तो मौका पक्का
4. जर्मनी में काम और सुविधाएं
जर्मनी सीधे पैसे नहीं देता, लेकिन यहां मिलने वाली सुविधाएं काफी आकर्षक हैं. EU Blue Card जैसी स्कीम के जरिए स्किल्ड वर्कर्स को बुलाया जाता है, अगर आपके पास अच्छी क्वालिफिकेशन और जॉब ऑफर है, तो यहां आपको अच्छी सैलरी, फ्री या कम खर्च में एजुकेशन और बेहतर हेल्थ सिस्टम का फायदा मिलता है. कई भारतीय इंजीनियर और डॉक्टर यहां पहले से काम कर रहे हैं, लेकिन यहां जाने के लिए स्किल और एक्सपीरियंस जरूरी है.

गांवों को बचाने की कोशिश
5. स्पेन का खास ऑफर
स्पेन के कुछ छोटे गांव जैसे पोंगा भी नए लोगों को बसाने के लिए पैसे देते हैं. यहां बसने पर करीब 3,000 यूरो तक की मदद मिलती है. अगर आपके बच्चे हैं, तो उनके लिए अलग से बोनस भी दिया जाता है. हालांकि ये ऑफर हर साल नहीं आते और बहुत सीमित होते हैं. इसलिए अगर आप इस तरह के मौके की तलाश में हैं, तो लगातार अपडेट लेते रहना जरूरी है.

रियल लाइफ में कैसा होता है अनुभव
कई लोग इन स्कीम्स को सुनकर तुरंत आकर्षित हो जाते हैं, लेकिन जमीन पर हालात थोड़े अलग होते हैं. मान लीजिए आप इटली के किसी गांव में बस गए-वहां शांति जरूर होगी, लेकिन शहर जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी. जापान में घर मिल सकता है, लेकिन नौकरी और भाषा एक बड़ी चुनौती बन सकती है. कनाडा या जर्मनी जैसे देशों में मौका अच्छा है, लेकिन वहां कॉम्पिटिशन भी काफी ज्यादा है. इसलिए सिर्फ ऑफर देखकर फैसला लेना सही नहीं होता.

ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
इन स्कीम्स को लेकर कुछ जरूरी बातें हमेशा ध्यान में रखें:
-ये ऑफर हमेशा के लिए नहीं होते, समय-समय पर बदलते रहते हैं
-हर देश की अपनी योग्यता और भाषा की शर्तें होती हैं
-कई जगह नौकरी जरूरी होती है
-ऑफिशियल वेबसाइट या एम्बेसी से जानकारी जरूर चेक करें
-सोशल मीडिया या अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें

विदेश में बसने के ये मौके सुनने में जितने आसान और आकर्षक लगते हैं, उतने होते नहीं हैं. हर ऑफर के पीछे कुछ शर्तें, जिम्मेदारियां और चुनौतियां छुपी होती हैं, लेकिन अगर आप सही जानकारी लेकर, प्लान बनाकर और अपनी स्किल के हिसाब से कदम उठाते हैं, तो ये मौके आपकी जिंदगी बदल सकते हैं. बस जल्दबाजी से बचें और हर कदम सोच-समझकर उठाएं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



Source link

Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट


India

oi-Sohit Kumar

Iran Guides Indian Tanker Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी खौफनाक तनाव के बीच होर्मुज के ‘डेथ जोन’ से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। जहां दुनिया का कोई भी जहाज जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा, वहां भारतीय तिरंगा शान से लहराता नजर आया। ये महज एक सफर नहीं था, बल्कि समंदर के सीने पर भारत की कूटनीति की सबसे बड़ी जीत थी।

आइए जानते हैं जब चारों तरफ मिसाइलें और ड्रोन मंडरा रहे थे, तब किस देश की नौसेना ने खुद आगे बढ़कर भारत के विशालकाय गैस टैंकर का हाथ थामा?

Strait of Hormuz

दरअसल, यह घटना तब हुई जब पिछले कुछ हफ्तों में कई जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने एक भारतीय गैस टैंकर (LNG) को गुजरने की अनुमति दी। ईरानी नौसेना ने न केवल रास्ता दिया बल्कि जहाज की सुरक्षा भी की।

जहाज पर मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह उन दो भारतीय जहाजों में से एक था जिन्हें इस बेहद संवेदनशील क्षेत्र को पार करने की अनुमति मिली थी।

हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट

ट्रांजिट के दौरान, भारतीय जहाज लगातार ईरानी नौसेना के साथ रेडियो संपर्क में था। ईरान ने जहाज के झंडे, चालक दल की राष्ट्रीयता और गंतव्य (Destination) जैसी विस्तृत जानकारी ली।

  • भारतीय क्रू: जहाज के सभी सदस्य भारतीय थे।
  • सुरक्षा प्रोटोकॉल: हमले के डर से चालक दल ने लाइफ राफ्ट तैयार रखे थे।
  • तकनीकी चुनौतियां: यात्रा के दौरान जीपीएस (GPS) व्यवधान का सामना करना पड़ा और पहचान छुपाने के लिए ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को बंद रखा गया।

भारतीय नौसेना का सुरक्षा कवच

जैसे ही यह टैंकर ओमान की खाड़ी में पहुंचा, वहां पहले से मौजूद भारतीय नौसेना के युद्धपोतों ने इसे अपनी सुरक्षा में ले लिया। वर्तमान में, भारत ने इस क्षेत्र में अपने ऊर्जा आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक संपत्तियां तैनात की हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के कुल तेल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। युद्ध के कारण इस रास्ते पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ गया है, जिससे बीमा लागत में भारी उछाल आया है। ऐसे में ईरान का भारतीय जहाजों को रास्ता देना भारत की मजबूत विदेश नीति का संकेत है।



Source link

IPL 2026 की होगी फीकी शुरुआत? ये 5 मैच विनर नहीं खेलेंगे शुरुआती मुकाबले, फ्रेंचाइजी की बढ़ी टेंशन!


IPL 2026: क्या वर्ल्ड कप 2027 के लिए फिट हैं रोहित-विराट, IPL में होगी असली अग्निपरीक्षा, बचा पाएंगे अपनी जगह?



Source link

Air India को क्यों रद्द करनी पड़ीं 2500 उड़ानें? बढ़ने वाली है यात्रियों की टेंशन! CEO ने बताई अंदर की बात


Business

oi-Sohit Kumar

Air India flights cancelled: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण एयर इंडिया ने पिछले तीन हफ्तों में पश्चिम एशिया (West Asia) की अपनी लगभग 2,500 उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन ने शुक्रवार को कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में बताया कि एयर इंडिया वर्तमान में इस क्षेत्र में अपने सामान्य शेड्यूल के केवल 30% हिस्से की ही उड़ाने कर पा रही है।

कैंपबेल विल्सन ने नोट में बताया कि, ‘मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर दुनिया, हमारे क्षेत्र और हमारे उद्योग पर लगातार पड़ रहा है। एयर इंडिया ग्रुप पर इसका प्रभाव काफी गहरा है क्योंकि मध्य पूर्व के लिए हमारा कामकाज काफी बड़े स्तर पर होता है।’

Air India

उड़ानें रद्द होने की मुख्य वजह

CEO ने स्पष्ट किया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक करीब 2,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘आज की स्थिति यह है कि हम अपने सामान्य मिडिल ईस्ट शेड्यूल का केवल 30% ही संचालित कर पा रहे हैं। इसका कारण यह है कि संबंधित हवाई अड्डे या हवाई क्षेत्र (Airspace) या तो बंद हैं, या फिर हमारी सुरक्षा मानकों के लिहाज से असुरक्षित पाए गए हैं।’

बढ़ते खर्च और ईंधन का बोझ

इस व्यवधान का आर्थिक असर भी दिखने लगा है। विल्सन के अनुसार, विमान ईंधन (Jet Fuel) की कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गई हैं। उन्होंने बताया, ‘इसका मुख्य असर अगले महीने से हम पर पड़ेगा।’ एयरलाइन ने बढ़ते खर्चों की भरपाई के लिए नए टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) लगाना शुरू कर दिया है।

रूट में बदलाव और लंबी उड़ानें

ब्रिटेन, यूरोप और उत्तरी अमेरिका की उड़ानों को भी अब और अधिक लंबे रास्तों से डायवर्ट किया जा रहा है। पिछले साल की ‘पहलगाम घटना’ के बाद से ही लंबे रास्तों का उपयोग हो रहा था, लेकिन अब उन्हें और अधिक घुमावदार बनाया गया है। इससे न केवल ईंधन की खपत बढ़ी है, बल्कि यात्रा के समय में भी इजाफा हुआ है।

मांग और भविष्य की चुनौतियां

आर्थिक अनिश्चितता के बीच विल्सन ने यात्रा की मांग में कमी आने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर ग्राहक अधिक किराया देने को तैयार नहीं है, इसलिए किराए बढ़ाने की भी एक सीमा है। हालांकि, यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे बाजारों में मांग के नए अवसर भी दिख रहे हैं, जहाँ एयरलाइन अतिरिक्त उड़ानें तैनात कर रही है।

कर्मचारियों के लिए संदेश

विल्सन ने प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे कर्मचारियों की सराहना की और कहा कि सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कर्मचारियों से अनावश्यक खर्चों पर कड़ा नियंत्रण रखने और विषम परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहयोग करने की अपील की है।



Source link

Flight tickets: पेट्रोल-एलपीजी के बाद अब महंगा होगा हवाई सफर? एविएशन मिनिस्ट ने दिया ये जवाब


Business

oi-Ankur Sharma

Flight tickets: अमेरिका इज़रायल ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि से तेल,गैस की कीमतों पर प्रभाव पड़ा है जिसके चलते अब हवाई किराया भी महंगा हो सकता है, ऐसे आसार दिख रहे हैं, इस बारे में सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने इंडिया टुडे को बताया कि ‘ईरान युद्ध के बीच दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों ने एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के प्राइस पर भी असर डाला है जो कि 1 अप्रैल से संशोधित होंगी।’

आपको बता दें कि 7 मार्च को एलपीजी और 20 मार्च को प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े थे।नायडू ने स्पष्ट किया, ‘ATF की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय होती हैं। इसलिए, इसका असर 1 अप्रैल से दिख सकता है।’

US Israel Iran War

उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा स्थिति के आकलन हेतु एयरलाइंस से लगातार संपर्क में है।नायडू ने कहा कि सिविल एविएशन, एक्सटर्नल अफेयर्स और पेट्रोलियम और नेचुरल गैस समेत कई मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं। यह एक मल्टी-डिपार्टमेंटल काम है।

नायडू ने आगे कहा कि मौजूदा हालात में तेल और एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय है, सरकार का लक्ष्य यात्रियों पर बोझ को न्यूनतम करना है। हम देखेंगे कि एयरलाइंस के लिए क्या सबसे बेहतर किया जा सकता है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इसका असर यात्रियों पर न पड़े या संचालन बाधित न हो।’

ATF एयरलाइंस की परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है, जो टिकट कीमतों का मुख्य निर्धारक है। ईरान इजरायल युद्ध के चलते कच्चे तेल और जेट ईंधन की वैश्विक कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। इसी कारण, भारतीय वाहकों ने घरेलू व अंतरराष्ट्रीय दोनों मार्गों पर फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू किया है।हाल ही में एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर ने फ्यूल सरचार्ज की घोषणा की है। इसके तहत, यात्रियों को टिकट खरीदते समय बेस किराये और ATF लागत के अतिरिक्त राशि चुकानी होती है।

ATF (एटीएफ) क्या होता है और फ्लाइट के लिए क्यों जरूरी है?

ATF (Aviation Turbine Fuel) एक खास तरह का ईंधन होता है, जिसका इस्तेमाल हवाई जहाजों (aircraft) के इंजन में किया जाता है। यह सामान्य पेट्रोल या डीजल से अलग होता है और खासतौर पर जेट इंजन के लिए बनाया जाता है। इसे आम भाषा में जेट फ्यूल (Jet Fuel) भी कहा जाता है।

फ्लाइट के लिए ATF क्यों जरूरी है?

हवाई जहाज के इंजन बहुत तेज गति और ऊंचाई पर काम करते हैं सलिए उन्हें सामान्य पेट्रोल नहीं बल्कि ATF की जरूरत होती है। जब विमान 30,000-40,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ता है, तब तापमान बहुत कम होता है। ATF ऐसी स्थिति में भी सही तरीके से काम करता है।



Source link

IPL 2026 SRH Preview: बल्लेबाज जिताएंगे मैच या गेंदबाज लुटाएंगे रन? बिन कमिंस कितनी धारदार होगी हैदराबाद!


IPL 2026 से पहले रामलला के चरणों में पहुंचे सुपर जायंट्स! संजीव गोयनका और ऋषभ पंत ने अयोध्या में टेका मत्था



Source link

Maa Kushmanda : आज है मां कूष्मांडा का दिन,जानें माता को कौन सा लगाएं भोग?


Religion Spirituality

oi-Ankur Sharma

Chaitra Navratri Day 4: आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है, नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इन्हें सृष्टि की आदि शक्ति माना जाता है, जिन्होंने अपनी दिव्य मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी।मां कूष्मांडा की पूजा करने से सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

Maa Kushmanda

Chaitra Navratri Day 4 Muhurat:आज के शुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
  • अमृत काल: सायं 06 बजकर 17 मिनट से सायं 07 बजकर 46 मिनट तक

Maa Kushmanda Puja Vidhi: मां कूष्मांडा पूजा विधि

सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान पर गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें। मां की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाकर धूप, अगरबत्ती अर्पित करें। मां को कुम्हड़ा (सीताफल/कद्दू) का भोग लगाएं (इसी कारण इन्हें कूष्मांडा कहा जाता है)।फल, फूल, रोली, चंदन और अक्षत अर्पित करें।दुर्गा सप्तशती या मां के मंत्रों का जाप करें। अंत में आरती करके प्रसाद वितरण करें।

Maa Kushmanda Aarti: मां कूष्मांडा की आरती

  • कूष्मांडा जय जग सुखदानी।
  • मुझ पर दया करो महारानी॥
  • पिगंला ज्वालामुखी निराली।
  • शाकंबरी माँ भोली भाली॥
  • लाखों नाम निराले तेरे ।
  • भक्त कई मतवाले तेरे॥
  • भीमा पर्वत पर है डेरा।
  • स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥
  • सबकी सुनती हो जगदंबे।
  • सुख पहुँचती हो माँ अंबे॥
  • तेरे दर्शन का मैं प्यासा।
  • पूर्ण कर दो मेरी आशा॥
  • माँ के मन में ममता भारी।
  • क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥
  • तेरे दर पर किया है डेरा।
  • दूर करो माँ संकट मेरा॥
  • मेरे कारज पूरे कर दो।
  • मेरे तुम भंडारे भर दो॥
  • तेरा दास तुझे ही ध्याए।
  • भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥

Maa Kushmanda Puja Significance: मां कूष्मांडा का महत्व

मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है। इनकी उपासना से रोग, शोक और भय दूर होते हैं। मां अपने भक्तों को आयु, यश, बल और बुद्धि का आशीर्वाद देती हैं। ज्योतिष के अनुसार, इनकी पूजा से सूर्य ग्रह मजबूत होता है और जीवन में ऊर्जा आती है।

DISCLAIER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी बात को अमल में लाने से पहले किसी पंडित या ज्योतिषी से जरूर बातें करें।



Source link

Weather Delhi-NCR: दिल्ली में अगली बारिश कब होगी? खिली धूप के बीच मंडरा रहा नया संकट, IMD ने बढ़ाई टेंशन


Delhi

oi-Sohit Kumar

Weather Forecast Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने एक बार फिर करवट लिया है। पिछले दो दिनों तक हुई रिमझिम बारिश (Rain In Delhi) और बादलों की लुका-छिपी के बाद आज सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ नजर आ रहा है। धूप खिलने के कारण ठिठुरन कम हुई है और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि, मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, यह साफ आसमान केवल एक छोटा सा ब्रेक है और जल्द ही बादलों की गर्जना फिर से सुनाई दे सकती है।

राजधानी दिल्ली में आज यानी 22 मार्च को मौसम मुख्य रूप से साफ बना रहेगा। दिन के समय चटख धूप खिली रहेगी और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शाम होते-होते आसमान में आंशिक रूप से बादल छाने शुरू हो जाएंगे, जो रात तक और घने हो सकते हैं, लेकिन आज बारिश की संभावना केवल 1% ही है।

weather-forecast-delhi-ncr

Delhi Weather Tomorrow: दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम?

कल यानी 23 मार्च को दिल्ली के मौसम में फिर से हलचल देखने को मिलेगी। सोमवार को दिन भर आसमान में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और दोपहर के समय गरज-चमक के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की पूरी संभावना है। इस दौरान ठंडी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे तापमान में एक बार फिर गिरावट आ सकती है।

दिल्ली के अलग अलग इलाकों के मौसम का हाल

  • उत्तर दिल्ली: आज यहां आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी, लेकिन कल दोपहर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है जो शाम तक मौसम को ठंडा कर देगी।
  • नई दिल्ली: आज तेज सतही हवाएं (20-30 किमी/घंटा) चलने के आसार हैं, वहीं 23 मार्च को दोपहर के समय हल्की फुहारें पड़ने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
  • दक्षिण दिल्ली: आज रात से बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी और कल दोपहर में बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश होने की स्थिति बनी हुई है।
  • पश्चिम दिल्ली: आज यहां मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन कल 23 मार्च को गरज-चमक के साथ बादल बरस सकते हैं, जिससे अगले दो दिन मौसम सुहावना रहेगा।

NCR के शहरों में मौसम का हाल

  • नोएडा: आज नोएडा में तेज धूप और साफ मौसम रहेगा, हालांकि कल दोपहर में यहाँ बादलों की गर्जना के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
  • गाजियाबाद: यहाँ आज मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन 23 मार्च को अचानक मौसम बदलेगा और दोपहर के समय हल्की बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आएगी।
  • गुरुग्राम: आज यहाँ गर्मी का प्रभाव थोड़ा अधिक रहेगा, जबकि कल दोपहर में बादल छाने और बहुत हल्की बारिश होने की संभावना से राहत मिल सकती है।
  • फरीदाबाद: आज आसमान आंशिक रूप से बादल वाला रहेगा, लेकिन कल 23 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश होने की प्रबल संभावना विभाग ने जताई है।

दिल्ली में कब होगी बारिश?

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का अगला दौर 23 मार्च (सोमवार) को आने वाला है। यह बारिश मुख्य रूप से दोपहर के समय (Forenoon to Afternoon) होगी और इसकी प्रकृति बहुत हल्की (Very Light Rain) रहेगी। 24 और 25 मार्च को फिर से आसमान आंशिक रूप से साफ होने लगेगा।

दिल्ली में आज कितना पॉल्यूशन है?

बारिश के बावजूद दिल्ली की हवा में सुधार नहीं दिख रहा है और एयर क्वालिटी अभी भी (गंभीर) श्रेणी में बनी हुई है। आज सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 230 दर्ज किया गया है। हवा में PM2.5 का स्तर 160 µg/m³ और PM10 का स्तर 218 µg/m³ पाया गया है, जो सेहत के लिए काफी खतरनाक है।



Source link

तमिलनाडु में NDA की सीट शेयरिंग पर फैसला जल्द:AMMK नेता दिनाकरन ने शाह से मुलाकात की; केरल के त्रिशूर में नॉमिनेशन को लेकर विवाद




तमिलनाडु में अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शनिवार को अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उनकी शाह से मुलाकात सीट शेयरिंग के लिए नहीं थी। इसमें चुनाव की रणनीति और NDA की जीत पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि सीट शेयरिंग पर फैसला चेन्नई में ही होगा। अगले 2-3 दिनों में NDA के सभी दल मिलकर सहमति बना लेंगे। दिनाकरन ने कहा कि NDA मिलकर DMK सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार उनकी जीत होगी। केरल के त्रिशूर में नॉमिनेशन फाइल करने के दौरान BJP और CPI नेताओं के बीच बहस हो गई। दोनों पार्टियां इस बात पर भिड़ गईं कि पहले किसे पेपर जमा करने दिया जाए। CPI ने टोकन सिस्टम का हवाला दिया, जबकि BJP ने मुहूर्त के अंदर नॉमिनेशन करने की बात कही। इस वजह से वहां कुछ समय तक तनाव की स्थिति बन गई। आखिर में CPI कैंडिडेट ने पहले पेपर जमा किए, उसके बाद BJP कैंडिडेट ने मुहूर्त के भीतर अपना नॉमिनेशन फाइल किया। केरल में चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। NDA की सहयोगी RPI(A) बंगाल में चुनाव नहीं लड़ेगी रामदास अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु, केरल और असम में चुनाव लड़ेगी। इन राज्यों में पार्टी कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पश्चिम बंगाल में RPI(A) खुद चुनाव नहीं लड़ेगी। वहां BJP को सपोर्ट देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि वोट न बंटें। उन्होंने कहा कि NDA सभी राज्यों में जीत की कोशिश करेगा। चुनाव अप्रैल में होंगे और नतीजे 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में 75 करोड़ की जब्ती तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले सख्ती बढ़ा दी गई है। चीफ इलेक्शन ऑफिसर अर्चना पटनायक के मुताबिक अब तक करीब 75 करोड़ रुपए की जब्ती की जा चुकी है। इसमें नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य फ्रीबीज शामिल हैं। चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए राज्यभर में निगरानी टीमें तैनात हैं। चुनाव आयोग ने 234 सीटों पर कई ऑब्जर्वर भी लगाए हैं, ताकि खर्च और गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- मोदी सबसे बड़े घुसपैठिए, बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लगाया पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी को सबसे बड़ा घुसपैठिया बताया। उन्होंने कहा- जब आप विदेश जाते हैं तो नेताओं से हाथ मिलाते हैं और दोस्ती की बात करते हैं। लेकिन जब आप भारत लौटते हैं तो अचानक हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव शुरू हो जाता है और लोगों को घुसपैठिया कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…



Source link